Wednesday, January 17, 2018

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रोज की चुदाई कानपूर वाले भाई और बहन की

हाय फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सभी मेरा नाम साक्षी है और मैं कानपुर की रहने वाली हूँ | मैं कॉलेज स्टूडेंट हूँ और मैं कानपुर यूनिवर्सिटी से बी.ई की पढाई कर रही हूँ | मैं दिखने में सांवली हूँ पर मेरा फिगर बहुत ही अच्छा है 28-30-34 फिगर है मेरा | और मेरी हाईट भी अच्छी है 5 फुट 9 इंच है | मेरी पर्सनालिटी देख के अच्छे अच्छे लौंडो के लंड खड़े हो जाते हैं और जब भी मैं बाजार जाती हूँ तो सब मेरे हुस्न और फिगर की तारीफ करते हैं और बस सीधी सी बात है वो मुझे बस चोदना चाहते हैं | मैं जब भी ट्रेन में या बस में सफ़र करती हूँ तो लोग मुझे कभी यहाँ छूते हैं तो कभी अपना लंड मेरी गांड में टिकाते हैं मुझे भी ये सब बहुत अच्छा लगता है और मैं एक बार चुदवा भी चुकी जब मैं स्कूल में थी और मेरा एक बॉय फ्रेंड था | जिसने मुझे पहली बार चोदा था पर अब उससे बात नहीं होती है और ब्रेकअप हो चूका है उससे | अब मैं आप लोगों को अपने ननिहाल में चुदाई के बारे मैं बताती हूँ |

ये बात अप्रैल की है जब मैं अपने सेमेस्टर पेपर ख़त्म होने के बाद नानी के घर गई थी | हुआ यूं की मम्मी काफी टाइम से अपने घर याने कि ननिहाल नहीं गई थी और नानी की तबियत भी ठीक नहीं थी तो मम्मी ने सोचा की क्यूँ न मैं ननिहाल से हो कर आती हूँ | तो मैंने भी तुरंत मम्मी से कह दिया की मम्मी मैं भी चलूंगी अब आप यहाँ नहीं रहोगे तो मैं बोर हो जाउंगी | तो मम्मी ने कहा कि चल ठीक है तू भी चल चल मेरे साथ | मेरी नानी मामा के साथ रहती थी और मामा मामी का सिर्फ एक ही बेटा था और मैं भी अपने मम्मी पापा की अकेली बेटी हूँ | फिर इसके बाद पापा ने हम दोनों का रिजर्वेशन करा दिया था और हम लोग ने वहाँ पर भी फोन करके के बता दिया था कि अगले दिन सुबह हम लोग वहाँ पहुँच जायेंगे उन्होंने भी ठीक है कह दिया था | फिर हम सुबह की 8 बजे ट्रेन से निकल गये थे सामान ले के | बस हमे देरी तो थी वहाँ पन्ह्चुने की फिर उसके अगले दिन दोपहर में ननिहाल पंहुच गए थे | मेरा भाई याने की मामा का बेटा लेने आ गया था वो दिखने में काफी स्मार्ट लग रहा था और मालूम पड़ रहा था कि वो जिम भी जाता होगा क्यूंकि उसकी पर्सनालिटी बॉडी बिल्डर वालों टाइप की ही लग रही थी |

फिर उसने हमारा सामान अपनी गाडी में रखा और फिर चल दिए थे उनके घर की ओर | मैंने रस्ते में उससे पूछा की और नेहाल कैसा है तू तो भूल ही गया है रे मुझे न कॉल न मेसेज कुछ भी नहीं करता | वो उम्र में मुझसे छोटा है तो उसने कहा की दीदी मैं अभी बी.कॉम की पढाई कर रहा हूँ और उसने बताया कि दीदी क्या बताऊँ टाइम ही नही मिल पाता किसी से भी ज्यदा बात करने का | तो मैंने कहा कि चल ठीक है कोई बात नहीं | फिर ऐसी ही इधर उधर की बात करते हुए हम सब घर पहुँच गए और जैसे ही मामा निकले तो मैंने उनके पेर छु कर उन्हें प्रणाम किया और उन्होंने भी मेरे गाल खीचते हुए बोले कि अरे साक्षी तुम तो बहुत बड़ी हो गई हो | मैंने भी हंस के मामा से कहा कि हाँ मामा अब तो बड़े हो रहे हैं जब तक मम्मी नानी से मिलने चली गई थी | मामा ने मुझसे कहा की जब तुम नहा के फुर्सत हो जाओ तब तक मम्मी नानी के पास हैं | मैंने कहा ओके फिर मैं नहाने चली गई मेरा रूम मेरे भाई के बाजु में ही था और उसके 5 मिनट बाद में नहाने चली गई थी | पर मैं तौलिया ले जाना भूल गई थी नहाने के बाद मैंने आवाज लगाईं की कोई है क्या ? तो किसी ने भी मुझे कोई जवाब नहीं दिया मैं काफी देर तक आवाज़ लगाती रही फिर मेरे भाई ने मुझसे कहा कि दीदी नहा लिए हो क्या आप ? मौसी पूछ रही है आपको तो मैंने कहा कि अरे नहा तो लिया है पर टावल लाना भूल गई थी तू मुझे टावल दे दे | जैसे ही मैंने हल्का सा दरवाजा खोली और उसका पेर फिसल गया तो दरवाजा पूरा खुल गया और मैं नीचे गिर गई उसने मुझे पूरी नंगी देख लिया था फिर मैं शर्मा के टावल उठा के अपने बदन को छुपाने लगी और वो भी उठ कर मुझसे सॉरी कहा और जल्दी से हँसते हुए निकल गया | मुझे बहुत शर्मिंदगी हो रही थी पर कर भी क्या सकते थे | मैंने भी उसे कुछ नहीं कहा और उसने भी मुझसे कुछ नहीं कहा |

मैं जैसे ही नीचे गई तो मम्मी बोली की तू नानी से मिल ले तब तक मैं नहा कर आती हूँ | फिर मैं नानी के पास बैठी थी बाते कर रही थी तभी मेरा भाई वहाँ आ गया और नानी के लिए दलिया लाया था | उसने मुझे देखा और मैंने उसे देखा तो हम दोनों ही मुस्कुरा दिए थे | फिर ऐसे ही दिन कट गया और रात आ गई | फिर हम सब यहाँ वहाँ की बाते करते हुए रात का खाना खा रहे थे | खाना खाने के बाद हम सब सोने जाने लगे तो मैंने मामी से पुछा कि मामी मुझे एक गिलास रात में दूध दे दोगे ? तो उन्होंने कहा कि हाँ जरूर | फिर हम सब सोने लगे रात में मेरी नींद खुली और मुझे बहुत जोर से प्यास लगी थी तो मैं किचिन की तरफ जाने लगी और भाई का कमरा तो मेरे बाजु में ही था | उसके कमरे की लाइट जल रही थी तो मैंने सोची की इतनी रात में ये क्या कर रहा होगा | फिर मैंने जैसे ही एक कदम आगे बढ़ाया तो मुझे सिस्कारिया भरने की आवाज़ आई तो मैंने उसके दरवाजे से झाँक कर देखा तो दंग रह गई | उसका मुसंड लंड वो अपने हाँथ में ले के हिला रहा था और मुझे गुस्सा भी आई क्यूंकि वो मेरी ब्रा और पेन्टी सूंघ कर मेरा नाम ले रहा था और मुठ मार रहा था |

मैं एकदम से कमरे में गयी और पुछा कि क्या कर रहा है | तो उसने जल्दी से अपना लंड अन्दर किया और ब्रा पेन्टी नीचे फेक दी | फिर बोला दीदी कुछ नहीं कर रहा मैंने भी सोचा मुठ तो गिर गया होगा कर लेने दो दिन है बेचारे के और निकल गयी वहाँ से | मेरे पास बहुत सारे सेक्सी ब्रा और पेन्टी है तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा | पर अगले दिन फिर मेरा ब्रा पेन्टी गायब हो गया और मुझे तो पता था कि ये काम किसका है | मैंने उसे पकड़ने के लिए एक प्लान बनाया जब सब खाना खा रहे थे तो मैंने कहा भाई मेरे कपडे चोरी गए है ज़रा पता तो लगा किसने किया है यह | उसने कहा दीदी मैं ज़रूर पता लगाऊंगा | फिर अगली रात को जब वो मेरे ब्रा और पेन्टी सूंघ रहा था तो मैंने पीछे से कहा भाई मिल गया चोर | वो डर गया और कहा दीदी माफ़ कर दो | तो मैंने कहा पागल ब्रा पेन्टी क्यूँ सूंघ रहा है मेरी चूत की महक सूंघ ले |

वो पागलों की तरह मुझे देख रहा था और मैंने अपना निक्कर उतार के उसे अपनी चूत दिखा दी और कहा आजा | उसका लंड तो मैं देख ही चुकी थी इसलिए मुझे पता था मैंने घाटे का सौदा नहीं किया है | वो बच्चों की तरह मेरी चूत को चाटने लगा और में आआआआआअह्ह्ह्ह आअम्म्म्म ऊम्म्मम्म कमीने अब चाट के मेरा सारा पानी पीले | यह सब कहने लगी और फिर मैंने अपने पुरे कपडे उतार दिए | वो किसी कुटी की तरह मेरी चूत को चाटें जा रहा था और मेरी मादक सिस्कारियां निकल रही थी | मैंने भी उसका मुह जोर से अन्दर तक घुसा दिया और उसके मुह पे मूत दिया | वो सब पी गया और फिर उसने अपने कातिल लंड बाहर निकल के कहा दीदी इसको मुह में लो | मैंने तुरंत उसकी बात मानी और उसका लंड जैसे ही मु में लिया उसने मुठ गिरा दिया | मैंने कहा क्यों आज तक चोदा नहीं क्या किसी को ?

उसने कहा आप पहले हो दीदी | तो मैंने कहा मैं सब सिखा दूंगी और उसका मुरझाया हुआ लंड फिर से चूसने लगी | फिर मैंने कहा चल देर मत कर मेरे बूब्स को चूस और इतना करवाते हुए मैंने उसका लंड पकड़ अपनी चूत में डलवा लिया | अआह्ह्ह क्या मज़ा आया था मुझे | अम्म्मम्म्म्मम्म्म्म उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह बस ऐसी ही आवाजें आ रही थी छत पर | फिर मैंने उसका मुठ अपने बूब्स पर गिरा लिया पर उस कमीने का लंड फिर भी खड़ा था | फिर मैं उसे नीचे लेकर गयी और तीन बार चुदवाने के बाद उसका लंड शांत हुआ | फिर तो हमने चुदाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए |
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