Tuesday, December 12, 2017

Published 5:13 AM by with 0 comment

अंकल ने की मेरी रेप

हाय दोस्तों मेरा नाम प्रीती है | मैं गुडगाँव की रहने वाली हूँ | मैं क्या बताऊ आप लोगों को अपने मुंह से खुद की तारीफ नहीं करती | जो मुझे आज तक कॉम्प्लीमेंट मिले है उन्हें आपको बताती हूँ | जब भी मैं ट्रेन बस में सफ़र करती हूँ या फिर पैदल चलती हूँ | तो सब यही कहते हैं कि भाई क्या माल है, इसको देख के तो मेरा लंड खड़ा हो गया है | इसके दूध तो देखो कितने बड़े हैं और इसकी गांड हाय जान ले लेती है | अब क्या बताऊ दोस्तों इतना कुछ कहते हैं, की कभी कभी मेरा मन भी चुदवाने को हो जाता है | पर कहते हैं न की लडकिया घर की इज्जत होती हैं इस वजह से मैं अपनी फीलिंग्स कण्ट्रोल में रखती हूँ | मैं बहुत गोरी हूँ और मेरा फिगर 36-40-48 है |

अब आप लोग अंदाजा लगा सकते हैं की मैं दिखने में कैसी हूँ और तो और थोड़ी बहुत चंचल और नटखट हूँ | मेरे हुस्न को देख को लोग पागल हो जाते हैं और बहुत से लड़के मेरे पीछे पड़े रहते हैं और हमेशा मुझे देख के कभी अपना लंड मसलते रहते हैं और गन्दी गन्दी बातें करते रेह्ते हैं |

मुझे सेक्स की कहानी पढना बहुत पसदं है और मैं घर में रह कर बस यही कर पाती हूँ | यह बात तकरीबन 3 साल पुरानी है जब मैं सी.एस के फर्स्ट इयर में थी | उस टाइम मैंने अपने दोस्तों के साथ हमारे कॉलेज के पास ही एक रूम ले लिया था | इस कमरे में हम 4 दोस्त रहती थीं, तब हमारे बगल वाले रू में कोई नहीं रहता था वो खाली ही रहता था अक्सर |

एक दिन उसमे एक परिवार रहने आया | उस परिवार में एक अंकल थे और उनकी वाइफ थी और दो छोटे बच्चे थे | अंकल दिखने में बहुत हेंडसम थे एक दम गबरू जवान टाइप के थे दिखने में और उनका बदन ऐसा था जैसे कोई पत्थर शरीर हो | वो दिखने में ऐसे थे की लगता ही नहीं था की वो शादीशुदा ओर दो बच्चो के बाप हो | उन अंकल की उम्र कम से कम 35 के आस पास की थी पर लगते थे जैसे 28 के हो |

मेरी अभी उम्र 17 साल की ही थी | उनके इस कदर कामुक दिखने के बावजूद मैंने उनसे चुदवाने का कभी नहीं सोच सकती थी | मगर मेरी एक दोस्त थी जो उनके शरीर पे पागल सी थी वो रोज उनको पटाने के तरीके ढूँढती रहती थी और प्लान बनती रहती थी |

मैं पढाई में अच्छी थी और मेरे पास लंडों की कमी नहीं थी जैसा की मैं आप लोगों को पहले बता चुकी हूँ | इसलिए मैं हमेशा उन अंकल इको नज़रंदाज़ करती रहती थी | धीरे धीरे हम सब आपस में घुल मिल से गए थे और हमारा खाना वहाँ ही बनने लगा |

एक दिन आंटी को कुछ काम से दिल्ली जाना पड़ा | क्यूंकि अंकल की जॉब थी तो उनकी मजबूरी थी को वो नहीं जा सकते थे और ऑफिस से छुट्टी नहीं मिल रही थी |

आंटी ने मेरी एक फ्रेंड को बोल दिया था की तू चल मेरे साथ क्यूंकि तेरा मन न तो पढाई में लगता है और न ही किसी और काम में…. इससे अच्छा तो तू ही चल मेरे साथ | वो मना नहीं कर पाई | उसका फ़ोन बार बार आ रहा था मेरे पास जब वो लोग बस में थे मेरी बात उससे ज्यादा होती थी इसलिए वो मुझसे हर बात शेयर करती थी | तो वो हर बार अंकल का ही जिक्र करते जा रही थी अब क्या बोलू यार दोस्त है इसलिए सुन रही थी नहीं तो मैं तो पक चुकी थी उस बात से | वो हर बार पूछती थी की अंकल कैसे है ब्ला ब्ला ब्ला ………फिर मैंने आवाज़ ना आने का बहाना बनाते हुए फ़ोन काट दिया | उस रात मुझे ठीक से नींद आ रही थी मैं भी अंकल के बारे में सोचने लगी की मेरी दोस्त क्यों पागल है अंकल के पीछे जबकी अंकल तो मुझे भी पसदं है पर मैंने कभी उनके बारे में ऐसा नहीं सोचा था |

मैंने सोचा जा के देखती हूँ अंकल क्या कर रहे थे मेरी बाकी दोस्त सो गयी थी और मैं चुपके चुपके दरवाज़ा खोल के अंकल के रूम की तरफ गयी उस टाइम लगभग 1 बजे के आस पास बज रहे होंगे |

मैं दरवाजे के छेद से छुपके देखा की अंकल के बच्चे बेड पर सो गए हैं और वो एक दम गहरी नींद में थी क्यूंकि अंकल नंगे थे और उनकी गांड मेरी तरफ थी और वो शायद हाथ से कुछ कर रहे थे | मेरा दिल जोर जोर से घबरा रहा था क्यूंकि मैं कोरिडोर में थी और मुझे कोई भी आसानी से देख सकता था पर मैंने भी सोच ही लिया था की अब जो भी है मैं देख के रहूंगी की अंकल क्या कर रहे हैं |

जब अंकल एकदम से मेरे मुड़े तो मैं तो दंग ही रह गयी क्यूंकि अंकल का लंड कुछ नहीं तो 11 इंच लम्बा और 4 इंच तो मोटा होगा ही मेरा दिल बहुत जोर जोर से धड़क रहा था | मै बहुत सेहेम सी गयी थी मैं देखना चाहती थी अंकल अब क्या करेंगे ………और उन्होंने अपने हाथ में थोडा से आयल लेके लंड में लगाया | फिर वो हाथ में लंड लेके उसको हिलाने लगे ….अब मैं भी ये सब देख के जोश में आ चुकी थी और मुझे पता ही नहीं चला की कब मेरे हाथ मेरी बूब्स में चला गए और मैं मदहोश हो के अपने दूध को जोर जोर से मसल रही थी और निप्पल को ऊँगली से दबा रही थी…अचानक से मुझे दरवाजे के खुलने की आवाज़ आई तो मेरा सर अंकल के दरवाजे से टकरा गया |

अंकल भी घबरा गए और मैं उस रात भर बस अंकल के लंड को ही याद कर रही थी और बाथरूम में जा कर अपनी चूत का पानी निकाल रही थी | फिर मैं रूम में आ कर सो गयी मुझे नहीं पता था की मेरी एक फ्रेंड नें एसा कुछ भी देखा था उस समय बस अंकल का लंड का ही चस्का लगा था |

अब बस मैं भी अंकल को पटाने के तरीके ढूँढने लगी ……फिर मैंने प्लान बनाया की अब मैं अंकल को खुद मुझपे टूटने के लिए चाल चलूंगी |

अब मैं डीप गले के सूट पहनने लगी और अंकल के सामने गांड मटका मटका के चलने लगी | अंकल भी समझ चुके थे की मैं उनसे चुदवान चाहती हूँ | एक दिन अंकल ने ऑफिस से छुट्टी ली हुई थी और मेरा मन भी नहीं हो रहा था की मैं कॉलेज जाऊं सो मैं नहीं गयी | मेरी 2 फ्रेंड्स गयी हुई थी | अंकल ने मुझे अपने रूम में बुलाया और मैं नमस्ते करते हुए उनके रूम में गयी हुई थी …मैं सोचा की क्या बात है अचानक अंकल ने मुझे ऐसे क्यों बुलाया क्यूंकि आज तक ऐसे कभी नहीं बुलाया था की …..फिर अंकल ने मुझसे डायरेक्ट ही पूछ लिया की तुम उस रात मेरे कमरे के बाहर क्या कर रही थी | तो मैं डर गयी और अंकल से डरते हुए कहा की अंकल…. क…. क…. कुछ नहीं अंकल मैं…. मैं…. मैं….. तो बस निकल रही थी | तो अंकल ने तुरंत ही मेरा हाथ पकड़ लिया कि मैं झूट बोल रही हूँ…

मैं घबरा गयी की अब मेरा क्या होगा मैं डर डर के अंकल से बात करने लगी तो अंकल ने मुझसे कहा की देखो डरने की बात नहीं है अगर तुम्हारा मन है मुझसे चुदवाने का तो तुम मुझसे चुदवा सकती हो…..देखो मैं एक शादी शुदा मर्द हूँ और मुझे अपनी लिमिट मालूम है | तो तुम्हारी इज्जत से ज्यादा मुझे अपनी इज्जत प्यारी है मैं डर के वहाँ से भाग गयी पर मेरा मन नहीं मन और उसके 2 घटे बाद मैं अंकल के पास गयी और अंकल को समझते देर न लगी और जेसे ही अंकल ने मुझे देखा उनने मेरा हाथ पकड़ के अपनी तरफ खीचा |

मेरे होठ में अपने होठ रख के किस करने लगे और मैं भी उनका साथ देने लगी | क्यूंकि मैं भी अंकल से चुदवाना चाहती थी हम दोनों गरम माहोल में किस कर रहे थे अंकल साथ में मेरे दूध को भी दबाते जा रहे थे हम एक दूसरे को किस करने में इतने लिप्त थे की याद ही नहीं रहा की हम कहाँ है और मेरे फ्रेंड्स भी आने वाले थे और उनके बच्चे भी स्कूल से आने वाले थे फिर हम 5 मिनट बाद अलग हुए और राते में मिलने का प्लान बनाया की रात में अपने काम को अंजाम देंगे | पर मुझे क्या पता था की मेरी फ्रेंड्स मुझे उस राते पार्टी में ले के जाने वाली हैं | उनलोग ने बच्चो को और अंकल को साथ ले जाने का प्लान बना रखा था मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं पता था |
हैल्लो दोस्तों कैसे हैं आप सभी | मैं प्रीति आपके सामने आज फिर हाज़िर हूँ | मैंने आप लोगों को अपने पिछले भाग में बताया की कैसे मैं भी उन अंकल की दीवानी हो गयी थी और उनसे चुदवाना चाह रही थी | पर ऐन टाइम पे मेरी दोस्तों ने आ कर पूरा मज़ा बिगाड़ दिया था और रात में हम लोगों को एक पार्टी में जाना था और अंकल को भी इनवाईट किया था साथ चलने के लिए | अब मैं आपका ज्यादा टाइम न लेते हुए आगे की घटना बताती हूँ |

उस पार्टी वाली रात को मैने एक ब्लू कलर की स्कर्ट पहनी थी और डिज़ाइनर टॉप था वो पहना हुआ था | मैं बहुत सेक्सी दिख रही थी फिर हम अंकल की कार में बैठ के पार्टी के लिए निकल गये रास्ते में कुछ लड़के रोड के किनारे खड़े थे शराब पी रहे थे देखने में वो सब गुंडे मवाली टाइप के दिख रहे थे | अचानक से वो सामने आ गये और अंकल ने गाड़ी रोक दी हम लोग सब बोल रहे थे की अंकल गाड़ी चलाइये पर अंकल नहीं बढ़ा सकते थे क्यूंकि वो सब सामने ही खड़े थे | वो सब नशे में धुत्त थे उन्होंने अंकल को बाहर आने को कहा उन लोग ने हमलोगों को नहीं था क्यूंकि हम लोग पीछे की सीट पर बैठे हुए थे | उन लोग ने अंकल से पैसे मांगे और अंकल ने डर के कारण पैसे दे दिए और कार में बैठे ही थे की उन लोग की नज़र हम लोगों पे पड़ी | हम लोग डर गये | एक लड़के ने मेरी फ्रेंड दिशा की तरफ हाथ बढाया और उसकी कान से बाली खींचने ही वाला था कि अंकल ने कार भगाई वहां से तो उसके हाथ में लग गयी थी चोट |

हमे नहीं पता था की वो लोग हमारा पीछा करके पार्टी तक आ जायंगे | हम लोग सब वहाँ एक दम नोरमल हो कर पहुचे | पार्टी में सब खाना खा रहे थे मिल जुल के और मैं पानी लेने थोडा आगे गयी | वहाँ इतनी भीड़ थी की कोई भी किसी को आसानी से नहीं ढूंढ सकता था | उनमे से एक लड़के ने मेरे मुह पर हाथ रखा और मैं देख भी न पाई वो सारे लड़के मुझे उठा कर ले गये मेरी आँखों में पट्टी बाँध दी थी और हाथ पैर सब बाँध दिए थे | जब मेरी आँखों से पट्टी हटाई गयी तब मैंने खुद को एक कमरे में पाया मुझे नहीं पता था की वो लोग मुझे कहाँ ले के आये हैं | सब मेरे सामने खड़े थे कुछ नहीं तो 6 लड़के थे वो सब मुझे घूरे जा रहे थे और बोल रहे थे की भाई आज तो मजा ही आ जायगा शराब और शबाब दोनों का मजा मिलेगा इतनी मस्त माल है | उस अंकल की गलती की सजा इस लड़की को मिलेगी और सब जोर जोर से हंसने लगे और फिर बाद में उनमे से एक लड़का मेरी तरफ आया मैं चिल्ला भी नहीं पा रही थी क्यूंकि मुह में भी पट्टी बंधी थी | वो मेरे पास आया और मेरे पैरों के पास आ के बैठ गया मैंने अपने पैर सिकोड़ लिए और रोने लगी और कहने लगी की प्लीज मुझे छोड़ दो मुझे जाने दो मैंने तुम लोगों का क्या बिगाड़ा है ? तुम लोग प्लीज मुझे जाने दो और रोने लगी तब वो सारे लड़के मेरे पास आने लगे….. मैं और डरने लगी की अब मेरे साथ क्या होगा मैं और जोर जोर से रोने लगी थी |

फिर मैंने देखा की वो लोग सब तरफ से मुझे घेर के खड़े हो गये और मेरे हाथ पैर और मुह से पट्टी हटाने लगे | मैं थोडा अच्छा फील कर रही थी की चलो इन लोग ने मेरी बाते मानी पर शायद मैं गलत थी | क्यूंकि इन लोगों ने चाक़ू निकाला और मेरे गले में लगा कर केहने लगे की देखो तुम चिल्लाओगी और भागोगी तो बेवजह तुम्हे मरना पड़ेगा तो इससे अच्छा यही है की जो हम करना चाहते हैं हमलोगों को करने दो | इसी में भलाई है और मैं एक दम सुन्न हो कर बैठ गयी और ऐसे ही सुन्न हालत में इन लोगों ने मुझे नंगा कर दिया | एक एक कपडा ऐसे निकाल रहे थे जैसे कोई भूखा शेर अपने शिकार की खाल उतारता है | कुछ ही मिनट में इन लोगों ने मुझे एक दम नंगी कर दिया था |

सब मुझे भूखे शेर की तरह देखे जा रहे थे और मैं चुपचाप ऐसे ही सुन्न बैठी रही | फिर सब बैठ गये और एक लड़का मेरे पास ही खड़ा था मैं इनकी योजना समझ गयी थी की ये एक एक कर के मुझे चोदना चाहते हैं | उसने सबसे पहले मेरे बाल संवारे और गाल में एक किस की और मुझे तुरंत ही होश आया और मेरी आँखों से आंसू बहने लगे फिर वो मेरे हाँथ सहलाते हुए मेरे लिप्स पर अपने होंठ रख के किस करने लगा उसके मुंह से गन्दी सी दारू की महक आ रही थी | मुझे बहुत गन्दा लग रहा था पर मैं एक लाचार लडकी थी उस समय फिर उसने मेरे दूध पीना चालू किया तो मैं भी गरम होने लगी थी और मेरी चूत भी गीली होंने लगी थी | फिर मेरे दूध पीने के बाद उसने मेरी जांघे चाटी और फिर मेरी चूत को खोल के देखा तो मेरी चूत गीली दिखी तो वो अपने दोस्तों को बोलता है भाई लोगों टेंशन लेने की जरुरत नहीं है ये भी चुदासी है इसकी चूत गीली हो गयी है अब आराम से चुद्वायेगी | इतना कह कर उसने मेरी चूत पर जीभ रखी और मेरे मुंह से आआह्ह्ह्ह की आवाज़ निकल गयी तो वो भी समझ गया की मुझे अच्छा लगा | फिर वो मेरी चूत चाट रहा था और मैं ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ.. उऊंन्ह्ह अआः हाहहः अहाहाहा आहा आऔऊन्न्न्ह ऊन्न्हा कर रही थी | मेरी मुंह से निकली आवाज़ सुन कर वो भी जोश में आ गया था और जोर जोर से अपनी जीभ मेरी चूत में रगड़ रहा था | फिर उसने अपने कपडे उतारे और उसका लंड सांप की तरह फनफना के निकल आया उसका लंड ज्यादा बड़ा नहीं था अंकल की अपेक्षा उसका लंड बहुत ही छोटा था फिर उसने मुझे चूसने के लिए कहा मैंने न तो हां कर सकती थी और न ही ना कर सकती थी | मैं कुछ नहीं बोली और उसने अपना लंड मेरे मुंह में घुसा दिया और मेरे मुह को चोदने लगा |

कुछ देर ऐसे ही मेरे मुह को चोदने के बाद उसने मेरी टाँगे उठाई और अपने कंधे में रख लीं और अपना लंड मेरी चूत में रख कर एक जोरदार धक्का मारा मेरी चूत गीली थी इसलिए उसका लंड आसानी से मेरी चूत में फिसल गया और वो मुझे चोदने लगा और मेरे मुंह से अआः आआहहः आआअहा आआअह्ह्ह आआहा आआः की आवाजे आ रही थी | फिर उसमे से एक और लड़का आया और वो मेरे दूध को मसाला रहा था और पहले वाला तो चुदाई में मगन था और मैं बस अआः आआहहह अहाआः आआआहहह अहाआअहहह अहहः करते जा रही थी | अब मुझे भी मजा आने लगा था और मैं खुद बोल उठी तेरे लंड में दम नहीं है क्या ? कैसा मरा मरा सा चोद रहा है मेरे मुह से ये सुन कर सब चौंक गये की इसने ऐसा कैसे बोल दिया | फिर उस लड़के ने कहा मादरचोद रंडी रुक चोदता हूँ | बस इतना बोल के वो 2 मिनट में ही झड गया | सब लोग उस पर हंसने लगे वो मायूस हो कर किनारे जा कर बैठ गया और दारू पीने लगा | फिर दो और आये वो भी बारी बारी से अपना लंड चुसवा रहे थे | अब मैं भी खुल चुकी थी तो मैं तैयार थी सबसे चुदवाने के लिए | तभी दूसरा बंदा मेरी चूत चोदने लगा और मैं बाकियों के लंड बारी बारी से चूसे जा रही थी…….सभी के लंड अंकल की तुलना में कोई ख़ास बड़े नहीं थे इसलिए मुझे उतनी दिक्कत नहीं हो रही थी | जो भी वहां मौजूद लड़के मुझे चोद रहे थे मैं बस यही सोचा रही थी कि अंकल चोद रहे हैं मुझे |

बारी बारी से सब मुझे चोद रहे थे और मैं बस चुदवा रही थी और अआः आआअहहहह आआअहाह्ह ऊउन्न्ह आअहौऊम ऊउम्मम्म ऊउन्न अआः हहहहः और चोदो और चोदो और जोर से चोदो अआः आअहहह अहहहौउऔन्न्न्ह आऔउआनन्हब अहहहः करे जा रही थी | जब सब चुदाई करके थक जाते तो वो दारू पीने चले जाते फिर पी के मुझे चोदने आ जाते सारे लड़कों ने मुझे कम से कम तीन बार चोदा था और मेरा पूरा शारीर उनके वीर्य से सना हुआ था मुझे बहुत चिपचिपा चिपचिपा सा लग रहा था पर मैं कर भी क्या सकती थी | सब वहीँ ही नशे में चूर हो कर सो गये | फिर मैं मौके का फायदा उठा कर वहां से भाग निकली और सुनसान सड़क में पहुंची एक आंटी और उनका परिवार वहां मुझे मिल गया था तो उनने मेरी मदद की और मुझे घर तक छोड़ा | मैंने किसी से कुछ नहीं बताया क्यूंकि बदनामी मेरी ही होती |
मैं अब घर आ चुकी थी मैंने अपने रूम मेट के साथ ऐसा कुछ बीहेव नहीं किया जिससे उनको लगे कि मेरे साथ रेप हुआ है | फिर भी सब मुझसे पूछ रहे थे की तू उस रात कहाँ चली गयी थी हम लोग पागल हो गये थे तुझे ढूंढ ढूंढ के | हमने ने सारी रात तुझे ढूँढा तेरा कोई अता पता नहीं था क्या तुझे ज़रा भी चिंता नहीं थी की हमलोगों का क्या हाल हुआ होगा हम सभी कितना डर गये थे | वेसे ही वो लडको का सामना किया और फिर तेरा ऐसा गुम होना | बोलो न क्या हुआ कुछ बताय्गी भी या नहीं ? मैंने कुछ नहीं कहा मुझसे सब पूछते रहे और मैं कुछ न बोली | फिर उसके बाद मैं जा कर सो गयी और मैंने मन में सोचा की अगर मैं किसी को कुछ नहीं बोलूंगी तो सब शक करेंगे तो इससे बेहतर यही है की मैं कोई भी बहाना बता दूं | फिर मेरी नींद लग गयी थी | मैं सो कर उठी और एक दम नार्मल हो के मैंने कहा अबे प्रियंका चाय शाये पिला बे रात भर सोयी नहीं थी अब जा कर मेरी नींद पूरी हुई | तबाही उसने मुझसे पूछा की तू थी कहाँ रात भर तो मैंने उससे कहा की मैंने तुम सब से एक बात छुपा रखी थी की मेरा बीऍफ़ है | मुझे कल मौका मिला था उससे मिलने का तो मैं तुमलोगों को बिना बताये वहां से निकल गयी थी सॉरी यार फ्रेंड्स अब मैं ऐसा कुछ नहीं करुँगी | तब जा कर सब नार्मल हुए |

दो दिन ऐसे ही बीतने के बाद मैं फिर अंकल की तरफ आकर्षित होने लगी | मैं अब अंकल के प्यार में दीवानी हो चुकी थी | मैं चुद तो चुकी थी इसलिए मुझे अब डर नहीं था किस भी बात का मैं बस अब अंकल से चुदवाना चाह रही थी पर दो दिन की छुट्टी पड़ गयी थी कॉलेज की तो मेरी फ्रेंड्स कॉलेज नहीं जा रही थी तो मैंने प्लान बनाया की अंकल से रात में चुदवाना ही बेहतर होगा | फिर मैं प्लानिंग करने लगी | रात में मैं अंकल के रूम करीब रात के 1:30 गयी और दरवाजे के छेद से झाँक रही थी की अंकल क्या कर रहे हैं मैंने देखा की अंकल फिर अपना लंड हाथ में ले के मुठ मार रहे हैं | मुझे ये सब देख के कुछ कुछ होने लगा था मेरा हाथ अपने आप मेरे दूध में चला गया था और मैं अपने दूध को जोर जोर से मसलने लगी | मेरा मन तो ऐसा हो रहा था की तुरंत दरवाज़ा खोल के अन्दर चली जाऊं और अंकल लंड अपनी चूत में डाल के खूब चुदवाऊ | पर ऐसा कर नहीं सकती थी क्यूंकि अंकल के बच्चे जाग गये तो आफत हो जायगी | इसलिए मैंने अगले दिन तक का वेट किया क्यूंकि कॉलेज की दो दिन की छुट्टिया भी ख़त्म हो जाती और अंकल के ऑफिस से आने का वेट करने लगी |

अगले दिन जब अंकल आये तो मैंने अंकल को अपने पास बुला लिया और उनके गले लग कर कहने लगीं की आई लव यू मुझे आपसे प्यार है और मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ | मैं आपके साथ सेक्स करना चाहती हूँ और इतना बोल के अंकल को गले लगा कर खूब किस करने लगी और अंकल भी मेरा साथ देने लगे | कुछ देर ऐसे ही किस करने के बाद अंकल मुझे दूर किया और कहा की अभी ये वक़्त सही नहीं है रात को तुम 12 बजे मेरे रूम आ जाना | फिर मैंने कहा की आप के बच्चे वो भी तो होंगे न घर पर फिर मैं कैसे आ पाऊँगी | तब उनने कहा की तुम टेंशन मत लो बस तुम 12 बजे आ जाना रूम पर दरवाज़ा खुला रहेगा तुम बिना नॉक किये अन्दर आ जाना | मैंने कहा ओके और एक किस कर के अपने रूम आ गयी और अंकल अपने रूम चले गये | मैं बस रात का ही इंतजार कर रही थी ओर इस दौरान मैं २ बार अपनी चूत सहला कर चूत का पानी निकला | मैं थक गयी थी तो मैं सो गयी मेरी शाम के समय नींद खुली तो मैंने देखा कि यह लोग आज भी किसी पार्टी में जाने की बात कर रहे थे इन लोगों ने मुझसे कहा की तू चलेगी क्या मैंने मना कर दिया था और बहाना बना दिया था की मुझे ठीक नहीं लग रहा है तो तुम लोग एन्जॉय करो पार्टी |

उनके जाने के बाद मैं 12 बजे का इंतजार करने लगी जैसे ही 12 बजे मैं तुरंत अपने रूम से निकल कर अंकल के रूम की तरफ चल दी | डर किसी का था नहीं क्यूंकि मेरी फ्रेंड्स सब पार्टी में चली गयी थी बस डर था तो अंकल के बच्चो का | मैं अंकल रूम पर पहुंची वहां मैंने देखा की अंकल के रूम का दरवाजा खुला था मैं धीरे से अन्दर गई अंकल ने मुझे अपनी बाँहों में भर लिया मैंने अंकल से कहा की मेरे रूम पर कोई नहीं है | अगर प्यार ही करना है तो क्यूँ न मेरे रूम में चले तब अंकल ने पूछा की कहा गये सब तब मैंने कहा की पार्टी में गये हैं | तब अंकल कुछ नही बोले और बहुत खुश हुए | मैं अपने रूम की तरफ गांड मटका मटका के जा रही थी और अंकल दरवाजा धीरे से बंद करके मेरे रूम में आ गये और मुझे बांहों में भर के किस करने लगे और मेरे होंठो को चाट रहे थे | मैं भी उनके होठ को किस करके चाट रही थी फिर वो मेरा गाउन उतार कर मेरे उभारो को चूस रहे थे और मैं उनका लंड बाहर से ही सहला रही थी | अंकल के दूध चूसने से मेरी चूत गीली होने लगी थी और अब मुझसे रहा नही जा रहा था मैंने अंकल से कहा की बस अब मुझे चोद दो मैं बहुत उतावली हूँ आपका लंड लेने को |

फिर अंकल ने कहा जान इतनी भी क्या जल्दी है अभी तो कहानी चालू ही हुई है | इतना कह कर अंकल ने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरी टाँगे खोल के चूत चाटने लगे मेरे मुंह से आआह्ह्ह अहहहः हहहहः ह्ह्हाब औऊउन्न्ह आहाहाहा की आवाज़े आ रही थी जो अंकल का जोश बढ़ा रही थी | अंकल जोर जोर से मेरी चूत चाटे जा रहे थे मुझे बहुत मजा आ रहा थी और मैं अंकल का सर पकड़ के अपनी चूत में दबा रही थी | फिर अंकल ने शहद से मेरी चूत को भर दिया और उसके बाद वो चाट रहे थे पूरे शहद को | मुझे बहुत मजा आ रहा था | मुझे तो लग रहा था जैसे मैं सातवे आस्मां में उड़ रही हूँ | फिर उसके बाद अंकल ने अपना लंड निकला अपने निक्कर से और मुझे चूसने को कहा | मैंने भी झट से अंकल का लंड अपने हाथ में लिया और मुंह में भर के चूसने लगी | अंकल भी आआहहह हहहहः हहहाहः अहहहहः हहहहः कर रहे थे और मैं अंकल का लंड मजे से लोलीपोप की तरह चूस रही थी | अंकल का लंड किसी गरम सरिया जैसे था एक दम हार्ड था | लंड मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रही था अंकल का लंड चूसने में | फिर अंकल ने मुझे लेटा दिया और मेरी चूत में थूक कर उसमे लंड रगड़ने लगे और उसके बाद उन्होंने अपना लंड मेरी योनी के द्वार पर रख एक जोरदार झटका मारा | मेरी तो सांसे ही रुक गयी थी | मैं जोर से आआआअह करके के चीखी | अंकल के लंड का वार ऐसे था जैसे किसी ने मेरी चूत में गरम सरिया डाल दिया | एक तो अंकल बड़ा लंड था फिर अंकल के लगातार झटके से मुझे भी मजा आने लगा था | मैं भी आहाहहः अहहहहब ऊऊन्न्ह्ह आआऊउन्ह आहाहहः अहहहः अहहहः उऊंनंह करके अपनी चूत की चुदाई करवा रही थी | मैं अब बताऊँ दोस्तों अंकल के लंड में असली जान थी | चुदाई दौरान मैं ३ बार झड़ चुकी थी और अंकल अभी तक एक बार भी नहीं झड़े थे | अंकल की धुआंधार चुदाई देख के तो हर किसी का मन उनसे ही चुदवाने का हो जाये | आखिर अंकल लंड 12 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा जो था |

उसके 15 मिनट बाद अंकल ने अपना वीर्य मेरे दूध में निकाल दिया और हम दोनों आजू बाजु लेट गये | फिर थोड़ी देर बाद मैंने फिर अंकल के लंड को खड़ा कर कर दिया और फिर अंकल ने मुझे 1 घंटे तक चोदा था | मुझे अंकल से प्यार हो गया था आखिर क्यूँ न हो वो एक विशालकाय लंड के मालिक जो थे | अब तो ऐसा हो गया की जब भी आंटी जाती तो मैं उनसे चुद्वाती | एक दिन मेरी दोस्तों ने मुझे पकड़ लिया था उनसे चुद्वाते हुए फिर वो भी अंकल से चुदवाने लगी | अब जब भी जिसको भी मौका मिलता हमलोग उनसे चुदवा लेती और अपनी चूत की प्यास बुझा लेती थी | दोस्तों ये थी मेरी आप बीती उम्मीद है आप लोगों को पसंद आई होगी |
      edit

0 comments:

Post a Comment