Tuesday, January 30, 2018

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चुदाई का भूखा

हेल्लो फ्रेंड्स कैसे हो आप लोग | आशा करता हूँ की आप सभी लोग मस्त होंगे और डेली की तरह सेक्सी कहानिया पढ़ते होंगे | दोस्तों मैं आप का अपना अमित सिन्हा जो रोज एक नयी सेक्सी कहानी लिखकर आप लोगो को मस्त करता हूँ | दोस्तों आज की मेरी कहानी आप लोगो को ज्यादा आनंद देगी | इस कहानी में मैं आप लोगो को अपने जीवन की एक दम सच्ची घटनाये बताऊंगा | तो चलिए मेरे दोस्तों मैं आप को अपनी ज्यादा बकवास न सुनते हुए सीधा कहानी की ओर ले चलता हूँ |

तो दोस्तों ये बात उस समय की है जब मैं अपनी गर्मी की छुट्टियों में अपने मामा जी के यहाँ गया था अपनी फॅमिली के साथ | दोस्तों मैं अपने मामा जी के यहाँ लगभग 4-5 सालो के बाद गया हूँगा | मुझे वहां सब अजीब तरह से देख रहे थे जैसे कोई अजूबा आ गया आया है | मैंने थोडा आराम किया और फिर छोटे मामा जी के साथ में मार्केट टहलने के लिए चला गया | दोस्तों मेरे छोटे मामा जी मेरे से 3 साल बड़े हैं और वो मेरे से दोस्त की तरह रहते हैं | हम लोग आपस मे सब शेयर कर लेते हैं | यहाँ तक की मैं ऊनके साथ बैठ कर दारू भी पी लेता हूँ | हम लोग मार्केट में टहल ही रहे थे तभी छोटे मामा जी के कुछ दोस्त मिल गये | मामा जी उनसे बाते करने लगे और मैं तब तक मार्केट का माहोल देख रहा था | मेरे मामा जी का शहर ख़ूबसूरती के बारे में बहुत सुन्दर था | वहां बहुत हरियाली थी मतलब की मस्त लडकिया | मामा जी अपने दोस्तों के साथ थोड़ी देर बात की और फिर वो मुझे मार्केट टहलाने लगे | मामा जी मुझे ,मस्ती से सब कुछ बता रहे थे | एक जगह मामा जी और मैं रुके वहां कुछ मस्त सी लडकिया गोल गप्पे खा रही थी | मामा जी और मैं भी उस ठेले पर जाके खड़े हो गये और गोल गप्पे खाने लगे | वो लडकिया मामा जी के पडोश में ही रहती थी | मामा जी उनसे बाते करते-करते गोल-गप्पे खा रहे थे और मैं उनको ताड़े जा रहा था | वो तीन लडकिया थी उनमे से एक लड़की मुझे बहुत अच्छी लगी थी | उनमे से जो बड़ी थी वो मामा जी से ज्यादा बाते कर रही थी | हम लोगो ने अपने गोल-गप्पे खाए और रूपये देके चल दिए | मैंने मामा जी से पूंछा की मामा जी ये कोन थी बड़ी मस्त थी, मामा जी ने कहा की बेटा जो बड़ी वाली थी वो तुम्हारी मामी थी | मैंने मजाक में कहा की मामा जी मेरा भी जुगाड़ मामी जी की छोटी बहन से सेट करवा दो वो मुझे पसंद आ गयी है एक दम पटाका माल है | मामा जी हस्ते हुए बोले ठीक है कल बात करता हूँ घर पर हैं तो अपने पडोसी ही | हम लोगो मार्केट में टहल कर अब घर को चल दिए थे रात होने वाली थी और अँधेरा भी हो चूका था | हम लोग फ्रेश हुए और खाने पर बैठ गये हम लोगो ने अपना खाना सबके साथ खाया और फ्फिर जाके मैं और मेरे छोटे मामा जी एक कमरे में लेट गये और उन लडकियो के बारे में बाते कर रहे थे | हम लोगो उनके बारे में बाते करते-करते सो गये | जब सुबह हुई मैं उठा और ब्रश करते हुए छत्त पर चला गया | वहां मैंने उस लड़की को देखा जो हम लोगो के साथ गोल्गपे खा रही थी | उसका घर बिलकुल मेरे मामा जी के घर के लगे में बना हुआ था | मैंने अपना तुरंत दिमाक लगया और मन में सोंचा की तभी मामा जी इसकी बहन से बाते कर रहे थे | मैं ब्रश करते हुए उसे ताड़ रहा था | थोड़ी देर तक वो खड़ी रही और फिर वो निचे चली गयी | मैं भी नीचे उतर आया फ्रेश हुआ और फिर मैंने अपने मामा जी के साथ में ब्रेकफास्ट करते हुए उसके बारे में पूंछा |तो मामा जी ने बताया की तु चिंता न कर मैं तेरा काम सेट करवाता हूँ | पूरा दिन हम लोग आराम किये और जब शाम हुई तन मामा जीने अपने माल को फोन लगाया की आके शाम को पार्क में मिल और अपनी छोटी वाली बहन को भी ले आना कुछ काम है | मैं बहुत खुस हुआ ओब अब मुझसे रुका नही जा रहा था | मैं और मामा जी नहा धोके पार्क पुहुँचे और थोड़ी देर बाद वो भी आ गये थे | मामा जी अपने माल के साथ बात करने लगे थे और मूझको उसके साथ बैठा दिया था और कहा की तुम लोग आपस में बात करो | मामा जी थोड़ी दूर पर अपने माल क्ले साथ बैठे थे और मैं और वो लड़की मामा जी से थोड़ी दूर पर बैठे थे | मैं थोड़ी देर तक चुप रहा फिर मैं उसके बारे में थोडा पूंछा फिर जब वो भी मुझे अच्छा रेस्पोंस दे रही थी तब मैंने उसको धीरे से पर्पोस मार दिया और थोड़ी सी उसकी सुन्दरता की तारीफ कर दी | सुन्दर तो वो थी ही इकदम संस्कारी पटाका भाई लोग | पर किसी किसी लड़की को पटाने में इतना करना पड़ता है ये तो आप भी लोग जानते होंगे | थोड़ी देर तक मैंने ऊससे बात की और फिर मामा जी अपने माल से बात कर चुके थे | वो लोग फिर घर चले गये थे | मामा जी ने मुझसे पूंछा की क्या बात की ? मैंने कहा की मामा जी तुम्हारे भांजे ने पर्पोस कर दिया | मामा जी ने मूझे खुशखबरी सुनाई की आज वो अपने माल से मिलने वाली हैं रात को छत्त पर | मैंने भी मामा जी से कहा की मुझे भी उससे मिलना है उससे मैंने अपने मामा जी से जिद की | मामा जी ने कहा की ठीक है रात को तैयार रहना मैं उससे बात कर लूँगा |

दोस्तों मैं चूत का भूँखा था | मैंने कभी भी चूत के दर्शन नही किये थे | जब से मेरे लंड से पानी निकलना स्टार्ट हुआ तबसे मैंने आज तक मुठ ही मारा था | मैं बहुत अपने आप में खुस था की आज मूझे चूत के दर्शन मिलेंगे मैं अब रात का इंतजार कर रहा था | रात हुयी मामा जी और मैंने रात में जल्दी-जल्दी डिनर किया और फिर मामा जी ने मेरी तरफ इशारे में आँख मारी मैं डिनर से उठकर हाथ धोके छत्त पर पहुँच गया और थोड़ी देर के बाद मामा जी भी आ गये | मामा ने अपने माल को फोन मिलाया और वो लोग भी थोड़ी देर में आ गये | मामा जी अपने माल को लेके साइड में हो गये और मैं और वो साइड में खड़े होके बाते कर रहे थे | मेरे हिम्मत नही हो रही थी की मैं इसको टच करू | मैंने थोड़ी देर तक उससे बात की फिर देखा की मामा जी अपने माल के साथ साइड में किस कर रहे थे | यह देख कर वो थोडा शरमाई | मैंने भी उसका यह इशारा देख कर समाज गया | फिर मैंने धीरे से ऊसका हाथ अपने हाथ में लेके मलने लगा और फिर थोड़ी देर तक उसका हाथ मलने के बाद मैंने उसका चेहरा पाने दोने हाथ से पकड़ लिया और उसके होंठो अपने मुह से चूसने लगा और वो मेरे से बिलकुल चिपक गयी | मामा जी ने अपना काम शुरू कर दिया था | उधर से जोर-जोर से आह आह आहा आहा अ हाहा अह आहा अह आहा आहा अह आह आहा अह आहा अह आह आः आहा आह आहा आहा अह आह आहा आहा अह आहा आहा अह आह अह आह अह औंह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह की सिस्कारिया आ रही थी | थोड़ी दर्र तक मिनी उसको चूमा और फिर बाद में भी उसको चोदना चाहा | मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था | मैंने उसका धीरे से पयजामा निचे उतार दिया और अपनी भी पेंट उतार दी और फिर उसको नीचे छत्त पर ही लिटा दिया और ऊसकी चूत में अपना लंड डालकर बड़े मजे से अन्दर-बाहर धक्के दे रहा था और मेरे और उसके मुह से आह आह आहा आहा हा आहा अह आह आहा अह आहा आहा अह आहा अह आहा अह आहा अह आहा अह आहा अह आह अ औंह उन्ह उन्ह उन्ह हुंह ह्न्हू न्हुन्ह्हू उनहू उहंह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह नूंह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह की सिस्कारिया निकाल रहे थे | मुझे इतना मजा आ रहा था की मैं उसकी चूत में ही थोड़ी देर बाद झड गया था | मुझे बहुत मजा आया था और अभी मैं उसकी एक बार और लेना चाहता था | मैंने अपना लंड एक बबार उसकी चूत पर रगड़ कर खड़ा किया और जब मेरा लंड खड़ा हो गया तब मैंने उसको घोड़ी बनाकर पीछे से उसकी चूत में अपना लंड डाल कर उसको चोदने लगा | इस बार मैं उसकी चूत में अपने लंड से जोर-जोर धक्के मार रहा था और उसके मुह से आह आह आहा आहा आहा आहा आहा अह आह आहा अह आह आहा अह आ ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह आह आहा की सिस्कारिया निकाल रही थी | थोड़ी देर बाद मैं झड चूका था और वो भी झड चुकी थी | मैंने अपना लंड को साफ किया उसनी भी अपनी चूत को साफ करके अपना पयजामा पहन लिया था | उधर मामा जी भी अपना काम कर चुके थे | हम दोनों लोग फिर नीचे चले आये और अपने कमरे में लेट गये आके |
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