Thursday, April 5, 2018

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भाभी को अपनी बीवी समझ कर चोदा

भाभी को अपनी बीवी समझ कर चोदा

(Devar Bhabhi Ki Chudai : Bhabhi Ki apni Biwi Samajh Kar Choda)

दोस्तो, मेरा नाम सुमित है. मैं देसी चुदाई कहानी पर पहली बार कोई कहानी लिख रहा हूँ. मैंने बहुत सी कहानियाँ पढ़ी हैं. पर कभी खुद की नहीं लिखी थी. मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ और नोयडा में जॉब करता हूँ. इसलिए यहाँ पर किराये पर कमरा लेकर मैं अकेले ही रहता हूँ.

यह बात आज से कुछ महीने पहले की है. मेरी 3 दिन की छुट्टी थी इस वजह से मैं अपने अपने बड़े भैया के घर गया हुआ था. उस समय वहाँ बहुत गर्मी थी.

मेरे भैया एक बड़ी कंपनी में सेल्स मैनेजर हैं. उनके घर में वो, भाभी और उनकी 3 साल की बेटी रहती है. भाभी और मेरी उम्र एक समान ही है तो मैं हमेशा भैया के पैर छूता था और भाभी को गले से लगा लेता था.. जिससे भाभी भी बहुत खुश होती थीं.. और भैया बस डांट कर चुप हो जाते थे.

जब मैं वहाँ गया तो उसके अगले दिन भैया को काम के सिलसिले में 4 दिनों के लिए बाहर जाना पड़ा. वो अगले सुबह 5 बजे निकल गए. मैं भैया को स्टेशन पर छोड़ कर वापिस आ गया और सो गया.

जब मैं उठा तो देखा कि भाभी भी मेरे पास सोई हैं. मैंने पूछा कि आप अपने कमरे में क्यों नहीं सोई तो उन्होंने बताया कि वहाँ बाबू सो रही है तो उसके वजह से उधर एसी नहीं चला पा रही हूँ, क्योंकि उसे ठण्ड लग जाएगी.

मैंने भाभी को बोला- आप मुँह ढक लीजिये, मुझे कम्बल से बाहर निकलना है.
ऐसा मैंने इसलिए कहा क्योंकि मैं हमेशा ही सिर्फ चड्डी पहन कर सोता था.
पर भाभी ने कहा- मैं नहीं करूंगी, आप मेरे देवर हैं. आपसे मजाक करने का मेरा हक है.

अब मैं सोच रहा था क्या करूँ? पर मुझे टॉयलेट जाना था, जो बहुत जरूरी था तो मैं ऐसे ही उठ गया.

आप सब तो जानते ही हैं कि सुबह सो कर उठो तो लंड खड़ा रहता है. जब मैं जमीन पर पैर रख कर खड़ा हुआ तो मेरी नजर लंड पर गई और मैंने तुरन्त एक तकिया लेकर छिपा लिया. मैंने देखा भाभी की नजर मेरे लंड पर ही थी और उनका मुँह हैरत से जैसे खुला ही रह गया था.
फिर मैं वहाँ से टॉयलेट तक भाग कर गया.

थोड़ी देर बाद फ्रेश होने के बाद अब मेरा लंड कुछ शांत सा हो गया था तो मैं बिना शर्म किए कमरे में ऐसे ही आ गया और कपड़े पहनने लगा.
भाभी अब मुझसे कुछ नहीं बोल रही थीं, बस हल्का हल्का मुस्कुरा रही थीं और मेरे लंड की तरफ देख रही थीं.

मैंने उनको चाय बनाने को बोल दिया तो पहली बार उन्होंने नहीं सुनी, शायद कहीं खोई हुई सी लगीं.
तो मैंने उनको हिलाया और कहा- क्या सोच रही हैं भाभी जी.. चाय नहीं पिलाएंगी?

भाभी जैसे लंड के सपने से बाहर निकलीं और चाय बनाने चली गईं.
चाय के बाद मैं रोज के सारे काम करके बाहर घूमने चला गया और जब आया तो देखा भाभी किचन में खाना बना रही थीं. भाभी ने एक पतली सी नाईटी पहनी हुई थी, जिसमें से उनकी गांड और पेंटी दिख रही थी.

मैं वापिस जाने लगा तो भाभी ने मुझे रोक लिया और कहने लगीं- अभी बाहर से आए हो, पर अपनी भाभी को गले नहीं लगाया.
मैं दूसरी तरफ देखता हुआ भाभी के पास गया और उनको गले से लगा लिया.

इस बार मेरे हाथ भाभी की लगभग नंगी पीठ पर थी और भाभी मेरे से बिल्कुल चिपक गई थीं. आज उनके यूं चिपकने से मुझे कामुकता का अहसास होने लगा. मेरा मन बहकने लगा और मेरा हाथ धीरे धीरे भाभी की गांड पर जाने लगा और मेरा लंड खड़ा होने लगा, जिसे भाभी महसूस कर रही थीं.
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रक्षाबंधन के दिन सगी बहन की चुदाई

रक्षाबंधन के दिन सगी बहन की चुदाई

(Rakhi Ke Din Sagi Bahan Ki Chudai)

नमस्कार जी, मैं रविराज उर्फ़ राज और एक देसी पोर्न कहानी के साथ हाजिर हूँ.

मैं आप सभी की पसंदीदा वेबसाईट के लिए बहुत सारी सच्ची चुदाई की कहानी भेजना चाहता हूँ.

मैं बहनचोद रविराज हूँ.. हां बिल्कुल सही पढ़ा है आपने कि मैंने खुद को बहनचोद लिखा है.. दरअसल ये मेरे लिए एक गाली न होकर मेरी योग्यता को दर्शाने के लिए लिखा है.. आज मैं आप सभी के लिए एक नई पोर्न कहानी के साथ आया हूँ. मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको मेरी ये देसी पोर्न कहानी बहुत पसंद आएगी.

मैं इस वेबसाईट का बहुत पुराना पाठक हूँ.. और इधर मुझे मेरी आपबीती आपके साथ शेयर करने का मौका मिला है, इसलिए मैं इस साईट का बहुत शुक्रगुजार हूँ.

ये कहानी कोई कहानी नहीं.. बल्कि मेरे साथ घटी हुई सच्ची घटना है. आप सब भाई लोग अपना लंड अपने हाथ में ले लें और अगर लड़की, भाभी या आंटी हैं तो चूत में उंगली घुसा लें और कहानी को ध्यान से पढ़ें.

मेरी दो बहनें हैं, दोनों की शादी हो गई है. मेरी एक बहन स्वाति की चुदाई की कहानी
अपनी चालू बहन को चोदा https://old.antarvasnasexstories.com/bhai-bahan/chalu-behan-ko-choda/
आप पहले ही पढ़ चुके हैं. उस बहन की चुदाई कहानी में मैंने आपको बताया था कि मैं अपनी दोनों बहनों को चोदता हूँ.

मेरे बड़े भैया की भी शादी हो गई है. मेरा भाई काम के सिलसिले में गाँव छोड़ कर भाभी के साथ शहर चला गया है. उधर उसे अच्छा खासा काम और बढ़िया पगार मिल रही है.. इसलिए वो कुछ महीनों से शहर में ही रहने लगा है.

बड़े भाई के चले जाने के बाद से हमारे घर में अब मैं और मेरी माँ हम दोनों ही रहते थे. पापा तो काम के सिलसिले में पहले से ही अधिकतर समय घर से बाहर किसी न किसी दूसरे शहर में ही घूमते रहते थे.
हमारे घर में तो घर के सारे कामकाज का बोझ माँ के ऊपर आ गया था. अब मेरे माता पिता मेरी शादी के बारे में भी सोच रहे थे.

यह बात रक्षाबंधन के दिन की है. मुझे राखी बांधने के लिए मेरी दूसरी बहन नेहा अपनी ससुराल से हमारे यहाँ रक्षाबंधन के एक दिन पहले ही आ गई थी.
उस रात को दीदी का मूड सही नहीं था.. इसलिए वो जल्दी ही सो गई थीं. मैं रात भर परेशान रहा.. लेकिन कुछ न कर सका और फ़िर दूसरे दिन रक्षाबंधन का त्यौहार था.

दूसरे दिन सुबह मेरी बड़ी दीदी नेहा मुझे राखी बांधने के लिए सज धज कर तैयार थी. माँ हमारे लिए चाय बना रही थी, मैं दीवान पे बैठा था और नेहा दीदी न्यूज पेपर पढ़ रही थी. इतने में माँ को मेरी मौसी का फ़ोन आ गया कि मौसाजी की तबियत अचानक खराब हो गई थी. इसलिए माँ जल्दी ही तैयार हो कर मौसी के गाँव चली गईं. माँ के जाने के बाद हम भाई बहन दोनों ही घर में रह गए थे.
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मम्मी की सहेली को चोदा

मम्मी की सहेली को चोदा

(Mummi Ki Saheli Ko Choda)

मैं विकी, अपनी मम्मी की सहेली की चुदाई की कहानी बता रहा हूँ कि कैसे मैंने आंटी की मस्त फ्री मूड से सेक्स किया, आंटी को चोदा.

मैं करनाल का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 22 साल है. मेरी हाइट 5 फुट 9 इंच है. मेरे घर में 3 मेंबर हैं, मैं, मम्मी और पापा. मेरे पापा जॉब करते हैं और मम्मी हाउसवाइफ हैं. मैं स्टडी कर रहा हूँ. मैं आपको बताने जा रहा हूँ कि किस प्रकार मैंने मम्मी की सहेली को चोदा.

ये बात आज से एक साल पहले की है तब समर वैकेशन चल रही थीं. मम्मी की वो सहेली हमारे पड़ोस में रहती हैं और उनका हमारे घर में आना जाना लगा रहता है. उनका नाम नीलम है. नीलम आंटी की हाईट 5 फुट 6 इंच है. उनके बड़े बड़े चुचे और बहुत मोटी गांड है

एक दिन मम्मी को किसी काम से मामा के घर जाना था. तो मैंने मम्मी से पूछा- आपके बाद हमारा खाना कौन बनाएगा?
मम्मी ने थोड़ी देर सोच कर कहा- मैं तुम्हारी आंटी को बोल देती हूँ कि वो तुम्हारा खाना बना देगी.
मैंने सहमति में सर हिला दिया.

तब मम्मी ने आंटी को फोन किया और कहा- नीलम यार, मुझे विकी के मामा के घर जाना है, तुम विकी और उसके पापा का खाना बना देना. मुझे 2-3 दिन लग जाएंगे.
उन्होंने कहा- ठीक है, मैं खाना बना दूँगी.. आप चिंता मत करो.

पापा सुबह ड्यूटी पर निकल गए, मम्मी सुबह 10 बजे निकल गईं और मैं अकेला घर पर रह गया था. लगभग 12 बजे डोरबेल बजी तो मैंने दरवाजा खोला, बाहर आंटी खड़ी थीं.
आज आंटी में कुछ बात ही अलग थी.. मैं तो उन्हें देखता ही रह गया.. क्या गजब की माल लग रही थीं. उन्होंने ब्लैक कमीज़ और वाइट सलवार डाली हुई थी. उनका फिगर बहुत मस्त लग रहा था.. नीलम आंटी का रंग वैसे ही बहुत गोरा था.. और उनकी 34 साल की उम्र भी आज धोखा दे रही थी.

मैंने आंटी को नमस्ते की और उन्होंने भी मुस्कुरा कर रिप्लाई दिया.

मैंने आंटी को अन्दर आने के लिए कहा. वो अन्दर आ गईं. मैंने उनसे कहा- आप सोफे पर बैठिए, मैं आपके लिए पानी ले के आता हूँ.
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कॉलेज गर्ल की चुत चुदाई पहले ही दिन

कॉलेज गर्ल की चुत चुदाई पहले ही दिन

(Collage Ki Shuruat Chut Chudai Ke Sath)

मेरा नाम हेमन्त है, उम्र 23 साल, कद 5’8″ और लंड की लंबाई 5 इंच (नपा हुआ 13 सेंटीमीटर लम्बा और 8 सेंटीमीटर गोलाई में मोटा) है.

ये बात 5 साल पहले की है, जब मैं अपनी स्कूल की पढ़ाई करके शहर कॉलेज में स्नातक करने गया. सेक्स के बारे में जानकारी स्कूल में ही हो गई थी, दोस्तो की बकचोदी से, नेट और ब्लू फिल्म की मदद से काफी जानकारी मिल चुकी थी कि चुत किस छेद का नाम होता है और इसका लंड के लिए क्या उपयोग होता है.

कॉलेज के पहले दिन मैं क्लास में बैठा हुआ बाकी स्टूडेंटस को आते देख रहा था. सब अच्छे अच्छे कपड़े पहन कर आ रहे थे, विशेष रूप से कॉलेज गर्ल.. आखिरकार स्कूल की वर्दी से मुक्ति जो मिल गई थी.

मैं देख रहा था कि तभी एक लड़का मेरे बगल में आकर बैठ गया. उसने मुझसे बातें करनी शुरू कर दीं.
लड़का- हाय.
मैं- हाय..
लड़का- तुम्हारा नाम?
मैं- हेमन्त.. और तुम?
लड़का- मनन.
मैं- कहाँ से हो?
मनन- यहीं भिवाड़ी का हूँ, तुम?

हम दोनों बातें कर ही रहे थे तभी हमारी बैंच पर एक लड़की आ कर बैठ गई.
मैं मनन से बोला- मैं तिजारा से हूँ.
लड़की- तुम तिजारा से हो?
मैं- हां, क्यों?
लड़की- तिजारा में हमारी रिश्तेदारी है इसलिए कहा.
मैं- कहाँ?
लड़की- इतना पता नहीं, हम वहाँ कम ही जाते हैं.
मनन- तुम कहाँ से हो?
लड़की- मैं तो यहीं की हूँ.
मैं- तुम्हारा नाम?
लड़की- रीमा.. और तुम दोनों?

रीमा एक सुन्दर हुस्न वाली कॉलेज गर्ल थी. गोरा रंग, उसका 32-26-33 का माप, 5’3″ का कद और डिज़ायन में कटे हुए कंधों से थोड़ा नीचे तक के बाल.
मनन- मैं मनन और ये हेमन्त.
रीमा- ओके.
मनन मुझसे बोला- तिजारा में कॉलेज नहीं है?
मैं- है.
रीमा- तो यहाँ क्यों?
मैं मजाक में बोला- लड़कियों को देखने.
रीमा- सिर्फ देखने या उनको चोदने?
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लखनऊ में वासना से भरपूर चाची की चुदाई का मजा

लखनऊ में वासना से भरपूर चाची की चुदाई का मजा

(Vasna Ki Kahani : Lucknow Me Chachi Ki Chudai Ke Vo Suhane Din)

ये बात ज्यादा पुरानी नहीं है, इस बात को अभी कुछ 15 या 20 दिन हुए होंगे.

वैसे तो मैं कानपुर से हूँ लेकिन मैं लखनऊ अपनी चाची के घर जन्माष्टमी मनाने गया था. इतने नजदीक शहर में रहने के बावजूद इससे पहले मैं अपनी चाची से सिर्फ एक बार मिला था, लेकिन तब मैं बहुत छोटा था और मुझे तब कुछ भी सही से मालूम नहीं था.

आप लोग तो जानते ही हैं कि लखनऊ की औरतें कितनी सुन्दर होती हैं. चाची भी बड़ी सुन्दर हैं, उनका फिगर 34-24-32 का है.

ये बात तब की है, जब मैं लखनऊ में अपनी चाची के घर में था, उनके घर में तीन लोग हैं. चाची चाचा और उनका एक 15 साल का लड़का है. उनके पति यानि मेरे चाचा दिन में काम पर होते थे और उनका लड़का राहुल स्कूल चला जाता था.

चाची के लिए पहले तो मेरे मन में कुछ गलत ख्याल नहीं था. मगर एक दिन सबके जाने के बाद चाची ने मुझसे कहा कि आकाश मैं नहाने जा रही हूँ, तुम यहीं बैठो… फिर हम साथ में चाय पिएंगे.
मैंने कहा- ठीक है चाची.

वो कुछ देर के बाद नहाने चली गईं. जब वो नहा चुकीं तो उन्होंने मुझे आवाज लगाई और कहा- आकाश बेटा जरा वहां मेरा टॉवल पड़ा होगा… दे देना, मैं भूल गई हूँ.
मैंने कहा- जी चाची अभी लाया.

मैं टॉवल लेकर बाथरूम की तरफ गया और चाची को बाहर से बोला- ये लो चाची आपका टॉवल.

चाची ने दरवाजे के पीछे से ही हाथ बाहर करके टॉवल ले ली. मुझे सिर्फ उनके हाथ ही दिखे, लेकिन फिर भी मैंने कुछ गलत नहीं सोचा. मैंने मन में सोचा कि होता है कभी कभी.

फिर मैं वापस सोफे पर आकर बैठ गया और चाची का इन्तजार करने लगा. फिर कुछ देर बाद चाची बाथरूम से निकलीं. जब वो बाहर निकलीं तो मैं पागल ही हो गया. वो एक बहुत ही ज्यादा पारदर्शी नाईटी पहन कर आई थी, जिसमें से उनकी काले रंग की ब्रा और पैंटी साफ़ दिख रही थी. उनको देख कर मुझे मेरे पुराने दिन याद आ गए. मैं तो बिल्कुल मदांध और पागल जैसा ही हो गया. मैं बस लगातार उनको देखे ही जा रहा था. उन्होंने मुझे अपनी तरफ देखते हुए देख लिया.

चाची ने पूछा- आकाश बेटा, तुम मुझे ऐसे क्यों देख रहे हो?
मैं- कुछ नहीं चाची, आज पहली बार मुझे पता चला है कि परियां स्वर्ग में ही नहीं, यहाँ धरती पर भी रहती हैं, जिनमें से एक आप हैं… आज आप बहुत सुन्दर लग रही हैं. कहां छुपा कर रखी थी आपने इतनी सुन्दर जवानी!

मेरे मुँह से ये सब बातें सुन कर चाची को शर्म आ गई और वो बिना कुछ बोले बस हल्की सी मुस्कराहट के साथ अपने कमरे में चली गईं. अब तो मेरा बुरा हाल हो गया, पहली बार मैंने अपनी चाची को वासना भरी नज़रों से देखा था. सच में वो बहुत खूबसूरत लग रही थीं. अब मेरे दिमाग में बस चाची ही चाची थीं, मैं अब सिर्फ उनको भोगना चाहता था.

फिर थोड़ी देर बाद चाची उसी नाइटी में आईं और उन्होंने पूछा- चाय पीनी है?
मैंने हां कह दिया, फिर वो चाय बनाने चली गईं. थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे आवाज लगाई- आकाश बेटा, जरा यहाँ आना.
मैं उनके पास गया तो वो बोलीं- बेटा, जरा वो डिब्बा उतार देना, काफी ऊपर है.
मैंने कहा- ठीक है अभी उतार देता हूँ.
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गर्लफ्रेंड की कुंवारी सहेली की हॉट चुत की चुदाई

गर्लफ्रेंड की कुंवारी सहेली की हॉट चुत की चुदाई

(Girlfriend Ki Kunvari Saheli Ki Hot Chut Ki Chudai)

यह बात दिसम्बर के महीने की है, ठण्ड का मौसम होता है और लड़के लड़कियों में चुदाई की इच्छा भी प्रबल होती है। मेरी गर्लफ्रेंड जूही ( नाम बदला हुआ) की सहेली नाज की भी कुछ ऐसी ही हालत मालूम हो रही थी, उसकी चुत हॉट हो रही थी।
एक दिन उसने जूही से अपनी बात कही तो उसने मेरे से बताया। मैंने जूही को घर बुलाया और उससे बात की, पूछा कि तुम दोनों की चुदाई करूँगा तो चलेगा?
तो जूही भी मान गयी।

15 दिसंबर को जूही के घर वाले बाहर गए थे, नाज को मालूम नहीं था कि आज उसकी चुदाई होने वाली है, नाज जूही के घर आ गयी तो जूही ने मेरे को फ़ोन कर के बुला लिया.
मैं थोड़ी देर में उसके घर पहुंच गया और नाज़ को देख कर वापस जाने का नाटक करने लगा तो जूही ने मेरे को रोकते हुए कहा- आ गए हो तो चाय पी कर चले जाना!
और वो चाय बनाने के बहाने किचन में चली गयी.

जूही के हाल में आइना इस तरह से लगा था कि किचन में क्या हो रहा है सब दिखता था और हाल में क्या हो रहा है वो किचन से दिखता है.
मैं भी जूही के पीछे किचन में चला गया और उसकी चुची शर्ट के ऊपर से दबाने लगा.
मेरी वासना भारी यह हरकत नाज़ शीशे में देख रही थी और कामवासना से उसकी आंखें बड़ी होने लगी।

फिर मैंने जूही की शर्ट ऊपर कर के उसकी चुची नंगी कर ली और मसलने लगा और लोवर में हाथ डाल कर चूत मसलने लगा.
जूही एकदम नशे में आ गयी और हम दोनों को देख कर नाज़ अपने आपे से बाहर होने लगी और अपने हाथ से अपनी हॉट चुत सहलाने लगी.

जब नाज़ की आंखें कामुकता से बंद होने लगी तो मैं और जूही चाय बिस्कुट के साथ बाहर आ गए, नाज़ आपने आप को संभाल कर बैठ गयी, मगर उसकी गीली सलवार साफ झलक रही थी.

मैं बाथरूम जाने बहाना कर दूसरे रूम के दरवाज़े के पीछे छुप दोनों की बातें सुनने लगा, उं दोनों सहेलियों की बातों से पता चल गया कि नाज़ अभी चुदने के मूड में है.
मैं दरवाजे से बाहर आया और नाज़ के बगल में बैठ कर चाय पीने लगा और जान बूझ कर अपने ऊपर चाय गिरा ली.

चाय गिरते ही जूही ने मेरी पैन्ट और अंडरवियर उतार दी, अब मैं जूही और नाज़ के सामने नंगा था, जूही मेरे लंड को पकड़ कर नाज़ से बोली- तेरे को यही चाहिए था न? ले पकड़ ले!
नाज़ शरमा रही थी तो मैं उठ कर उसके मुंह के सामने लंड कर के खड़ा हो गया और हाथ उसके शर्ट के अन्दर डाल कर उसकी चुची दबाने लगा.

वो एकदम से पिघल गयी और उसने फ़टाफ़ट अपने पूरे कपड़े उतार दिए.
नाज का फिगर बता दूँ- 5 फीट 2 इंच की हाइट, 34″ की कसी हुई चुची जैसे ताजा ताजा खरबूजा किसी ने काट के लगा दिया हो, 30″ की कमर और 36″ की गांड… पूरे बड़े साइज के तरबूज के दो भाग लगते हैं, रंग इतना गोरा है कि यदि कोई दूध में केशर डला हुए बोले तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

फिर मैंने भी पूरे कपड़े उतार कर जूही को भी नंगी कर दिया, अब हम तीनों नंगे एक दूसरे के अगल बगल बैठ गए, जूही मेरा लंड चूसने लगी मैं नाज़ को किस करते हुए उसकी चूत और चुची दबाने लगा।
थोड़ी देर बाद नाज़ को लंड चूसने बोल कर जूही अपनी चूत मेरे मुंह में लगा कर खड़ी हो गयी. इधर मैं जूही की चूत चाट रहा था, उधर नाज़ मेरा लंड चूस रही थी और मैं नाज की चूत सहला रहा था.
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Wednesday, April 4, 2018

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xxx पोर्न स्टार वाली चुदाई का अनुभव

xxx पोर्न स्टार वाली चुदाई का अनुभव

(xxx Porn Star Wali Chudai Ka Anubhav)

जो लोग xxx पोर्न फिल्मों जैसा सेक्स करना चाहते हैं, पर शर्मिंदगी की वजह से या गंदे सीन की घृणा की वजह से यदि ऐसा नहीं कर पाते हों.. वो यह देसी हिंदी पोर्न कहानी अवश्य पढ़ें, उन्हें कुछ ना कुछ फायदा जरूर होगा.

सालों से दिल की तमन्ना थी कि मैं भी पोर्नस्टार वाला सेक्स करूँ, पर कभी कोई पार्टनर ऐसी मिली ही नहीं, जो इस तरह का सेक्स करे. मैं हमेशा पोर्न फिल्में देखता था और उसी में खोया रहता था.

एक दिन मेरे मोबाईल में एक xxx क्लिप गलती से पड़ी रह गई, जिस पर मेरी दोस्त निशा की नजर पड़ी. निशा मेरी इकलौती सहेली थी, जिसके साथ मैं गपशप करता था. बाकी जितनी भी लड़कियां थीं उनसे मैं सिर्फ काम की बातें करता था.

“तुम भी ये सब पोर्न देखते हो?” निशा ने पूछा.
“तुम भी मतलब? क्या तुम भी देखती हो?”
“नहीं, पर मैंने सुना है.”
“क्या सुना है?”
“यही कि उसमें भरपूर सेक्स दिखाया जाता है और देखने में बड़ा मजा आता है. तुम कब से देख रहे हो?”
“काफी सालों से.”
“कभी बोले नहीं?”
“क्या बोलता? कभी हमारे बीच ऐसी बातें हुई ही नहीं.”
“हाँ, ये भी है.”

“तुमने कभी भी नहीं देखी?”
“नहीं, पर देखना चाहती हूँ.”
“कैसे देखोगी? जैसे आज मेरे मोबाइल में तुझे मालूम पड़ गया, वैसे तेरे मोबाइल से किसी को पता चल जाएगा तो प्रॉब्लम हो जाएगी.”
“तुम दिखाओगे ना?”
“मैं भी मोबाइल पर नहीं देखता. ये वाला गलती से रह गया था. मैं टीवी पर देखता हूँ, बड़ी स्क्रीन पर पोर्न का ज्यादा मजा आता है.”
“हाँ, तो मुझे भी बुला लेना, जब बड़ी स्क्रीन पर मजा लो तो.”
“क्या सच में आओगी?”
“हाँ यार.. मजाक क्यों करूँगी.”
“ठीक हैं, कल दोपहर में आ जाना.”

मेरे घर में होम थियेटर बना हुआ था. वैसे भी दिन भर घर में कोई नहीं होता था. होम थियेटर की वजह से आवाज चाहे जितनी भी करूँ, उस रूम के बाहर नहीं जाती थी. स्क्रीन बड़ी होने की वजह से आम फिल्में देखने को मजा तो आता ही था, पर पोर्न फिल्में को भी मजा आता था. हर चीज एकदम बड़ी नजर आती थी.
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Published 12:02 AM by with 0 comment

देसी कहानी : चाचा ने मुझे चोदा

देसी कहानी : चाचा ने मुझे चोदा

(Desi Kahani : Chacha Ne Mujhe Choda)

हेल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम पिंकी सिंह है और मैं देसी सेक्स स्टोरीज की सारी की सारी देसी स्टोरीज पढ़ती हूँ.
मैं आप सबको अपनी चुदाई की सच्ची देसी कहानी बताने जा रही हूँ कि कैसे मैं अपने चाचा से चुदी.
मैं पहले आपको अपने बारे में बता दूँ, मैं दिखने में बहुत सेक्सी हूँ और मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ और कॉल सेण्टर में जॉब करती हूँ. मेरा रंग गोरा है और मेरी चूची और गांड बहुत बड़ी है.

बहुत लोग मुझे लाइन मारते हैं, बहुत लोग मुझसे बात करना चाहते हैं, असल में वे सब के सब मेरी चुत चुदाई करना चाहते हैं.
मैं वैसे बहुत मजाक करती हूँ अपने ऑफिस में और सब लोग मुझे पसंद भी करते हैं.

यह कहानी मेरी और मेरे चाचा के बीच की है, वो चाचा मेरे पड़ोस में ही रहते हैं, वे मेरे पापा के चचेरे भाई हैं. और वो मेरे घर आते रहते हैं. हम दोनों लोग एक दूसरे से बातें करते हैं. पर मुझे यह नहीं पता था कि वो चाचा जिनसे मैं बातें करती हूँ, वो मुझे एक दिन चोद देंगे.
अब मैं आपको मेरी कहानी बताती हूँ जो मेरी सच्ची चुदाई की कहानी है कि कैसे चाचा ने मुझे चोदा.

चाचा जब भी मेरे घर आते थे, वो मुझसे मजाक करते थे और हम दोनों लोग कभी कभी एक दूसरे के साथ खेलते भी थे लेकिन मैं चाचा के बारे में कुछ गलत नहीं सोचती थी. लेकिन वो मुझसे बातें करते करते कभी कभी वो मेरी चूची को देख कर मुझे स्माइल देते थे लेकिन मैं उनकी बातों पर ध्यान नहीं देती थी.
मुझे ये सब नहीं पता था कि मैं एक दिन चाचा से चुद जाऊँगी क्योंकि मैं चाचा को एक अच्छा दोस्त मानती थी लेकिन वो तो मुझे चोदना चाहते थे.

मुझे धीरे धीरे कुछ अजीब सा लगने लगा था क्योंकि चाचा जब भी मुझसे बातें करते थे या जब भी मेरे घर आते थे तो वो मुझे बहुत हवस भरी नजर से देखते थे और मुझसे अकेले में बातें करने की कोशिश करते थे और कभी कभी तो वो मुझे गलत तरीके से छूते भी थे. मैं यह बात अपने घर में किसी से नहीं कह सकती थी क्योंकि सब लोग उनको अच्छा मानते थे और मैं भी चाचा को अच्छा मानती थी.

लेकिन वो कुछ दिनों से मुझसे गलत तरीके से बातें करते थे और मुझसे हमेशा बॉलीवुड की हॉट मूवीज के बारे में बातें करते थे. चाचा मुझे कभी कभी उनके साथ मूवी देखने के लिए भी बोलते थे लेकिन मैं चाचा को मन कर देती थी. चाचा मुझसे कभी कभी फ़ोन पर भी बातें करने लगे थे. मैं चाचा को इसलिए कुछ नहीं बोलती थी क्योंकि वो कभी कभी मेरी हेल्प भी कर देते थे और कभी कभी मुझे अपनी कार से ऑफिस भी छोड़ देते थे.

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Tuesday, April 3, 2018

Published 11:58 PM by with 0 comment

जवान पड़ोसन की चुत की सील तोड़ी

जवान पड़ोसन की चुत की सील तोड़ी

(Jawan Padosan Ki Chut Ki Seal Todi)

दोस्तो, मेरा नाम सुमीत (बदला हुआ) है. मेरी उम्र 25 साल है. मैं सिरसा (हरियाणा) में रहता हूं. मेरा रंग थोड़ा सांवला है. मेरे लंड का साइज ठीक ठाक है, मैं झूठ नहीं बोलना चाहता कि मेरे लंड का साइज बहुत बड़ा है.

मैं देसी सेक्स स्टोरीज पर हिंदी सेक्स कहानियां पढ़ रहा हूँ तो मैंने सोचा क्यों ना अपनी सेक्स स्टोरी भी आप सभी के साथ शेयर की जाए. यह मेरी पहली चुदाई की हिंदी कहानी है.. आशा करता हूँ कि आप सभी को पसंद आएगी. कोई गलती हो जाए तो माफ कीजिएगा.

यह बात तो आज से डेढ़ साल पहले की है, लेकिन इसकी शुरूआत के लिए हमें कुछ साल पीछे जाना पड़ेगा.

हम एक घर में ऊपर के हिस्से में किराये पर रहते थे. थोड़े समय के बाद नीचे के हिस्से में एक परिवार किराये पर रहने आया. उस परिवार में 6 सदस्य थे. पति-पत्नी उनके दो लड़के, बड़े लड़के की बहू और एक लड़की. यह वही लड़की है जिस की चुदाई की यह हिंदी सेक्स कहानी है. उसका नाम कनिका (बदला हुआ) था उसकी उम्र तो पता नहीं. मगर मुझसे 3-4 साल बड़ी थी.

लड़की के बारे में बता दूँ… वो दिखने में तो कुछ खास नहीं थी, बस ठीक ठाक थी. परंतु उसके मम्मे बहुत बड़े थे. वो थोड़ी मोटी थी. वो खूब पढ़ाई करती थी. हमारी कुछ ज्यादा बातचीत नहीं होती थी.

पहले पहल काफी समय ऐसे ही निकल गया और हम कहीं और किराये के घर में रहने आ गए. उसके बाद मुझे किसी तरह से उसका नम्बर मिल गया. उसके परिवार और मेरे परिवार में घरेलू रिश्ता बन गया था. तो हम सामान्य बातें ही करते थे. इसलिए उससे फोन पर बातचीत भी आसानी से शुरू हो गई.

एक दिन उससे चैटिंग करते हुए मैंने मजाक करने के लिए उसे गर्लफ्रेंड बनने का ऑफर मारा. मैंने तो सिर्फ पंगे लेने के लिए मारा था.. मगर उसने कहा कि सोच कर बताऊँगी.
मैं समझ गया कि सोच कर बताएगी मतलब हां होगी.
तो मैंने सोचा इसे बताने की क्या जरूरत है कि मैं मजाक कर रहा हूँ. मैंने पहले उसके जवाब आने का इन्तजार करने का सोचा.

अगले दिन ही उसने ‘हां’ कर दिया. फिर हम यहाँ वहाँ की बातें भी करने लगे. दूसरे दिन मैंने उसे किस के लिए बोला तो उसने ‘हां’ कर दी. हमने इसके दूसरे दिन मिलने का प्लान बनाया.
किधर मिला जाए, जब इस पर बात हुई तो उसने कहा कि मूवी देखने चलते हैं. वहाँ किस कर सकते हैं.

मैंने सोचा कि सिर्फ किस से क्या होगा. ये तो वैसे भी इतनी जल्दी किस के लिए मान गई है तो थोड़ा और जोर देकर देखते हैं, क्या पता कुछ और बात ही बन जाए. मैंने उससे कहा कि मूवी हॉल में कोई जानकार न देख ले, मेरे दोस्त के रूम में चलते हैं.
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Monday, April 2, 2018

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लिफ्ट देकर चूत मिली

लिफ्ट देकर चूत मिली

(Lift Dekar Chut Mili)

दोस्तो.. मेरा नाम नील है और मैं पुणे का रहने वाला हूँ। मैं आपको अपनी सेक्स लाइफ के बारे में बताने जा रहा हूँ।

बात लगभग 4 साल पुरानी है.. जब मैं एक गर्ल्स हॉस्टल के एरिया में रहता था। वहाँ पर बहुत सी लड़कियाँ थीं। मैं हमेशा से अपने लौड़े के लिए एक चूत को ढूँढ रहा था.. पर मैं दिखने में इतना खास नहीं था.. तो कोई लड़की मुझे घास नहीं डालती थी।

एक दिन मैं अपने जॉब से रात को बहुत देर से आ रहा था.. उस वक्त रात के करीब साढ़े बारह बजे होंगे। एक लड़की ने मुझे लिफ्ट के लिए इशारा किया। वैसे मैं रात को किसी को भी लिफ्ट नहीं देता था.. पर एक सुनसान रास्ते पर एक लड़की को खड़े देख कर उसे लिफ्ट देने का विचार आया और मैं मुड़ कर वापस उसके पास आ गया।

मैंने पूछा- कहाँ जाना है?
उसने उसकी जाने वाली जगह का नाम बताया.. तो मैंने कहा- ये तो मेरे घर के बाजू में ही है।
उसने सलवार सूट पहना था.. तो वो दोनों तरफ पैर डाल कर बैठ गई।

रास्ते में हम इधर-उधर की बातें करने लगे.. तो पता चला कि वो एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है और दो साल से तलाक़शुदा है।
थोड़ी ही देर में हम उसके घर के पास आ गए।
उतरने के बाद उसने मुझे ‘थैंक्स’ कहा और चाय के लिए ऑफर किया।
कोई चूतिया ही होगा.. जो ये ऑफर ठुकराए।

जब हम अन्दर आए तो उसने पूछा- तेरे पास टाइम है ना?
मैंने कहा- हाँ.. कल छुट्टी है.. तो कोई जल्दी नहीं हैं।
वो अकेली रहती थी.. वो अन्दर गई और मेरे लिए चाय लेकर आ गई।
चाय पीते-पीते हम एक-दूसरे के जीवन के बारे में बहुत कुछ जान गए थे और मैं उसकी तरफ आकर्षित हुए जा रहा था।

मेरी नजरें उसको ऊपर से नीचे तक तराश रही थी, मेरा ये सुलूक उसने देख और समझ लिया था।
वो मेरी तरफ कटीली नजर से मुस्कुराती हुई बोली- नील, मैं ज़रा चेंज करके आती हूँ।
वो अन्दर चली गई और मैं उसकी नशीली अदा से उसको चोदने की सोच में डूबा रह गया।
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Published 10:36 PM by with 0 comment

कुलीग लड़की के साथ एडल्ट वाली मस्ती

कुलीग लड़की के साथ एडल्ट वाली मस्ती

(Colleague Ladki Ke Sath Adult Wali Masti)

हेलो दोस्तो, मैं नील पुणे से एक बार फिर से आया हूँ मेरी हिंदी एडल्ट कहानी में मेरा एक और अनुभव आप लोगों से बांटने के लिए.
मेरी पिछली कहानी थी.
लिफ्ट देकर चूत मिली

उस कहानी में आपने पढ़ा था कि रात में मैंने एक लड़की को लिफ्ट दी और मुझे चूत मिल गई. कुछ समय बाद उस लड़की की शादी हो गई और मैं फिर से किसी चूत के वियोग में तड़पने लगा.
उसके जाने के बाद बहुत दिन मुझे मेरी प्यास को मारना पड़ा था, मैं मेरे पुरानी कंपनी में बहुत दिन से काम कर रहा था पर बढ़ती हुई महँगाई के साथ मेरी सैलरी नहीं बढ़ी तो मैंने वो जॉब चेंज करने की सोची और नए जॉब सर्च में लग गया.

बात ऐसी हुई कि एक जगह मैं इंटरव्यू के लिए गया था, वहाँ एक लड़की भी आई थी, सलवार कमीज़ में अपने पूरे बदन को ढके हुए डरी हुई सी बैठी थी, मैं उसे देख रहा था, पर उससे बात करने की हिम्मत नहीं हुई.

वहाँ पे बहुत सारे कैंडिडेट आए हुए थे, जब मेरा नंबर आया तो मैं अंदर जाने के लिए उठा तो उसने ऑल दी बेस्ट कहा, मैंने हँस कर थॅंक्स बोला.
जब मैं अंदर गया और पेमेंट इश्यू पर मैंने मना कर दिया और उठ कर चला आया.
बाहर देखा तो वो लड़की वहाँ पर नहीं थी, मुझे लगा शायद चली गयी होगी.

मैंने बाहर आकर एक सिगरेट मार कर मेरी बाइक निकाली तो वो पंक्चर थी, मैं धक्का मार कर उसे धकेलते हुए लेकर जा रहा था. पंक्चर वाला बस स्टैंड के बगल में ही था.
कुछ देर बाद वो लड़की चलते चलते बस स्टैंड पे आ गयी.
मुझे वो देख रही थी पर बात नहीं कर पा रही थी.

तो मैं ही बात करने के लिए उसके पास गया- कैसा रहा इंटरव्यू?
वो बोली- ठीक था, ‘फोन करेंगे’ बोला है.
“तो तुम अब दूसरी जगह भी जाओ इंटरव्यू के लिए!”
“नहीं इन्होंने बोला है कि ये फोन करेंगे.” उसने थोड़ा गुस्से से कहा.

तब मुझे पता चला कि ये पुणे से नहीं है, कहीं बाहर की है और पहला ही जॉब ढूंढ रही है.
मैंने पूछ ही लिया- कहाँ से हो?
उसने बताया- मैं नागपुर से हूँ और ग्रॅजुयेशन के बाद पुणे में आई हूँ, यहाँ पे मेरे अंकल रहते हैं.
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Published 10:34 PM by with 0 comment

वो कॉलेज गर्ल के साथ पहला प्यार

वो कॉलेज गर्ल के साथ पहला प्यार

(Wo College Girl Ke Sath Pahla Pyar)

हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम आर्यन है. मैं 26 साल का हूँ. यह हिंदी सेक्सी स्टोरी कुछ साल पूर्व की तब की बात है, जब मैं गाजियाबाद के एक कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था.

मैं देसी सेक्स स्टोरीज को तब से पढ़ता हूँ, जब मैं स्कूल में था और मैं आज भी इसकी सारी कहानियां बड़े चाव से पढ़ता हूँ.

मेरी क्लास में एक लड़की पढ़ती थी उसका नाम आकृति था. मैंने उसको पहली बार कॉलेज में एडिमिशन के वक्त देखा था, वो एडिमिशन करवाने के लिए अपने पेरेंट्स के साथ आई थी.

कितनी खूबसूरत थी. उसकी वो नशीली आँखें, जो किसी को भी घायल क़र दें.. उसका साइज 32-26-34 का रहा होगा. तभी से मैं उस पर फिदा हो गया था

मैं उसको बार बार देखे जा रहा था, ये बात उसने नोटिस की तो उसने मुझे देखा, मैं दूसरी तरफ देखने लगा. फिर दोबारा जब उसने देखा तो मैं भी देखता रहा. मैंने स्माइल पास क़र दी, उसने भी रिप्लाई में स्माइल दे दी.

फिर अपना एडमिशन फॉर्म भर के मैंने जमा क़र दिया, उसको कुछ प्रॉब्लम आ रही थी, उसने मुझसे हेल्प माँगी तो मैंने उसको बता दिया.

उसने नाम अपना बताया मैंने उसका नंबर माँगा तो उसने एक स्माइल के साथ अपना नंबर दे दिया.

क्लास कुछ दिन बाद स्टार्ट होने वाली थी. मैं अपने घर वाराणसी आ गया. रात को ट्रेन में मैंने व्हाट्सएप पर उसको ऑनलाइन देखा तो मैंने उसको मैसेज किया, कुछ देर बाद उधर से रिप्लाई आना- कौन?
मैंने कहा- आपको जानने वाला.
“नहीं समझी?”
फिर मैंने बताया- किसी को अपना नंबर दिया था, याद है?
तो उसने कहा- ओह तुम हो.. नंबर मैंने सेव नहीं किया था.

फिर बात होती रहीं. उसने अपने बारे में बताया कि वो लखनऊ की थी. उसके पिता एक गवर्नमेंट जॉब करते हैं और माँ हाउस वाइफ हैं. एक छोटा भाई है जो सेवन में पढ़ता है. उसको डांस बहुत पसंद है और अर्जित सिंह के गानों की बहुत बड़ी फैन है.

काफी रात हो गई तो मैंने पूछा- सोना नहीं है आज?
तो उसने बताया कि वो ट्रेन में है, लखनऊ जा रही है.

तब मुझे पता लगा कि मैं जिस ट्रेन से जा रहा था, वो भी उसी ट्रेन से जा रही थी क्योंकि ट्रेन लखनऊ होकर जाती थी.
मैंने उसको बताया कि मैं भी इसी ट्रेन में हूँ.

फिर लखनऊ जब ट्रेन रुकी तो मैं भी उतर उसको देखने गया, वो जिस बोगी में थी. वहां गया तो देखा वो पहले ही उतर चुकी थी और अपने पेरेंट्स के साथ जा रही थी.

मैंने उसको कॉल किया तो वो इधर उधर देखने लगी. जब मैं नहीं दिखा तो कॉल रिसीव की. मैं जहां था, उसको वहां देखने को कहा तो उसने देखा मैंने आँख मार दी. उसने मारने के लिए हाथ दिखाया और स्माइल पास दी.
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Published 10:30 PM by with 0 comment

देवर भाभी की चुदाई : मेरा पहला सेक्स

देवर भाभी की चुदाई : मेरा पहला सेक्स

(Devar Bhabhi Ki Chudai: Mera Pahla Sex)

देवर भाभी की चुदाई की यह कहानी बात उस समय की है, जब मेरी शादी तय ही हुई थी. मेरी दूर की भाभी मेरे घर आई हुई थीं. भाभी दिखने में तो किसी हिन्दी फिल्म की नायिका से कम नहीं लगती थीं, मैं हमेशा से उन पर नज़र रखता था. वो भी मुझसे बिंदास हंसी मजाक करती रहती थीं.
कई बार मैं अकेले में उनको चोदने का सोच कर उनके घर गया हूँ, पर कभी हिम्मत ही नहीं हुई. हाँ मजाक और दारू पीने पिलाने की बातें ज़रूर कर लेता था. वो भी मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा करती थीं.
उनको चोदने के लिए बहुत सोचने के बाद भी बात मेरी नहीं जमी.

मगर एक दिन ऐसा आ ही गया. जब वो मेरे घर पर रुकने के लिए आईं. हम सब लोग देर रात तक बातें करते रहे और रात में जिसको जैसे नींद आती गई, वो सोता गया.

सभी एक ही कमरे में नीचे बिस्तर लगा कर सो रहे थे. भाभी मेरे बगल में ही बैठी थीं, मैं भी वहीं लेट गया. फिर भाभी भी मेरे बगल में कब सो गईं, पता ही नहीं चला. रात में मेरी नींद खुली तो मेरा पैर भाभी के पैरों पर चढ़ा हुआ था. अब क्या था… मेरा तो बुरा हाल हो रहा था. मेरे को तो बिन माँगे मेरी बरसों पुरानी चाहत मिल रही थी. मैं धीरे धीरे उनके पैरों पर पैर फेरने लगा, उनकी जाँघों तक पैर भी लाया, पर डर के मारे हालत भी खराब थी और मज़े के लिए डर को भी सह रहा था.

कुछ देर बाद भाभी सीधी हो गईं. मैंने पैर को हटा लिया, पर फिर जब नहीं रहा गया तो हाथ को हौले से उनकी जाँघों पर फेरने लगा. बस 5 मिनट बाद ही भाभी का हाथ मेरे हाथ पर आ गया था. पहले तो मैं डर गया, पर ये क्या… वो तो खुद मेरे हाथ को अपनी चुत तक ले गईं. उनके इस एक्शन से मेरे तो वारे न्यारे हो गए, देवर भाभी की चुदाई मुझे हकीकत लगाने लगी.

उन दिनों सर्दियों का समय था, तो सब गहरी नींद में सो रहे थे. एक दूसरे की गर्मी लेते हुए रज़ाईयों में घुसे थे. हमको भी ये मौका एक ही रज़ाई में होने के कारण मिल गया था.

उस रात तो बस मैं ऊपर ही ऊपर हाथ फेर पाया, भाभी के सेक्सी बदन का मजा लेता रहा. भाभी ने मेरे लंड की मुठ मारी. वाओ… क्या सनसनी हो रही थी… जब वो लंड के मुँह से नीचे तक हाथ ले जाती थीं तो पूरा शरीर सिहर उठता था. यह मेरा पहला अनुभव था… जब मैं किसी लड़की के हाथों अपने लंड की मुठ मरवा रहा था.

मैंने इस बीच भाभी के मम्मों को मसलता रहा और उनका ब्लाउज खोल कर दूध चूसता रहा. लेकिन चुत में लंड डालने की स्थिति इसलिए नहीं बन सकी क्योंकि सभी लोग सटे हुए सो रहे थे, जरा भी हल्ला या झटका लगने से चिल्लपों होती तो गेम बज जाता.

मैंने भी भाभी की चुत में उंगली डाल कर उनकी चुत को सहला कर मजा ले लिया. हल्ला के डर से चुम्मा-चाटी भी थोड़ी बहुत ही हो पाई.

दूसरे दिन हम दोनों एक दूसरे से चुपके चुपके ही नज़रें मिला पा रहे थे. मगर रात का मजा मुझे उनके साथ सेक्स की सीमा तक पहुँचा देता था और मैं सोच रहा था कि कब वो समय आएगा, जब मैं और भाभी अकेले मिलेंगे.

ऐसे ही दो दिन निकल गए, बस बीच बीच में मैं उनको टच ही कर पाया.
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Published 10:22 PM by with 0 comment

सेक्सी मामी की चुदाई की कहानी

सेक्सी मामी की चुदाई की कहानी

(Sexy Mami Ki Chudai Ki Kahani)

मैं अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं कि मैंने अपनी मामी को चोदा और उनको चोद कर अपनी सेक्स की प्यास बुझाई. मेरा नाम भावेश है, मैं 30 साल का हूँ.
मेरी मामी मेरी गली में ही रहती हैं, वो मेरी माँ के एक धर्म के भाई की बीवी हैं. मामी का नाम सुमन है, मामी 32 साल की हैं. सुमन मामी बहुत सेक्सी लगती हैं. उनके मम्मे 38 के साइज़ के हैं. मैंने जब से मामी को देखा है, तब से लेकर मामी को चोदने तक रोज उसके नाम की मुठ मारी है.

बात उन दिनों की है, जब मैं मुम्बई से गांव आया था. इधर घर में सबको मिला, फिर मैं शाम को मामी को मिलने उनके घर गया.

दरवाजे पर डोर बेल बजाई तो मामी ने दरवाजा खोला. सामने मामी को देखा तो बस देखते ही रह गया. मामी बहुत सेक्सी लग रही थीं. मैंने मामी को नमस्कार किया और अन्दर गया.
मामी ने पूछा- कब आए हो?
मैंने कहा- आज सुबह ही आया हूं… और अब आपको मिलने आ गया.
मामी मुस्कुराने लगीं.

मैंने कहा- सब कहां गए हैं?
तो बोलीं- तुम्हारे मामा तो दुकान पे है और सास ससुर उनके दूसरे लड़के के घर गए हैं, घर पे मैं और मामा ही हैं.
फिर मामी ने मुझे चाय का बोला और वो किचन में चाय बनाने गईं.
हम दोनों ने चाय पी और आपस में बात करने लगे.
मामी ने पूछा- मुम्बई में कैसे रहे?
मैंने कहा- ठीक ही रहे.

फिर इधर उधर की बातें होने लगीं. मेरे मन में तो कुछ और ही चल रहा था. मामी ने पूछा- कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं?
मैंने कहा- नहीं मामी, नहीं है.
मामी ने कहा- झूठ बोल रहे हो.
मैंने कहा- कसम से कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.
मामी मुस्कुराने लगीं.

फिर मैंने मामी को बोला- एक बात बोलूँ?
उन्होंने कहा- हां बोलो.
मैंने कहा- आप मुझे बहुत सेक्सी लगती हो और मुझे बहुत अच्छी लगती हो.
मामी ने कहा- ऐसी क्या बात है मुझमें कि मैं तेरे को अच्छी लगती हूं?
मैंने कहा- आप हो ही इतनी सेक्सी फिगर वाली… हर कोई आपको पसंद करेगा. मेरे मामा की तो किस्मत बहुत अच्छी है जो आप जैसी मामी उन्हें मिली हैं.
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Published 8:49 AM by with 0 comment

मेरे चोदू समधी जी

मेरे चोदू समधी जी

(Hindi Porn Story: Mere Chodu Samdhi Ji)

मेरा नाम कविता मिश्रा है, मैं 42 साल की हूँ. मैं बनारस की रहने वाली हूँ। मेरे पति बैंक में जॉब करते है, मेरी बेटी 20 साल की है आँचल, उसकी शादी भी तय है।

यह हिन्दी पोर्न स्टोरी मेरे साथ मेरे नए बने समधी जी की चुदाई की है, मैंने मेरे समधी जी के कहने पे लिखी है। आप लोग कहानी का आनन्द लें।

मैं अपने बारे में बता दूँ मैं बहुत सेक्सी औरत हूँ दिखने में भरे पूरे शरीर की हूं, मेरी चुचियाँ बहुत बड़ी हैं, मेरी नाभि बहुत गहरी और सेक्सी है।

कुछ महीनों बाद मेरी बेटी की शादी हो गयी। वो अपने घर चली गयी। घर पर मैं अकेली रह जाती हूँ। अपना टाइम नेट पे बिताती हूँ।

मेरे पति अब मेरी बहुत कम चुदाई करते थे। मैं परेशान रहती थी।

मैं अपने समधी और समधन के बारे मैं बता दूँ। मेरे समधी 45 साल के हैं, समधन 43 साल की है।

एक दिन रात को वॉट्सपप पे मैं अपने समधी जी से चैट कर रही थी, बातें हो रही थी। इसी तरह हम लोग रोज बात करते रहे. धीरे धीरे हमारी बातें बहुत सेक्सी होने लगी।

एक रात को करीब एक बजे हम चैट कर रहे थे। हम लोग बातें करते करते इतने खुले विचारों के हो गए कि खुले आम सेक्स की बाते भी करने लगे। मैं जब भी उनसे बात करती, अपनी चूत को मसलने लगती।
एक दिन उन्होंने अपने लंड की पिक भेज दी मुझे… मैंने देखा कि उनका लंड मेरे पति से बहुत बड़ा मोटा था।

‌मैंने लिखा- इसको इतने बड़े समधन जी कैसे ले लेती हैं अपने अंदर?
वो हँसने लगे।
मैंने भी उनको अपनी चुचियों की पिक भेज दी, मेरी चुची देख कर वो तो पागल से हो गए।

कुछ दिन बाद वो अचानक मेरे घर आये, जिस दिन आये मेरे पति घर पर थे, वो मेरे पति से बाते कर रहे थे और मुझे देख रहे थे।
मेरे पति ने उन्हें रात को रोक लिया।

रात को मैं उन्हें खाना खिला रही थी, मैंने नाइटी पहनी हुई थी। ‌वो मेरी चुचियों को देख रहे थे।
रात को हमने उन्हें एक कमरे में सुला दिया।

सुबह मेरे पति बोले- मुझे आज जल्दी काम है, मैं बैंक जा रहा हूँ, तुम समधी जी से कह देना।
वो बैंक चले गए।
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Published 8:45 AM by with 0 comment

मॉम की सौतेले बेटे से चुदाई की तमन्ना

मॉम की सौतेले बेटे से चुदाई की तमन्ना

(Mom Ki Sautele Bete Se Chudai Ki Tamnna)

मेरा नाम सारिका है, मैं एक हाउसवाइफ हूँ, मेरी उम्र 45 साल है, मेरे हबी मेरे से काफी बड़े हैं. उनकी मुझसे दूसरी शादी हुई है. हम सब अच्छे घर से हैं.

ये कहानी मेरी और मेरे सौतेले बेटे के बीच हुए सेक्स सम्बन्ध की है.. बेटे का नाम वरुण है. उसकी उम्र करीब 21 साल की है. मैं साढ़े पांच फुट ऊंची हूँ और मेरी फिगर 36-28-42 की है. मैं 34D साइज़ की ब्रा पहनती हूँ.

वरुण मेरे से थोड़ा ऊँचा है, वो 5 फुट 10 इंच का एक मजबूत कद काठी वाला मर्द जैसा लगने लगा है. मुझे उसमें एक आकर्षण सा दिखता था. चूंकि पति से कुछ होता जाता नहीं था, इसलिए मेरी निगाह वरुण पर ही टिकी थीं. वरुण भी मुझे लालसा भरी निगाहों से देखता था. मैं उससे काफी खुली हुई थी.

वो हमेशा घर पे ही रहता था, किसी कोर्स के लिए उसे नागपुर जाना था. हमारे पास अच्छा खासा पैसा है, इसलिए हमने सोचा ऐसे वहां बजाए एक कमरे के एक छोटा सा फ्लैट ही रेंट पे ले लिया जाए. वरुण उस फ्लैट में रहने लगेगा, एक साल की ही तो बात है. वो इधर अपनी पढ़ाई भी अच्छी तरह से कर सकेगा.

हम वहां चले गए.

मैंने उससे बोला- मैं शनिवार और रविवार को तुझसे मिलने आया करूँगी, तेरा खाने पीने का सामान रख जाया करूँगी. एक लड़का भी यहीं रहेगा, जो तेरे लिए बाकी पांच दिन घर में ही खाना बना के रखेगा और मैं शनिवार रविवार को तेरे लिए बनाऊंगी.
वरुण ने कहा- ठीक है.

असल में मैं नहीं चाहती थी कि वो मुझसे ज्यादा दूर रहे और मैंने इस तरह नागपुर जाना चालू किया. वैसे भी वरुण के पापा यानि मेरे मिस्टर बिजनेस में व्यस्त होते हैं. तो उनसे मुझे जाने के लिए परमीशन मिल गई थी.

वहां तो बहुत ही गर्मी थी, इसलिए हमने एक छोटा कूलर भी ले लिया था. हालांकि उसका कोई इतना फायदा नहीं होता था.

मैं जब वहां जाती तो पहनने ओढ़ने के लिहाज से फ्री ही रहती थी. इधर घर में जब अकेली होती तो पेटीकोट और ब्लाउज में ही बनी रहती या फिर कभी कभी गाउन के अन्दर कुछ भी नहीं पहनती थी.

हम दोनों माँ बेटे में पहले से ही काफी खुलापन था. हमारी फ्रेंडशिप सी हो गई थी, इसलिए उसे भी मेरा आना जाना अच्छा लगने लगा. हम घूमने फिरने भी जाते, शॉपिंग भी करते, मूवी भी देखते. मैं जब घर में होती थी, तो वो कहीं नहीं जाता, मेरे ही पास बना रहता.
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Published 8:43 AM by with 0 comment

जवान कॉलेज गर्ल की सेक्सी हिंदी स्टोरी

जवान कॉलेज गर्ल की सेक्सी हिंदी स्टोरी

(Jawan College Girl Ki Sexy Hindi Story)

हैलो फ्रेंड्स, मैं मनीष अबोहर से हूँ. मैं देसी सेक्स स्टोरीज का बहुत पुराना पाठक हूँ. मैंने सोचा आज आप सबके साथ अपनी कहानी को भी साझा करूँ.

मैं एक दिखने में स्मार्ट लड़का हूँ. मेरी हाइट 5′ 9″ है. मेरे बगल से निकालने वाली लड़की या भाभी मुझे मुड़ कर ना देखे, ऐसा बहुत कम होता है. मेरे लंड का साइज़ 7″ है.

ये बात उस समय की है, जब मैं बी. कॉम. के फाइनल ईयर में था. वैसे तो मुझे कॉलेज में बहुत सी लड़कियां लाइन देती थीं.. पर मुझे तो इंटरेस्ट मीषा में था.. जिसने अभी अभी फर्स्ट ईयर में दाखिला लिया था. उसके पीछे पूरा कॉलेज दीवाना था. हो भी क्यों ना.. वो बहुत ही सुंदर हुस्न की मल्लिका थी. उसका 34-28-36 का फिगर, जो मुझे बाद में पता चला, इतना दिलकश था जो अच्छे अच्छों का मन विचलित कर दे. उसका दूध जैसा गोरा रंग बरबस निगाहों को अपनी तरफ खींच लेता था. जब वो कमर मटका कर चलती थी तो सभी लड़कों की नज़र उसकी थिरकती गांड पर ही होती थी. वो ज्यादातर लूज टीशर्ट और टाइट जीन्स पहन कर आती थी. जिसे देख कर सभी लड़कों के पेंट में तंबू बन जाते थे. मैंने जब से उसे देखा था बस ठान लिया था कि ये तो मेरे नीचे ही लेटेगी. जबकि वो किसी को भी भाव नहीं देती थी.

मैं अपनी क्लास में अच्छे होशियार स्टूडेंट में से एक था.. तो क्लास और कॉलेज में बहुत फेमस था. उस समय कॉलेज में सीजनल एग्जाम स्टार्ट हो रहे थे. मैं ज्यादा से ज्यादा समय क्लास में ही लगाता था.

एक दिन क्लास खत्म होने के बाद मैं अपनी डेस्क पर ही बैठ कर अपना काम निपटा रहा था. क्लास में मैं अकेला ही बैठा था. इतने में बाहर से किसी के अन्दर आने की आहट हुई. तब मैंने नज़रें उठा कर देखा तो मीषा मेरी तरफ आ रही थी लेकिन मैंने उसको जानबूझ कर अनदेखा किया और अपने काम में लग गया.

इतने एक मीठी सी आवाज़ आई- एक्सक्यूज मी!
मैंने सर उठा कर उसकी तरफ देखा. वो हल्की सी मुस्कुराहट के साथ मेरे सामने खड़ी थी.
मैंने उस प्यार से बोला- जी कहिए?
वो बोली- क्या आपका ही नाम मनीष है?
मैं- हां, बोलो.
मीषा- हैलो आई एम मीषा, फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट हूँ.

मैं- ओके.. देन?
मीषा- असल में मुझे सीजनल एग्जाम के लिए फर्स्ट ईयर के नोट्स चाहिए थे. मुझे रिचा दी ने बताया कि वो आपके पास मिल सकते हैं.

रिचा के बारे में आपको बता दूं कि वो मेरी क्लासमेट है.. रिचा बड़ी गर्म लड़की है, कामुकता उसमें कूट कूट कर भरी पड़ी है. और वो अक्सर मुझसे अपनी प्यास बुझवाने के लिए मुझे बुला लेती है. और जब मेरा दिल करे मैं उसे बुला कर उसकी चुत चुदाई कर लेता हूँ. बड़ी मस्त हो कर वो अपनी चूत देती है.
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Published 8:40 AM by with 0 comment

भाई की साली की चुदाई का मजा लिया

भाई की साली की चुदाई का मजा लिया

(Bhai Ki Sali Ki Chudai K Maja)

 मेरा नाम एडी है, मैं 23 साल का हूँ. आपको और ख़ास तौर से लड़कियों को बताना चाहता हूँ कि मैं बचपन से ही थोड़ा कमीना किस्म का रहा हूँ और सेक्स में काफ़ी इंटरेस्ट लेता रहा हूँ. बहुर साल पहले से ही मैंने देसी सेक्स स्टोरीज की गर्म कहानियाँ पढ़ना शुरू कर दिया था और आज तक पढ़ रहा हूँ.
मैं जब जवान हुआ ही था तब से सेक्स के बारे में सोचता आ रहा हूँ लेकिन किस्मत ऎसी कि चूत के दर्शन काफी बाद में हुए.

यह मेरी असली चुदाई की कहानी है, मैं आशा करता हूँ कि मेरी कहानी को पढ़ कर सभी लड़कियों भाभियों और चाचियों की चूत गीली हो जाएगी और लड़कों के लंड भी मुठ मारने पर मजबूर हो जाएंगे.

यह बात जब की है, जब मैं 18 साल का हुआ ही था. मेरे घर में मेरी दी की शादी थी. मेरे घर पर बहुत सारे मेहमान आए हुए थे. उन मेहमानों में मेरे बड़े भाई की साली भी आई थी. उसका नाम सीमा था वो उस टाइम 21 साल की थी और मैरिड थी. सीमा के पति शादी में नहीं आये थे.
सीमा काफी खूबसूरत थी, उसका 34-28-36 का फिगर भी बड़ा लाजवाब था. मैंने कभी नहीं सोचा था कि हम दोनों के बीच में ऐसा भी कभी होगा.

इससे पहले हम लोग नॉर्मली ही बातें किया करते थे, थोड़ी बहुत मस्ती भी हो जाती थी.

अब मैं मेन पॉइंट की बात करता हूँ. ये बात उस रात की है, जब शादी की सभी रस्में संपन्न हो चुकी थी और मेरी दीदी विदा होकर अपनी ससुराल चली गई थीं. दिन की शादी थी तो शाम अन्धेरा होने से पहले ही विदाई हो गई थी.

उसके बाद रात के 12 बजे तक हम सब लोग ऐसे ही मस्ती करते रहे फिर हम लोग भाई के रूम में ही सो गए. भाई और भाभी अपने रूम के बेड पर सो रहे थे और हम दोनों ने नीचे बिस्तर लगाया हुआ था. कुछ देर बाद हम लोग सो गए.

तभी मेरी नींद अचानक खुल गई थी. उस वक्त रात के करीब 2 बजे होंगे. वो मेरे पास में ही लेटी थी, उसने मेरी तरफ करवट ले ली. मैं उसके रसीले होंठों को देखने लगा. पता नहीं क्यों मेरा दिल किया कि उसके होंठों का रस पान कर लूं. फिर मैंने धीरे से उसके होंठों पर किस किया. मुझको लगा कि वो जाग गई है, तो मैं जल्दी से हट गया. हालांकि कुछ नहीं हुआ वो सोई हुई ही थी.
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