Sunday, February 25, 2018

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आखिर कर ही दी मौसी की चुदाई

आखिर कर ही दी मौसी की चुदाई

(Aakhir Kar Hi Di Mausi Ki Chudai)

इस चुदाई की कहानी में मैं बता रहा हूँ कि मैंने अपनी मौसी को कैसे चोदा हूँ और उसकी 18 साल की लड़की को चोदने की मेरी लालसा का क्या हुआ.

मैं अपनी मौसी के यहां जबलपुर गया था. वो मुझे देख कर बहुत खुश हुई थीं क्योंकि मैं उनके घर बहुत दिन बाद गया था. मेरी मौसी की एक लड़की भी थी, जिसकी उम्र अभी सिर्फ 18 साल थी और वो एक खिलती हुई कली थी. उधर मेरी मौसी की उम्र भी केवल 38 साल की ही थी. हालांकि वो थोड़ी सी मोटी हो गई थीं, उनकी चूचियां भी बहुत बड़ी बड़ी थीं, तब भी मेरी मौसी एक काँटा माल थीं.

एक दिन जब मौसी की लड़की पिंकी कॉलेज गई हुई थी और मैं छत पर था तब मौसी आँगन में नहा रही थीं. उन दिनों जाड़े के दिन थे, वो नहाते हुए धूप का आनन्द लेना चाहती थीं, शायद इसी वजह से खुले में नहा रही थीं.

चूंकि मैं उस वक्त छत पर था, तो मैंने देखा कि नीचे मौसी नहा रही हैं, उनके बदन पर सिर्फ एक सफेद रंग का पेटीकोट था, जिसे वो अपनी चूचियों तक चढ़ाए हुए थीं और मग्गे से पानी डालते हुए नहा रही थीं, पानी से उनका पेटीकोट भीग कर पारदर्शी हो गया था.
इसके बाद वो साबुन लगा कर अपने शरीर को रगड़ने लगीं और अपने पैर फ़ैला कर पेटीकोट को जाँघों से ऊपर उठा कर साबुन मलने लगीं. पानी में भीग जाने से पेटीकोट उनके शरीर से चिपक गया था और मुझे उनका गोरा शरीर और उनकी चूचियां साफ़ साफ़ नज़र आ रही थीं.

तभी वो अपनी चुचियों को पेटीकोट से बाहर निकाल कर उन पर भी साबुन लगाने लगीं. उनको नहाते देख कर इतनी देर में मेरा लंड भी खड़ा हो चुका था. मैं अपना लंड पैन्ट से बाहर निकाल कर हाथ से रगड़ने लगा और मुठ मारने लगा.
थोड़ी देर बाद मौसी नहा कर अन्दर चली गईं और मैंने भी अपना पानी हाथ से मुठ मार कर झाड़ लिया.


अब मुझमें मौसी को चोदने की बात घर कर गई थी, पर रिश्ता ऐसा था कि कुछ कर नहीं सकता था. मौसा जी भी बहुत सख्त किस्म के आदमी थे, उनसे मैं डरता भी बहुत था. वो तो शुक्र था कि इस वक्त वो दिल्ली गए हुए थे.
मैं मौसी को चोदने की प्लानिंग करने लगा और बहुत सोचने के बाद आखिर मुझे एक तरकीब समझ आ गई.
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भाभी ने चुत चुदाई करवा के सिखाई बायोलॉजी

भाभी ने चुत चुदाई करवा के सिखाई बायोलॉजी

(Bhabhi Ne Chut Chudai Karwa Ke Sikhayi Biology )

कामुकता से भरी लंड को खड़ा करने वाली और चूत में उंगली करने को विवश कर देने वाली कामुक चोदन कहानियां इस साईट पर पढ़ने और लिखने को मिल जाती हैं.
मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि मेरी इस कहानी को पढ़कर जिन पुरुष दोस्तों के पास चूत का इंतज़ाम है, वो चूत या गांड मारने लगेंगे और जिन महिला दोस्तों के पास लंड का इंतज़ाम है, वो अपनी अपनी चूत में लंड घुसवाने को विवश हो जाएंगी. साथ ही जिन दोस्तों और सहेलियों के पास लंड या चूत का इंतज़ाम नहीं है, वो चूत में उंगली या लंड की मुट्ठ जरूर मारेंगे.

कहानी शुरू करने से पहले मेरा परिचय देना तो बनता है.
दोस्तो, मैं आगरा से 25 वर्षीय वीशु कपूर नाम का एक सजीला नौजवान हूँ लेकिन पिछले कुछ महीनों से अपनी मौसी के साथ अहमदाबाद में रह रहा हूँ और वहीं एक रेणुका लेडीज मसाज पार्लर में एक मसाज बॉय की हैसियत से काम कर रहा हूँ. जिसमें मुझे लड़की या औरतों की फुलबॉडी मसाज और उनकी जरूरत के हिसाब से उनकी चुदाई भी करनी पड़ती है और कभी कभी रेणुका मैडम मुझे होम सर्विस के लिए भी भेजती हैं. इसके एवज में वो हर ग्राहक से एक मोटी रकम वसूलती हैं, उसका 50% मुझे रेणुका मैडम को पे करना पड़ता है.

जिम जाने के कारण मेरा बदन गठीला है, मेरे लंड की लम्बाई 9 इंच है और मोटाई घोड़े के लंड जैसी है.

अब मैं आपको ज्यादा बोर न करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ. बात आज से करीब 6 साल पहले की है. मेरे गाँव में एक राम सहाय यादव नाम के एक पड़ोसी थे जिनको मैं प्यार से ताऊजी कहता था. उनकी तीन लड़कियां अंजलि, पारुल और संगीता और एक लड़का बॉबी यादव था, जो ताऊजी के परिवार में सबसे छोटा था.


ताऊजी ने तीनों लड़कियों की शादी बहुत पहले कर दी थी. बॉबी भाई मुझसे करीब 3 साल बड़े थे, इसलिए मैं उन्हें भैया कह कर पुकारता था. ताऊ के घर में इकलौता पुत्र होने के कारण उसकी शादी भी धूमधाम से की गई, जो कि समय से 6 महीने पहले ही कर दी गई थी.
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बस के सफर से बिस्तर तक-1

बस के सफर से बिस्तर तक-1

(Bus Ke Safar Se Bistar Tak- Part 1)

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम महेश कुमार है और मैं सरकारी नौकरी में हूँ। मैं आपको पहले भी बता चुका हूँ कि मेरी सभी कहानियाँ काल्पनिक है जिनका किसी व्यक्ति जीवित अथवा मृत, स्थान आदि से भी कोई सम्बन्ध नहीं है, अगर होता भी है तो ये मात्र एक सँयोग ही होगा।

मेरी पिछली कहानी को आपने पसन्द किया इसके लिये धन्यवाद।
अब एक नई कहानी लिख रहा हूँ उम्मीद करता हूँ कि यह भी आपको पसन्द आयेगी। आपने मेरी पहले की कहानियों में मेरे बारे में तो पढ़ ही लिया होगा। जैसा की आपने मेरी पिछली कहानी में मेरे और पिंकी के सेक्स सम्बन्धों के बारे में पढ़ा, यह उसके आगे की कहानी है।

पिंकी के साथ सेक्स सम्बन्ध बनने के बाद हमारा पढ़ाई में बिल्कुल भी ध्यान नहीं रहा, पिंकी तो फिर भी किसी तरह पास हो गयी मगर मैं फेल हो गया था जिसके कारण मुझे भैया से काफी मार पड़ी और भाभी को भी डांट सुनने को मिली थी, मगर फिर भी मेरे पिंकी के साथ सेक्स सम्बन्ध जारी रहे.

पिंकी अब कॉलेज जाने लगी थी और मैं फिर से बारहवीं करने लगा। इस दौरान पिंकी के भैया की शादी हो गयी। पहले तो सब ठीक ही चलता रहा मगर फ़िर धीरे धीरे पिंकी की भाभी को हमारे सम्बन्धों का शक हो गया जिसके कारण पिंकी का हमारे घर भी आना जाना कम हो गया। पिंकी की भाभी अब हम दोनों पर नजर रखने लगी थी मगर फिर भी रात को छत पर या किसी और जगह हमारे सम्बन्ध बन ही जाते थे, साथ ही मेरी भाभी के साथ भी मेरे सम्बन्ध चल ही रहे थे.
मगर मेरी भाभी पेट से हो गयी थी, वो माँ बनने वाली थी इसलिये मेरी भाभी मुझे अपने साथ चुदाई का कम ही मौका देती थी और वैसे भी मेरा काम पिंकी के साथ तो चल ही रहा था।

सब कुछ ठीक ही चल रहा था कि एक बार रात को मैं और पिंकी छत पर चुदाई कर रहे थे, पता नहीं कैसे वहाँ पर पिंकी की भाभी आ गयी और उसने हमें चुदाई करते हुए रँगे हाथ पकड़ लिया, पिंकी की भाभी ने मुझे तो कुछ नहीं कहा मगर पिंकी की शामत आ गयी। पिंकी का घर से बाहर निकालना अब बिल्कुल बन्द हो गया था, यहाँ तक कि उसके घर वालों ने पिंकी की पढ़ाई भी बन्द करवा दी। पिंकी के घर वाले अब उसकी शादी के लिये रिश्ता देखने लगे थे।


पिंकी के घर वालों ने मेरे घर पर भी मेरे व पिंकी के सम्बन्धों बारे में बता दिया था जिससे मुझे अपने मम्मी पापा के सामने काफ़ी शर्मिंदगी उठानी पड़ी, साथ ही पापा से मुझे काफी डांट भी सुननी पड़ी थी, वो तो बस शुक्र इतना था कि उस समय मेरे भैया घर पर नहीं थे, वरना भैया तो मुझे मार ही देते।
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आपा यानि बहन के साथ सुहागरात

आपा यानि बहन के साथ सुहागरात

(Aapa yani Behan Ke Sath Suhagrat)

यह मेरी दूसरी सेक्स कहानी है मेरी और मेरी चचेरी बहन की… जिसका बदला हुआ नाम रज़िया है!
उसके बारे में बता दूं कि वो रँग में तो थोड़ी साँवली है मगर उसका हुस्न ऐसा कि कोई भी उसे देखे तो उसका पानी पानी हो जाए!
उसकी उम्र 28 साल है, उसकी अभी शादी नहीं हुई है, उसका फ़िगर 34-30-36 का है, उसका फिगर मुझे सही से इसलिए पता है क्योंकि मेरी जनरल स्टोर की शॉप है और मेरी चचेरी बहन रज़िया मेरे से ही ब्रा और पैन्टी ले जाती है और वो ज्यादातर नेट वाली ही ब्रा पैन्टी पसंद करती है. माह में 2 बार वो ब्रा पैन्टी खरीदती है. पता नहीं उसे इन सबका कितना शौक है!

खैर अब मैं कहानी पर आता हू!

वो ज्यादातर सलवार सूट ऐसा पहनती है जिसमें उसके हर अंग का उभार साफ साफ दिखाई दें! देखने में मेरी बहन किसी रंडी से कम नहीं लगती है. बड़े गले का सूट पहनती है वो जिससे उसके मम्मे बाहर निकलने के लिए बेताब रहते हैं! मेरा तो दिल करता है बस अभी पकड़ के चूस जाऊँ!

मैं उसके घर जाता रहता हूँ जिस कारण मुझे उसके हुस्न के दीदार होते रहते हैं. मैं अपनी चचेरी बहन की चुदाई करना चाहता रहा था मगर कभी मौका नहीं मिला. और काफी दिन हो गए थे चाची की चूत मारे हुए भी तो कब तक मुट्ठी मार के काम चलाता यार!
वो मेरी बहन थी इसलिए ये काम थोड़ा मुश्किल था!


लेकिन अगर शिद्दत से चाहो तो हर काम आसान हो जाता है. मैं जब भी उसके घर जाता और मेरी चचेरी बहन रज़िया मेरे सामने झुक कर झाड़ू लगाती हुई मिल जाती तो मुझे तो जन्नत के दीदार हो जाते. उसके 34 साइज़ के दूध देख कर मेरा तो लंड खड़ा हो जाता और फिर घर आ कर मैं उसके नाम की मुट्ठी मारता!
ऐसा बहुत दिन तक चलता रहा, अब मैं और बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था.
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मेरा पहला गे सैक्स

मेरा पहला गे सैक्स

(Mera Pahla Gay Sex)

मेरा नाम है प्रकाश। मैं महाराष्ट्र का हूँ और देसी चुदाई कहानी  का वाचक हूँ। आप सभी लोगों की कहानियाँ पढ़ने के बाद मुझे ऐसा लगा कि मैं भी अपना एक अनुभव आप सब से बांटूँ !

बात एक साल पहले की है। एक लड़का गजानन वो रिवर्स गियर था, जब तक कोई उसकी गांड नहीं मारता तब तक उसका लौड़ा खडा नहीं होता था। वो हमेशा मेरे से अपनी गांड मराने के लिए बेताब रहता था।

तो एक दिन मैंने उसको कहा- चल ! आज तेरी ख्वाइश पूरी कर देता हूँ !

ऐसा कहते ही वो ख़ुशी के मारे पगला सा हो गया।

मैंने उसको बता दिया कि मेरे घर के पीछे मेरा ही मकान है, जो किराये से दिया था, उसमें एक खोली खाली थी, उसे वहां पर दोपहर के ४ बजे बुलाया। वह सही समय पर वहां आ गया। तो पहले मैंने कहा कि मेरा लौड़ा चूस ! चूसना पड़ेगा !

वो तो उतावला हो रहा था चूसने के लिए, मेरा लौड़ा तो पहले से ही तैयार था, यह मेरा पहली बार था समलिंगी सेक्स करने का।


मैंने अपनी पैंट की जिप खोली तो उसने मेरा लौड़ा ७” लम्बा ३” मोटा था देखा और बहुत खुश हुआ। उसने बड़े प्यार से मेरे लौड़े को मुंह में ले लिया। वह बड़े प्यार से मेरा लौड़ा चूस रहा था, मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था क्यूंकि मैं पहली बार अपना लौड़ा किसी से चुसवा रहा था। मैं तो सातवें आसमान में उड़ रहा था। वो उतने ही प्यार से मेरा लौड़ा चूस रहा था। उससे मेरी अह ..आह ..अह .. निकल पड़ी।
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मेरी और मम्मी की चुदाई की क्सक्सक्स मूवी-1

मेरी और मम्मी की चुदाई की क्सक्सक्स मूवी-1

(Meri Aur Mummi Ki Chudai Ki XXX Movie- Part 1)

चार दिन बाद अंकल का कॉल आया- मेघा कहाँ है?
“घर पर ही हूँ अंकल.”
“वीडियो कॉल पर आ सकती है बहुत दिन हो गए तुझे देखे हुए.”
“नहीं.. अभी मम्मी हैं.”
“कमरे में जाकर आजा न.”
“नहीं मम्मी सामने बैठीं हैं. रात को कॉल करूँगी.”
“अरे यार मैं तेरे लिए एक गिफ्ट लाया हूँ देखेगी?” गिफ्ट का नाम सुनकर मैं थोड़ा लालच में आ गई. मैं दबे पाँव छत पर बढ़ गई. वीडियो कॉल की तो अंकल के हाथ में एक आई फोन था. लेकिन उनके साथ एक तकरीबन साठ साल का व्यक्ति बैठा था.
“वाओ आई फोन.. मेरे लिए?”
“हाँ मैं जानता था तुझे जरूरत है. यह मेरे अमेरिका का दोस्त है. फिल्म डायरेक्टर है. तुमसे मिलना चाहता है.”
“लेकिन अंकल मुझसे ही क्यों?”
“बेबी यह एक फिल्म बनाना चाहता है. जिस कारण इंडिया घूमने आया है. तुम आओगी तो तुमको जो चाहोगी वह मिलेगा? अब आगे तुम्हारी मर्ज़ी.. लड़कियां तो और भी हैं.”

अंकल की बात पर मैं सोच में पड़ गई. मैं जानती थी कि वह विदेशी मुझे छोटी सी जान को चोदना चाहता है. लेकिन मैं भी तो कोई मासूम बच्ची नहीं थी. सिर्फ शक्ल से लगती मासूम थी. मैं जाने के लिए तिकड़म भिड़ाने लगी.

कुछ ही देर में मैंने अपनी एक सहेली से मम्मी को कॉल करवाया. उसने मम्मी को बोला कि उसके घर आज रात को जागरण है. फिलहाल मम्मी राज़ी नहीं हुईं, वह समझ गईं कि मैं झूठ बोल रही हूँ. उनको मालूम था कि जागरण में मैं घंटा नहीं जाती.


मैंने अंकल को कॉल करके मजबूरी जता दी. उसके बाद जो हुआ वह मुझे बाद में मालूम पड़ा. मैं आई फोन लेना चाहती थी, जिसके लिए गांड का दर्द भी सहने को तैयार थी. लेकिन मम्मी सर्दी और धुंध में मुझे जाने ही नहीं देना चाहती थीं.
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बहन की चुदाई से जंगल में मंगल

बहन की चुदाई से जंगल में मंगल

(Bahen Ki Chudai Se Jungle Me Mangal)

मेरी हिंदी सेक्स कहानी पढ़ कर देखें कि कैसे मेरी बहन की चुदाई हुई, उसने अपनी चुत चुदाई का कैसे मजा लिया.
हमारा समर वॅकेशन चल रहा था, छुट्टी के शुरु होते ही हम सब दोस्तों ने जंगल में पिकनिक का प्लान बनाया।

जिस दिन हम निकलने वाले थे, ठीक उसी दिन मेरे मामा की लड़की स्वीटी हमारे घर आ गयी। जैसे ही उसे पता चला कि मैं पिकनिक जाने वाला हूँ, वो भी साथ चलने की जिद करने लगी। मैंने बहुत मना किया, कहा- मेरे साथ सभी लड़के हैं, कोई लड़की नहीं है.
पर वो नहीं मानी।
ऊपर से मम्मी पप्पा ने भी उसी का साथ दिया तो मजबूरन मुझे उसे अपने साथ ले जाने के लिये हामी भरनी पड़ी।

लड़की हो चाहे औरत हो, बाहर जाते वक्त तैयारी करने में कितना समय लेती हैं ये तो आप सब जानते ही हो।
स्वीटी ने भी वही किया, तैयार होने में इतना समय लगाया कि जिस ट्रेन से हम लोग जाने वाले थे, वो ट्रेन छुट जाने वाली थी।

तो मैंने अपने दोस्तों को उसी ट्रेन से जाने के लिये कहा कि हम दोनों बाद में अगली ट्रेन से आ जायेंगे.
मेरे कहने पर वो लोग उसी ट्रेन से निकल गये।

दूसरी गाड़ी काफी समय बाद थी, मैंने और स्वीटी ने दूसरी गाड़ी पकड़ ली पर हुआ ये कि जो ट्रेन हमें मिली, वो रात को मंजिल पर पहुँची।


मेरे बाकी दोस्तों का ग्रुप जो आगे निकल चुका था, वो गहरे जंगल में पहुँच गया था जिसकी वजह से उनसे फोन पर सम्पर्क नहीं हो पा रहा था।
अब हम दोनों भाई बहन को या तो स्टेशन पर सुबह तक रुकना पड़ता या रातों रात उन्हें खोजना पड़ता।
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भाभी माँ और मेरी कामुकता चुत चुदाई से शांत हुई

भाभी माँ और मेरी कामुकता चुत चुदाई से शांत हुई

(Bhabhi Maa Aur Meri Kamukta Chut Chudai Se Shant Hui)

उस शाम को बारिश हो रही थी, मेरी छोटी बहन जिसकी उमर 18 साल है, वो बारिश में नहा रही थी, उसने लाल रंग का टॉप पहन रखा था और नीचे लोवर था. बारिश में वो दोनों पारदर्शी हो गये थे और मेरी बहन के बड़े बड़े मम्में मेरी आँखों के सामने साफ़ नज़र आ रहे थे. यह देखते साथ ही मेरा लंड 90 डिग्री में खड़ा हो गया, कामुकता के अधीन हो कर मेरा मन किया कि अपनी बहन को पकड़ कर पूरी नंगी करके वहीं छत पे लिटा कर उसके मम्में चूस लूं, उसकी चुत चुदाई कर दूँ.
पर वो मेरी बहन है, यह सोच कर मन को रोक लिया.

खैर बारिश रुक गयी और मेरी बहन नीचे चली गयी पर मेरी आँखों के सामने उसके संतरे ही नज़र आ रहे थे.

बारिश रुकने के बाद मौसम सुहाना हो गया और बगल के घर की औरतें ऊपर छत पर आ गयी. उनमें से एक थी सुनयना भाभी. वो बेहद खूबसूरत हैं, उनको देख कर लगता है कि कोई स्वर्ग की अप्सरा आ गयी हो. मैं तब 13 साल का था जब उनकी शादी हुई थी और वो हमारे मोहल्ले में आई थी. मोहल्ले के सारे आवारा लड़के उन पर नज़र मारा करते थे. लेकिन वो काफ़ी ज़्यादा गुस्से वाली थी, ऐसा लगता था कि अपनी खूबसूरती का घमंड है.
वो ऊपर आई और फोल्डिंग बिछा कर लेट गयी.

उनके दो बच्चे हैं एक लड़का और एक लड़की. लड़का 5 साल का है और लड़की को 2 महीने की.


मैं भी अपनी छत पर खड़ा था, वो ऊपर आई, उन्होंने मेरी तरफ देखा और लेट गयी. मैंने इस बात पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया क्योंकि अभी भी मेरी आँखों के सामने अपनी बहन के मम्मे दिखाई दे रहे थे.
तभी उनका लड़का भागता हुआ आया और अपनी मम्मी से दूध की बात करने लगा. तभी भाभी ने अपना एक मम्मा निकाला और अपने बच्चे के मुँह में दे दिया.
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Friday, February 23, 2018

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गे सेक्स- सच्चे प्यार का अंत

गे सेक्स- सच्चे प्यार का अंत

(Gay Sex- Sacche Pyar Ka Ant)

मेरी उम्र 21 साल की है, मेरा नाम आसिफ़ ख़ान है और मुझे प्यार से सब चीकू बोलते हैं. मुझे लड़कों में बहुत पहले से ही इंटरेस्ट है लेकिन इस घटना से पहले मैंने किसी से भी गांड नहीं मराई थी.
मैं देखने में बहुत ही सेक्सी हूँ. जब भी कोई मुझसे फेसबुक पर चैट करता है और वो मेरी पिक देख लेता है तो मुझसे मिलने के लिए बेचैन हो जाता है. कोई बोलता है मैं खुश कर दूँगा.. तो कोई बोलता है कि लम्बे समय तक मस्ती करूँगा.. आदि.

खैर ये सब छोड़कर गांड मारने की सेक्स स्टोरी का मजा लीजिएगा.

मैंने जब इंजीनियरिंग कॉलेज में एड्मिशन लिया था तब मेरी उम्र 18 साल थी. मैंने हॉस्टल ले लिया था. जब मैं हॉस्टल में आया, तो उस टाइम कुछ ही स्टूडेंट्स आए हुए थे. फिर धीरे धीरे स्टूडेंट आने लगे.

एक दिन मैं अपने दोस्तों के साथ कैंटीन गया, तो मुझे एक लड़के पर नज़र पड़ी. वो अपनी दोस्तों के साथ अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बातें कर रहा था. मैं उसे देखता ही रह गया, वो 21 साल का होगा गोरा चिट्टा.. आँखें ग्रे कलर की और नाक लंबी सी.. होंठ गुलाबी.. आह्ह.. मैं क्या बताऊं आपको.. उसे देखते ही मुझे प्यार हो गया.


फिर हम सब लोग वहां से अपने अपने रूम में चले गए. रात में सारे सीनियर लड़कों ने हम लोगों को बुलाया और इंट्रो लेना स्टार्ट किया. हम सबने अपना अपना इंट्रो दिया. हमारे सीनियर इतने अच्छे थे, बिल्कुल बड़े भाई की तरह.
उन लोगों ने भी अपना इंट्रो दिया और बोला- कोई भी प्रॉब्लम्स हो तो हम लोगों को बताना.
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Published 8:06 PM by with 0 comment

पंजाबन लड़की की गांड चोदन कहानी

पंजाबन लड़की की गांड चोदन कहानी

(Punjaban Ladki Ki Gand Chodan Kahani)

हैलो साथियो, मेरा नाम गगनदीप कौर है। मेरा कद 5’10” है.. मेरा शरीर भरा हुआ है.. एकदम गोरा-चिट्टा। मैं पंजाब की रहने वाली हूँ.. कमीज़-सलवार ही पहनती आई हूँ.. जीन्स का मुझे कोई शौक नहीं है।

यह कहानी उस वक्त से शुरू होती है जब मैं अपनी पढ़ाई कर रही थी। मेरी गाण्ड पीछे को निकलने लगी थी और मम्मे एकदम फूल गए थे.. टाइट भी हो गए थे। मेरी गोरी टांगों पर छोटे-छोटे बाल आने शुरू ही हुए थे.. और बगलों पर भी सुनहरे रेशमी बाल आने लगे थे। मैंने वैक्सिंग नहीं करवाई थी।

हमारे घर एक में नौकरानी रहती थी जिसका एक बेटा था.. उसका नाम श्याम था। उसकी हाइट 5’1″ थी.. वो भी अपनी माँ के साथ आ जाता था। उसकी माँ काम करने लगती और वो मेरे साथ कैरम खेलने लग जाता।

एक दिन मैं कॉलेज से वापिस आई.. मैं अपने कमरे में कपड़े चेंज करने चली गई। मैंने पहले अपनी कमीज़ उतारी.. फिर वाइट ब्रा का हुक खोला.. मैं अभी सलवार का नाड़ा खोल ही रही थी कि मेरी नज़र दरवाजे पर पड़ी, मैं देख कर शॉक हो गई कि श्याम वहाँ पर खड़ा मुझे देख रहा है.. उसने अपना एक हाथ पैन्ट पर रखा था।
मैंने झट से अपने ऊपर तौलिया ले लिया.. वो भी मुझे देखता पा कर वहाँ से चला गया।

फिर रात को मैंने उसे अपने कमरे में बुलाया.. वो बहुत डरा हुआ था।
मैं- आज तुम क्या देख रहे थे.. बताओ तुम्हें शर्म नहीं आती?
वो- सॉरी दीदी.. आगे से नहीं देखूँगा..
मैं- यह सब अच्छा नहीं है.. तुमने यह सब क्यों किया?
वो- दीदी.. वो.. मुझ.. मुझे आप बहुत सुंदर लगती हो।


मैं तो शॉक सी हो गई.. मैंने सोचा शायद यह अभी नई जवानी का असर है।
मैं- अच्छा.. तो मैं क्या करूँ?
वो- दीदी मुझे आपको नंगी देखना है प्लीज़ एक बार।

मैंने सोचा शायद इस लौंडे को मुझ पर प्यार आ गया है। मेरी भी जवानी मुझे कुछ हरामीपन करने को खींचने लगी।
मैं- ओके, ठीक है।
मैंने झट से अपने कपड़े उतार दिए.. मैं एकदम नंगी हो गई।

वो मुझसे हाइट में काफ़ी छोटा था इसलिए मैं नीचे बैठ गई। उसने मुझे जफ्फी डाल ली.. उसका लण्ड भी एकदम कड़क हो गया। फिर उसने भी अपने कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया।
मुझे मजा आ रहा था तो हम दोनों बिस्तर पर आ गए.. मैं बिस्तर पर लेट गई।

वो मेरे जिस्म को चूमने लगा, उसने कहा- मुझे आपसे ‘करना’ है।
मैं- लेकिन नहीं.. मैं अभी कुंवारी हूँ.. मैं नहीं कर सकती।
वो ज़िद करने लगा.. मैंने उसे बहुत समझाया.. लेकिन वो अपनी ज़िद पर अड़ा रहा।

वो- तो दीदी, अपनी गाण्ड मरवा लो प्लीज़।
मैं- नहीं.. उसमें बहुत दर्द होगा.. वो भी कुंवारी है।
वो रोने लगा.. मैंने डिसाइड किया कि गाण्ड ही मरवा लेती हूँ। मुझे पता था कि गाण्ड की गली चूत से भी टाइट होती है.. दर्द होगा.. लेकिन मैं अपनी जवानी की आग से मजबूर हो गई थी।
फिर मैं राजी हो गई।

उसने मुझे घोड़ी बनने को कहा.. मैं घोड़ी बन गई। वो मेरी बैक पर आ गया। उसने अपने लण्ड को मेरी गाण्ड पर एड्जस्ट किया.. और धकेलने लगा.. लेकिन उसका लौड़ा अन्दर नहीं गया।
मुझे दर्द होने लगा.. मैंने उसे टेबल से तेल लाकर दिया।

मैंने अपनी गाण्ड को हाथों से खोला उसने काफी सारा तेल अन्दर तक डाल दिया, फिर लण्ड को छेद पर रखा.. मेरी गाण्ड एकदम टाइट थी। मेरी गाण्ड में बाल भी आए हुए थे.. मुझे पता था कि इनकी वजह से काफ़ी दर्द होगा। फिर उसने लण्ड को अन्दर किया.. मुझे उसका लण्ड अन्दर जाता फील हुआ।

उसने और एक धक्का दिया.. मुझे दर्द होने लगा. मेरी गाण्ड को चीरता हुआ उसका लण्ड आधा अन्दर चला गया. मेरे रोंगटे खड़े हो गए। मैंने अपना मुँह तकिया में दबा लिया और चादर को कस कर पकड़ लिया।

उसने और ज़ोर लगाया.. लण्ड पूरा अन्दर तक ठेल दिया। मेरी आँखों में पानी आ गया। मैं रोने लगी.. लेकिन मैंने अपनी आवाज़ बंद रखी। उसने अपना लौड़ा धीरे से बाहर किया और फिर अन्दर पुश किया।

अब वो मस्ती में अन्दर बाहर करने लगा, उसकी साँसें तेज हो गई थीं.. उसके मुँह से मज़े की सिसकारियाँ निकल रही थीं। मेरी गाण्ड के बालों ने मेरी आँखों से आंसुओं की नदी बहा दी। उसके मोटे लवड़े की वजह से फँस-फँस कर अन्दर बाहर हो रहा था।

तभी उसके मुँह ‘अहह.. दीदी… ईईईई..’ निकला, उसने अपना पूरा लण्ड अन्दर कर दिया और एक पिचकारी मेरी गाण्ड के अन्दर निकाल दी। उसने फिर पीछे करके लण्ड अन्दर पेला और सारा पानी अन्दर ही निकाल दिया। मुझे उसका पानी अपनी गाण्ड में गहराई तक जाता महसूस हुआ। मेरी गाण्ड एकदम गरम सी हो गई थी।
फिर वो ऊपर से नीचे उतरा और चला गया।

इस घटना के बाद मुझे काफी ग्लानि हुई और मैंने उस नौकरानी के विषय में उल्टा-सीधा कहना शुरू कर दिया और उसको अपने घर से दूर कर दिया ताकि श्याम से मेरा अब किसी भी तरह से मिलना संभव नहीं हो सके।
इसके कुछ समय बाद मुझे अपने शहर से बाहर पढ़ने जाना पड़ा और अपनी जवानी की इस भूल को मैं भूल गई।

दोस्तों मेरे जीवन की इस घटना ने मुझे भविष्य में क्या हासिल होने वाला था.. इसको मैं पूरी सच्चाई से आप सबके सामने लिखने का प्रयास कर रही हूँ.

यह अगली घटना तब की है जब मैं 27 की थी और मेरी शादी जम्मू में कर दी गई थी। शादी के अगले दिन ही मेरे पति को ज़रूरी काम आ गया.. वो अगले दिन ही यूपी चले गए। मैं परेशान सी हो गई। मैं सेक्स के बारे में नहीं सोचती थी.. मुझे इतना पता था कि मेरे पति मेरे बिना कितने बैचन हो रहे होंगे।

फिर अगले दिन मैंने सोचा कि पति को फोन करती हूँ.. क्योंकि मैंने लाल रंग का चूड़ा.. हाथों-पैरों पर मेहंदी और झांजरें डाली हुई थीं, मैं नई दुल्हन बन कर आई थी।
तभी मेरे पति का फोन ही आ गया, उन्होंने कहा- तुम भी यहाँ ही आ जाओ.. मुझे काफी दिन लग जाएँगे।
मैंने अपनी सास को बताया.. उन्होंने कहा- चली जाओ.. कोई बात नहीं।

मेरा एक भतीजा भी था.. जो अभी 18 साल का था.. वो 12वीं में पढ़ता, वो मुझसे उम्र में काफी छोटा था.. उसकी हाइट 5’2″ थी.. वो मुझे चाची जी कह कर बुलाता था। वो भी मेरे साथ जाने की ज़िद करने लगा।
सकी माँ ने समझाया.
फिर मैंने कहा- दीदी कोई बात नहीं.. जाने दो।

वो बहुत खुश हुआ.. और मेरे साथ चल पड़ा। मैंने सोचा चलो अपने भतीजे का तो साथ बना। उसका नाम रविंदर था.. मैं उसे रवि कह कर बुलाती थी।

फिर हम लोग रात तक अम्बाला पहुँच गए। यहाँ से हमारी ट्रेन अगली सुबह की थी.
रवि- चाची जी.. क्यों ना हम आराम कर लें.. बहुत रात हो गई है।

मैंने भी उसकी बात पर खुद के बारे में सोचा कि एक तो मैंने ग्रीन कलर का कमीज़-सलवार पहना हुआ था और मैं एकदम दुल्हन की तरह सजी हुई थी। जब मैं चलती.. तो पैरों से झांजरों की आवाज़ आती..
मैं- हाँ रवि.. हम लोग एक रूम किसी होटल में ले लेते हैं।

स्टेशन के पास एक होटल में जाकर हमने कमरा ले लिया।

रूम बहुत अच्छा था डबलबेड था.. रजाईयाँ भी थीं.. क्योंकि जनवरी का महीना था।
हमने होटल के रेस्टोरेंट में खाना खाया।

मैं- रवि तुम्हें कुछ और तो नहीं चाहिए?
वो- नहीं चाची जी.. अब सोने चलते हैं।
मैं- ओके जी चलो।

हम लोग सोने के लिए अपने कमरे में चले गए.. रज़ाई एक ही थी काफ़ी बड़ी थी। रात को सोने से पहले मैंने सबको फोन करके बता दिया कि हम दोनों होटल में रुके हैं.
फिर मैंने लाइट ऑफ की.. और सो गई। मैंने अपनी पीठ रवि की तरफ की हुई थी।

थोड़ी ही देर बाद रवि ने मुझे पीछे से कस कर चिपका लिया। मैं एकदम शॉक सी हो गई.. मैंने सोचा बच्चा है.. कोई बात नहीं।
पर फिर उसने अपने हाथ मेरे मम्मों पर रख दिए और नीचे से मेरी गाण्ड पर रगड़ने लगा।

मैं पीछे मुड़ी.. तो देखा उसने अपनी पैन्ट उतारी हुई थी और अपने लण्ड को मुठिया रहा था। मुझे देख कर उसने झट से पैन्ट पहन ली।
मैं- यह क्या कर रहे हो?
वो चुप रहा.. उसने अपना मुँह नीचे कर लिया।

मैंने थोड़ा गुस्से में कहा- अभी तुम्हारी मम्मी को बताती हूँ।
वो- नहीं चाची जी, प्लीज़ मत बताओ।
वो रोने लगा।
मैं- तो फिर बताओ.. तुमने ये सब इतना गंदा कहाँ से सीखा?
वो- मैंने एक गंदी फिल्म देखी थी.. इसलिए मैं गलत सोचने लगा था।

मैंने सोचा.. और अनुभवी होने के नाते मुझे पता था कि इस नई उम्र के लड़कों में काम-शक्ति बढ़ने लग जाती है।
मैंने कहा- आगे से नहीं करना.. ओके।
उसने मुँह लटका लिया और चुप सा हो गया।

मैं- क्या हुआ.. मैंने कुछ ग़लत कह दिया?
मैं उसे नाराज़ नहीं करना चाहती थी तो मैं उसे मनाने लगी।

वो- चाची प्लीज़ मुझे आपके साथ करना है.. आप बहुत हॉट हो।
मैं यह सब सुनकर फिर से शॉक रह गई।
मैं- नहीं.. मैं तुमसे बड़ी हूँ.. मेरी तो अभी शादी ही हुई है.. जब तुम्हारी होगी.. तुम अपनी वाइफ से कर लेना.. ओके।
मैंने देखा उसका लण्ड पैन्ट में खड़ा हुआ था।

उसने बड़ी मासूमियत से कहा- चाची शादी तो बाद में होगी.. आज तो आप मेरे साथ आज की रात में हो ही.. प्लीज़ चाची एक बार।

मैंने उसे बहुत समझाया पर.. शायद जवान होने के कारण उसमें मुझे देख कर कामवासना ज़्यादा चढ़ गई थी। मुझे आज फिर से अपनी नौकरानी के बेटे श्याम की याद हो आई थी। मेरी चूत भी फड़क उठी तो मैंने कहा- ठीक है लेकिन किसी को बताना नहीं ओके।
वो- ओके चाची जी।

वो बहुत खुश हुआ.. उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए.. वो एकदम नंगा हो गया। मैंने सोचा इसे तो शर्म भी नहीं.. कैसा मस्त लड़का है यह… मैंने मुस्कराते हुए कहा- अरे यह क्या रवि.. तुमने सारे कपड़े उतार दिए.. तुम बहुत गंदे हो।

उसने सिर्फ़ नीचे निक्कर ही पहनी थी। उसमें उसका लंड खड़ा हुआ था।

वो- अरे चाची जी शर्म की क्या बात.. आप और हम ही तो हैं।
मैं- अच्छा.. भतीजे जी.. अपने यह सब कहाँ से सीखा.. बताओ।
वो- वो.. चाची.. मैंने एक गंदी फिल्म देखी.. तभी से मेरा मन करने लगा।
मैं- रवि यह सब नहीं देखते.. अभी इन सब चीज़ों में बहुत टाइम पड़ा है।
मैंने उसे समझाते हुए कहा।

वो- लेकिन चाची जी आज मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है।
फिर उसने अपनी पैन्ट भी उतार दी..

मैं मुँह पर हाथ रख कर हँसने लगी। उसका लण्ड एकदम खड़ा हुआ था.. उम्र के हिसाब से काफ़ी बड़ा और लंबा था, उसके लण्ड पर अभी तक एक भी बाल नहीं था.. ना ही शरीर पर.. उसका रंग मुझसे काला था।

मैंने अभी तक कपड़े नहीं उतारे थे।
वो बोला- अरे.. चाची जी यह क्या.. आप भी कपड़े उतारो ना।
मैं- नहीं.. पर..
वो- नहीं चाची उतारो प्लीज़।

कह कर वो मेरे पीछे आकर मेरी कमीज़ की जीप खोलने लगा। मैंने उसे हटाया और कहा- रुक.. उतार देती हूँ।
यह कह कर मैंने अपनी कमीज़ उतार दी। नीचे वाइट ब्रा थी। फिर उसने मेरी ब्रा खोलने की कोशिश की.. पर वो बहुत टाइट थी.. सो उससे नहीं खुली। फिर मैंने अपने हाथों से वो भी खोल दी।

मेरी ब्रा के खुलते ही.. वो मेरे गोरे बदन पर टूट सा पड़ा। मुझे पता था कि इस उम्र के लौंडे के अन्दर एकदम ताजगी भरा जोश होता है और इस उम्र में उनकी उत्तेजना बहुत अधिक होती है।

फिर उसने मुझे सलवार उतारने को कहा। मैं पहले तो ना करती रही.. पर मेरा भतीजा ही इतना ज़िद्दी था.. कि मुझे उतानी ही पड़ी।

अब मैं 27 साल की पकी हुई जवान माल.. एक 18 साल के गर्म लौंडे के सामने पूरी नंगी हो चुकी थी।

वो- चाची जी आपने हाथों.. बांहों और पैरों पर मेहंदी और चूड़ियाँ क्यों पहनी हैं?
मैं- अरे शादी के बाद दुल्हन यह सब पहनती है।

मेरे हाथों से लेकर पूरी बांहों पर लाल गहरी मेहंदी लगी हुई थी। नीचे पैरों से लेकर.. घुटनों तक मेहंदी लगी थी। हर एक पल मेरी पायल और चूड़ियाँ छन-छन कर रही थीं।

मेरे गोरी टांगों पर कुछ बाल भी थे और बगलों पर भी.. क्योंकि वैक्सिंग को कुछ दिन हो गए थे.. तब भी मैं काफ़ी सेक्सी लग रही थी।

फिर उसने मेरे सिर के बाल भी खोल दिए।
वो- चलो चाची जी.. बहुत मन कर रहा है।
यह कहते ही उसने मेरी टांगों को ऊपर तक उठा दिया।

फिर मैंने उससे कहा- रूको यार.. मैं यह सब नहीं कर सकती।
वो- क्यों चाची?
मैं- क्योंकि अभी तक मैं कुंवारी हूँ और अभी तो तुम्हारे चाचा ने भी मेरे साथ कुछ नहीं किया.. वो नाराज़ हो जाएँगे..

वो फिर मुँह लटका कर चुप सा हो गया। फिर कुछ सोचने के बाद उसने पूछा- चाची, एक बात बताओगी?
मैं- हाँ जी बोलो?
वो- चाचा आपके कौन से छेद में डालेंगे?

मैं बेसमझ सी जरूर हो गई.. पर मेरी गाण्ड में कुलबुली मचने लगी थी।
मैं- मतलब.. मुझे समझ नहीं आया रवि?
वो- चाची जी मैंने फिल्म में देखा था कि लड़की के दो छेद होते हैं।
मैंने उससे कहा- चाचा मेरे आगे वाले में डालेंगे.. पर क्यों पूछा?
वो- तो चाची मैं पीछे से कर लेता हूँ।

मैं फिर मजे में गनगना उठी, एक बार फिर मेरी गाण्ड बजने की स्थिति बन रही थी।

मैं- अरे बुद्धू.. कोई पीछे भी डालता है.. यहाँ नहीं डालते.. तुम अभी नासमझ हो.. तुम्हें शायद पूरी जानकारी नहीं है।
वो- नहीं चाची.. डालते हैं.. मैंने फिल्म में देखा था.. प्लीज़ चाची।

मैं मचलने लगी कि यह तो सैट ही हो गया। हालांकि मुझे पता था कि गाण्ड की कसावट चूत से भी ज्यादा टाइट होती है। अब उसे खुश करने के लिए.. और खुद की पिपासा के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा।
मैं- नहीं.. मैं नहीं करूँगी.. बहुत दर्द होता है.. तुम रहने दो।
वो नाराज़ हो कर लेट गया।

फिर थोड़ी देर मैंने उसे मनाया- देखो रवि.. वैसे तो यह सब अपनी चाची के साथ नहीं करते.. पर मैं तुम्हें मौका दे रही हूँ.. ओके नाराज़ मत हो मुझसे।
वो खुश हो गया और मेरे होंठों पर किस कर दी, मेरी थोड़ी सी लिपस्टिक उसके होंठों पर लग गई।
वो- चाची, आपको बहुत दर्द होगा क्या?
मैं- कोई बात नहीं तुम कर लो.. ओके.. लेकिन ध्यान से.. ये मेरा पहली बार है।

जबकि आपको मैंने बताया था कि मेरी बजी हुई थी। इतने दिनों के बाद मेरी गाण्ड एकदम अन्दर से फिर से जुड़ गई थी.. कुँवारी और टाइट जैसी हो गई थी.. शायद शादी के बाद सबसे पहले मेरी गाण्ड मारी जाएगी.. यही मेरी किस्मत में लिखा था।

दोस्तो, मेरे जीवन की इस होने वाली घटना से मुझे भविष्य में क्या हासिल होने वाला था.. इसको मैं पूरी सच्चाई से आप सबके सामने लिखने का प्रयास कर रही हूँ तथा अगली कड़ी में आपसे पुनः मिलती हूँ.. तब तक के आपसे विदा चाहती हूँ। मुझसे अपने विचारों को साझा करने के लिए ईमेल कीजिएगा.. मुझे इन्तजार रहेगा.. बस अपनी भाषा को सभ्य रखिएगा।

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कामवाली बाई ने चुत चुदाई बड़े नखरे करके

कामवाली बाई ने चुत चुदाई बड़े नखरे करके

(Kamwali Bai Ne Chut Chudai Bade Nakhre Karke)

बात तब की है, जब मुझे कोलकाता में आए हुए एक साल हो गया था और मैं अपनी बीवी को मिस कर रहा था. मैंने अपने दोस्तों से सुना था कि काम वाली बाई भी दे देती है, यदि उसको सही से पटा लिया जाए. मेरे यहाँ भी एक बाई काम करती थी, जिसका नाम ममता था.. वो दिखने में बहुत सुन्दर थी और दो बच्चों की माँ थी, फिर भी अपने आपको बड़ा मेन्टेन करके रखा हुआ था.

अब मैं भी किसी औरत के जिस्म को मिस कर रहा था, आखिर मेरे पास भी लंड है, कब तक मनाता या हाथ से काम चलाता. आखिर एक जिस्म की प्यास तो जिस्म से ही मिटती है. बाकी सब तो सिर्फ मन बहलाने के उपाय हैं.

अब तक ममता से मेरी ज्यादा बात नहीं होती थी, हम दोनों बस अपने काम से काम ही रखते थे. वो मेरे फ़्लैट पर सुबह और शाम दोनों समय आती थी. आज तक कभी किसी औरत को पटाने के बारे में नहीं सोचा था, वो भी सिर्फ सेक्स के लिए, तो समझ में ही नहीं आ रहा था कि उससे बात कैसे की जाए और अपना काम निकलवाया जाए. डर भी लग रहा था कि कहीं बुरा मान गई तो क्या होगा.. कहीं लेने के देने न पर जाएं.

पर कहते हैं न कि जब लंड खड़ा हो तो उस समय सिर्फ चूत ही दिखाई देती है और जब तक की वो शांत न हो जाए, कुछ समझ में नहीं आता. मेरी भी हालत कुछ इसी तरह की थी कि जब ममता काम करके चली जाती तब सोचता चलो कल उससे बात करूँगा, पर जब आती तब हिम्मत ही नहीं होती.

इसी उधेड़बुन में समय निकलता जा रहा था और मेरी प्यास बढ़ती जा रही थी. अब तो मुठ मारने से भी चैन नहीं मिल रहा था. अब तो आलम ये हो गया था कि ममता हो न हो, मैं उसका नाम लेकर मुठ मारने लगा. पर चैन मिलने की जगह बेचैनी बढ़ती ही जा रही थी.

फिर एक दिन सोच ही लिया, जो भी होगा देखा जाएगा, अब तो ममता से बात करके ही रहूँगा.

ममता जो कि दिखने में बिल्कुल सेक्सी माल थी, उसका फिगर भी मस्त था. उसका 32-28-36 का फिगर लंड खड़ा कर देता था. उस पर उसका गोऱा रंग, बड़ी बड़ी आँखें.. आह.. वो अक्सर साड़ी नाभि से नीचे बाँध कर पहना करती थी.


जिस दिन मैंने पक्का कर लिया था कि अब उससे बात करना ही है, उसके अगले दिन में व्हिस्की की एक बोतल लेकर घर आया और शाम से ही पीने बैठ गया और उसका इंतजार करने लगा.
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Published 7:55 PM by with 0 comment

पहली गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई की सेक्सी कहानी

पहली गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई की सेक्सी कहानी

(Pahli Girlfriend Ki Pahli Chudai Ki Sexy Kahani)

मैं दिल्ली के एक विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहा हूँ और मेरा स्नातक का अंतिम वर्ष है। मेरा रंग सांवला है, परन्तु नाक-नक्शा ऊपर वाले ने बहुत खूब दिया है। मैं 21 वर्ष का हूँ, 5 फीट 5 इंच का कद और औसत जिस्म है।
जैसा कि दोस्तो, आप सब को पता है नवीन इश्क का भूत युवाओं पर कैसा सवार है और आजकल तो ये एक चलन हो गया है और इस प्रकार के संबंधों में हम लोग ज़रा बढ़ चढ़ कर ही भाग ले रहे है। इसका उदाहरण हम हाल ही में बीते वैलेंटाइन्स डे से ले सकते हैं।

अपने मुख्य विषय पर आता हूँ।
बात नवम्बर 2015 की है, मेरे आपसी दोस्त के फेसबुक पेज पर हम कुछ मजाक कर रहे थे तभी एक लड़की ने बीच में दखल देते हुए चित्र पर अपनी टिप्पणी दी, जिसके पश्चात् वो भी हमारी इस हंसी मजाक में शामिल हो गयी.
कुछ समय तक ये हंसी मजाक चली और हमारी आपस में पटने लगी।

अगले दिन मैंने उस लड़की को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी और कुछ ही मिनट के बाद उसने मेरी दोस्ती स्वीकार कर ली। हम धीरे धीरे काफी अच्छे दोस्त में परिवर्तित हो गए और आपसी मसले साझा होने लगे।
करीब दो महीने बाद उससे मिलने की योजना बनाई और हम दिल्ली में स्थित हौज़ ख़ास पार्क के लिए सहमत हुए। रविवार के दिन सायं 4 बजे मई चयनित स्थान पर पहुँच गया और करीब 10 मिनट बाद वो आई।
लड़की का परिचय दे दूँ नाम: श्री, उम्र 20 वर्ष, कद करीब 5 फीट 2 इंच और गेहुंये रंग की लड़की जिसका फिगर 34-28-34 कुछ है। हम लोगों ने फेसबुक पर एक दूसरे को देखा हुआ था तो पहचानने में कोई परेशानी ना हुई, हालाँकि वो फोटो से ज्यादा असल में सुन्दर थी, या यूँ कह सकते है कि वो फोटोजेनिक नहीं थी। उसने नीली जींस लम्बे बूट्स ऊपर से चमकता हुआ ब्लैक ब्लेजर जिससे प्रतीत होता है कि उसे ड्रेसिंग सेंस की काफी समझ है।


करीब 2 घंटे उस जगह पर रहने के बाद हम अगले हफ्ते का वादा करके अपने घर चल दिए। यूँही हमारी दो तीन दिनों तक बात हुई और फिर मैंने रात में उसे प्रपोज़ कर दिया।
उसने कहा- मैं इसका जवाब मिल कर बताऊँगी।
अगले रविवार हम उसी जगह मिले इस बार भी वो काफी हॉट लग रही थी। मैंने उससे अपने पूछे हुए प्रश्न का उत्तर माँगा तो वो उठ कर झील की तरफ चल दी.
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Published 7:48 PM by with 0 comment

कविता के लबों का चुम्बन और पहली चुदाई

कविता के लबों का चुम्बन और पहली चुदाई

(Kavita Ke Labon ka Chumban Aur Chudai)

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम विकास है और मेरी उम्र 18 है. मैं देसी चुदाई कहानी  का नियमित पाठक हूँ. और मैं आगरा का रहने वाला हूँ. मैं दिखने स्मार्ट हूँ, मेरा कद 5 फीट 9 इंच है. डील डौल भी अच्छा है.
तो मैं आपके सामने अपने जीवन की प्रथम अद्भुत् सेक्स अनुभव प्रस्तुत कर रहा हूँ.

मेरी इंडियन सेक्स स्टोरी उस समय की है जब मैं अपनी बुआ के यहाँ उनकी जेठानी की लड़की के विवाह हेतु हाथरस आया था. वहां घर के बाहर पहुँचते ही मेरी नजर एक लड़की पर पड़ी जो बुआ की छत पर खड़ी थी, उसका रंग एकदम दूध जैसा और उसकी गांड मानो जींस को फाड़ ही रही थी, और उसके छोटे छोटे चुचे एकदम तने हुए दिख रहे थे, मेरा मन कर रहा था कि साली को अभी पकड़ कर चोद दूँ.
जब घर के अन्दर पंहुचा तो पता चला कि बुआ की जिठानी की बहन की लड़की है वो भी शादी में आई है. उसकी उमर 21 साल थी, उसका नाम रीना था.

और मैंने उसे पटाने की तैयारी शुरू कर दी. तब से पहले मेरी कोई सेटिंग नहीं थी. इतने में मैंने महसूस किया कि दो लड़कियाँ जो उम्र में मुझसे छोटी लग रही थी, मुझे परेशान करने लगी, वो कभी मेरे ऊपर पानी डाल देती तो कभी एक दूसरी को धक्का मार कर मेरे ऊपर गिराती और फिर मेरे ऊपर हंसती. उन्होंने मुझे बहुत परेशान कर दिया तो मैंने उनकी शिकायत रीना से की तो रीना ने उन्हें डांट दिया.
पर वो लड़कियां अपनी हरकतों से बाज नहीं आयी, नहीं मानी. मैं समझ गया कि इनकी चढ़ती जवानी, इनकी कामुकता के चलते इनका खुद पर कोई काबू नहीं है.


उन दोनों में से एक तो रीना की छोटी बहन कविता थी और एक उसकी मामी की लड़की जिसका नाम रेनू था.
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Published 7:44 PM by with 0 comment

ट्रेन में दोस्ती से लेकर चुदाई का सफर

ट्रेन में दोस्ती से लेकर चुदाई का सफर

(Train Me Dosti Se Lekar Chudai Ka Safar)

तो बहुत आपको पका दिया मैंने, वैसे मेरा नाम शुभम है और मेरी उम्र 21 साल है. मैं अभी पुणे में जॉब कर रहा हूँ. मेरे लंड का साइज 6 इंच है, छोटा है पर मैं किसी को भी संतुष्ट कर सकता हूँ.
तो बहुत हो गयी मेरी बातें, कहानी पर आता हूँ.

तो बात करीब दो साल पहले की है, तब मेरी उम्र 19 साल थी और मई का महीना था, मेरे पेपर को टाइम था तो मैंने सोचा घर जाना चाहिये तो कपड़े पैक किये चल पड़ा रेलवे स्टेशन और वहां बैठा ट्रेन की राह देख रहा था. उतने में एक लड़की वहां आई. मैंने उसे देखा तो देखता ही रह गया, क्या फिगर था उसका!

और फिर ट्रेन आ गई, उसे भी मेरे वाली ट्रेन की प्रतीक्षा थी.

मैं ट्रेन में ऊपर वाले बर्थ पे चढ़ गया और मेरा नसीब भी इतना अच्छा कि वह ठीक मेरे सामने वाले बर्थ पे बैठ गयी और मैंने उसे घूरा और उसने मुझे देखा और स्माइल दे दी.
मैंने नज़र इधर कर दी.
फिर उसने कुछ कहा तो मुझे कुछ समझ नहीं आया, मैंने उसे कहा- क्या?
और उसने कहा- आपको नहीं!


अरे माफ़ करना दोस्तो, मैंने उसका तो नाम ही नहीं बताया, उसका नाम उसने पूनम बताया था मुझे बाद में!
उसकी उम्र भी मेरे जितनी ही थी, 19 साल और वो पुणे अपने भाई से मिलने जा रही थी.
हां तो मैंने बात आगे बढ़ाने की सोची और मैंने उससे पूछा- कहां जा रही हो?
पूनम (उसका नाम) ने कहा- क्यों?
मैं- मैं तो ऐसे ही पूछ रहा था. नहीं बताना तो मत बता, मेरे घर का क्या जा रहा है.
उसने कहा- पुणे जा रही हूँ।
मेरा मुंह उतर गया था, मैंने उसे कहा- ठीक है, जाओ.
उसने पूछा- आप कहां जा रहे हो?
मैं अपने घर अपने गांव जा रहा हूँ.
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Cousin Ne Seduce Karke Mujhe Choda

कजिन ने सेदुस करके मुझे चोदा
(Cousin Ne Seduce Karke Mujhe Choda)
Hello friends mera naam pinky h aur main delhi ki rahne wali hu main aaj ap sabko apni chudai ki ek sacchi kahani batane ja rahi hu kaise cousin ne seduce karke mujhe choda ye meri sacchi kahani h ap sab mujhe mail kariye main apse whatsapp par chat karungi. Main apko bata du main bahut sexy hu aur mera figure bhi bahut sexy h mera figure 36 30 38 h mera cousin hamesha mere ghar aata rahta h aur wo jab bhi mere ghar aata h hamare ghar party hoti h kyu ki usko bahut party karna pasand h aur wo jab bhi mere ghar aata h hum sab log party karte h.

Main apne cousin ke sath ghumne jati hu aur wo mujhe kabhi kabhi movie dikhane bhi le jata h aur hum dono log kabhi kabhi ghar me bhi ek sath movie dekhte h. Main aur mera cousin hum dono log ghumne jate h to hamare parents bhi kuch nahi bolte h. Main apne cousin ke sath kabhi bhi koi galat nahi sochti thi aur main usko apna cousin manti thi lekin wo mujhe chodna chahta h. Mujhe ye baat pata nahi tha ki mera cousin mujhe chodna chahta h aur wo jab bhi mere ghar aata tha to mujhe hug karta tha aur main bhi apne cousin ko hug karti h.

Ek din mera cousin mujhe bola ki aaj tumko kuch dikhata hu aur wo mujhe apne ghar le gaya aur mere cousin ka ghar mere ghar se thodi dur par h aur main aur mera cousin hum dono log uske gahr gaye. Mera cousin bhi job karta h aur main bhi job karti hu aur jab hum dono log free hote h to ek dusre ke sath khub masti karte h aur ek dusre ke sath ghumne jate h. Mera cousin mujhe apne ghar le gaya aur wo mujhe blue film dikhane laga aur main usko boli ke ye kya dikha rahe ho aur main apne ghar aane lagi to mera cousin bola ki hum dono log age h blue film dekhne le liye aur wo mujhe bola ki blue film dekhne ke liye aur hum dono log blue film dekhne lage mujhe bhi dheere dheere chudai karne ka man karne lage.

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                   मेरी स्टूडेंट की गलती की सजा मुझे मिली
                   भोले भाले लड़के को चोदना सिखाया

Main apne boyfriend se chudwati hu aur ye baat mere cousin ko nahi pata h aur hum dono log blue film dekhne ke bad ek dum garam ho gaye the aur main apne cousin ko boli ki main apne ghar ja rahi hu to mera cousin mujhe apni bahon me uthaya aur mujhe apne bedroom me le gaya aur mujhe kiss karne laga main usko mana kar rahi thi aur bad me main bhi uska sath dene lagi aur hum dono log ek dusre ko kiss karne lage. Mera cousin meri salwar ko nikal diya aur meri penty ko bhi nikal diya aur meri chut ko apne jeebh se chatne laga aur wo meri chut ko open karke meri chut ko bahut acche se chat raha tha. Mera cousin meri chut ko chatne ke bad meri bra ko nikal diya aur meri chuchi ko chusne laga aur main bhi siskariya lene lagi aur mera cousin meri chuchi ko daba raha tha aur mere nipples ko bhi bite kar raha tha.

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Published 2:52 AM by with 0 comment

Lucky Me With Two Mature Women After Movie

लकी में विथ टू मयाचुर वोमन आफ्टर मूवी 
(Lucky Me With Two Mature Women After Movie)
The most amazing sexual thing happened to me a few weeks ago when I was in Koramangala, PVR Cinemas for a night show movie alone. I’m a college student, single after my ex-dumped me a few months ago. So I usually watch movies alone in PVR in my boring times.

This was supposed to be a double feature A rated movie lasting about for 2 hours. The first half movie started. There was just starting to be some action in the movie when movement caught the corner of my eye. I looked to my left and there were two women, that I guessed they were in their forties, looking where to sit and one of them asked me if they had missed anything yet. I sort of embarrassedly said no and they sat down two rows in front of me. One woman was taller and sort of a medium build and the other was shorter and I would say chubby.

Every so often I’d look towards the older women in front of me as one of them leaned toward the other to say something. I was pretty sure I heard one of them whisper “Oh my God”.

Just before the movie ended these two women got up and left the theatre. The taller of the two smiled at me as they were leaving. I just wanted to get out of there. I was walking with a hardon can be a bit difficult!

Once I came out of PVR decided to stop to get something to eat before heading home. I sat at an empty table in a nearby restaurant and waited for the waitress to come and get my order. As I was reading the menu I heard a woman’s voice say “Excuse me young man” and I looked up and it was the two women from the theater! They asked if they could join me and I said “sure” not knowing what else to say.

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They introduced themselves as Aditi and Preethi and I told them my name was Tarun. Aditi was taller woman and Preethi the shorter one. My first thought was that both women looked older than my mother. Aditi had brown hair and was pleasant looking and wore a light blouse, which made it hard to figure out how big her tits were and her slack. She was just a bit shorter than my five foot ten and was neither fat nor thin. Preethi had black hair with strands of gray and was probably five foot six and was heavier. You could tell she had big round tits under her blouse and was wearing a skirt.

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Published 2:46 AM by with 0 comment

Uncle Aur Meri Chudai

अंकल और मेरी चुदाई 
(Uncle Aur Meri Chudai)
Hello friends mera naam pinky h aur main delhi ki rahne wali hu aaj main ap sabko apni chudai ki sacchi kahani batane ja rahi hu kaise uncle aur meri chudai ye meri sacchi kahani ap sab mujhe mail kariye aur bataye meri kahani kaisi lagi.

Ap sab mujhe mail kariye main apse whatsapp par chat karungi main raat bhar whatsapp par online rahti hu. Ab main apni kahani par aati hu ye kahani kuch din pahle ki h main apni colony me hamesha apni saheliyo ke sath masti kar rahi thi aur hum sab log baaten kar rahe the aur mere ghar ke bagal me ek uncle rahte h wo mujhe dekh rahe the wo apne ghar me akele rahte the aur wo job karte the. Main aur meri saheliya ek dusre se apni chudai ki baare me baaten kar rahe the aur meri saheli bata rahi thi wo apne boyfriend se chudwayi aur hum log chudai ki baaten kar rahe the aur ek dusre ke sath masti kar rahe the.

Mujhe wo uncle baar baar dekh rahe the wo hamesha sham ko apne ghar ke samne aate h aur hum logo ko dekhte h. Main aur uncle daily sham ko ek dusre se najar milate the aur uske bad main apni saheliyo se baaten kar ke apne ghar chali jati thi. Ek din main apni saheliyo ke sath apne ghar ke samne baaten kar rahi thi aur uncle mujhe dekh rahe the aur wo mujhe aakar bole hi kaise ho aur wo mujhse puche ki kya tum scooty chalati ho aur main unko ha boli aur wo bole ki bahut accha tum mera ek kaam kar do aur wo bole ki mere liye kuch market se saman lete aao aur wo uncle akele rahte the isliye meri saheliya bhi boli ki chalo uncle ka saman lekar aate h aur main aur meri saheliya hum sab log apni scooty se uncle ka saman lene gaye aur market se uncle ka saman lekar aaye wo uncle hum se kabhi kabhi majak bhi karne lage aur wo humse umar me thode se bade the.

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Main uncle ka kabhi kabhi office se jab aati thi to unke liye vegetables lekar aati thi kyu ki uncle mujhse bolte the vegetable lane ke liye aur wo mujhe uske paise de dete the. Uncle ki scooty nahi thi to wo mujhse kabh kabhi market se saman maga lete the ya kabhi kabhi meri saheliya bhi unka saman marke se apni scooty se lekar aati thi. Wo uncle society ke bahut hi jaane mane uncle the aur wo hamesha apne apko fit rakhte the. Uncle ke din mere ghar aaye aur bole ki wo apne office ja rahe h aur wo bole ki unko ek kaam h mere laptop se aur wo mera laptop lekar kaam karne lage aur uske bad wo mujhe laptop de diye aur bole ki thanks aur uske bad wo apne ghar chale gaye. Uncle aur meri ek acchi dosti ho gayi thi aur main bhi kabhi kabhi apne office ka kaam me uncle se help leti thi.

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Cousin Ke Mote Lund Se Chudi

कजिन के मोटे लुंड से चुदाई 
(Cousin Ke Mote Lund Se Chudi)
Hello friends mera naam pinky h aur main delhi ki rahne wali hu aur call center me job karti hu. Main bahut sexy hu aur meri chuchi aur gand bahut badi h aur mera figure 36 30 38 h aur main bahut hot hu aur bahut sexy hu. Main apko apni sacchi kahani batane ja rahi hu kaise cousin ke mote lund se chudi ye kahani kuch din pahle ki h main shadi me gayi huwi thi aur waha mere cousin bhi aaya huwa tha aur hum sab family wale shadi atten kar rahe the. Meri mummy papa bhi sath me gaye the aur hum log shadi me bahut enjoy kiye aur bahut ek dusre ke sath masti kiye.

Hum log shadi me enjoy kar rahe the aur mera cousin bhi mere sath masti kar raha tha aur wo mujhse bola ki pinky tumhara figure bahut sexy ho gaya h aur hum dono log baaton baaton me thoda close ho gaye the aur wo meri chuchi aur gand ko dekh kar bola ki tum to ek dum sexy lag rahi ho aur meri tarif karne laga aur bola ki aaj tumhare sath bahut masti karunga.

Hum dono log shadi me ek dusre ke sath bahut masti kiye aur hum log shadi me sath sath khana bhi khaye aur ek dusre ke sath dance bhi kiye. Main aur mera cousin shadi me bahut enjoy kiye aur uske bad hum log raat me sath me tv dekhne lage aur sab log so rahe the. Main raat me nighty pahanti hu to main nighty pahani thi aur mera cousin meri tighs ko dekh raha tha aur hum dono log sath me tv dekh rahe the. Hum dono log tv dekh rahe the aur shadi me masti ki baaten kar rahe the aur tv par ek sexy scene aaya aur hum dono log ek dusre ko dekh kar smile kar rahe the aur mera cousin meri chuchi ko dekh raha tha.

Mera cousin mujhse bola ki tum blue films dekhti ho aur hum log tv par ek sexy movie dekh rahe the aur usme ek actress sex kar rahi thi aur uski chuchi bahut badi thi aur mera cousin bola ki chalo blue films dekhte h. Mera cousin do bottle thanda cold drink lekar aaya aur hum dono log uske laptop me blue film dekhne lage.

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Main apne cousin se thoda open hu aur wo bhi mujhse thoda open h. Hum dono log room me akele the aur sab log ghar me so rahe the aur hum dono log blue films dekhne lage aur cold drink pi rahe the aur mera cousin meri tighs ko sahlane laga aur hum dono log blue film dekh rahe the. Mera cousin bola ki chalo ek dusre ke sath bhi sex karte h aur wo meri chuchi ko meri dabane laga aur mere gaalo ko kiss karne laga. Hum log blue film dekh rahe the aur ek dusre ko kiss bhi kar rahe the.

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