Wednesday, January 17, 2018

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दारु के नशेमें चूत चाटकर चोदने का मज़ा कुछ और है

मैं एक छोटे से गांव का रहने वाला लड़का हूँ और मेरा नाम सावंत है | मैं जिस गांव में रहता हूँ वहाँ कोई भी ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है क्यूंकि स्कूल बहुत ही दूर है और पढने के लिए बहुत दूर जाना पड़ता है | इसलिए ज्यादातर बच्चे घूमते रहते है कई तो खेत में अपने परिवार का साथ देते हैं | उस जगह पढाई की कोई भी इज्जत नहीं है | मैं पढाई के प्रति बहुत तेज था | मुझे पढाई करना बहुत अच्छा लगता था और मैं पढाई में बहुत अच्छा भी था | जैसे ही मैंने 12वी पास की तो मैंने अपने घर से बाहर जा कर पढने की जिद करी | पर घर वालो के पास न तो इतना पैसा था कि वो मुझे पढ़ा पाते और न ही इतना पैसा था कि कोई भी छोटा सा धंधा डाल सकूँ |

ये बात करीब 2 साल पहले की है, मैंने घर में कहा कि मैं इस गरीबी में नहीं जी सकता और मैं बाहर जा कर ही कुछ काम करना चाहता हूँ | फिर एक दिन ऐसा आया कि मैं मुंबई के लिए निकला और ट्रेन में मेरी मुलाक़ात एक लड़के से हुई जो बहुत ही नशे में था | वैसे देखने में तो वो बहुत ही रहीस लग रहा था पर फिर मैंने सोचा की जाने दो अपन को क्या | कुछ लोग और ट्रेन में चढ़े उस लड़के की बहस उन लडको से किसी बात पर हो गई | वो लोग उसके पैसे लेने वाले थे पर मैंने जैसे तैसे रोक लिया सब कुछ और उसे अपने पास बैठा लिया | फिर मैं उसके बारे में पूछने लगा तो उसने बताया कि मुंबई वो यहाँ एक क्लब खोलने की बात करने आया था पर यहाँ लोगों ने उसके साथ धोखा किया | जैसे तैसे वो अपनी जान बचा कर इस ट्रेन में चढ़ गया ताकि अपने घर पहुँच सके | फिर मैंने उसका पता पूछा और अगले दिन मैंने उसे उसके घर छोड़ दिया शायद अब उसका नशा उतर चुका था | उसने मुझे रोक लिया और मेरा शुक्रिया किया और मेरे बारे में पूछने लगा | मैंने उसे अपनी परिस्थिति बताई तो उसने मुझसे कहा कि तुम अच्छे हो गुड लुकिंग भी हो, तुम मेरे क्लब में क्यों नहीं काम कर लेते | मैंने भी सोचा की जब काम मिल रहा है तो मैं क्यों जाने दूँ | मैंने उनसे कहा की सर मुझे ये काम नहीं बनता | तो उसने मुझे कहा की तुम परेशान मत हो तुम्हे सिखा दिया जाएगा | मैं खुश हो गया और उनने मुझे अपने गेस्ट हाउस में ही रुकवा लिया | मैं अगले दिन क्लब में गया तो वहाँ एक लड़का था जिसका नाम अरुण था | वो दिखने में बहुत ही ज्यादा स्मार्ट था और उसकी पर्सनालिटी भी बहुत गजब की थी | मैंने उससे हाथ मिलाया और उसे मेरे बारे में पहले ही पता चल गया था तो ज्यादा बाते नहीं हुई और वो मुझे काम सिखाने लगा |

वहाँ मुझे लडकियो को और आंटी लोगों को दारू पिलाना पड़ता था | ये सब पहली बार देख कर मैं दंग रह गया फिर धीरे धीरे मुझे आदत सी हो गयी और अब मैं भी घुल मिल गया था मुंबई के माहौल में | एक दिन की बात है एक लड़की थी वो अपने कुछ फ्रेंड्स के साथ उस क्लब में आई दिखने में वो बहुत ही हॉट थी और उसके सुनहरे बाल उस पर बहुत जच रहे थे | वैसे तो वहाँ पर रोज ही हॉट लड़कियां आती थी पर इसकी बात ही कुछ अलग थी | इसने मिनी स्कर्ट और छोटा सा टॉप पहना हुआ था | जिसमे से इसकी नाभि बहुत ही प्यारी लग रही थी और उसमे पिअरसिंग थी जो क़यामत ढा रही थी क्लब में |

सबकी नज़र उसी पर थी और सब उसे चोदना चाह रहे थे ऐसा मुझे लगा | वो मेरे पास आई और उसने ड्रिंक का आर्डर दिया | मैंने भी जी मैडम करके उसे और उसके दोस्तों को ड्रिंक सर्व की | उस दिन वो अपने दोस्तों को पार्टी देने आई थी | उसके सारे दोस्त एक एक करके निकल गए थे और उसका पर्स भी चोरी हो गया था | उसके पास पैसे नहीं बचे थे कि वो मुझे पैसे दे सके | वो मुझसे बहुत मिन्नतें करने लगी कि मैं उसे जाने दूं पर मैं उसे जाने नहीं दे सकता था क्योंकि मेरा बॉस मुझे चिल्लाता उसका करीब 6000 का बिल था | मैंने उसे समझाया की तुम नशे में हो और तुम्हारे दोस्त भी जा चुके हैं तुम्हे छोड़ कर और तुम्हारे पास पैसे भी नहीं है मुझे देने के लिए | वो बोली की अभी मुझे जाने दो मैं कल आके दे दूंगी मैंने कहा ठीक है | और अपने पैसे से उसका बिल भर दिया मैं इस उम्मीद में था कि वो आएगी पर 4 दिन तक वो नहीं आई तो मैंने भी सोचा जाने दो अब मैं क्या कर सकता हूँ | फिर वो एक बार रात के करीब 12:30 बजे आई और उसने मुझे अपने साथ चलने को कहा और दो बियर की बोतल भी ली थी | उसने मुझे 6000 के 10000 रुपय दिए और थैंक्स कहा और लेट आने की माफ़ी भी मांगी | उसने मुझे अपनी कार में बैठाया और मुझे अपनी लेकर बहुत दूर अनजान सड़क में ले गयी |

मुझे बहुत डर लग रहा था कि अब वो क्या करेगी कहीं मेरे ऊपर रेप का केस तो नहीं करेगी देगी | मेरे अन्दर बहुत सारे उलटे सीधे ख्याल आ रहे थे | फिर मैंने सोचा की देखते हैं क्या करती है अब जो होगा देख लेंगे | उसने कार पार्क की और बियर दी मुझको और दूसरी बियर खोल ली खुद के लिए | मैंने उससे पुछा कि आप कौन हैं मैं आपको नहीं जानता और न ही आप मुझे जानती है और आप मुझे ऐसे ही बिना जान पहचान के अपने साथ अकेले कार में ले आई | उसने कहा कि मेरा नाम अंतरा है और मेरे पापा यहाँ के बहुत बड़े बिल्डर हैं | मैं उनकी अकेली बेटी हूँ और मेरे सिवा उनका कोई नहीं है | वो ज्यादातर अपने काम में बिजी रहते हैं | मैं भी घर में अकेले बोर हो जाती हूँ इसलिए क्लब जाती हूँ अपना माईंड फ्रेश करने |

मैंने उसे अपनी कहानी बताई | तब तक बियर की बोतल ख़त्म हो चुकी थी | लेकिन उसके पास पूरी एक पेटी रखी थी बियर की | उसने फिर हम दोनों के लिए एक एक बियर और निकाली | ऐसे ही 3-3 बियर ख़त्म होने के बाद हम दोनों टल्ली हो चुके थे | मैंने उससे कहा कि चलो अब चलते हैं बहुत रात हो चुकी है तो उसने कहा कि रात अभी बाकि मेरे दोस्त | और मेरे कंधे में हाथ रख दिया | मुझे भी अच्छा लग रहा था तो मैंने भी उसके कंधे पर हाँथ रख लिया और ऐसे ही बात करने लगे | बात करते करते उसे पता नहीं किया हुआ …… वो अपना हाथ मेरे पैन्ट के ऊपर ला के मेरे लंड को सहलाने लगी | मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे पर मजा भी आ रहा था | मैंने उससे कहा कि तुम क्या कर रही हो | तो उसने बन्दूक निकाल के कहा कि चुपचाप ऐसे ही बैठे रहो जैसा मैं कर रही हूँ करने दो | मैं कुछ नहीं बोल पाया अब बन्दूक के सामने किसकी आवाज़ निकलती है…..और वो मेरा लंड चेन खोल के बाहर निकाल के चूसने लगी | मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मैं आः आहा अहहहहः अहहहहः औऊउन्न्ह करने लगा | वो समझ गयी थी कि मुझे मजा आ रहा है तो वो और जोर जोर से चूसने लगी | 15 मिनट चूसने के बाद मैं उसके मुंह में ही झड गया और मैं दंग रह गया ये देख कि उसने पूरा वीर्य पी लिया |

फिर उसने मुझे पूरे कपडे उतारने को कहा तो मैंने झट से अपने पूरे कपडे उतार लिए और वो भी नंगी हो गयी | उसका पूरा बदन चमक रहा था इतनी दूध जैसी गोरी थी | फिर वो मुझे किस करने लगी और मैं भी उसका साथ देने लगा और उसके दूध जैसे बदन के दो बड़े बड़े निम्बू जैसे दूध को अपने हाथ में ले के चूसने लगा | फिर उसने कहा कि दूध छोड़ो और मेरी चूत चाटो | मैं नीचे आ गया और सीट को पीछे कर दिया और उसको लेटा के उसके पैर अपने कंधे पर रख कर उसकी चूत पर जीभ फिराने लगा | उसके मुंह से सिसकारी निकल आई उऊंन्ह्ह आआह्ह्ह्ना चाटो अच्छे से | फिर मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत अन्दर तक चाटा और ऊँगली डाल डाल के चाट रहा था | अब वो अआः अहाहहः हाहाह अहह्हाइऊउन्न्न आऔऊन्न्घ आआ अहहः कर रही थी और अपने हाथ से मेरा सिर पकड़ के अपनी चूत में घुसा रही थी | मैं भी उसकी चूत को मजे ले के चाट रहा था | इसी बीचे वो दो बार झड़ी और उसकी चूत के पानी में इतनी मादकता थी कि मैं उसकी चूत का एक एक बूँद पानी पी गया | उसे बहुत मजा आ रहा था | फिर अचानक वहाँ 3 गाडी आई और हम डर गए तो उसने जल्दी से गाडी चालू की और मुझे मेरे घर छोड़ा कर चली गई | फिर उसके बाद वो लड़की कभी उस क्लब में नहीं आई |
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