Wednesday, December 13, 2017

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पैसे के बजह से रंडी बन गयी

मैं आकाश हूँ और मैं गोरखपुर जिले का रहने वाला हूँ | मैं स्कूल टाइम से ही बहुत बिगड़ गया था और मुझे मेरे दोस्तों ने पैसे का लालच देकर मुझे सट्टे की दुनिया में डाल दिया था | ये उन दिनों की बात है जब मैं 11 वी कक्षा का छात्र था और मैं पढाई में सामान्य था न कोई अच्छा था न कोई बुरा था मैं पढाई में | मैंने नवम्बर में नयी पल्सर गई खरीदा था और मैं स्कूल कम जा कर गोल ज्यादा मारा करता था और इसी वजह से मेरा रिजल्ट बिगड़ चुका था | फिर मैंने सोचा की अब 12 वी में अच्छे से पढूंगा और अच्छे नंबर से पास होऊंगा | पर मेरी किस्मत को कुछ और ही मंजूर था | मैं शुरू से ही पैसे के पीछे ही भागता रहता था और ये बात मेरे दोस्तों को बहुत अच्छे से पता थी | इसलिए उन्होंने मुझे पैसे का लालच देकर सट्टा खेलने पर मजबूर किया | मैं भी मना नहीं कर पाया क्यूंकि मुझे पैसे से बहुत प्यार था और अब भी है |

मैं पहली बार जब सट्टा खेला था तब मैंने 20000 रूपए जीते थे और खूब पैसे उडाये थे पर मुझे क्या पता था की आगे मेरी कहानी ऐसी पलटेगी की मैं गिगोलो बन जाऊंगा | मैं सट्टे में बहुत बुरी तरह हार गया था और जैसे तैसे रो धो के मैंने अपनी गाडी छुड़ाई और पैसे ब्याज सहित देने का वादा किया क्यूंकि वो जिनके यहाँ मैं सट्टा खेलता था वो बहुत खतरनाक लोग थे | इसलिए मैं बुरी दुनिया में उतर चुका था अब मेरे पास कोई और चारा न था उनके पैसे चुकाने का और मेरा 12 वी का रिजल्ट इतना बुरा आया था की पापा नें मेरी पढाई छुडवा दी थी अब मैं एक दम लाचार हो गया था कि अब मैं क्या करूं ?

फिर मेरे दिमाग में एक ख्याल आया की क्यूँ न मैं कुछ ऐसा काम काम करू जिससे मुझको पैसे मिले तो मैंने बुरे काम करना चालू कर दिया | मैं फिर कमीशन बेस पर दारू सप्लाई किया करता था और उसमे से मुझे उतना मुनाफा नहीं हुआ करता था तो मैंने सोचा की ये काम जारी रखते हुए क्यूँ न मैं और भी काम करू | फिर मैंने गंजा, अफीम, ये सब बेचना चालू कर दिया था | मेरे पास जैसे ही पैसा आता मैं कुछ खर्चे के लिए बचा कर बाकी पैसे सट्टे वाले को दे देता था | फिर मैंने लिंक ऐसा बनाया की मैं लड़कियां सप्लाई करता था और उनसे पैसे कमाता था उस जगह का नाम बेल्बाग था और उनको कस्टमर ला ला कर देता था | उनका धंधा भी अच्छा चलता था और मेरा काम भी चलता था फिर मैंने २ साल में अपना पूरा कर्ज ब्याज सहित उतार दिया था | फिर मैंने सारे काम बंद कर दिए थे | उसके बाद मैंने अपनी एक स्कूल की टीचर से बात शुरू की फेसबुक में वो बहुत अच्छी थी मुझे पढाई के लिए अक्सर बोला करती थी पर उसे मेरी मजबूरी नहीं पता थी | फिर ऐसे ही कुछ महीने तक बात चलती रही | उसके दो बच्चे हैं एक बड़ा लड़का है और छोटी लड़की है दोनों ही एक साथ पढ़ते हैं और वो दुसरे स्कूल में टीचर है | उनसे एक दिन मिलने गया उन्होंने बहुत अछे से मुझसे बात की पर मुझे नहीं पता था की उनके मन में क्या है |

फिर एक दिन उन्होंने मुझे अपने घर में बुलाया सन्डे के दिन उसके घर में कोई नहीं था सिवाये उसकी बेटी के | मैं मिलने गया था उनने ब्लू कलर की साडी पहनी हुई थी वेसे बोलना तो नहीं चाहिए पर काफी खूबसूरत लग रही थी और उसके दूध हाय उसके दूध इतने बड़े थे की क्या बताऊ | जैसे कोई बड़े आम हो और उसकी गांड भी इतनी मस्त थी की क्या बताऊ | देख के ही मेरा लंड खड़ा हो गया था मेरा तो | तब हमारे बीच खुल के बात हुई |

मैंने पुछा की आप ने मुझे घर क्यूँ बुलाया ? मैंने तो बस तुम्हे मिलने के लिए बुलाया था |

अच्छा और अभी आप क्या कर रहे हो ? कुछ नहीं बस बेटी को पढ़ा रही थी फ्री हुई तो सोचा तुम्हे बुला लूं ?

मैंने कहा अच्छा बाकि सब कहा गए हैं ? सब तो मूवी देखने गये हैं |

अच्छा आप क्यों नहीं गयी ?

उसने कहा की मुझे मूवी देखना पसंद नहीं है | हम्म करके फिर ऐसे ही नार्मल बात होने लगी थी

फिर उन्होंने कहा की मुझे तुमसे कुछ कहना है |मैंने कहा बोलिए न आपको क्या कहना है ? उसने कहा की मैं तुमसे प्यार करती हूँ तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो स्मार्ट हो फिटनेस भी काफी अच्छी है तुम मुझे बहुत ज्यादा पसंद हो | तब मैंने कहा की आप तो शादी शुदा हो फिर ये सब कैसे आप के बच्चे | उन्होंने कहा की बच्चे तो हैं पर मेरे पति का लंड बहुत छोटा है और वो मुझे संतुस्ट नहीं कर पाते मेरी चूत प्यासी रह जाती है | मेरी अन्तर्वासना अन्दर ही घुट घुट के मर रही है | मुझे तुम्हारा प्यार चाहिए क्या तुम मुझे अपना प्यार दे सकते हो | मैंने भी कहा हाँ क्यूँ नहीं | उसकी बेटी अन्दर कमरे में बार्बी डॉल के साथ खेल रही थी तो वो मुझे ऊपर वाले कमरे में ले गयी और वहां हम किसिंग करने लगे | बस मैं उसके दूध दबाने ही वाला था मी उसकी बेटी ने आवाज़ लगाईं और हम दोनों अलग हुए | फिर मैं घर आ गया और हम फ़ोन में बात करने लगे कि आज मौका था पर कुछ कर नहीं कर पाए | उसके बाद काफी टाइम तक मौका नहीं मिल रहा था बस कभी कभी कहीं सुनसान जगह पर किस कर लिया करते थे | ऐसे ही कुछ कट रहा था कि कुछ समय बाद गर्मियों की छुटियाँ पड़ गयी तब मिलना जुलना बंद हो गया था | फिर उसने कहा की स्कूल की त्तरफ से मीटिंग में जाना है| और उसके बाद हम दोनों ने फैसला किया कि हम साथ जाएँगे | मैंने मैडम से कहा कि आप अपनी तैयारी कार्लो मुझे थोडा बैंक जाना है | उन्होंने पूछा क्यों तो मैंने कहा कि पैसे निकाल लूँ |

फिर मैं बैंक अ गया और मेरे पास पैसे थोड़े कम थे तो मैंने सोचा क्यों न मैडम से मदद ले लूँ फिर तो वापस कर ही देना है | मैंने मैडम ये सारी चीजें बता दी और उन्होंने मेरी मदद कर दी | अब सबसे मुश्किल चेज़ हम दोनों के बीच में यह थी कि रिजर्वेशन हो चुका था पर मेरे पापा मान नहीं रहे थे | तो मैंने मैडम से कहा कि आप अगर एक बार घर आकर समझा देंगी तो बहुत अच्छा होगा | वो भी मेरी बात मान गयी और मेरे घर पर आकर मेरे माँ बाप को सब समझा दिया | इतने में ही मैंने देखा कि मैंने पैकिंग तो कि नहीं है और मैंने मैडम से कहा चलिए मैं आपको चोद देता हूँ बाकी हम बाद में देख लेंगे | मैंने मैडम को स्कूल टक छोड़ दिया और वापस आ गया | फिर उसके बाद मैडम ने कहा कि तुम सब रख लेना क्यूंकि मैं बिजी रहूंगी तीन दिन तक |

मैंने भी कह दिया हाँ ठीक है मैं देख लूँगा सब और इतना कहकर वापस आ गया और पैकिंग करना शुरू कर दिया | उसके बाद हम दोनों स्टेशन पर मिले और बातें कि फिर ट्रेन में बैठ गए | रात हुयी तो मुझे लगा कि में मैडम को चोद दूँ पर सिर्फ किस ही कर पाया क्यूंकि सब सामने ही सो रहे थे | उसके बाद मैंने मौका देखकर उनके दूध तो दबा ही लिए थे और मुठ भी मार चुका था | अगले दिन हमलोग वहां पहुँच गए और वह पे पहले से ही इंतज़ाम था रुकने का | मैडम मीटिंग में थी और मैं रूम में पर उनका दिल न लगा और वो मीटिंग चोद के आगयी | मैंने भी कुछ नहीं सोचा और उसको नंगा किया और सीधा उसके दूध को पीने लगा | पीते पीते मैंने देखा कि उसके निप्पल तन गए है और वो उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म आअह्ह्ह्ह ऊओह्हह्ह और करो न कह रही है | मैं उसके नाभि और पेट पे सहला रहा था फिर मैंने उसे भी चाटना शुरू कर दिया | धीरे धीरे मैं उनकी पेंटी कि तरफ गया और उसे उतार दिया |

बालों से भरी चूत को देख कर मेरा मन फिसल गया क्यूंकि जो महक आती है वो मुझे पागल कर देती है | मैंने उसकी चूत को मुह से लगा लिया और सारे बाल भी चांटने लगा | वो भी मादक आवाज़े निकाल रही थी | उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म ऊओह्हह्ह अपना लंड डालो न | मैंने भी दे मारा उसकी ढीली चूत में अपना लंड और वो भी मज़े में चुदवा रही थी | उसे मैंने बोहत देर तक चोदा और तीन दिन बस हमने चुदाई कि | मैंने उसे घोड़ी, कुतिया सब बना के चोदा और गांड भी मारी | अब वो मेरी दीवानी है और मुझे चुदाई के पैसे भी देती है | दोस्तों आपको मेरी कहानी कैसी लगी कमेंट में जरुर बताइयेगा | तब तक के लिए अलविदा |
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