Monday, February 12, 2018

Published 11:07 PM by with 0 comment

पड़ोसन भाभी की प्यासी चुत चुदाई की देसी कहानी

दोस्तो, मेरा नाम सैम है (बदला हुआ नाम), मैं उदयपुर राजस्थान का रहने वाला हूँ. आज मैं अपनी एक देसी स्टोरी आपको बताना चाहता हूँ. यह मेरी देसी चुदाई कहानी  साईट पर पहली चुदाई की कहानी है. मेरी इस कहानी में कोई गलती दिखे तो माफ़ कर दीजिएगा क्योंकि यह मेरा कहानी लिखने का पहला प्रयास है.

पहले मैं आप को अपने बारे में बता दूँ मेरी हाइट 5 फुट 8 इंच है और मेरी एथेलीट बॉडी है और दिखने में बहुत स्मार्ट हूँ.
यह बात तब की है, जब मैं 21 साल का था. मैं मुंबई के एक माने हुए कॉलेज में अपनी ग्रेजुएशन कर रहा था. मेरे कॉलेज में कई लड़कियां मुझ पर मरती है और मेरी कई गर्लफ्रेंड भी थीं और उनमें से कई गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स भी कर चुका था. मैं अपने कॉलेज में पढ़ाई और स्पोर्ट्स में बहुत पॉपुलर था.

गर्मियों की छुट्टियों में मैं मुम्बई के अपने कॉलेज से घर आया था. घर आने के एक दिन बाद मैंने अपने बिल्कुल लगे हुए मकान में एक नई भाभी को देखा, जो कुछ दिन पहले ही यहाँ रहने आई थीं. उनके घर में उनके पति रमेश भैया, भाभी के सास-ससुर और एक 3 साल का बेटा था.

घर आने के 2 दिन बाद मम्मी ने मुझे उनसे और उनकी सासू माँ से मिलवाया. मैंने जब पास से भाभी को देखा तो मैं उन्हें देखता ही रह गया. भाभी दिखने में एकदम गोरी-चिट्ठी और बहुत खूबसूरत थीं. उस वक़्त उनकी उम्र 24 साल थी, उनका नाम सुमन था. उनका 34-26-34 का फिगर क्या कहूँ बहुत ही मस्त था. मेरी उनके सभी घर वालों भैया भाभी, सास ससुर सबसे अच्छी बनने लगी.

सुमन भाभी के पति रमेश भैया एक बैंक में ब्रांच मैनेजर थे, उनके ससुर एक आयुर्वेद के डॉक्टर थे और उनकी सासू माँ एक प्राइवेट स्कूल में टीचर थीं. खुद सुमन भाभी केवल हाउसवाइफ थीं. सुमन भाभी का बेटा आकाश था, मेरा लट्टू हो गया था.

मैं अब सुमन भाभी को देख कर उनका दीवाना हो गया और उनको चोदने के लिए बेक़रार हो गया. किस तरह उनको चोदूँ, यह सोच कर प्लान बनाने लगा. फिर मैं आकाश को खेलने के बहाने उनके घर जाने लगा और भाभी से धीरे-धीरे बातें करने लगा. साथ ही मैं भाभी के छोटे-मोटे काम भी करने लगा, जिससे अब सुमन भाभी मुझसे खुल गईं और हम हँसी-मजाक भी करने लगे. इसी बहाने में सुमन भाभी को निहारने लगा और जाने-अनजाने बनते हुए उनको इधर-उधर हल्का-फुल्का छूने का मजा भी लेने लगा.

शायद भाभी ने मेरी नीयत जान ली थी इसलिए एक दिन भाभी ने मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?
मैंने झूठ बोल दिया कि नहीं.. मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है, मगर अब बनाना चाहता हूँ.
यह सुन कर सुमन भाभी ने कहा- कोई लड़की देख रखी है क्या?
मैंने कहा- लड़की नहीं, एक भाभी देख रखी है.
मैंने भाभी पर तीर मारा.

सुमन भाभी ने कहा- वाह.. मेरे सैम तुम तो डायरेक्ट लड़की पर न अटक के भाभी पर अटके.. जरा बताओ तो कौन है वह भाभी?
मैंने तपाक से उनका नाम ले लिया, यह सुन कर सुमन भाभी को झटका लगा. फिर सुमन भाभी ने कहा- पागल हो क्या सैम.. मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड कैसे बन सकती हूँ?
मैंने कहा- इसमें क्या है?
तो उन्होंने कहा- नहीं यह गलत है.

मैंने भाभी से कहा- सुमन भाभी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो, रोज़ रात को आप मेरे सपने में आती हो, मुझे आपसे बात करना अच्छा लगता है और आपके साथ रहना अच्छा लगता है.
यह सुन सुमन भाभी ने कहा- ठीक है हम अच्छे दोस्त बन जाते हैं.. बस खुश..!
मैंने तपाक से कहा- फिर तो आप मेरी गर्लफ्रेंड बन गईं.
उन्होंने कहा- वो कैसे?
मैंने कहा- मैं आपका दोस्त हूँ न.. तो मैं लड़का, आपका ब्वॉयफ्रेंड और आप लड़की तो मेरी गर्लफ्रेंड हुई ना!
यह सुन सुमन भाभी हँस पड़ीं.

फिर मैं रोज़ सुमन भाभी से हँसी-मजाक करने लगा. एक दिन सुमन भाभी थोड़ी अपसेट सी दिखीं, मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. जब मैंने भाभी को अपनी दोस्ती की कसम दी, तो उन्होंने बताया कि प्लीज किसी को बताना नहीं यार सैम.. मेरे पति रमेश को मेरे लिए टाइम ही नहीं है.

मैं समझ गया कि सुमन भाभी को सेक्स की जरूरत है और रमेश भैया काम की थकान से उनको सेक्स का मजा नहीं दे पाते.

अपना दुखड़ा कहते हुए भाभी रोने लगीं. मैंने अपना कंधा आगे कर दिया, जिस पर भाभी ने सर रख दिया. मैंने भी मौके का फायदा उठाया और उनकी कमर पर हाथ फेरते हुए उनको चुप कराने लगा. मैंने सुमन भाभी से कहा- आप चुप हो प्लीज़.. मैं हूँ ना, आप फ़िक्र क्यों करती हो. यह आपका ब्वॉयफ्रेंड हाजिर है आप हुकुम करो.. मेरे पास आपके लिए वक़्त ही वक़्त है.

इस पर वह चुप हो गईं, मैंने उनको गले से लगा लिया और अपने हाथ उनकी कमर पर और बालों में चलाने लगा.

उस वक़्त सुमन भाभी ने साड़ी पहन रखी थी और उनका ब्लाउज़ पीछे से बहुत खुला हुआ था और उनकी साड़ी भी उनकी कमर से थोड़ी नीचे को बंधी थी. मैं धीरे-धीरे उनकी कमर पर प्यार से हाथ चलाने लगा. जब भाभी ने कोई ऐतराज नहीं जताया बल्कि वे मुझसे चिपकी रहीं तो मैं धीरे से सुमन भाभी का मुँह ऊपर करके उनको किस करने लगा. चुम्बन पर भी भाभी को कोई ऐतराज नहीं हुआ तो मैं उनके सर पर फिर होंठों पर और फिर उनके होंठ चूसने लगा. सुमन भाभी भी मेरा साथ देते हुए मेरे होंठ चूसने लगीं.

बस मुझे समझ आ गया कि भाभी की चुत प्यासी है. मैं अपने एक हाथ को धीरे से उनके मम्मों के पास लाया और भाभी के मम्मों को हल्के-हल्के से दबाने लगा. मम्मों को मसलते हुए मैं भाभी को किस भी करता रहा. फिर मैं उनके मम्मों को थोड़ा जोर-जोर से दबाने लगा, इससे उनको थोड़ा दर्द होने लगा और वह ‘सीई इस्स..’ करने लगीं.

मैंने अब अपने दोनों हाथों में उनके मम्मों को पकड़ लिया और दम से भाभी के मम्मों को दबाने लगा और उन्हें किस करने लगा.

उस वक़्त हम दोनों सुमन भाभी के रूम में थे. मैंने भाभी को धीरे से बेड पे लेटाया और मम्मों को दबाते हुए उनके होंठ चूसता रहा. फिर मैंने किस करते हुए एक हाथ से साड़ी को कंधे के ऊपर से साइड में कर दिया. अब उनका ब्लाउज़ मेरे सामने था, जिसके आगे बटन थे. मैंने एक हाथ से उनके ब्लाउज के बटन खोलने लगा और 4 बटन खोलने के बाद उनका ब्लाउज़ पूरा खुल गया. अन्दर उन्होंने बहुत ही शानदार लाइट ग्रीन कलर की नेट वाली ब्रा पहनी थी.

मैं एक हाथ से भाभी के मम्मों दबाता रहा और एक हाथ से भाभी के ब्लाउज़ को साइड में करता रहा. इसके साथ ही साथ मैं सुमन भाभी के होंठों को भी चूसता रहा.

भाभी गर्म हो चली थीं और वे मेरे होंठों के चुम्बन का पूरा मजा ले रही थीं. अब मैं भाभी के होंठ छोड़ कर उनकी गर्दन पे किस करने लगा. फिर मैंने भाभी के ब्लाउज़ को उनकी चूचियों से पूरा हटाते हुए एक साइड में कर दिया. भाभी को गर्दन से किस करते हुए मैं उनके मम्मों पे आया और उनके मम्मों पर किस करने लगा.
भाभी मादकता से ‘सीस्सई..’ कर रही थीं और मेरे बालों में प्यार से उंगलियां चला रही थीं. मेरे हर चुम्बन पर भाभी मस्त नागिन की तरह मचल रही थीं.

मैं अब भाभी के मम्मों को ब्रा के ऊपर की काटने लगा और दबाने लगा. फिर मैंने भाभी को बेड पर बैठाया और उनका ब्लाउज़ पूरी तरह से निकाल दिया. भाभी खड़ी हो गईं तो मैंने सुमन भाभी की साड़ी भी निकाल दी. अब भाभी सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में रह गई थीं. मैंने भी अपनी टी-शर्ट निकाल दी और ऊपर से में पूरा नंगा हो गया क्योंकि मैं बनियान नहीं पहनता था.

फिर मैं सुमन भाभी के पीछे खड़ा हो गया. मैं पीछे से भाभी को किस करने लगा और उनके मम्मों को आटा सा गूँथते हुए मसलने लगा. भाभी के पीछे मेरा 7 इंच का लंड भी अपने पूरे ताव में था और पीछे सुमन भाभी की गांड से भिड़ा हुआ था.

मैं आपको यह बताना भूल गया कि भाभी के पूरे शरीर में सबसे खूबसूरत उनकी गांड और उनके चूचे ही हैं. मैंने पीछे से उनकी ब्रा के हुक खोल दिए.. जिससे भाभी के मम्मे एकदम से उछल कर खुली हवा में आजादी की सांस लेने लगे. मैंने मम्मों की आजादी देखी तो भाभी की ब्रा को उनके शरीर से निकाल दिया और साथ ही साथ मैंने उनके पेटीकोट का नाड़ा भी खींच कर उसकी गांठ खोल दी, जिससे उनका पेटीकोट भी ढीला होते ही जमीन पे गिर गया.

अब मैं पीछे से आगे को आया और भाभी के एक चूचे को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा.
अह.. क्या मम्में थे यार.. गोल-गोल चूचे और उस पर छोटे से ब्राउन कलर के छोटी-छोटी किशमिश जैसे निप्पल टंके हुए थे. सुमन भाभी के सीधे हाथ वाले चूचे पे एक काला तिल उनके चूचे की ख़ूबसूरती को और अधिक बढ़ा रहा था.

भाभी ने भी अब अपना एक हाथ से मेरी पेंट के ऊपर से ही मेरे लंड को पकड़ लिया. मैंने भाभी की चुदास समझ ली और फटाफट अपनी जीन्स उतार दी. अब मैं और सुमन भाभी दोनों अपनी-अपनी अंडरवियर में थे.
सुमन भाभी ने ब्रा से मैचिंग कलर की लाइट ग्रीन कलर की छोटी ट्रांसपैरेंट नेट वाली ही पैंटी पहनी थी.

मेरे अंडरवियर में मेरे खड़े हथियार को देख कर सुमन भाभी ने कहा- सैम तुम्हारा तो बहुत बड़ा है, मेरी जान निकल जाएगी.
मैंने कहा- भाभी कुछ नहीं निकलेगी.
यह कहते ही मैंने अपनी अंडरवियर भी उतार दी. अब मैं सुमन भाभी के सामने पूरा नंगा था. जैसे ही सुमन भाभी ने मेरे लंड को देखा तो उनका मुँह खुला का खुला रह गया.

दोस्तो, सुमन भाभी की चुत चुदाई की कहानी के आगे के हिस्से में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे भाभी को मैंने राजी किया और उनकी चुत की बखिया उधेड़ दी.



सुमन भाभी- सैम.. यह तो बहुत मोटा भी है.. और बड़ा भी है.
दोस्तो, यह सही है कि मेरा लंड बहुत मोटा है और 7 इंच का लंबा है.
सुमन भाभी ने घबराते हुए कहा- सैम मेरी जान निकल जाएगी.

मेरा लंड पूरा टाइट था और पूरा खड़ा होकर फुँफकार मार रहा था. मैंने सुमन भाभी को चूमते हुए कहा- कुछ नहीं होगा भाभी. इससे आपकी चुत की खुजली पूरी तरह से मिट जाएगी. मैंने भाभी को बिस्तर पर चित्त लेटा दिया और उनके मम्मों को दबाने लगा. मैं उनके पेट पर किस करते हुए और मम्मों को मसलते हुए धीरे-धीरे उनकी पैंटी तक पहुँच गया. अब मैं सुमन भाभी की पैंटी के ऊपर से ही उनकी फूली हुई चुत के ऊपर उनके पेडू पर किस करने लगा. फिर मैंने उनकी चूत को अपने होंठों से छुआ तो सुमन भाभी को एकदम करंट सा लगा.

जब मैंने उनकी चूत पर हाथ रखा तो उस वक़्त उनकी चूत भट्टी के माफिक तपी हुई थी. भाभी की चूत हल्की सी गीली भी हो गई थी.
मैं सुमन भाभी की पैंटी की इलास्टिक में हाथ डाल कर उनकी पैंटी को धीरे-धीरे नीचे खिसकाने लगा. सुमन भाभी ने भी अपनी गांड ऊंची कर दी, जिससे आराम से पैंटी निकल जाए.
पैंटी उतरते ही मैंने सुमन भाभी के पांव को चाटने लगा और धीरे-धीरे पांव को चाटते हुए ऊपर आने लगा.

अब मैं भाभी की मलाई सी जाँघों को सहलाने लगा और एक हाथ से चूत को छेड़ने लगा. सुमन भाभी बहुत गरम हो गईं और उनके मुँह से चुदास भरी आवाज निकलने लगी.

मैं सुमन भाभी के पांव और जांघ को चाटते हुए उनकी चूत के करीब आ गया और फिर सुमन भाभी के दोनों पैरों को फैला कर सुमन भाभी की चूत को अपनी जीभ से छेड़ने लगा और एक हाथ की उंगली से उनकी चूत के दाने को मसलने लगा. साथ ही मैं सुमन भाभी की चूत प्यार से चाटने लगा और अपनी जीभ को अन्दर-बाहर करते हुए और उनके दाने को भी रगड़ता रहा.

सुमन भाभी एकदम से अकड़ गईं और अपने दोनों पैरों से मेरे मुँह को अपनी चूत में दबा दिया. उन्होंने अपनी चुत का पानी छोड़ दिया. सुमन भाभी की चुत का रस मेरे पूरे मुँह में भर गया और मैं उनका रस चाट गया.. आह.. क्या टेस्ट चूत का रस था.

सुमन भाभी जब थोड़ा नार्मल हुईं, तो मुझे किस करने लगीं और कहने लगीं- यार सैम, मेरी शादी के बाद आज पहली बार किसी ने मेरी चूत चाटी और पहली बार मेरे इतना पानी छूटा.
इतना कह कर सुमन भाभी मुझे किस करने लगीं. फिर सुमन भाभी ने मेरे लंड को देखा, मेरा लंड अभी भी पूरे जोश में फुँफकार मार रहा था. सुमन भाभी ने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया और उसको दबाने लगीं. मैंने सुमन भाभी से कहा- प्लीज, मेरा भी लंड चूसो ना.

तो सुमन भाभी ने कहा- यार सैम तुम्हारा बहुत बड़ा और मोटा है, मेरे मुँह में नहीं जाएगा.
मैंने कहा- भाभी तुम ट्राइ तो करो चला जाएगा.
फिर सुमन भाभी ने मेरे लंड को हाथ से सहलाया, मुझे बेड पर लेटा दिया और सुमन भाभी बिस्तर पर बैठ कर मेरे लंड को किस करने लगीं. फिर धीरे-धीरे मेरे लंड को चाटते हुए अपने मुँह में लेने लगीं. मगर मेरा लंड सुमन भाभी के मुँह में नहीं जा रहा था, मैंने भाभी के सर को हाथ से पकड़ कर अपने लंड को नीचे से उचकाया तो मेरे लंड का टोपा सुमन भाभी के मुँह में चला गया.

मगर मोटे लंड से सुमन भाभी को घबराहट होने लगी और सांस लेने में दिक्कत होने लगी, तो मैंने वापस अपना लंड उनके मुँह से निकाल लिया.

फिर सुमन भाभी को मैंने 69 पोजीशन में आने को कहा. वह मेरे ऊपर आ गईं, मैं उनकी चूत चाटने लगा और वो मेरे लंड को चाटने लगीं. भाभी की चूत चाटते हुए मैंने अपनी एक उंगली उनकी चूत में डाल दी और अन्दर-बाहर करने लगा.
इधर सुमन भाभी भी मेरे लंड को किस करते हुए मस्ती से चाट रही थीं. अब सुमन भाभी और मैं दोनों बहुत गर्म हो चुके थे.

सुमन भाभी ने कहा- सैम प्लीज अब बर्दाश्त नहीं होता, प्लीज अपना लंड मेरी चुत के अन्दर डाल दो.

मैंने भी देर करना सही नहीं समझा और सुमन भाभी को कमर के बल लेटा दिया. उनकी दोनों टाँगों को साइड में करके मैंने अपने लंड को सुमन भाभी की चूत पे रखा. उस वक़्त सुमन भाभी की चूत तप रही थी और पूरी गीली हो चुकी थी.
भाभी ने डरते हुए कहा- सैम प्लीज धीरे डालना.. तुम्हारा बहुत मोटा और लंबा है, कहीं मैं मर ना जाऊं.

मैंने भाभी को किस किया और अपनी पोजीशन लेकर एक जोर का धक्का दे दिया. मेरे लंड का टोपा सुमन भाभी की चूत में चला गया. उधर टोपा घुसा और इधर सुमन भाभी के मुँह से चीख़ निकल गई- हाय माँ मर गई.. प्लीज बाहर निकाल दो सैम.. बहुत दर्द हो रहा है.
मैंने सुमन भाभी को किस किया और उनके एक चूचे को मुँह में भर कर चूसने लगा.. मगर मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला.

जब सुमन भाभी थोड़ा नार्मल हुईं तो मैंने सुमन भाभी के होंठों को अपने होंठों से मिला दिया, जिससे उनकी चीख न निकल पाए. बस मैंने मौका देख कर फिर से एक जोरदार धक्का लगा दिया. मेरा आधा लंड सुमन भाभी की चूत में चला गया. इधर सुमन भाभी तड़प गईं और उनकी आँखों से आँसू आने लगे. हालांकि उनकी चीख़ मेरे मुँह में दब गई. उन्होंने मेरी पीठ पे अपने नाख़ून गड़ा दिए. मैंने भी देर न करते हुए खींच कर और एक जोरदार धक्का दे दिया और इस बार पूरा लंड सुमन भाभी की चूत में चला गया.

सुमन भाभी तड़प गईं और वह जोर से चीखने लगीं, मगर मेरा मुँह उनके मुँह पर ढक्कन की तरह लगे होने से उनकी आवाज मेरे मुँह में घुट गई. उनकी आँखों से आंसू निकलने लगे और भाभी मुझे धक्का देने लगीं. मगर मैंने सुमन भाभी को टाइट पकड़े रखा.
फिर कुछ पल बाद मैंने सुमन भाभी के होंठ छोड़े और उनके मम्मों को चूसने लगा.

जब कुछ देर बाद सुमन भाभी नार्मल हुईं तो मैं धीरे-धीरे अपने लंड को चुत में अन्दर-बाहर करने लगा. इससे सुमन भाभी को हल्का-हल्का सा दर्द होने लगा मगर थोड़ी देर बाद उनको भी अच्छा लगने लगा.

अब मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और अपने लंड को धड़ाधड़ चुत में अन्दर-बाहर करने लगा. इधर सुमन भाभी के मुँह से कामुक आवाजें निकलने लगीं.

सुमन भाभी जब अपने पानी छूटने के करीब आने लगीं तब उन्होंने कहा- सैम उम्म्ह… अहह… हय… याह… प्लीज जल्दी करो.. मेरा होने वाला है.
मैंने भी कहा- हाँ भाभी मेरा भी बस आने वाला है.
मैंने सुमन भाभी से पूछा- भाभी कहाँ छोड़ू अपना रस?
सुमन भाभी ने कहा- मेरे अन्दर ही..

और मैंने अपनी स्पीड खोल दी और सुमन भाभी और हम दोनों साथ ही झड़ गए. मेरा पूरा रस सुमन भाभी की चूत में समा गया. मेरा जब तक पानी निकलता रहा, तब तक मैं सुमन भाभी को चोदता रहा.

सुमन भाभी इस चुत चुदाई से बहुत खुश हुईं और भाभी ने कहा- सैम पहली बार मैंने इतना पानी निकलते देखा. मेरे पति का तो थोड़ा सा ही पानी निकलता है. तुम्हारा रस तो बहुत गाड़ा और बहुत ज्यादा निकलता है. आज सही में सैम तुमने मुझे खुश कर दिया.
मैंने कहा- सुमन भाभी अभी कहाँ खुश किया, अभी तो करना बाकी है.

हम दोनों ऐसे ही नंगे बिस्तर पे पड़े रहे.

लगभग 15 मिनट बाद मैंने वापस सुमन भाभी से मस्ती चालू कर दी और उनके मम्मों को चूसता, दबाता और उनके पेट पर किस करता हुआ चूत पर पहुँच गया. मैंने भाभी की चूत को फिर से चूसना चालू किया और सुमन भाभी ने भी 69 में होकर मेरा लंड चाटना स्टार्ट कर दिया. इससे हम दोनों गर्म होने लगे.

जब मैंने सुमन भाभी को पूरी तरह गरम कर दिया. तो सुमन भाभी ने कहा- प्लीज अब जल्दी से मुझमें समां जाओ.
मैंने सुमन भाभी से कहा- इस बार अलग तरीके से चोदूंगा.

मैंने उनको बेड से उतार कर पेट के बल झुका कर बेड के सहारे हाथ रखवा दिए और उनके पैर जमीन पर फैला दिया. वो पाँव के बल कुतिया सी बन कर खड़ी थीं और बिस्तर पर झुकी थीं. मैंने पीछे से अपना लंड उनकी चूत में डालने की तैयारी कर ली.
मैंने उनकी कमर जोर से पकड़ी और अपने लंड को चूत पर सेट करके एक जोर का धक्का लगा दिया.

सुमन भाभी एकदम से आगे जातीं, इससे पहले मैंने उनको जोर से पकड़ लिया. इस जोरदार धक्के से मेरा आधा लंड उनकी चूत में चला गया था. उनकी जोर से चीख़ निकल गई- मार डाला सैम.. उई माँ बहुत दर्द हो रहा है.. बाहर निकालो.. मुझे नहीं करवाना.

मैंने उनके दर्द की परवाह किए बिना ही एक और जोर का धक्का दे मारा और मेरा पूरा लंड उनकी चूत में जड़ तक घुस चुका था.
सुमन भाभी जोर से रोने लगीं और गिड़गिड़ाने लगीं- सैम छोड़ दो.. मुझे बहुत दर्द हो रहा है.. मैं तुम्हारे हाथ जोड़ती हूँ.
मैंने कहा- सुमन भाभी बस 5 मिनट साथ दो.. फिर अच्छा लगेगा.

मैं पीछे से ही सुमन भाभी के मम्मों को दबाने लगा और उनके निप्पलों को मसलने लगा. जब उनको आराम मिला तो फिर मैं धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा. अब भाभी भी अपनी गांड को आगे-पीछे करने लगीं. मेरे हर धक्के में अब सुमन भाभी को मजा आने लगा.

मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी. मैं पीछे से थपाथप अपना लंड सुमन भाभी की चूत में मारे जा रहा था और सुमन भाभी मेरा साथ दे रही थीं. दस मिनट में ही सुमन भाभी झड़ गईं और उनकी पूरी चूत गीली हो गई. इस कारण अब लंड आराम से अन्दर बाहर हो रहा था. पूरे कमरे में ‘थप थप..’ की आवाज़ गूंज रही थी.

मेरा रस अभी छूटा नहीं था, इसलिए मैंने सुमन भाभी को बिस्तर पर वापस कमर के बल लेटा दिया और अपना लंड उनकी चूत में वापस डाल दिया. उनकी टाँगों को अपने कन्धे पर रख दी और धड़ाधड़ चोदे जा रहा था.

सुमन भाभी मुँह से आवाजें निकाले जा रही थीं. काफी देर तक मैं सुमन भाभी को चोदता रहा और फिर मेरा पानी भी निकल गया. इस बार भी मैंने अपना लंड का रस सुमन भाभी की चूत में ही छोड़ा.

इस बीच सुमन भाभी भी अपना दो बार पानी छोड़ चुकी थीं. फिर हम दोनों एक-दूसरे की बाँहों में लिपट कर लेट गए.

सुमन भाभी ने मुझे किस किया और कहा- आज तक तुम्हारे रमेश भैया भी मुझे इतना आनन्द नहीं दे पाए जो तुमने दिया. सैम आज से मैं तुम्हारी हो गई. तुमको जो इनाम चाहिए, बोलो.. मैं दूंगी.
मैंने कहा- भाभी वक़्त आने पर मांग लूंगा मगर मुकरना मत..
तो सुमन भाभी ने अपने बच्चे की कसम खाई और कहा- जो माँगोगे वो तुमको दूँगी.
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