Saturday, February 3, 2018

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आंटी के सपने को पूरा किया चोद कर -1

हाय फ्रेंड्स कैसे है आप सब ? दोस्तों यह जो कहानी मैं आपको लोगों को बताने जा रहा हूँ यह कहानी एक दम सच्ची घटना है और आज से दो साल पहले की है | दोस्तों यह मेरे घर के पीछे रहने वाली आंटी की है और मै उन आंटी से बहुत प्यार करता हूँ | क्यूंकि वो आंटी मुझे बहुत अच्छी लगती है | इतनी सेक्सी इतनी गजब की माल है की किसी का भी आराम से लंड खड़ा कर सकती है | उसका फिगर 38-30-38 और उसकी उम्र 35 साल है पर देखने में वो 25 साल की लगती है | उसका नाम रिती है | उसकी छाती के दूध इन्ते बड़े बड़े हैं जैसे कोई खरबूज हो और उसकी गांड इतनी मोटी है जैसे कोई तरबूज हो | मेरा लैंड उसकी गांड देख के हमेशा खड़ा हो जाता था जब भी उसे चलते हुए देखता था | जब भी वो चलती थी उसकी गांड हमेशा मटकती रहती थी | और हब जब मै उसकी मटकती गांड देखता था मेरा लैंड पेंट में ही तम्बू बन जाता था | आंटी बहुत अच्छी थी लेकिंग अंकल के काम की वजह से वह ठीक से एन्जॉय नहीं कर पाती थी | क्यूंकि उसके पति बाहर एक अच्छी कंपनी में एक ऑफिसर थे और अक्सर बहार रहते थे | फिर एक दिन उनके घर गया तो देखा की रीती आंटी एक दम अकेली थी घर में तो मैंने पूछा की सभी लोग कहा गये हैं ? तो आंटी ने जवाब दिया की अंकल के काम के बारे में तो तुम्हे पता ही है और सभी बच्चे बड़े भाई साहब के यहाँ गये हैं और कल शाम तक ही आयेंगे |

तब ही आंटी ने मुझसे कहा की चलो बेठे | तो मैंने थोड़ी देर बैठ कर इधर उधर की बातें की और फिर मैंने आंटी से कहा थी क है आंटी मैं चलता हूँ थोडा काम है मुझे फ्री था तो सोचा की आपसे मिल लूं | आंटी ने मुझे रोक लिया और कहा की अभी मुझे नहाना है जब तक तुम मेरे घर का ख्याल रखो मैं बस थोड़ी देर में नहाके आती हूँ | आंटी गाउन में थी और उस लाल गाउन में बहुत ही बड़े बूब्स सेक्सी सेक्सी दिख रहे थे, फिरन उनने बोली की तुम कंप्यूटर भी ठीक कर देना बहुत दिनों से खराब है लेकिन मुझे नहीं पता था की आंटी भी कंप्यूटर ऑपरेट करती है और मैं वहीँ रुक गया और आंटी नहाने चली गयी और मैं बेडरूम में थी बैठा रहा |

तभी मैंने बीएड की तरफ देखा की टावल और ब्रा पेंटी तो यहीं पड़ी है | ब्रा पेंटी बहुत बड़ी थी और फिर आंटी ने मुझे आवाज़ डी और कहा की मुझे टावल देदो मैं बहार ही भूल गयी | फिर मैंने आंटी को टावल दिया | फिर मैं जैसे ही रूम तरफ आ रहा था फिर आंटी ने आवाज़ दी की राजा मेरी ब्रा और पेंटी भी मुझे दे दो | तो मैंने आंटी को ब्रा और पेंटी भी दिया | अब आंटी नहा कर बाहर आई और आंटी नें सफ़ेद कलर का सूती कपडा पहना था और उसमे आंटी की काली ब्रा साफ़ नज़र आ रही थी | फिर मैंने आंटी से कहा की अब मैं चलता हूँ तो आंटी ने कहा की क्या तुम्हे कुछ काम है ? तो मैंने कहा की हाँ आंटी काम तो है पर ठीक है वो मैं शाम को कर लूँगा उनने कहा की मैं घर में अकली हूँ और बोर हो जाउंगी तो थोड़ी देर तुम यहीं रुक जाओ |मैंने कहा ओके आंटी फिर हम ऐसे ही पर्सनल बाते करने लगे आंटी अपनी लाइफ के बारे मैं बताने लगी थी | फिर उनने पूछा की क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं? और तुमने कभी सेक्स किया है क्या ? मैं एक दम सुन्न रह गया की अचानक से आंटी ने ये कैसे पूछ लीं | मैं भी समझ चुका था क्या आंटी क्या चाहती है तो मैंने भी मौके पे चौका मार दिया मैंने भी कह दिया आंटी मुझे आप बहुत पसंद हो मैं आपको बहुत प्यार करता हूँ और हा आंटी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है | आंटी ने कहा की तू मुझसे झूट मत बोल तूने अपनी अंजलि को छोड़ा है मुझे ये बात पता है | और सच कहूं तो कभी कभी मुझे लगता है की तुम्हे घर बुला कर अपनी प्यास बुझा लूं लेकिन क्या करू घर पर बच्चे रहते हैं | मैंने सोचा की जब घर आओगे तो ही तुमसे बात करूंगी | तेरी माँ को बोलना पड़ेगा की तेरी जल्दी शादी करवा दे |

मैं अचानक से डर गया और फिर आंटी ने कहा की दरो मत मैं कुछ नहीं कहूंगी और मैंने तुझे भी नंगा देखा है |फिर मैंने आंटी से पूछा की कब अपने मुझे नंगा देखा ? तो आंटी ने कहा की जब तुम अपने घर में नंगे हो के कपडे बदल रहे थे रतो मैंने अपने कमरे से देखा था |आंटी का घर मेरे घर के जस्ट पीछे है और विंडो सब दिखाई देता है | अब मैं बिलकुल शांत हो गया था और मैंने उनसे कुछ भी नहीं कहा | फिर वो बोली की मेरी चूत भी बहुत प्यासी है क्या अपनी आंटी की प्यास नहीं बुझायगा | बोल ना ऐसे शांत क्यों बैठा है….बोल ना तेरा लंड मेरी चूत की खुजली मिटाएगा ? फिर मैएँ भी मन में सोचा की क्यों मैं देर करू क्यों आंटी को गुस्सा करूँ क्यूंकि वो आंटी बहुत गुस्से वाले स्वभाव की थी |

आंटी ने अब अपना हाथ मेरे लंड पर रखा मुझे तब बहुत अच्छा लगा मेरी भी अन्तर्वासना जाग उठी | मैं उस वक़्त उस सेक्स की देवी के साथ था और वक दम अकेला वो इतनी सेक्सी थी की कोई भी ऐसा मौका हाथ से नहीं जाने देगा और मैंने भी किया क्यूंकि मेरी आदत है मौके पे चौका मारना | फिर क्या था मैंने भी आंटी से कह डाला आंटी मुझे आपको चोदना है और मै आपसे बहुत प्यार करता हूँ आंटी ने भी मेरा साथ देते हुए कहा तो चोदना तुझे रोका किसने है पागल | आ चोद डाल अपनी आंटी को बुझा दे अपनी आंटी की चूत की प्यास जो हमेशा प्यासी रह आती है|

मैं आंटी के पीछे गया और जोर से उनकी गांड पे थपकी मारा और मैंने बोला तेरी इसी गांड के पीछे तो तेरा दीवाना हूँ और आज मैं चूत के साथ तेरी गांड भी चोदुंगा | बोल चुद्वायेगी अपनी गांड ? उसने ताव में आके बोली हां राजा सबी कुछ तो तेरा ही है जो करना है कर ले मेरे साथ आज मौका है क्या पता कल मौका मिले या नहीं | फिर मैं और आंटी एक लम्बी सिस्कारिया लेते हुए किस कर रहे थे दोनों एक दुसरे के जिस्म से सटे हुए थे और चुम्मा चाटी कर रहे थे हम दोनों ही चुदाई के आगोश में लिप्त थे और एक दुसरे के होंठो के रस को चूस रहे थे |

फिर इसके बाद मैंने आंटी का गाउन उतारा और ब्रा पेंटी उनके पलक झपकते ही सब निकाल दिया क्या गजब गोर जिस्म की मल्लिका थी यार दोस्तों बहुत गजब माल लग रही थी उसके बाद मैं उसके ऊपर टूट गया और जोर जोर से उसके दूध को दबा दबा के पीने लगा उसने प्यार से बोली जान आज अपने पास बहुत टाइम है आराम से पी मेरे दूध को इतना हडबडा मत मैंने कहा आंटी मुझे तो बहुत जल्दी है तुझे छोड़ने की उसने कहा अब कोई आंटी नहीं है मेरे नाम से बोल मुझे राजा | फिर मै रीती के दूध से हट कर उसकी चूत चाटने लगा और वो उऊंन्ह्ह अआः अआहा आहाहहः ह्हहा अहाह आहा और चाट मेरी चूत राजा और चाट हाए क्या माजा आ रहा है और चाट राजा अआः आआहः अहहहहः उऊंन्ह्ह अआः आः फिर उसकी चूत चाटने के बाद मैं उसकी गांड को अच्छे से चाटा फिर उसने मेरा लंड अपने मुह में लेकर चूसने लगी | मुझे इतना मजा आ रहा था जब वो मेरा लंड पी रही थी |फिर मैंने देर न करते हुए मैं उसको लेटाया और अपना लैंड उसकी चूत में रगड़ रहा था और बोल उठी जान अब मत तडपा सीधा चोद डाल मेरी चूत को आः अआहा हहहः हाहहाः अआः बना दे मेरी चूत का भोसडा आआअह्ह्ह्ह आआह्ह्हा ह्ह्ह्हा ऊंन्ह्ह्ह फिर मैंने बोला हाँ रानी अब तो तू मेरी है तेरी चूत तो खा जाऊंगा फिर मैं उसके चूत पे लंड टिका के एक जोरदार झटका मारा और उसकी चीख निकल गयी आराम से चोद मार डालेगा क्या अआः हाहहः आहाहहः अब चोद आआः अआहा अहाहाहा क्या मस्त लंड है रे तेरा आः अहहहहः हहहः चोद जान और चुद फाड़ डाल मेरी चूत को आआह्ह्ह आआह्ह्ह्ह फिर मैं सटासट उसकी चूत में लंड पेलता रहा हम दोनों को मजा बहुत आ रही थी और वो भी मजे से चूत में मेरा लंड ले रही थी उस टाइम हमने बहुत चुदाई की पूरे कमरे में फच फच की आवाज़े आ रही थी | पूरा कमरा चुदाई की खुशबू से भर गया था |

दोस्तों इसके आगे की कहानी में बताऊंगा की कैसे मैंने रीती की गांड मारी |आप लोगों को कैसी लगी मेरी यह कहानी बताना जरुर | उम्मीद करता हूँ की आप लोगों को पसंद आई होगी | धन्यवाद |
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