Monday, January 1, 2018

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मेरी बेटे का बड़ा और मोटा लंड

हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सभी लोग ? मैं आशा करती हूँ की आप सभी लोग ठीक ही होगे | दोस्तों मैं आज अपनी कहानी का दूसरा भाग लेकर आई हूँ | मैं उम्मीद करती हूँ की आप सभी लोगो को मेरा पहला भाग बहुत पसंद आया होगा और उस कहानी को पढने में आप लोगो के लंड का पानी तो निकल ही गया हो | मैं अब दूसरा भाग प्रस्तुत करने जा रही हूँ | मैं आशा करती हूँ की आप लोगो को ये भाग भी पसंद आयेगा | दोस्तों मुझे इतना तो यकीन है की आप लोगो को इस भाग में बहुत मज़ा आने वाला है और इस कहानी को पढने के बाद आप चुदाई जरुर करोगे | मैं कहानी को शुरू करने से पहले थोडा अपने बारे में बता देती हूँ | मेरा नाम प्रीति है | अब मैं दुबई में रहती हूँ और मैं रहने वाली तो इंडिया की ही हूँ | मेरी उम्र 34 साल है | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरा फिगर बहुत सेक्सी है | मैं आप लोगो को ज्यादा टाइम न बर्बाद करती हुई सीधे अपनी कहानी पर आती हूँ |

उस दिन जब वो दोनों चुदाई करने के बाद लेट गए | तब मैं जाकर उसका दरवाजा खटखटाया तब उसने दरवाजा खोला और मुझे देख कर बोला क्या है | मैं बोली ये लड़की कौन है | प्रीत ने कहा ये मेरी गर्लफ्रेंड है | दोस्तों मैं उसके लंड को अपनी चूत में लेकर चुदना चाहती थी पर मैं प्रीत से ऐसे नही कह सकती थी | मैं इसलिए मौके के इंतजार में थी | उस दिन मैंने उस लड़की से कुछ देर तक बात की और फिर मैं अपने रूम में आ गई | मैं उस रात उसके बारे में सोचती हुई सो गयी | जब मैं सुबह उठी तो मैंने नास्ता तैयार किया और फिर साथ में बैठ कर नाश्ता करने लगे | वो मुझे देख रहा था और मैं उसे देख रही थी | वो मेरे बारे में सब जनता है की मुझे चुदाई करना बहुत पसंद है और मैं नये लंड से चुदना पसंद करती हूँ | पर दोस्तों अगर मुझे कोई लंड ज्यादा बड़ा और मोटा मिल जाये और जो मेरी चूत को संत कर सके तो मैं उस लंड से रोज ही चुद लूँ | पर मुझे अभी तक ऐसा लंड नही मिला जो मेरी चूत की आग को बुझा सके | मैं उस दिन प्रीत को बहुत ही सेक्सी नज़रो से देख रही थी और मन ही मन में सोच रही थी की कब मैं उसके लंड को अपनी चूत में ले पाउंगी |

उस दिन वो अपने दोस्तों के साथ घुमने चला गया | मैं उस दिन घर में बैठ कर यही सोचती रही की कैसे उसे अपनी चुदाई कराने के लिए तैयार करूँ | तब मेरे मन में आया उसे अपने हुस्न के जाल में फंस कर देखती हूँ | उस दिन जब वो घर आया तो हम दोनों साथ में बैठ कर खाना खाने लगे | मैं जब खाना खा रही थी तो मैं उसको अपने बड़े बूब्स को दिखा रही थी | वो भी मेरे बूब्स को देख रहा था | वो मेरे जाल में धीरे धीरे आ रहा था | उस रात जब अपने बेडरूम में गयी तो उसका लंड मेरी आँखों के सामने से हट ही नही रहा था | मैं उस रात उसके बारे में सोचती हुई सो गयी | मैं उसके साथ ऐसे ही कुछ दिनों तक करती रही और वो मुझे देख कर कुछ भी नही करता | दोस्तों हम अब विदेश में रहने लगे थे इसका मतलब ये नही था की मेरे बेटे की मेरा बेटा भी विदेशी हो गया था | पर मैं उसके लंड से बिना चुदे मानने वाली नही थी | उसके कुछ दिन बाद की बात है जब मैं अपने रूम में थी उस रात को मैं सेक्सी कहानी पढ़ रही थी | मैं सेक्सी कहानी पढने के साथ अपने सारे कपडे निकाल दिए जिससे मैं ब्रा और पैंटी में आ गयी | मैं उस रात सेक्सी कहानी पढ़ती हुई अपने चूत को सहलाने लगी | उस टाइम वो अपने कमरे में ही था | मैं चूत को सहलाती हुई अपनी चूत में उँगलियों को घुसा कर अन्दर बाहर करने लगी| मैं उँगलियों को अन्दर बाहर कर रही थी और अपने कमरे का दरवाजा खुला छोड़ दिया था | मैं जब अपनी चूत में उँगलियों को जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगी तो मेरे मुंह से जोर जोर की सिसकियाँ निकल गयी | मैं ऊँगली करती हुई आ आ आ आ… ई ई ई ई ई…. अ अ अ अ अ… ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ…. की सिसकियाँ ले रही थी | मैं ऐसे ही कुछ देर तक करती रही |

फिर प्रीत मेरी ये सिसकियाँ सुनकर मेरे कमरे में आ गया और वो मुझे ऐसे करते देख उसका लंड पैंट को ऊपर चढाने लगा | वो अपने आप पर कंट्रोल नही कर सका और मेरे पास आकर मेरी चूत में ऊँगली घुसा कर जोर जोर से हिलाने लगा | मैं ये देख कर बेड पर लेट गयी और उसकी मुंह को पकड कर चूत में घुसा दिया | वो मेरी चूत में मुंह को घुसा कर मेरी चूत को चाटने लगा | मैं आ आ आ आ आ… ऊ ऊ ऊ ऊ… ई ई ई ई… अह अह अह अह…. ह ह ह ह ह… की सिसकियाँ लेने लगी | वो मेरी चूत के दाने को होठो से पकड कर बाहर की और खीच खीच कर चूसने लगा | मैं उसके सर को अपनी चूत में दबाती हुई चूत को चूसा रही थी | वो मेरी चूत के दाने को मुंह से पकड कर खीच खीच कर चूस रहा था | मैं आ आ आ आ… ई ई ई ई ई…. अ अ अ अ अ… ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ…. की आवाजे कर रही थी | वो मेरी चूत को चाटने के साथ मेरी चूत में अपनी ऊँगली भी घुसा कर अन्दर बाहर करने लगा | मैं आ आ आ आ… ई ई ई ई ई…. अ अ अ अ अ… ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ…. की सेक्सी आवाजे कर रही थी | वो मेरी चूत में ऊँगली को जोर जोर से अन्दर बाहर कर रहा था | वो मेरी चूत को कुछ देर तक चाटने के बाद उसने मेरी होठो पर अपनी होठो को रख कर चूसने लगा | मैं उसकी होठो को चूसने लगी | वो मेरी होठो को चूसने के साथ अपने एक हाथ की उँगलियों को चूत में घुसा कर हिला रहा था और दुसरे हाथ से मेरे बूब्स के निप्पल को मसल रहा था |

वो मेरी होठो को जोर जोर से चूस रहा था साथ में मेरी चूत में ऊँगली को डाल कर हिला रहा था | वो मेरी होठो को चूसने के बाद मेरे एक दूध को मुंह में रख कर चूसने लगा | वो मेरे एक दूध को मुंह में रख कर चूस रहा था और एक को दबा रहा था | वो ऐसे ही कुछ देर तक दबाने के बाद | उसके अपने कपड़े निकाल दिए और मेरे सामने बिना कपड़ो के आ गया | मैं उसके लंड को देख कर उतावली हो गयी और लंड को हाथ में पकड कर हिलाती हुई मुंह में रख कर चूसने लगी | वो मेरे सर को पकड कर अपने लंड को मुंह में डाल कर चुसाने लगा | मैं अपने घुटनों के बल बैठ कर उसके लंड को मुंह में अन्दर बाहर करती हुई चूस रही थी | वो मेरे मुंह में धीरे धीरे लंड को अन्दर बाहर करने लगा | मैंने अपने मुंह को खोल दिया और उसके लंड को मुंह में लेने लगी | पर उसका लंड ज्यादा मोटा होने की वजह से मुंह में पूरा नही जा रहा था | वो अपने लंड को ऐसे ही कुछ देर तक चुसाने के बाद उसने अपने लंड को मेरे मुंह से निकाल लिया |

फिर उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरी टांगो को फैला कर मेरी चूत के मुंह पर लंड को रख कर रगड़ने लगा | वो मेरी चूत पर लंड को रख कर रगड रहा था | मैं ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ…. आ आ आ आ… ई ई ई ई ई…. अ अ अ अ अ… ह ह ह ह ह…. की सिसकियाँ ले रही थी | वो मेरी चूत पर लंड को ऐसे ही कुछ देर तक रगड़ने के बाद मेरी चूत में एक ही धक्के में घुसा दिया | उसका लंड मोटा और लम्बा होने की वजह से मेरे मुंह से हल्की आवाज निकल गयी | वो मेरी चूत में लंड को घुसा कर धीरे धीरे धक्के मारने लगा | वो मेरी चूत में कुछ देर तक धीरे धीरे अन्दर बाहर करते हुए चोदता रहा | फिर उसने मेरी चूत में धक्को की स्पीड तेज कर दी और मेरी चूत में जोर जोर से अन्दर बाहर करते हुए मुझे चोदने लगा | मैं मस्त होकर चुद रही थी और वो मेरी चूत में जोर जोर के धक्को के साथ अन्दर बाहर करते हुए चोद रहा था | मैं मस्त सेक्सी आवाजे कर रही थी साथ में अपने बूब्स के निप्पल को मसल रही थी | वो मेरी चूत में ऐसे ही कुछ देर तक धक्के मारने के बाद मेरी चूत से लंड को निकाल कर मुझे घोड़ी बना दिया | मैं जब घोड़ी बन गयी तो वो मेरी चूत में पीछे से लंड को डाल कर जोरदार धक्के मारने लगा | वो मेरी चूत में पीछे से जोरदार धक्के मारने लगा | मैं चूत को आगे पीछे करती हुई चुदाई का मज़ा ले रही थी साथ में आ आ आ आ… ई ई ई ई ई…. अ अ अ अ अ… ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ…. की सिसकियाँ पर सिसकियाँ ले रही थी | वो मेरी चूत में ऐसे ही कुछ देर तक धक्के मारता रहा जिससे मेरी चूत से पानी की धार निकल गयी और मैं झड़ गयी | तब वो मेरी चूत से लंड को निकाल कर मेरे मुंह में घुसा कर चूसने लगा | वो लंड को चुसाते हुए मेरे मुंह में ही झड़ गया |

फिर मैंने उसके लंड को चाट चाट कर साफ कर दिया | फिर हम दोनों ने कपडे पहन लिए और उस चुदाई के बाद मैं प्रीत से रोज ही चुदती हूँ | उसके लंड ने मुझे वो मज़ा दिया था जो मुझे किसी के लंड ने नही दिया था |
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