Sunday, January 14, 2018

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साले की बीवी की चूत का स्वाद

नमस्ते मेरे प्यारे पाठको कैसे हैं आप सभी ? मैं आशा करता हूँ कि आप सभी अपनी अपनी जिन्दगी में खुश होंगे | मेरा नाम सुजीत है और मैं पकिस्तान का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 35 साल है और मैं दिखने में ठीक ठाक ही हूँ | मेरे में खास बात एक ही है कि मेरा लौड़ा बड़ा और मोटा है | शादी से पहली भी मैं कई बार चुदाई कर चुका था और शादी के बाद बस मैं अपनी बीवी की चूत बजाता हूँ | मेरी बीवी का और मेरा कुछ महीने से झगड़ा चल रहा है जिस वजह से मैं चुदाई के मजे नहीं ले पा रहा हूँ | मैं बस मुठ मार के ही काम चला रहा हूँ | मैं एक जमाई हूँ | क्यूंकि मैं शुरू से ही नल्ला था | वो तो किस्मत की बात थी कि मुझे सुनीता ( मेरी लुगाई का नाम ) मुझसे पट गयी और हमारी शादी हो गयी | मेरे ससुर ने मुझे टूर्स एंड ट्रेवल्स का धंधा खोल कर दे दिया | चलिए दोस्तों मैं अब कहानी शुरू करता हूँ |

ये कहानी मेरे और मेरे साले की बीवी कि कहानी है | उसका नाम अंकिता है और वो दिखने में बहुत खूबसूरत है | उसका फिगर भी मस्त है और उसकी उम्र महज 26 साल है | मेरे साले साहब जिसका नाम अंकुश है | वो कराची में बहुत अच्छी पोस्ट पर जॉब करते हैं | वो बहुत कम ही घर आ पाता हैं | एक दिन की बात है दोस्तों, मैंने मूतने के लिए टॉयलेट जा रहा था | रात में करीब 1 बज रहे होंगे मैं उसके रूम के सामने से निकला तो देखा कि कि अंकिता के कमरे की लाइट जल रही थी | मैंने सोचा कि हो सकता है कि लेट सो रही हो | पर जब मैं दरवाजे के छेद से झाँका को देखा कि वो एक दम नंगी थी और अपनी चूत में ऊँगली डाल रही थी और आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया ले रही थी | पर मैं बिना कुछ बोले वहां से चला गया टॉयलेट करने के बाद मैं अपने रूम में जा कर सो गया | सुबह उठा तो देखा कि सुनीता कॉलेज जा चुकी थी | सास तो है नहीं और ससुर बगीचे में बैठ कर पेपर पढ़ रहे थे | मैं जब नहा धो कर नाश्ते के लिए बैठा | तभी अंकिता ने जेठ जी बोलते हुए मेरे टेबल पर नाश्ता रख दिया और जाने लगी | तभी मैंने उससे कहा कि अंकिता सुनो तुमसे कुछ बात करनी है | तो उसने कहा कि हाँ जेठ जी बोलिए | तो मैंने कहा कि तुम आज कल बहुत परेशान हो क्या ? तो उसने जवाब में कहा कि नहीं मैं नहीं हूँ | फिर मैंने पूछा कि तुम्हे अम्बर ( साले साहब ) की याद आती है क्या बहुत ? तो उसने कहा कि हाँ जेठ जी आती तो है पर आप ये सब क्यूँ पूछ रहे हैं ? तो मी कहा कि कल रात तुम्हारे रूम से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की आवाज़ आ रही थी इसलिए मैंने पूछा | तो वो शरमा गयी पर बेजिझक जवाब दी | उसने कहा अब वो तो हैं नहीं तो मुझे खुद से सब कुछ करना पड़ता है |

मैंने कहा ठीक है और सुनो कभी अकेलापन लगे तो मुझसे कहना | मुझे तुम अपना ही समझना | उसने भी हाँ में सिर हिलाई और चली गयी | मैं भी नाश्ता करने के बाद अपने काम पर चला गया | मैं अपने केबिन में ही बैठा था कि सुनीता का फ़ोन आया और उसने कहा कि मैं अपनी बहन के पास जा रही हूँ उसकी तबियत ख़राब है | ( भले ही हमारा कितना भी झगडा क्यूँ न हो वो मुझसे हर बात शेयर करती है ) मैं उससे कहा कि तुम्हारे पास तो है न | तो उसने जवाब दी कि हाँ मैंने आलमारी से कुछ पैसे निकाल लिए है | फिर मैंने पूछा कि मैं भी चलू क्या ? तो उसने कहा कि नहीं आप रहने दीजिये मैं कुछ दिन के बाद आ जाउंगी आप अपने काम पर ध्यान देना | फिर हम दोनों फ़ोन काट दिया | फिर मैं अपना काम खत्म कर के रात को 10 बजे पंहुचा तो पता चला कि मेरे ससुर भी गये हैं | फिर अंकिता आई और मुझे खाना दी | खाना खाने के बाद मैं अपने रूम में चला गया | मेरी नींद करीब २ बजे के आस पास फिर खुली | तो मैंने सोचा कि चलो चल कर देखता हूँ कि अंकिता क्या कर रही है ? जब मैं उसके रूम की तरफ गया तो तब भी उसके कमरे कि लाइट जल रही थी | जब मैंने दरवाजे के छेद से फिर देखा तो वो अपनी ऊँगली डाल कर अन्दर बाहर कर रही थी | मैंने सोचा कि ये मौका अच्छा है इसको लंड मिल जायाग और मुझे नयी चूत | उसके बाद मैंने दरवाजा खटखटाया तो वो एक दम से उठी और दरवाजा खोली | वो मुझे देख कर बिलकुल भी नहीं चौंकी और कहा कि हाँ कहिये क्या हुआ ? तो मैंने कहा कि मैंने तुमसे फिर से देखा ऊँगली से चुदाई करते हुए | तो उसने कहा कि मेरे पास तो लंड हैं नहीं कि मै अपनी चूत में डाल कर चुदवा लूं | मैंने कहा ठीक है वैसे अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूँ | तो उसने पूछी वो कैसे ? तो मैंने कहा कि देखो तुम्हे लंड की जरुरत है और मुझे भी कई दिन से चुदाई करने का मौका नहीं मिला है तो हम दोनों एक दूसरे के काम आ सकते हैं |

वो भी सहमत थी मेरी बातो से | फिर क्या था मैं उसके कमरे में चला और उसे अपनी बांहों में भर लिया | उसने भी मुझे कस कर पकड़ लिया | फिर मैंने अपने होंठ उसके होंठ में रख दिए और उसे किस करने लगा | वो भी मेरा साथ देते हुए मुझे किस करने लगी | किस करने के बाद हम दोनों पूरे नंगे हो चुके थे | अब मैं उसके बदन को चूमते हुए उसके दूध मसलने लगा और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया लेने लगी थी | उसे बदन के चूमने के बाद मैं उसके दोनों दूध को हाँथ में ले कर चूसने लगा और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरे सिर को सहलाने लगी | फिर कुछ देर उसके दूध पीने के बाद मैं बेड पर बैठ गया और अपनी टाँगे फैला लिया | वो मेरा इशारा समझ चुकी थी और तुरंत ही मेरे लंड को हाँथ में ले कर सहलाने लगी | फिर उसने मेरे लंड को चाटना चालू कर दी तो मेरे मुंह से भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया निकलने लगी थी | वो बहुत अच्छे से मेरे लंड को चाट रही थी | मेरे लंड को चाटने के बाद उसने उसे अपने मुंह में भर ली और चूसने लगी और मेरे मुंह से तो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की आवाजे निकल रही थी |

उसने मेरे लंड को करीब 15 मिनट तक चूसी | फिर मैंने उसे बेड पर लेटा और उसकी चिकनी चूत पर अपनी जीभ रगड़ते हुए उसकी चूत को चाटने लगा और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी | फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के दरवाजे पर टिकाया और अपना लंड घुसेड़ते चला गया | अब मै उसकी चूत चोदने लगा और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया लेने लगी |

मैं जोर जोर से उसकी चूत को चोदने लगा और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी | आधे घंटे की चुदाई के बाद मैंने उसके मुंह पर अपनी धात निकाल दिया |

जब तक घर में कोई नहीं था हम लोगो ने खूब चुदाई की | अब जब भी मौका मिलता है तो थोडा बहुत ही कर पाते हैं | तो दोस्तों, ये थी मेरी कहानी | मै उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी जरुर पसंद आयगी | मेरा साला अभी तक नहीं आया और मैं उसकी चोट से अपनी प्यास बुझाता रहता हूँ और कई बार तो उसकी चूत के अन्दर ही माल गिरा चुका हूँ |
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