Friday, November 17, 2017

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भाभी मेरी जान गोरी-गोरी चूचीयाँ दिखाई

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सूरज है और में जयपुर का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र २२ साल है और ये अभी एक हफ्ते पहले की बात है, में हिंदी सेक्स कहानियां डॉट कॉम कि स्टोरी पढ़कर घर जाने के लिए बस पकड़ रहा था। अब बस आधे घंटे में आने वाली थी, जब दोपहर के 3 बजे थे। अब सेक्स स्टोरी पढ़ने की वजह से में गर्म हुआ था, तो तभी मैंने सामने से एक भाभी को आते हुए देखा, उसकी उम्र लगभग 30 साल होगी। अब में आपको भाभी के बारे में बता देना चाहता हूँ। भाभी की हाईट 5 फुट 8 इंच और भाभी का फिगर साईज 36-32-36 होगा। अब वो मेरे बाजू में आकर खड़ी हो गयी थी। अब में उसके गोल-गोल बूब्स को बार- बार देख रहा था। फिर उसने मुझसे बस के बारे में पूछा तो मैंने कहा कि 15 मिनट में आ जाएगी। अब में उससे बात करके खुश हो गया था।

फिर थोड़ी देर में बस आ गयी, उस बस में बहुत भीड़ थी। फिर भाभी बस में चढ़ गयी और में भी उनके पीछे बस में चढ़ गया। अब बस स्टार्ट हो गयी थी और भाभी की गांड मेरा लंड खड़ा कर रही थी। अब मैंने जहाँ खंबा पकड़ रखा था, वहाँ भाभी के बूब्स मेरे हाथ को लग रहे थे, लेकिन भाभी कुछ नहीं बोली और अपने बूब्स को मेरे हाथों पर और अपनी गांड पर मेरे लंड पर घिस रही थी। अब भाभी भी मेरे साथ मज़े ले रही थी। अब थोड़ी देर के बाद बस का लास्ट स्टॉप आने वाला था तो स्टॉप आते ही में और भाभी उतर गये। फिर भाभी ने एक हल्की सी स्माइल दी, तो में समझ गया और भाभी के पीछे चलने लगा और 5 मिनट तक चलने के बाद में उनके बाजू मे चलने लगा।

फिर मैंने उनसे पूछा कि में अभी आपके घर कॉफी पीने आ सकता हूँ क्या? तो भाभी बोली कि क्यों नहीं? चलो। फिर उनके घर पर जाने के बाद वो मुझे सीधा बेडरूम में ले गई और अपनी साड़ी और पेटीकोट उतार दिया। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी, अब भाभी का गोरा बदन बहुत ही सुंदर लग रहा था। उनकी चूचीयाँ ब्रा के ऊपर ही निकली हुई थी और ब्लेक कलर की छोटी सी पेंटी में उनकी फूली हुई चूत बहुत ही सेक्सी नजर आ रही थी। फिर मुझसे रहा नहीं गया और में उनसे जाकर लिपट गया। फिर मैंने उनका नाम पूछा तो उन्होंने अपना नाम रेशमा बताया। फिर मैंने तुरंत भाभी की दोनों चूचीयों को उनकी ब्रा से आज़ाद किया तो मुझे एकदम से गोरी-गोरी मखन जैसी चूचीयाँ दिखाई दी और उनके दोनों निप्पल काले काले एकदम तने हुए थे। अब में भी पूरा तैयार हो गया था तो मैंने भाभी की पेंटी निकालकर दूर फेंक दी। अब भाभी एकदम नंगी संगमरमर की मूरत जैसे लग रही थी। फिर जब मैंने अपना अंडरवेयर निकाला तो भाभी एकदम दंग रह गयी और बोली कि इतना बड़ा।

अब भाभी मेरा 7 इंच का लंड देखकर खुश हो गयी थी और में भी खुश होकर भाभी पर टूट पड़ा और उसको चूमना चालू किया और चूमते-चूमते मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी, ओूऊऊऊऊऊ क्या आआआआ गजब का टेस्ट था? जैसे किसी ने मुझे शक्कर खिलाई हो। अब में तो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था और अब में आहिस्ता-आहिस्ता उनके बूब्स दबाने लगा था, वाउ क्या बूब्स थे? अब में तो पागल हो गया था और नीचे से मेरा लंड जो कि 7 इंच का होकर झटके खाने लगा था। अब में तो उसको जल्दी-जल्दी चोदना चाहता था, लेकिन अचानक से वो मेरे नीचे बैठ गयी और मेरा खड़ा लंड अपने एक हाथ में लेकर ऊपर नीचे करने लगी। अब मेरी तो जान ही निकल गयी थी, क्या मुलायम हाथ थे उसके? हाँ मज़ा आ गया था। अब वो तो बस मेरे लंड को जोर-जोर से हिला रही थी, अब में तो आसमान की सैर कर रहा था।

फिर थोड़ी देर के बाद मुझे ऐसा लगा कि मेरा पानी निकलने वाला है तो मैंने भाभी से कहा कि भाभी बस करो मेरा पानी निकलने वाला है। फिर भाभी बोली कि रूक जाओ में तुम्हारा पानी अपने मुँह में लेना चाहती हूँ। बस फिर क्या था? भाभी झट से मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। अब मेरी तो जान ही निकलने लगी थी, हूऊऊऊऊओ भाभी क्या कर रही हो? मेरा निकलने वाला है। फिर भाभी और जोर जोर से मेरे लंड को चूसने लगी, तो एक ही झटके में मेरा पानी तूफान मैल की तरह निकल गया। वो नज़ारा ऐसा था कि उसी वक़्त भाभी का मुँह उस झटके के साथ ऊपर उठ गया। फिर भाभी ने मेरा सारा पानी चाट-चाटकर साफ कर दिया और बोली कि तुम्हारा पानी पीकर क्या सुकून मिला है? दिल खुश हो गया। फिर मैंने कहा कि भाभी में भी तुम्हें ऐसा ही मज़ा देना चाहता हूँ। फिर वो बोली कि रोका किसने है? तो में झट से उठकर नीचे बैठ गया और भाभी की साड़ी उतारकर उसकी पेंटी को फाड़कर निकाल दिया। फिर भाभी बोलने लगी कि क्या कर रहे हो? तो मैंने कहा कि भाभी अब मुझे मत रोको नहीं तो में मर जाऊँगा।

फिर मैंने झट से भाभी के दोनों पैरो के बीच में आकर उनके पैरों फैलाकर उनकी चूत को देखा तो में देखता ही रह गया, क्या चूत थी उनकी? गुलाबी चूत में लाल दाना चमक रहा था। अब में तो उनकी चूत को देखकर पागल ही हो गया था। फिर मुझसे रहा नहीं गया तो में झुककर भाभी की चूत को किसी कुत्ते की तहर चाटने लगा, क्या खुशबू थी उनकी चूत की? आह में तो बस उनकी चूत को चाटता ही रह गया था। अब उसकी हालत तो मछली जैसी हो गयी थी और अब वो तड़प रही और कह रही थी कि क्या कर रहे हो? मेरी तो जान जा रही है, ऐसा लगता था कि उसके पति ने कभी उसकी चूत को चूसा ही नहीं था। अब में तो उसको जन्नत का मज़ा देना चाहता था और अब में भी पागलों की तरह चूस रहा था और इतने में वो जोर से झड़ गयी। फिर मेरा पूरा मुँह उसके नमकीन पानी से भर गया, तो मैंने उसका कीमती पानी ख़राब नहीं किया और उसका सारा का सारा पानी पी गया।

अब भाभी बहुत खुश हो गयी और मुझे चूमने लगी और कहने लगी कि हूऊओ राजा क्या चूसा है तुमने? आज तक मेरे पति ने भी नहीं चूसा, क्या चूसते हो तुम? में तो तुम्हारी दीवानी हो गयी हूँ। फिर थोड़ी देर के बाद हम बाथरूम में जाकर नहा धोकर वापस बिस्तर पर आ गये। फिर भाभी ने कहा कि क्या तुम मुझे चोदना चाहते हो? तो मैंने कहा कि अरे भाभी इतना होने के बाद भी आप मुझसे पूछ रही हो, में तो तुम्हें हर दिन चोदना चाहता हूँ। फिर भाभी बोली तो यह बात है तो तुम आज से मुझे भाभी मत कहो, अनिता कहो। फिर मैंने कहा कि ओके अनिता जान, अब तो चुदाई करते है, क्या ख्याल है? तो भाभी बोली कि क्यों नहीं मेरी जान? और फिर अनिता ने मेरा लंड चूसना चालू कर दिया, तो थोड़ी देर में मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर मैंने आव देखा ना ताव सीधा उसके ऊपर चढ़ गया और उसे किस करने लगा और उसके बूब्स दबाने लगा और चूसने लगा। अब वो तो पागल हो रही थी और मेरा लंड अपने हाथ में लेकर खुद ही अपनी चूत पर रगड़ने लगी थी।

अब उससे तो बर्दाश्त करना भी मुश्किल हो रहा था तो भाभी बोली कि अब देर मत करो, तुम्हारा लंड चूत में डाल दो वरना में मर जाऊंगी। फिर में बोला कि नहीं अनिता रानी तुम मर नहीं सकती, एक ही चुदाई से कोई मरता है क्या? तो भाभी बोली कि नहीं राजा तुम्हारा लंड इतना बड़ा है कि मेरी तो चूत ही फाड़ डालेगा, प्लीज अब घुसा दो ना तुम्हारा लंड। फिर मैंने भी उसे तड़पाना छोड़कर अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रखकर एक ही झटका दिया। फिर वो चिल्ला उठी और बोली कि आराम से राजा मेरी क्या जान ही लोगे क्या? तो फिर में आहिस्ता-आहिस्ता अपने लंड से झटके देने लगा, अब उसे दर्द हो रहा था। फिर मैंने उसके मुँह पर अपना मुँह रखा और किस करने लगा और तभी मैंने नीचे से जोर का झटका मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में समा गया। अब उसकी चीख मेरे मुँह में ही दब गयी थी। फिर में उसे कोई मौका दिए बिना चोदता ही गया और में उसे लगभग 30 मिनट तक चोदता रहा और अनिता की चूत में ही झड़ गया। अब वो तो इतनी खुश हो गयी थी कि अभी वो मुझसे चुदती है और हमें जब कभी भी कोई मौका मिलता है तो वो मुझसे चुदे बिना नहीं जाती है ।।
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