Thursday, February 1, 2018

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अंकल से चुदवाने के चक्कर में हुआ रेप भाग 3

हेल्लो दोस्तों | मैं फिर हाज़िर हूँ आप लोगों के सामने अपनी आगे की स्टोरी के साथ | जैसा की मैंने आप लोगों को अपनी पिछली स्टोरी में बताया की कैसे उन 6 लड़कों नें मेरे साथ रेप किया और फिर मैं कैसे वहाँ से भाग के एक सुनसान सड़क में आ गयी जहाँ मुझे वो परिवार मिला जिन्होंने मुझे घर तक छोड़ा | अब मैं आपको आगे की काहानी बताने जा रही हूँ |

मैं अब घर आ चुकी थी मैंने अपने रूम मेट के साथ ऐसा कुछ बीहेव नहीं किया जिससे उनको लगे कि मेरे साथ रेप हुआ है | फिर भी सब मुझसे पूछ रहे थे की तू उस रात कहाँ चली गयी थी हम लोग पागल हो गये थे तुझे ढूंढ ढूंढ के | हमने ने सारी रात तुझे ढूँढा तेरा कोई अता पता नहीं था क्या तुझे ज़रा भी चिंता नहीं थी की हमलोगों का क्या हाल हुआ होगा हम सभी कितना डर गये थे | वेसे ही वो लडको का सामना किया और फिर तेरा ऐसा गुम होना | बोलो न क्या हुआ कुछ बताय्गी भी या नहीं ? मैंने कुछ नहीं कहा मुझसे सब पूछते रहे और मैं कुछ न बोली | फिर उसके बाद मैं जा कर सो गयी और मैंने मन में सोचा की अगर मैं किसी को कुछ नहीं बोलूंगी तो सब शक करेंगे तो इससे बेहतर यही है की मैं कोई भी बहाना बता दूं | फिर मेरी नींद लग गयी थी | मैं सो कर उठी और एक दम नार्मल हो के मैंने कहा अबे प्रियंका चाय शाये पिला बे रात भर सोयी नहीं थी अब जा कर मेरी नींद पूरी हुई | तबाही उसने मुझसे पूछा की तू थी कहाँ रात भर तो मैंने उससे कहा की मैंने तुम सब से एक बात छुपा रखी थी की मेरा बीऍफ़ है | मुझे कल मौका मिला था उससे मिलने का तो मैं तुमलोगों को बिना बताये वहां से निकल गयी थी सॉरी यार फ्रेंड्स अब मैं ऐसा कुछ नहीं करुँगी | तब जा कर सब नार्मल हुए |

दो दिन ऐसे ही बीतने के बाद मैं फिर अंकल की तरफ आकर्षित होने लगी | मैं अब अंकल के प्यार में दीवानी हो चुकी थी | मैं चुद तो चुकी थी इसलिए मुझे अब डर नहीं था किस भी बात का मैं बस अब अंकल से चुदवाना चाह रही थी पर दो दिन की छुट्टी पड़ गयी थी कॉलेज की तो मेरी फ्रेंड्स कॉलेज नहीं जा रही थी तो मैंने प्लान बनाया की अंकल से रात में चुदवाना ही बेहतर होगा | फिर मैं प्लानिंग करने लगी | रात में मैं अंकल के रूम करीब रात के 1:30 गयी और दरवाजे के छेद से झाँक रही थी की अंकल क्या कर रहे हैं मैंने देखा की अंकल फिर अपना लंड हाथ में ले के मुठ मार रहे हैं | मुझे ये सब देख के कुछ कुछ होने लगा था मेरा हाथ अपने आप मेरे दूध में चला गया था और मैं अपने दूध को जोर जोर से मसलने लगी | मेरा मन तो ऐसा हो रहा था की तुरंत दरवाज़ा खोल के अन्दर चली जाऊं और अंकल लंड अपनी चूत में डाल के खूब चुदवाऊ | पर ऐसा कर नहीं सकती थी क्यूंकि अंकल के बच्चे जाग गये तो आफत हो जायगी | इसलिए मैंने अगले दिन तक का वेट किया क्यूंकि कॉलेज की दो दिन की छुट्टिया भी ख़त्म हो जाती और अंकल के ऑफिस से आने का वेट करने लगी |

अगले दिन जब अंकल आये तो मैंने अंकल को अपने पास बुला लिया और उनके गले लग कर कहने लगीं की आई लव यू मुझे आपसे प्यार है और मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ | मैं आपके साथ सेक्स करना चाहती हूँ और इतना बोल के अंकल को गले लगा कर खूब किस करने लगी और अंकल भी मेरा साथ देने लगे | कुछ देर ऐसे ही किस करने के बाद अंकल मुझे दूर किया और कहा की अभी ये वक़्त सही नहीं है रात को तुम 12 बजे मेरे रूम आ जाना | फिर मैंने कहा की आप के बच्चे वो भी तो होंगे न घर पर फिर मैं कैसे आ पाऊँगी | तब उनने कहा की तुम टेंशन मत लो बस तुम 12 बजे आ जाना रूम पर दरवाज़ा खुला रहेगा तुम बिना नॉक किये अन्दर आ जाना | मैंने कहा ओके और एक किस कर के अपने रूम आ गयी और अंकल अपने रूम चले गये | मैं बस रात का ही इंतजार कर रही थी ओर इस दौरान मैं २ बार अपनी चूत सहला कर चूत का पानी निकला | मैं थक गयी थी तो मैं सो गयी मेरी शाम के समय नींद खुली तो मैंने देखा कि यह लोग आज भी किसी पार्टी में जाने की बात कर रहे थे इन लोगों ने मुझसे कहा की तू चलेगी क्या मैंने मना कर दिया था और बहाना बना दिया था की मुझे ठीक नहीं लग रहा है तो तुम लोग एन्जॉय करो पार्टी |

उनके जाने के बाद मैं 12 बजे का इंतजार करने लगी जैसे ही 12 बजे मैं तुरंत अपने रूम से निकल कर अंकल के रूम की तरफ चल दी | डर किसी का था नहीं क्यूंकि मेरी फ्रेंड्स सब पार्टी में चली गयी थी बस डर था तो अंकल के बच्चो का | मैं अंकल रूम पर पहुंची वहां मैंने देखा की अंकल के रूम का दरवाजा खुला था मैं धीरे से अन्दर गई अंकल ने मुझे अपनी बाँहों में भर लिया मैंने अंकल से कहा की मेरे रूम पर कोई नहीं है | अगर प्यार ही करना है तो क्यूँ न मेरे रूम में चले तब अंकल ने पूछा की कहा गये सब तब मैंने कहा की पार्टी में गये हैं | तब अंकल कुछ नही बोले और बहुत खुश हुए | मैं अपने रूम की तरफ गांड मटका मटका के जा रही थी और अंकल दरवाजा धीरे से बंद करके मेरे रूम में आ गये और मुझे बांहों में भर के किस करने लगे और मेरे होंठो को चाट रहे थे | मैं भी उनके होठ को किस करके चाट रही थी फिर वो मेरा गाउन उतार कर मेरे उभारो को चूस रहे थे और मैं उनका लंड बाहर से ही सहला रही थी | अंकल के दूध चूसने से मेरी चूत गीली होने लगी थी और अब मुझसे रहा नही जा रहा था मैंने अंकल से कहा की बस अब मुझे चोद दो मैं बहुत उतावली हूँ आपका लंड लेने को |

फिर अंकल ने कहा जान इतनी भी क्या जल्दी है अभी तो कहानी चालू ही हुई है | इतना कह कर अंकल ने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरी टाँगे खोल के चूत चाटने लगे मेरे मुंह से आआह्ह्ह अहहहः हहहहः ह्ह्हाब औऊउन्न्ह आहाहाहा की आवाज़े आ रही थी जो अंकल का जोश बढ़ा रही थी | अंकल जोर जोर से मेरी चूत चाटे जा रहे थे मुझे बहुत मजा आ रहा थी और मैं अंकल का सर पकड़ के अपनी चूत में दबा रही थी | फिर अंकल ने शहद से मेरी चूत को भर दिया और उसके बाद वो चाट रहे थे पूरे शहद को | मुझे बहुत मजा आ रहा था | मुझे तो लग रहा था जैसे मैं सातवे आस्मां में उड़ रही हूँ | फिर उसके बाद अंकल ने अपना लंड निकला अपने निक्कर से और मुझे चूसने को कहा | मैंने भी झट से अंकल का लंड अपने हाथ में लिया और मुंह में भर के चूसने लगी | अंकल भी आआहहह हहहहः हहहाहः अहहहहः हहहहः कर रहे थे और मैं अंकल का लंड मजे से लोलीपोप की तरह चूस रही थी | अंकल का लंड किसी गरम सरिया जैसे था एक दम हार्ड था | लंड मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रही था अंकल का लंड चूसने में | फिर अंकल ने मुझे लेटा दिया और मेरी चूत में थूक कर उसमे लंड रगड़ने लगे और उसके बाद उन्होंने अपना लंड मेरी योनी के द्वार पर रख एक जोरदार झटका मारा | मेरी तो सांसे ही रुक गयी थी | मैं जोर से आआआअह करके के चीखी | अंकल के लंड का वार ऐसे था जैसे किसी ने मेरी चूत में गरम सरिया डाल दिया | एक तो अंकल बड़ा लंड था फिर अंकल के लगातार झटके से मुझे भी मजा आने लगा था | मैं भी आहाहहः अहहहहब ऊऊन्न्ह्ह आआऊउन्ह आहाहहः अहहहः अहहहः उऊंनंह करके अपनी चूत की चुदाई करवा रही थी | मैं अब बताऊँ दोस्तों अंकल के लंड में असली जान थी | चुदाई दौरान मैं ३ बार झड़ चुकी थी और अंकल अभी तक एक बार भी नहीं झड़े थे | अंकल की धुआंधार चुदाई देख के तो हर किसी का मन उनसे ही चुदवाने का हो जाये | आखिर अंकल लंड 12 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा जो था |

उसके 15 मिनट बाद अंकल ने अपना वीर्य मेरे दूध में निकाल दिया और हम दोनों आजू बाजु लेट गये | फिर थोड़ी देर बाद मैंने फिर अंकल के लंड को खड़ा कर कर दिया और फिर अंकल ने मुझे 1 घंटे तक चोदा था | मुझे अंकल से प्यार हो गया था आखिर क्यूँ न हो वो एक विशालकाय लंड के मालिक जो थे | अब तो ऐसा हो गया की जब भी आंटी जाती तो मैं उनसे चुद्वाती | एक दिन मेरी दोस्तों ने मुझे पकड़ लिया था उनसे चुद्वाते हुए फिर वो भी अंकल से चुदवाने लगी | अब जब भी जिसको भी मौका मिलता हमलोग उनसे चुदवा लेती और अपनी चूत की प्यास बुझा लेती थी | दोस्तों ये थी मेरी आप बीती उम्मीद है आप लोगों को पसंद आई होगी |
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