Friday, February 2, 2018

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पहले पहले प्यार का लम्बा इंतजार 2

antarvasna हेल्लो दोस्तों मैं अपनी कहानी पहले पहले प्यार का लम्बा इंतजार का दूसरा भाग लेकर हाज़िर हूँ | दोस्तों अब लोग इस भाग को पढ़कर मज़े ले और अपने लंड को हाथ में पकड रक्खे क्यूंकि इस कहानी को पढने के बाद आप लोगो के लंड का पानी निकल ही जायेगा |

मैं आप लोगो को पहले भाग में बता रहा था की मैं अनामिका से अपने प्यार का इजहार कर दिया था और वो भी मुझसे पट गयी थी | अब इसके आगे ?

उस रात वो मेरे साथ बिस्तर पर लेट गयी थी और मैंने उसकी होठो को चूम लिया था | दोस्तों उस रात मेरी और उसकी वो पहली किस थी जिसको करने में मुझे बहुत मज़ा आया था |

मैं उसकी होठो को चूमने के साथ उसके छोटे और संतरे जैसे दूध को हाथ में पकड लिया था और हल्के हाथ से दबा दिया था जिससे उसके मुंह से आ..ह.. ह…. ऊ… की बहुत हल्की आवाज निकल गयी थी |

जब मैं उसके साथ इससे ज्यादा करने लगा तो वो मुझे माना करने लगी और बोली यार ये क्या कर रहे हो मुझे कुछ भी अच्छा नही लग रहा है |

मैं – कुछ नही करूँगा बस देख रहा हूँ जान ?

वो – हाँ यार कुछ मत करना |

मैं – हाँ सच में कुछ नही करूँगा |

दोस्तों क्यूंकि अगर मैं उसके साथ उस रात कुछ कर देता तो उस रात के बाद वो मुझसे बात भी नही करती इसलिए मैंने उसके साथ कुछ वैसा नही किया |

दोस्तों कच्ची कली थी उसके साथ ऐसे कुछ करना सही भी नही था | उसकी उम्र भी स्वीट 18 थी और आप लोगो को तो पता ही होगा इस उम्र में लड़की कितनी सेक्सी लगने लगती है |

मैं उस रात उसके साथ केवल मस्ती कर रहा था और कुछ देर तक उसकी होठो को चूमने के बाद मैंने उससे कहा की जान मुझे ये दिखाओ ?

अनामिका – ये क्या बोल रहे हो ?

मैंने उसकी दोनों चुचियों को कपडे के ऊपर से पकड लिया और कहा इन्हें दिखाओ ना |

वो – नही ये मुझे सही नही लग रहा है |

मैं – यार बस देखूंगा और कुछ भी नही करूँगा तुम मुझे दिखाओ तो |

दोस्तों वो शरमा रही थी और बोली पहले तुम अपनी आंखे बंद करो | मैंने उसके कहने पर अपनी आंखे बंद कर ली और उसने अपनी कुर्ती को ऊपर उठा दिया | दोस्तों तब मैंने आंखे खोली और देखा क्या जिस्म था ? और उसकी चूचियां तो एकदम लाल हो रक्खी थी जैसे कश्मीरी सेब | मेरा मन हुआ की मैं इसकी चुचियों को खा जाऊं पर मैं उससे कहा था की कुछ नही करूँगा तो मैंने सिर्फ हाथ में पकड कर देखा |

वो उस रात मेरे साथ केवल 10 मिनट ही रुकी थी और फिर जाने लगी तो मैंने उससे कहा जान रुक जाओ न कुछ देर और | वो बोली मैं नही रुक सकती हूँ मैं आज मम्मी के साथ ही सोई थी अगर वो जग गयी तो मुझे धुधने लगेंगी | मैं कल फिर तुमसे मिलने आ जाउंगी पर मुझे आज जाने दो प्लीज़ ?

मैं भी उसकी बात से सहमत था की अगर उसकी मम्मी जान गयी तो क्या होगा ? मैं सोच सकता हूँ इसलिए मैंने उस रात उसे जाने दिया | दोस्तों उस रात के बाद वो दूसरी रात भी आई और उस रात मैंने उसे अपना बनाने के बारे में सो लिया था | जब वो उस रात आई और मैंने उसे उस रात पूछा क्या आज भी मम्मी के पास लेटी थी |

वो नही जी आज नही लेटी थी और ये कहती हुई अपने सर को नीचे कर लिया | उस रात वो काले शूट में आई थी और बहुत ज्यादा मस्त लग रही थी | तब मैंने उसे अपने दोनों हाथो से पकड कर बैठाया और वो बिना कुछ बोले ही बैठ गयी | मैंने तब अपने कमरे का दरवाजा बंद किया और उसके पास जाकर बैठ गया | उस रात वो मेरी आँखों में देखने लगी और मैं उसकी आँखों में झाकने लगा | मैं उसकी आँखों में झाँक रहा था |

वो मुझे ऐसे देखते देखकर बोली – ऐसे क्या देख रहे हो ?

मैं – जान तुम्हारी आँखों में डूबने का मन हो रहा है ?

वो – ये कैसे होगा ?

तब मैंने उसकी टांगो पर अपने सर को रख लिया और लेट गया | मैं अब उसकी आँखों में देख रहा था वो मेरी आँखों में देखती रही | हम दोनों ऐसे ही एक दुसरे की आँखों में 10 मिनट तक देखते रहे और मुझे अब उसकी आँखों का नशा हो गया था |

अब क्या था… मैंने बिना टाइम को बर्बाद किये ही उसकी होठो पर अपनी होठे रखे और चूमना शुरू किया | उसके रसीली होठ मुझे अमृत लग रहे थे और मैं उन्हें चूसता जा रहा था | सायद अनामिका भी यही चाहती थी की मैं उसकी होठो को चुसू ?

कुछ देर बाद उसने भी जवाब में मेरी होठो को चूसना शुरू किया और मैं उसकी होठो को चूसने लगा | मैं उसकी होठो को और वो मेरी होठो को 10 मिनट तक ऐसे ही चूसते रहे जिससे उसकी होठे लाल हो गयी थी और वो अब मदहोश होने लगी थी |

मैं उसकी होठो को चूसने के बाद मैं उसके गले को चूमने लगा और ऐसे चूमने लगा था जैसे की मैं इस काम में एक्सपर्ट हूँ | मैं उसके गले को चूम रहा था और वो मदहोश हो रही थी | मैं जब उसको चूमने लगा तो उसकी सांसे तेज हो गयी और वो मुझे कस के पकड लिया और मुझसे लिपट गयी | दोस्तों मुझे उस टाइम ऐसा लगा की वो मुझे सेक्स करने के लिए कह रही है | तब मैंने बिना कुछ सोचे ही उससे अगल हो गया और अपने कपडे निकाल दिए | फिर उस कच्ची कली के साथ सेक्सी करने की तैयारी करने लगा |

वो मुझे ऐसा करते देखकर बोली – आप ये कपडे क्यूँ निकाल दिए हो ?

मैं – यार तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुम्हे प्यार देना चाहता हूँ |

वो – प्यार कैसे दिया जाता है ?

मैं – तुम्हे करके बताऊँ ?

वो – नही पहले ऐसे ही बता दो कैसे ?

तब मैंने अपने फ़ोन को निकाला और उसमे एक सेक्सी मूवी चलाई और उसे देखने को कहा |

वो ये देखकर मुझसे बोली – आप कितने गंदे हो ये मुझे नही करना है |

मैं – क्यूँ नही करना है यार मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ तुम मुझसे प्यार नही करती हो क्या ?

वो – मैं तुमसे प्यार करती हूँ पर मेरी मम्मी ने कहा था की ये शादी के बाद किया जाता है ? अगर इससे पहले करो तो इज्जत चली… जाती.. है |

मैं – यार वो तो ऐसे ही बोल रही होंगी अगर तुमको ऐसा लगता है तो हम आज अभी शादी कर ले ?

वो – नही.. नही… अभी मैं बहुत छोटी हूँ जब मम्मी की तरह हो जाउंगी तब करुँगी ?

दोस्तों उसे अभी प्यार का अहसास नही हुआ था की प्यार किसे कहते थे | उसको तो ये भी नही पता था की प्यार क्या होता है पर सायद मैं उसे अच्छा लगता था इसलिए मिलने आ जाती है | दोस्तों मुझे भी सेक्स के बारे में नही पता था और धन्यवाद सेक्सी कहानियों को जो मुझे इतना ज्ञान दिया |

फिर मैंने उससे कहा की यार तुम मुझसे प्यार भी करती हो ?

वो बोली मुझे नही… पता ?

मैं उसके मुंह से ये बात सुनकर समझ नही पा रहा था की वो क्या कह रही है |

तब मैंने उससे कहा तो तुम मुझे इतनी रात में मिलने क्यूँ आई हो ?

वो बोली की अगर तुम नराज़ हो जाते तो इसलिए ?

मैं यार तो इसे ही तो प्यार कहते हैं ? अगर तुमको मुझे प्यार नही होता तो तुम रात को मुझे मिलने क्यूँ आती ? वो मुझे आप बहुत अच्छे लगते हो और आपसे बात करना बहुत अच्छा लगता है इसलिए मैं तुम्हसे मिलने आती हूँ |

तब मैंने उसे फिर से अपनी बाँहों में भर लिया और उसे बिस्तर पर लेकर लेट गया और चूमने चाटने लगा | दोस्तों मैं समझ गया था की अगर मैं इसके साथ कुछ करता हूँ तो ये मुझे माना जरुर करेगी पर अगर मैं नाराज़ होने का नाटक करूँगा तो ये मान भी जाएगी |

मैंने तब उसकी कुर्ती को ऊपर किया और उसकी चोचियों को पकड कर दबा दिया जिससे उसके मुंह से आह.. ह.. ह..ह..ह…. की आवाजे निकाल गयी | वो मुझसे बोली यार ये मत करो मुझे कुछ कुछ हो रहा है | मैंने तब अपने मुंह घुमा लिया और ऐसा करने लगा जैसे मुझे उसकी बात बहुत बुरी लगी हो | अनामिका को ऐसा ही लगा की मैं नाराज़ हो गया हूँ तो उसने मुझसे कहा सॉरी जी नाराज़ हो गए क्या ?

मैं – हाँ और क्या नही मैं तुमसे इतना प्यार करता हूँ और तुम मुझे प्यार ही नही करती हो |

वो – तो क्या करूँ जो तुम्हे लगे की मैं तुमसे प्यार करती हूँ ?

मैं – बस मेरा साथ दो |

वो बोली – तुम मुझे कभी छोड़कर मत जाना और जो मन हो तुम्हारा कर लो मेरे साथ | दोस्तों मैं उसके यहीं कहने का इंतजार कर रहा था | तब मैं उसकी कुर्ती की निकाल दिया | क्या नज़ारा था मैं तो देखता ही रह गया | उसके छोटी छोटी चूचियां और मैं उनको हाथ में पकड कर दबा दिया |

फिर उसकी होठो को चुम्बन करना शुरू किया और नीचे की और करते हुए बढ़ने लगा | जब मैं उसके जिस्म पर चुम्बन करने लगा तो उसकी सांसे तेज हो गयी और उसके जिस्म ने सर्दी के मोसम में भी पसीना छोड़ दिया |

मैं तब उसके पेट पर चुम्बन करके हुए उसकी गहरी नाभि में अपनी जीभ को लगाकर कर चटाने लगा | मैं जब उसकी गहरी नाभि को चाटने लगा | उसने मुझे कस के पकड लिए और मुझसे लिपट गयी | दोस्तों मेरे चुम्बन का असर उस पर हो रहा था और वो गर्म भी होने लगी थी | मैं उसकी नाभि को जितने जोर से चाटता वो उतने ही जोर से आह… हय… ह..सी… अह.. ओह…. की सिसकियाँ पर सिसकियाँ लेने लगी | मैं उसकी नाभि को चूमने के बाद उसके सिलवार भी उतारनी शुरू की तो उसने मेरे हाथ को पकड लिए और मुझे लगा की वो मुझे माना कर रही है पर वो मेरा साथ दे रही थी और अपनी सिलवार को खुद ही निकाल दिया | दोस्तों क्या नीचे का नज़ारा था | मैं तो देखता ही रह गया था | अब मुझसे रुका नही जा रहा था क्यूंकि मेरा लंड लोहे की तरह खड़ा हो गया था | मेरा लंड 6 इंच लम्बा और मोटा 2.5 इंच का हो चूका था |

वो भी मदहोश हो चुकी थी और तेज सांसे ले रही थी | अब मैं उसे जन्नत में ले जाने वाला था | दोस्तों आप लोगो को मज़ा तो आ ही रहा होगा और ज्यादा मज़ा मैं आप लोगो को इसकी अगली कहानी में दूंगा |

मेरी कहानी पढने के लिए धन्यवाद…………….. और कैसी लगी मुझे जरुर बताये |
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