Thursday, January 18, 2018

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मेरा गरम लंड ने तोडा चूत का घमंड

यहाँ पे जो भी लोग मेरी ये स्टोरी पढ़ रहें है उन सभी हवस के पुजारियों को मेरा सलाम | और ये स्टोरी एक बहुत बड़े मादरचोद प्रकार के व्यक्ति के ऊपर लिखी गई है जिसका नाम है संजीव मिश्र है और जो की मै हूँ |

मै और मेरे कुछ दोस्तों का ग्रुप है | हम सब बेहद शौक़ीन है नयी नयी चूत के दर्शन करने के और ये बात है कुछ 3 – 4 महीने की है | हम सभी को सेक्स करने की बहुत इच्छा हो रही थी , अगर सीधे तरीके से कहा जाए तो हम सभी को बहुत मस्ती छाई हुई थी | उस समय हम लोग मुंबई में रहते थे और कुछ दिन छुट्टियाँ बिताने के लिए एक होटल का रूम बुक किये हुए थे | हम लोगो को रूम में रुके हुए लगभग 2-3 दिन हो रहे थे और हम “भोसड़ी वाले लोग वहां भी अपना अश्लील काम करना नहीं छोड़े“ हमारी हवश भरी नजर हमारे रूम के ठीक सामने के बगल वाले रूम में रहने वाली दो हसीनो पे जा रुकी और हम लोग मिलकर उन दोनों की दिल से गांड मरने के पीछे लग गए थे |

अब हम सब अपने अपने काम पर लग गए मेरे तीन दोस्त उन दो लडकियों में से एक लड़की को चोदने के पीछे लग गए थे जिसका नाम आरोही था और मैं दूसरी वाली के पीछे लगा था जिसका नाम मानसी था और हम लोगो के बीच मै शर्त भी लग गई की तू पहले चोदेगा की हम लोग | मैंने भी हां कर दिया मुझे क्या पता था की कुछ दिनों के बाद मेरी गांड फटने वाली है |

ऐसे ही 2 दिन निकल गए बाद में मुझ गांडू को पता चला की जिसके पीछे मेरे दोस्त लोग लगे हुए थे वो बहनचोद तो वेसे ही पहले से रंडी थी | वो तो बड़ी ही आसानी से उन लोगो की बातो में भी आने लगी | और दूसरी तरफ मै था हालांकि मै उससे बातचित तो करने लगा था वो मेरी फ्रेंड भी बन चुकी थी पर फिर भी मुझे उसे चोदना था , वो इतनी सीधी थी कि जैसे उसने कभी किसी बच्चे का भी लंड नहीं देखा हो , उसको लाइन मार मार के मेरी माँ चुदे जा रही थी पर उसे समझ में ही नहीं आता था की तेरा ये फ्रेंड तेरे साथ बस एक रात सोना चाहता है |

और दूसरी तरफ मेरे दोस्त लोग आरोही के साथ मजे ले रहे थे उसके साथ पूल में नहाते थे डिनर करते थे और उसके साथ हर प्रकार की बाते कर लेते थे फिर चाहे वो खाने की हो या चूत की चुदाई की | ये सब सुन के मेरी झांटे जल जाती थी मैंने भी सोचा की कुछ तो करना पड़ेगा ऐसे तो कुछ नहीं हो पाएगा , और फिर मै उसके रूम में गया और बात की क्या कर रही हो , वो बोली कुछ नही बस बैठी ही हूँ तुम सुनाओ क्या हो रहा है मैंने कहा कुछ नहीं तुमसे बात करने का मन हो रहा था इसलिए चला आया , वो बोली सच में मैंने कहा हाँ एकदम सच | फिर मैंने उससे कुछ और बात की और मौका देखते हुए अपने दिल की बात बोल ही दिया की मानसी मुझे तुम बहुत पसंद हो मैं तुमे प्यार करने लगा हूँ स्वीटहार्ट | वो थोडा शरमाई फिर बोली मैं भी तुम्हे पसंद करती हूँ | मैंने कहा सच , वो बोली हां बिलकुल फिर मैंने कहा कि क्या तुम मुझसे प्यार करती हो | वो इस बार शर्मा के कुछ नहीं बोली और मन ही मन मुस्कुरा रही थी और यहाँ मेरे मन में लड्डू फूटे जा रहे थे , और साथ ही साथ उसके चूत के दर्शन भी होने की सम्भावना नजदीक दिखाई दे रही थी |

इसके बाद कुछ दिनों तक सब ऐसे ही चलता रहा और वो मेरे काफी करीब आ चुकी थी पर फिर भी मेरे दिल को सुकून नहीं मिल रहा था क्योंकि मैंने अब तक उसके साथ बस किस ही कर पाया था और मेरी रातों की नींद उडी हुई थी | एक तो वो मुझे देने को राज़ी नहीं थी और मै उससे जबरदस्ती भी नहीं करना चाहता था और दूसरी तरफ मेरे दोस्त लोग और मेरी झांटे जलाए जा रहे थे कि तेरे से कुछ नहीं हो पाएगा , मेरा दिमाग ख़राब हो रखा था | एक तो इन मादरचोद दोस्तों ने मिलकर उस रंडी लड़की को फसा लिया था |

मै रोज मानसी के फुले हुए ढूध उसके कपड़ो के ऊपर से देख कर और सपनो में उसकी चूत चाट कर सो लिए करना था पर सपनो में भी न नींद आती थी ढंग से और न ही हकीक़त में वो अपने कपड़े उतरती थी | पर इसके बाब्जुत भी में हिम्मत नहीं हार रहा था और अपने लंड को हाथ से सहला कर आराम कर लिया करता था | पर इसके बाद मेरी झांटे तो तब लाल हुई जब मेरे दोस्तों ने मेरे से आकर बताया की भाई आज तो जन्नत के दर्शन कर के आए है | मैंने पूछा के ऐसा क्या हुआ ? उन्होंने ने बोला वही जो होना था तू शर्त हार चूका है और हम लोग तेरी भाभी की चूत के दर्शन कर के आ चुके है | मैंने बोला ऐसा नहीं हो सकता तो उन्होंने ने मुझे वीडियो दिखाया आरोही की चुदाई का | वो गांडू सही में आरोही की गांड मार कर आ चुके थे , फिर उन लोगो ने बताना शुरू किया की कैसे उन लोगो ने उसको चोदा … बताया की रंडी तो थी ही वो |

हम लोगो ने भी उसको बातो बातो में फसाया और बोला की हम लोग को तुम बहुत पसंद हो हम लोगो को तुम्हारी चूत चाहिए , वो बोली ये कैसा मजाक है ? हम लोग बोले की मजाक नहीं है सच है हम लोगो का लंड तुम्हारी चूत के दर्शन करने को कब से बेताब है , हम लोगो के हाथो में कब से खुजली हो रही है तुम्हारे ढूध को दबाने के लिए , उसने मना कर दिया | तो हम लोगो ने उसे जबरदस्ती चोदा और उसका वीडियो बना लिया | फिर क्या था उसे मानना ही पड़ा उसने कहा ठीक है जैसा तुम बोलोगे वैसा ही करुँगी फिर हम लोगो ने उसके दोबारा कपड़े उतार दिए और पूरी नंगी कर दिए और बिस्तर पर लिटा दिए | फिर हम लोगो ने उसको बारी बारी से चोदना शुरू कर दिया | हम लोगों ने उसको चोद चोद कर उसकी चूत फाड़ डाली वो भी कम से कम 6 – 7 बार झाड़ चुकी थी |

उसके दूध के निप्पल एकदम लाल हो गए थे और उसके मुंह पर मुट्ठ गिरा दिए थे , वो बार बार चुदवाते समय आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह चिल्ला रही थी और वो भी बहुत गरम हो गई थी | हम लोगो से चुदवाने से पहले और बाद में वो रोने भी लगी थी | भाई मेरे , हम लोगो को तो बहुत मजा आया पर तेरा क्या होगा अब इतना सुन के तो मेरे झांटे ही लाल हो राखी थी,,, अब तो मेरी उसके साथ पलंग तोड़ चुदाई करने की इच्छा होने लगी …

शाम को 5 बजे के समय, मै उसके रूम में गया उससे बात की थोड़ी देर और उसे किस किया तो उसने बोला बेबी चलो अपन कहीं घुमने चलते है मैंने कहा कभी और चल चलेंगे आज थोडा प्यार कर लेते है | पर वो नहीं मान रही थी और मुझे तो उसको चोदने की हवस सवार थी तो मैंने भी बोला ठीक है पहले कॉफ़ी तो पिला दो अपने हाथो की फिर वो कॉफ़ी बना के ले के आई ,, मैंने एक घुट पिया और बोला की इसमें मुझे शक्कर कम लग रही है , उसे शक्कर लेने के बहाने अंदर भेजा और उतने में मैंने उसकी कॉफी में स्टे ऑन “ जोश की दवाई “ मिला दी फिर हम लोगो ने कॉफी पी और फिर मैंने उससे कहा जाओ तैयार होकर आओ वो करीब 15 मिनट के बाद आई तैयार हो कर | उसने ग्रीन कलर का टॉप और यल्लो लैगी पहनी हुई थी | तब तक दवाई का भीं असर हो राह था | फिर मैं उसे फिर से किस करने लगा और इस बार वो भी खूब मजे लेते हुए मुझे किस कर रही थी |

फिर मैंने उसके टॉप और लैगी को उतार दिया | वो भी गोली के कारण गरम हो गई थी और उसने अन्दर ब्लैक कलर की ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी | मैंने उसे भी उतार दिया क्या ढूध और चूत थी उसकी उसे देखकर मेरी हवस और बढ़ गई और मैं उसके ढूध के निप्पलो को जोर जोर से काटने लगा और उसकी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगा | वो भी बहुत गरम हो गई थी फिर मैंने अपने भी पूरे कपड़े भी उतार दिए और उसकी गुलाबी चूत में अपना लंड डाल दिया | वो चीखने लगी मैंने उसकी चूत फाड़ डाली और जोर जोर से अपनी कमर हिलाने लगा और मैं उसे चोदने लगा 10 मिनट बाद उसका भी दर्द कम हो गया | वो भी अपनी गांड उठा उठा के मुझसे चुदवा रही थी और आःह्ह्ह आह्ह्ह उह्ह्ह्ह ऊउह्ह्ह कर रही थी | मैं उसे किस किये जा रहा था और चोदे जा रहा था २० मिनट की चुदाई के बाद मैंने उसकी चूत में ही झाड दिया और मुझे जन्नत मिल गई | 15 मिनट बाद मैंने उसकी फिर चुदाई की उसको उस दिन मैंने दो बार चोदा और वो 3 बार झड़ी | फिर मैंने जब अपनी कहानी दोस्तों को बताई तो उनका चेहरा देखने लायक था |
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