Wednesday, January 17, 2018

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बिहारी हूँ बहन तो रोज चोदता हूँ

हैल्लो दोस्तों, मैं रणबीर बिहार से हूँ | मैं आईटीआई की पढाई करता हूँ, मेरी हाईट 5 फुट 10 इंच है | मेरा लंड का साइज़ 7 इंच है और मैं बहुत ही शौक़ीन हूँ | चुदाई का साथ ही साथ मैं सेक्सी स्टोरीज भी पढता हूँ जो की मुझे बहुत पसंद है और इन्हे पढ़ कर मुझे एक नयी दिशा मिली है की मैं आप लोगों की अपने साथ बीती एक सच्ची घटना को उजागर करूँ | वैसे तो मैं बहुत पहले से सोच रहा था की मैं अपनी ये कहानी सभी को बताऊँ पर मैं ये सोचता था कि कई लोगों को ये झूटी लगेगी इस वजह से मैंने किसी को नहीं बताया पर जब मैंने अपनी कई सारी ऐसी कहानियां पढी जो इन्सेस्ट थी तो मैंने भी सोचा की चलो ऐसे न बता कर मैं अपनी बात कहनी के रूप में ही साझा कर दूं | तो दोस्तों ये कहानी मैं पेश करने जा रही हूँ जो की मेरे और मेरी मुह बोली बहन की चुदाई के बारे में है | तो अब मैं सीधा कहानी पर आता हूँ बिना ज्यादा वक़्त लेते हुए |

ये बात पिछले साल 2016 की है, मेरे घर में मेरे मम्मी और पापा और मैं रहते हैं | मैं अपने घरवालों की एक अकेली संतान हूँ | मेरे घर बाजू में ही एक घर है जो की एक दम सटा हुआ है | उस घर में वो भी अकेली लडकी है और उसके मम्मी-पापा रहते हैं | हमारा घर और उनका घर काफी घुला मिला हुआ है | और वो मेरी मुंह बोली बहन है जो मुझे हर रक्षा बंधन में राखी बांधा करती है | जब से मैं जवान हुआ हूँ उस लड़की के लिए मेरी अन्तर्वासना जाग उठी थी और मैं उसे चोदना ही चाहता था चाहे जैसे भी चोदता पर चोदना चाहता था | उसका नाम अनुप्रिया है और वो दिखने में एक दम मधुबाला जैसी लगती है उसकी उम्र 22 साल की थी | जब मैंने उसे चोदा था मतलब पिछले साल और उसका फिगर दोस्तों क्या बताऊँ इतना गजब का फिगर है उसका की अच्छो अच्छो का लंड खड़ा हो जाए |

वो जो भी काम करती जैसे कहीं उसे जाना होता या कुछ सामान लाना होता तो वो मेरे साथ ही मेरी बाइक पर ही जाती और जब धचके पर गाड़ी उचकती या ब्रेक मारने पर जब वो मुझसे चिपकती तो मेरे लंड खड़ा हो जाता था | क्यूंकि उसके बड़े बड़े दूध मेरी पीठ से टकराते थे तो मुझे बहुत अच्छा लगता था | मैं हर रात उसे याद करके मुठ मारा करता था | एक दिन की बात है हम दोनों के घर वालो का प्लान बना की वैष्णो देवी घूमने चलेंगे सबका रिजर्वेशन हो चुका था | फिर ऐसे ही दिन बीत रहे थे और सब तैयारी कर रहे थे जाने की | हम दोनों….. बोले तो मैं और अनुप्रिया कि अपन खूब मस्ती करेंगे खूब मजे करेंगे | वो एक प्रकार से मेरी दोस्त भी थी और मेरी मुह बोली बहन भी पर ये सिर्फ उसके लिए था मेरे लिए तो वो एक चूत थी जिसको मैं सिर्फ चोदना चाहता था | हम सबकी तैयरी हो चुकी थी और हम सब तैयार थे जाने के लिए | हम सब का 10 दिन का टूर था वहाँ पर जाने के एक दिन पहले अनुप्रिया की तबीयत खराब हो गई थी फिर जाने वाले दिन उनके घर वालों ने जाने से मना कर दिए थे | तो मैंने उन्हें समझाया कि अगर आप लोग साथ नहीं जाओगे तो हम लोग भी नहीं जायंगे और रिजर्वेशन के पूरे पैसे वेस्ट चले जायंगे तो इससे अच्छा यही है कि आप सब लोग चले जाओ और मैं यहीं रुक के अनुप्रिया की देखभाल करूँगा |

सब राजी हो गए और फिर दो घंटे बाद उनकी ट्रेन थी तो मैं उन्हें स्टेशन छोड़ कर घर आ गया था और वो जा चुके थे | मैं अनुप्रिया के पास गया और उससे पूछा की तुझे केस लग रहा है तो उसने बताया कि मुझे बुखार लग रहा है तो मैंने उससे कहा कि सूप बना के दूं क्या ? तो उसने कहा हाँ फिर मैंने बनाना चालू कर दिया बना कर उसे सूप दिया और उसे सहारा देकर उठाया | फिर बैठ के आराम से सूप पी रही थी उसे मेरा ये सब करना बहुत अच्छा लग रहा था फिर उसने पूछा की तुम क्यूँ नहीं गए तो मैंने उसे बताया की तुम्हारी तबियत खराब है | तुम्हे इस हालत में मैं कैसे छोड़ कर जा सकता था तो वो बोली कि तू मेरा बहुत अच्छा भाई ये है | मैंने भी हाँ में हाँ मिला दिया और कहा की हाँ मैं तेर लिए बहुत कुछ नहीं हूँ न बस भाई हूँ ? तो वो बोली की नहीं रे पागल तू सब कुछ है मेरे लिए तो मैंने मजाक में कह दिया कि बॉय फ्रेंड भी हूँ क्या तेरा |

वो भी मजाक में बोली हाँ रे पगले तू मेरा बॉय फ्रेंड है | मैंने उसे फिर गले लगा कर कहा आई लव यू अनुप्रिया और फिर उसने भी कहा आई लव यू भाई फिर हम दोनों हसने लगे फिर मैंने कहा की चल अब तू आराम कर ले | मैं अब यहीं रुक रहा हूँ जब तक अपने घर वाले नही आ जाते | दो दिन बाद वो भी ठीक हो गई तो मैं भी खुश हो गया की चलो अब अच्छा है पर तब मैं उसे चोदने के बार में नहीं सोच रहा था | पर तीसरे दिन जब वो नहा कर निकली थी और उसने बस ऊपर का सलवार पहना हुआ था क्या गजब की मस्त लग रही थी और फिर मैं उसे चोदने के बारे में सोचने लगा गया और प्लान बनाने लगा की कैसे उसे चोदुं |

4 दिन से मैं मुठ मार रहा था जब वो नहाने गई हुई थी मुझे नहीं पता था की वो मेरे पीछे आ कर कब खड़ी हो गई है | मैं अपने आप में ही मुठ मार रहा था और अनुप्रिया अनुर्प्रिया आआहाआह आआहा आआआ अआजा जाने मन तुझे चोद दूं ये सुन के वो तपाक से बोली की ये तुम क्या कर रहे हो रणबीर ! मैं जल्दी से अपना लंड अन्दर डाल के बोला की कू क्कु कुछ नहीं मैं कुछ नहीं कर रहा था | तो वो बोली कि ज्यादा बनने की कोशिश मत करो मैंने सब देख भी लिया और सुन भी लिया | मैं बहुत डर गया था कि कहीं ये घर में किसी को बता न दे तो मैंने उसे सॉरी कहा और बोला की मुझे माफ़ कर दो | अब मैं आगे से ऐसा नहीं न करूँगा प्लीज ये बात किसी को नहीं बताना फिर वो बोली अरे पगले अब ये बात मैं किसी को क्यों बतौंगी मुझे भी तो तुम्हारा लंड दिखाओ मैं भी तो देखू की तुम्हारा लंड कैसा है | फिर मैंने उसे अपना लंड निकाल के दिखाया जो की एक दम ताना हुआ था और वो देख के बहुत खुश हो गई थी कि इतना बड़ा लंड और वो तुरतं सामने आ कर मेरा लंड अपने हाँथ में ले के पकड़ के हिलाने लगी और फिर किस करके चूसने लगी और मैं अहहहहाआ आहाआअ आआअहा आआहाहः आआआह्ह करके चुसवाने लगा अपना लंड | फिर मैंने उसे खड़ा किया और हम दोनों एक दुसरे के होंठ पे होंठ रख कर किस करने लगे और चाटने लगे पूरे कमरे में गरमा गर्मी का माहोल छा गया था |

फिर मैं उसके दूध पीने लगा जोर जोर से और वो अहाहा अआहा आहाहा आहा अ अघबा अह आराम से चूस न मैं कहाँ भागी जा रही हूँ हाहाहा आहा आआआअ आराम से करो ना | तो मैंने कहा कि बस जानेमन आज कर लेने दो न और फिर से उसके चूचे चूसने लगा | 10 मिनट तक उसेक दूध चूसने के बाद फिर मैंने उसकी टाँगे चौड़ी करके उसकी चूत चाटने लगा और वो मदहोश होने लगी | उसकी चूत से बहुत प्यारी सुगंध आ रही थी और मैं भी पूरे जोश में उसकी चूत चाटें जा रहा था | फिर उसके बाद मैं उसकी चूत को उँगलियों से चोदने लगा और चाट रहा था और वो पागलो की तरह आआः आआआह हाहाहाहा अहहहह्ह्ह्ह आआआअह आआहः आआअह्बा आआआआह आहाहह्हा अबहहहः अहहह्हहहहा करके अपनी गुलाबी चूत चुसवाए जा रही थी |15 मिनट तक उसकी चूत चाटने के बाद उसने मुझे लेटा दिया और फिर मेरा लंड चूसने लगी 10 मिनट तक उसने मेरा लंड चूसा और बोली की चलो अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है अब जल्दी से मुझे चोद दो | फिर मैंने उसे कुतिया बनाया और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया उसे बड़ा ही मजा आया जब मैंने उसकी चूत में अपना लंड डाला | फिर मैं उसे चोदने लगा और वो आआआअह आहाहहः अहाआआअह आहाहाहा अहहह्हः आहाहहहहः अहहहहा अहहहः कर रही थी | मैं उसे हर पोजीशन में चोदने लगा और उसे मेरा ये तरीका बहुत पसंद आया | 20 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना माल उसकी चूत के ऊपर ही छोड़ दिया था | फिर उसके बाद उसने फिर से मेरे लंड को खड़ा कर दिया और फिर चुदाई चालू हो गयी थी | जब तक हमारे घर वाले नहीं आए थे तब तक हम दोनों ने बहुत चुदाई का खेल खेला था और जब भी हमे मौका मिलता हम किसी न किस बहाने चुदाई कर लिया करते हैं |
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