Wednesday, January 31, 2018

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बेटे से शांत करवाई अपनी अन्तर्वासना

hindi sex stories नमस्कार दोस्तों, कैसे हैं आप सभी ? मेरा नाम अनीता है और मैं भिलाई की रहने वाली हूँ | मैं एक विधवा हूँ और मेरा एक बेटा है | मेरी उम्र 40 साल है पर मैं अब भी बहुत जवान लगती हूँ क्यूंकि मैंने जिम जा कर और योग करके अपने आप को मेन्टेन कर के रखा है | मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है और मेरा बदन गदराया हुआ है | जब मैं स्किन टाइट कपड़े पहेनती हूँ तो मेरे दूध और गांड दोनों के उभर कपड़ो पर से साफ़ दिखाई देते हैं | मैं भरे बदन के साथ एक चुदासी औरत भी हूँ | मैंने कई लंड से अपनी चूत चुदवाई है और चुदक्कड होने के नाते मेरा फर्ज बनता है कि मैं अपनी चूत की चुदाई का भी ख्याल रखु | दोस्तों मैं एक विधवा हूँ तो मेरा समय सिर्फ इस साईट की चुदाई की कहानिओं से ही कटता है | मैं इस साईट की रोजाना पाठक हूँ और मैं हर एक कहानी बहुत मन लगा कर पढ़ती हूँ | मुझे चुदाई की कहनियाँ पढना बहुत पसंद है | आज जो मैं आप लोगो के समाने अपनी कहानी लिखने जा रही हूँ इसमें बस शब्द मेरे हैं पर मुझे हिंदी टाइपिंग लिखते नहीं बनती इसलिए मैंने अपनी फ्रेंड की मदद से ये कहानी लिख रही हूँ | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो के मेरी कहानी पसंद आयगी और मेरी कहानी पढ़ कर आप लोगो को काफी मजा भी आयगा | अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय नहीं लूंगी और सीधा अपनी कहानी शुरू करती हूँ |

ये घटना कुछ समय पहले की है | मैं एक विधवा हूँ और मेरे पति एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते थे जिसका मुझे कुछ खास फायदा नहीं मिला | बैंक में जो भी पैसा था वो सब अभी है | बस अभी इतना फर्क पड़ा कि उसी कंपनी में मेरे बेटे के ग्रेजुएशन के बाद जॉब लग गई जिससे मुझे काफी मदद मिली | मेरा बेटा जॉब करता है इस बात की मुझे बेहद ख़ुशी है पर मैंने कुछ दिन पहले से नोटिस किया कि उसे दारू पीने की लत लग गयी है और शायद वो मुठ भी मारता है | ये मैंने तब नोटिस की जब एक दिन मैं उसके कमरे की सफाई कर रही थी तो मुझे उसके बेड के नीचे से एक दारु की बोतल और एक कपडा मिला जिसका कुछ हिस्सा कड़ा था | छूने से वो वीर्य जैसा लग रहा था | पर मैंने उससे कुछ भी नहीं कहा क्यूंकि मैं जानती हूँ कि जवानी की दहलीज में जब लोग कदम रखते हैं तो बहुत से बदलाव उन पर पड़ते हैं | ये मेरे बेटे के साथ भी हो रहा था | मेरी बेटे से बहुत कम ही बात होती है क्यूंकि वो सारा दिन ऑफिस में रहता है और मैं घर में रहती हूँ | जब वो घर आता है तब मैं टीवी देखती हूँ | खाना खाते टाइम हमारी बात होती है या जब मुझे या या मुझे उसकी जरुरत होती है तब बात होती है | फिर वो अपने कमरे में चला जाता है और मैं अपने काम में लग जाती हूँ | एक दिन रात के करीब 11 बज रहे थे और मैंने अपने बेटे रविश को कई बार फ़ोन लगाया पर उसने मेरा एक बार भी फ़ोन नहीं उठाया | मेरा एक एकलौता बेटा है तो मुझे चिंता हो रही थी | पर शायद वो जानबूझ कर मेरा फ़ोन नहीं उठा रहा था | वो 1 बजे घर आया | मैंने रात का खाना भी नही खाया था मैंने सोचा था कि हर बार की तरह उस दिन साथ में डिनर करेंगे | पर वो जल्दी नहीं आया | उसके आते ही मैंने उससे पूछा कि कहाँ था तू इतनी देर तक ? जब वो झूलते हुए आया तो वो मैं समझ गयी कि इसने बहुत ज्यादा दारु पिया हुआ है तो मैंने उससे ज्यादा कुछ नहीं पूछा और उसे सँभालते हुए उसके कमरे तक छोड़ आई | जब मैं उसे संभाल रही थी तो कभी उसका हाँथ मेरे दूध में लगता तो कभी मेरी चूतड़ पर | मुझे कहना तो नहीं चाहिए पर एक मर्द की तपिश पा कर मेरा रोम रोम रोमांचित हो गया | मेरी बरसो पहली अन्तर्वासना को मेरे बेटे ने फिर से जला दिया | मैं फिर से एक औरत बन गई अब मेरी उत्तेजना बढ़ चुकी थी | फिर मैंने उसे उसके रूम में छोड़ कर अपने रूम में आ कर अपनी चूत का पानी निकाली और बिना खाए सो गई | अगले दिन सुबह मैं चाय पी रही थी | सन्डे का दिन था तो वो भी देर से सो कर उठा और मेरे पास आ कर कहा मम्मी कल के लिए सॉरी मैंने कल बहुत ज्यादा पी ली थी | तो मैंने कहा देख ऐसा होता है पर तू बाहर पीने से अच्छा घर में पी लेता तो मैं तुझे गलत थोड़ी समझती इस उम्र में सबसे ऐसी गलतियाँ होती है | ये बात सुन कर उसे थोडा अच्छा लगा | मैंने उससे पूछा कि तूने इतनी ज्यादा क्यू पी लिया था ? तो उसने कहा कुछ नहीं मम्मी आप नहीं समझोगे |

तो मैंने उससे कहा देख तू मुझे अपनी मम्मी नहीं बल्कि अपना फ्रेंड समझ जिस ऐज से तू गुजर रहा है मैं उस ऐज से बहुत पहले गुजर चुकी हूँ इसलिए तू चुपचाप मुझे बता कि क्या बात है ? तो उसने कहा मम्मी मेरी एक गर्लफ्रेंड है मैंने उससे चुदाई के लिए कहा पर वो मुझसे न चुदवा कर किसी और के साथ रासलीला मना रही थी | मैंने उससे रंगे हाँथ पकड़ लिया जिस वजह से मैं कल मैं बहुत दुखी था | मैंने कहा बेटा इसमें उदास होने वाली बात नहीं है | ऐसा सभी के साथ होता है अगर तुझे चूत ही चाहिए है तो मैं हूँ न तू मुझे चोद कर अपनी प्यास और मेरी प्यास दोनों मिटा सकता है | तुझे किसी के सामने चुदाई के लिए भीख मांगने की जरुरत नहीं है | मैं जब तक हूँ तुझे किसी भी चीज़ की कमी नहीं होने दूँगी | इतना सुन कर वो तुरंत ही भावुक हो गया और मेरे होंठ में अपने होंठ रख कर किस करने लगा तो मैं भी उत्तेजित हो गयी तो मैं भी उसका साथ देने लगी और उसे किस करने लगी | फिर मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी और उसकी छाती चूमने लगी |

फिर मैंने उसके हाफ पेंट को उतार दी और अंडरवियर को भी उतार कर पूरा नंगा कर दिया और उसके लंड को हाँथ में ले कर सहलाने लगी | उसके बाद मैंने उसके लंड को अपने मुंह में ले कर चूसने लगी तो उसके मुंह से आहाआ ऊउन्न्ह ऊम्म्म्ह आनाहा ऊउम्म्झ्ह उन्नह की सिस्कारिया निकलने लगी | मैं उसके लंड को अपने मुंह में ले कर जोर जोर से ऊपर नीचे करते हुए चूस रही थी और वो सिस्कारिया लेते हुए मेरे मुंह की चुदाई कर रहा था | उसके बाद उसने मेरे पूरे कपड़े एक झटके में ही उतार दिया और मैं भी अब मैं भी उसके सामने पूरी नंगी हो गई और अब वो मेरे दोनों मम्मे अपने मुंह में ले कर बारी बारी से चूसने लगा तो मेरे मुंह से भी अआहा ऊउम्मंह ऊउम्म्ह आहा हाअहाआअ करते हुए सिस्कारिया ले रही थी | वो जोर जोर मेरे मम्मो को चूस रहा था और मैं उसके सिर को सहलाते हुए सिस्कारिया भर रही थी | फिर मैं सोफे पर ही अपने पैरो को फैला कर लेट गयी तो वो अपनी जुबान से मेरी चूत को चटाने लगा | मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उसका ऐसा करना ओर मुझे भी कई सालो बाद इतना अच्छा लग रहा था चूत चटवाने में | वो मेरी चूत को चाटने के साथ साथ चूत के दाने के साथ भी छेड़कानी कर रहा था जो मुझे सांतवे की असमान की सैर करा रही थी और मैं सिस्कारिया भरते हुए उसके सिर को अपनी चूत पर दबा रही थी | मुझे बहुत सालो बाद इस अनुभूति का एहसास हो रहा था | फिर उसने अपने लंड को मेरी चूत के दरवाजे में टिकाया और फिर एक ही झटके में अन्दर डाल दिया | मुझे थोडा दर्द हुआ क्यूंकि बहुत समय मेरी चूत में अन्दर जा रहा था | वो धक्के मारते हुए मुझे चोद रहा था और मैं आह्जा हाअहाआ ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊउम्म्ह आहाहा करते हुए चुदाई का मजा ले रही थी | फिर उसने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दिया और जोर से धक्के मारते हुए चोद रहा था और मैं भी आआहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आनाहा ऊम्म्ह करते हुए चुदाई में साथ दे रही थी | करीब उसने मुझे 20 मिनट चोदा और मेरी चूत के ऊपर ही अपना माल छोड़ दिया | उसके बाद हमने दो बार और चुदाई की और अब हम रोज ही चुदाई करते हैं | उस दिन के बाद से जब भी हम घर में रहते हैं तो बिना कपड़ो के ही रहते हैं |
जब भी हमे चुदाई का मजा लेना होता है तो चुदाई कर लेते हैं |

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी जरुर पसंद आई होगी |
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