Sunday, January 7, 2018

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मुह बोली बहन की झांट वाला बुर 1

हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सभी लोग ? मैं आशा करता हूँ की आप सभी ठीक ही होगे | आप सभी लोग चुदाई का मज़ा तो ले ही रहे होगे या चुदाई के लिए आप लोगो के पास टाइम नही है | मैं आशा करता हूँ की आप सभी लोग चुदाई का पूरा मज़ा ले रहे होंगे | मैं आप लोगो को अपने बारे में बता देता हूँ | मेरा नाम अनुज है | मैं रहने वाला कानपूर का हूँ | मेरी उम्र 28 साल हैं और मेरी पढाई पूरी हो चुकी है इसलिए में घर पर ही रहता हूँ | मैं दिखने में काफी गोरा हूँ और मैं जिम भी जाता हूँ इसलिए मेरी बॉडी भी ठीक ठाक है तो मैं स्मार्ट भी लगता हूँ | मेरी हाईट 6 फुट 2 इंच है | मेरे लंड का साइज़ 6 इंच लम्बा और मोटा 3 इंच है | मैं अपने मम्मी और पापा की इकलोती संतान हूँ | मैं काफी अरसे से सेक्सी कहानियाँ पढता आ रहा हूँ मुझे वो कहानियाँ पढनी बहुत अच्छी लगती है जो बहन और भाई वाली होती है | मैं सेक्सी कहानी पढ़ कर मुठ भी मार लेता था | ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना | ये मेरी पहली कहानी है तो आप सभी लोगो को इसमें गलती भी नज़र आ सकती हैं अगर आप लोगो को इसमें गलती नज़र आती है तो मुझे माफ़ करना | मैं आशा करता हूँ की आप सभी लोगो को मेरी कहानी पसंद आयेगी और कहानी को पढ़ाने में मज़ा भी आयेगा | मैं आप लोगो का ज्यादा समय न लेते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ |

ये कहानी कुछ दिन पहले की है | मैं आप सभी लोगो को अपनी बहन के बारे में बता देता हूँ | मेरी बहन का नाम सुनीता है | मेरी बहन दिखने में दूध की तरह गोरी है और उसका मस्त सेक्सी फिगर है | उसके बड़े बड़े बूब्स उसकी पतली कमर और बड़ी चौड़ी गांड है जिसको देख कर किसी की भी नियत ख़राब हो जाये | उसकी उम्र 19 साल है और वो दिल्ली में पढाई करती है और वहीँ हॉस्टल में रहती है | कुछ दिन बाद की बात है जब उसके कॉलेज में छोट्टी हो गयी थी | तो उसकी सब सहेलियाँ अपने घर चली गई थी | तो वो भी चाचा के पास फ़ोन करके बोली की पापा मुझे भी घर आना है | तब चाचा ने मुझसे कहा तुम जाके ले आओ | तब मैं वहां से निकल लिया और मुझे दिल्ली आने तक बहुत टाइम हो गया | जब मैं दिल्ली पंहुचा तो फिर उसके कॉलेज गया तो उसकी सारी सहेलियाँ जा चुकी थी सिर्फ़ उसकी एक सहेली थी | वो भी दिखने में बहुत स्मार्ट थी | फिर मैं उसका समन गाड़ी में रख कर बैठने को कहा और वो दोनों बैठ गयी | फिर सुनीता ने कहा पहले इसको घर तब छोड़ दो | तब मैं उसको पीलीभीत तक छोड़ने गया और रात काफी हो गयी थी | तो उसकी सहेली ने कहा की आज रुक जाओ और सुबह निकलना | तो मैंने कहा नही कार से हैं आराम से निकल जायेंगे | फिर मैं उसकी सहेली को छोड़ कर निकाल पड़ा और मैं थोड़ी ही दूर निकला था की कार खराब हो गयी | फिर मैंने कार को किनारे में लगा कर वहीँ पर एक मिस्त्री से कार को बनाने के लिए बोला दिया और बता दिया जेसे ही कार बन जाये मुझे इस नम्बर पर कॉल कर देना | मैं पास के होटल में रूम लेकर रूक गया और फिर मैंने खाने के लिए ऑडर किया | कुछ ही देर में खाना आ गया और हमने खाना खा कर लेट गए |

मैं उसको अपने पास लेते देख कर मुझे अपने आप पर कन्ट्रोल नही हुआ तो मैं उसकी जांघों को सहलाने लगा | तो वो मेरी और देख कर हँसने लगी | मैं उसकी जांघों को सहलाते हुए उसके कान पर किस करते हुए उसकी गर्दन पर किस करने लगा | मैं उसको कुछ देर तक ऐसे ही किस करता रहा और वो मेरे सीने पर किस करने लगी | फिर मैं उसकी गर्दन से किस करते हुए उसके बूब्स पर किस करते हुए उसके पेट पर किस करने लगा | मैं उसको कुछ देर तक ऐसे ही किस करता रहा और कुछ देर में ही वो गर्म हो गयी | वो मेरे लंड को पेंट के ऊपर से मसलने लगी | फिर मैंने उसकी होठो पर अपने होठो को रख कर उसकी होठो को चूसने लगा | वो भी मेरा साथ देती हुई मेरे होठो को चूसने लगी | मैं उसकी होठो को चूसता रहा कुछ देर तक होठो को चूसने के बाद में उसकी बूब्स को कपडे के ऊपर से दबाने लगा | मैं उसके बूब्स को दबाते हुए उसके कपडे निकाल दिए और वो कुछ ही देर में मेरे सामने ब्रा और पेंटी में आ गयी और मैं उसके एक दूध को पकड कर उसके ब्रा के ऊपर से दबाते हुए उसके दूध को मुंह से चूसने लगा | मैं उसके दूध को ब्रा के ऊपर से चूसने लगा | तो वो अपने मुंह से सिसिकियाँ लेने लगी | कुछ देर तक ऐसे ही चूसते हुए उसका ब्रा खोल दिया और उसके एक दूध को मुंह में रख कर जोर जोर से चूसने लगा | मैं उसके बूब्स को मुंह में रख कर एक एक करके चूसने लगा | मैं उसके दूध को कुछ देर तक ऐसे ही एक एक करके चूसता रहा फिर मैंने उसकी पेंटी को निकाल कर उसकी चूत में अपने मुंह को घुसा कर उसकी चूत में जीभ को घुसा कर चाटने लगा | तू उसके मुंह से उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह फफफफ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह करती हुई चूत को सहलने लगी | मैं उसकी चूत में अपनी जीभ को घुसा कर अन्दर बाहर करने लगा | वो अपने बूब्स को मसलने लगी और साथ में से उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह फफफफ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह उह्ह्ह्ह उफ़ अह्ह्ह करने लगी |

मैं उसकी चूत में जीभ को घुसा कर अन्दर बाहर करते हुए उसकी चूत में अपनी ऊँगली को घुसा दिया जिससे उसके मुंह से से उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह फफफफ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह की सिसिकियाँ निकल गयी | मैं उसकी चूत में अपनी ऊँगली को अन्दर बाहर करते हुए उसको चोदने लगा | मैं उसको चूत में ऊँगली को जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा | वो अपने मुंह से हलकी हलकी आवाज में से उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह फफफफ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ करने लगी | मैं उसकी चूत में कुछ देर तक ऐसे ही ऊँगली क अन्दर बाहर करता रहा | फिर मैंने अपने कपडे निकाल दिए और वो मेरे लंड को अपने हाथ में पकड कर हिलाती हुई अपने मुंह में रख कर चूसने लगी | वो एरे लंड को मुंह में अन्दर बाहर करती हुई चूसने लगी तो मेरे मुंह से हलकी हलकी आवाज में सिसिकियाँ निकल गयी | वो मेरे लंड को मुंह में रख कर चूसने लगी थी | मैंने अपने लंड को चुसाने लगा | वो मेरे लंड को मुंह में अन्दर बाहर करती हुई चूस रही थी | मैं उसके सर को पकड कर उसके मुंह में धक्के मारने लगा और अन्दर बाहर करते हुए उसके मुंह को चोदने लगा | मैं कुछ देर तक ऐसे ही उसके मुंह के चोदने के बाद उसकी टांगो को थोडा सा फेला कर उसकी छत में लंड को घुसा कर उसको चोदने लगा | तो उसके मुंह से धीमी धीमी आवाज में से उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह फफफफ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह करने लगी | मैं उसकी चूत में अपने लंड क अन्दर बाहर करते हुए उसको चोदने लगा | वो अपने बूब्स को मसलती हुई से उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह फफफफ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह उह्ह्ह कर रही थी | मैं उसकी चूत में जोर जोर से अन्दर बाहर करते हुए चोद रहा था | मैं उसको ऐसे ही जोरदार धक्को से उसको चोद रहा था | वो अपनी चूत को हिला हिला कर चुद रही थी और साथ में से उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह फफफफ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह कर रही थी | मैं उसको कुछ देर तक ऐसे ही चोदता रहा और वो से उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह फफफफ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ उह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह फफफफ ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह करती हु चुदती रही | मैं उसको चोद ही रहा था की मिस्त्री का फोन आ गया और उसने कहा की सर कार बन गई है | मैं अभी तक चोद ही रहा था पर हमे घर भी पहुचना था | तो हमने कपड़े पहने और निकल पड़े |
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