Friday, February 9, 2018

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पैसे की मज़बूरी में मैनेजर की चुदाई की

हैल्लो दोस्तों, मैं हूँ सिद्धार्थ यादव और मैं आगरा का रहने वाला हूँ | मैं अभी पुणे में रहता हूँ और यहीं पर काम करता हूँ | दोस्तों मजबूरी इंसान से कुछ भी करवा सकती है और ऐसा ही कुछ मेरे साथ हुआ था जब मुझे पैसों की ज़रूरत थी और मैंने पैसों के लिए रातें रंगीन करने का काम शुरू कर दिया था | इस काम में पैसा तो है लेकिन ये एक दलदल की तरह है अगर चले जाओ तो निकल पाना मुश्किल है | चलिए अब मैं आपको अपनी कहानी बताता हूँ |

ये बात है कुछ महीने पहले की जब मुझे क्रिकेट पे पैसे लगाने का शौक चढ़ा था और कई बार मैंने उससे पैसे भी कमाए है | लेकिन हर समय किस्मत साथ नहीं देती और जब ज़िन्दगी गांड मारने पे आती है तो हर तरीके से मारती है और फाड़ के ही छोडती है | मैं तब दिल्ली में रहता था और वहां पे एक कंपनी में काम करता था | एक दिन मेरी मुलाकात मेरे एक पुराने दोस्त से हुई और हम दोनों दारू पीने चले गए | हम जहाँ पर बैठे वहां पर मैच चल रहा था तो मेरे दोस्त ने मुझे बताया कि यहाँ पर मैच पर पैसा लगता है अगर अपने पैसे ज्यादा करने है तो लगा दे |

मैंने मना कर दिया और दारू पीके चला गया | अब मैं और मेरा दोस्त हर दुसरे तीसरे दिन यहाँ आते थे और दारू पिया करते थे | एक दिन हमने ज्यादा पी ली और वहीँ बैठ कर बातें करने लगे | तभी मेरे दोस्त ने मुझसे कहा भाई हिम्मत है तो मैच पे पैसे लगा और जीत के बता | मैं नशे में तो था ही मैं भी गया और जितने पैसे जेब में रखे थे पुरे मैच पर लगा दिए | फिर हमने पूरा मैच देखा और मैं जीत गया और मुझे बुत पैसे मिले | अगले दिन मैं फिर वहाहं गया और इस बार मैंने फिर से पैसे लगा दिए और इस बार भी जीत गया |




इसी तरह मैंने चार पांच बार और पैसे लगाये और जीत गया इसलिए मेरे हौंसले अब बुलंदियों पे थे और मैं अब रोज़ पैसे लगाने लगा | उस वक़्त आई.पी.एल. चल रहा था और मैं इस सोच में खोया हुआ था कि मेरी किस्मत मेरे साथ है और मैं बिना डरे मैच पे पैसे लगाये जा रहा था | फिर मेरे गिरावट के दिन शुरू हो गए और अब मेरी गांड मरना शुरू हो गई और अब मैं जिस भी टीम पे पैसे लगता था वो हार जाती थी | मैं अब भारी कर्जे में था और मुझे उन लोगों के फ़ोन आते थे कि पैसे दो वरना मार देंगे | अब मुझे पैसे की ज़रूरत थी और मेरी सैलरी में कर्जा चुकना मुश्किल था इसलिए मैंने दुसरे रास्ते ढूँढना शुरू कर दिए |

एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे कहा कि मैं एक काम दिलवा सकता हूँ लेकिन थोडा उल्टा है | तो मैंने जो काम है जैसा भी है मैं करूँगा | मैं उसके साथ गया तो उसने एक आदमी से मिलवाया और उसने मुझे काम बताया कि तुम्हें फ़ोन आएगा और तुम्हें वहां जा कर उनको खुश करना है | मैंने पैसे के बारे में पूछा तो मैं खुश हो गया और मैंने काम के लिए हाँ कर दी | फिर अगले दिन से कारवां शुरू हो गया मुझे फ़ोन आते थे और मैं वहां जा कर उन लड़कियों या औरतों को चोदता था | मेरे काफी हद तक पैसे जमा हो चुके थे अब बस थोड़े से पैसे बाकी थे |

मैं जहाँ काम करता था वहां पर मेरी एक मैनेजर थी दिशा जो देखने में बहुत अच्छी थी लेकिन मैंने सुना था कि इसका चाल चलन ठीक नहीं है इसलिए मैं उसपे ज्यादा ध्यान नहीं देता था | एक दिन मुझे फ़ोन आया और सर ने मुझे एड्रेस दिया और कहा यहाँ चले जाओ अच्छे पैसे मिलेंगे | मैं नहा धोकर तैयार हुआ और उस जगह पर पहुँच गया | मैंने दरवाज़ा खटखटाया तो दरवाज़ा खुला था तो मैं अन्दर चला गया और कहा मैडम मैं आ गया हूँ | तो दिशा बाहर आई अपने बाल संवारते हुए और मुझे देखकर रुक गई | अब हम दोनों एक दुसरे को देखे जा लेकिन कुछ कह नहीं पा रहे थे |

तभी दिशा ने बोला तुम ये सब करते हो मुझे लगा था तुम अच्छे लड़के होगे | तो मैंने कहा आप तो ऐसे बोल रही हो जैसे आप यहाँ पूजा पाठ करने आई हो ? तो उसने कुछ नहीं कहा | फिर मैंने कहा मुझे पैसे की ज़रूरत है इसलिए मैं ये सब काम कर रहा हूँ | तो उसने मुझसे पूछा कितने चाहिए तो मैंने कहा एहसान नहीं चाहिए आपका | तो उसने मुझे कहा मैं फ्री में नहीं दे रही हूँ मैं पूरा फायदा लूँगी तुम्हारा | तो मैडम मेरे पास आई और मेरे पेट पर हाँथ फिराते हुए कहा तुम्हें जितने पैसे चाहिए मैं दूंगी बस तुम मुझे खुश करो और मैं तुम्हें खुश करुँगी |

तो मैंने मन में ठान लिया कि आज तो पलंग तोड़ परफॉरमेंस दूंगा और इसकी चूत फाड़ दूंगा | मैंने जोश बढाने वाली गोली रखी थी तो मैंने वो गोली खा ली | अब मैं उसके पास गया और उसको बिस्तर पर धक्का दे दिया | वो बिस्तर पर जा गिरी और मैं अपने कपडे उतारने लगा | मैंने अपने पुरे कपडे उतारे और उसके सामने नंगा खड़ा हो गया और कहा खेलो इससे | तो वो उठी और फिर उसने मुझे बिस्तर पर बैठा दिया और मेरा लंड चूसने लगी | वो लड़ चूसते हुए मेरी ओर देख रही थी और मैं उसकी तरफ | पता नहीं क्यों लेकिन आज मुझे लंड चुसवाने में बड़ा मज़ा आ रहा था |

फिर उसने मेरा लंड चूसना छोड़ दिया और लंड हिलाने लगी | उसने कहा अभी तक जितने भी आये उनमें से तुम्हारा लंड सबसे बड़ा है और सख्त भी, आज तो मज़ा ही आ जाएगा | और इतना बोलकर फिर से मेरा लंड चूसने लगी | फिर उसने मेरा लंड चाटते हुए मेरी गोटियाँ चाटना शुरू कर दी मुझे बहुत मज़ा आने लगा क्योंकि आज तक किसी ने ऐसा कोई नहीं करता था | फिर वो मेरी गोटियाँ चाटते चाटते मेरी गांड चाटने लगी और अब मुझे गुदगुदी सी होने लगी तो मैंने कहा ये क्या कर रही हो ? तो उसने कहा चुप और मेरी गांड चाटने लगी | पहली बार किसी ने मेरी गांड चाटी थी और मुझे काफ़ी अच्छा भी लगा |

फिर वो रुक गई और मैं बिस्तर पर लेटा था | वो खड़ी हो गई और अपने कपडे उतारने लगी | उसने सिर्फ एक पतली सी जाली वाली ड्रेस पहनी थी और अन्दर ब्रा पैंटी | उसने अपनी ऊपर वाली ड्रेस उतार दी तो मैं उठ खड़ा हुआ और उसके कमर पे हाँथ रख कर कहा अब मैं उतारूंगा | फिर मैंने उसकी ब्रा की हुक खोल दी और ब्रा उतार दिया | उसके दूध बड़े थे लेकिन झूले हुए थे | मैंने उसके दूध ज़ोर ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया तो उसने कहा आराम से निचोड़ दोगे क्या ? तो मैंने कहा हाँ |

फिर मैंने उसकी पैंटी के अन्दर हाँथ डाल दिया और उसकी चूत में घिसने लगा | मैं उसके दूध चूस रहा था और साथ में चूत भी घिसे जा रहा था और वो अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्हह्ह्ह्हहाह्हाह अहह्हहहः ऊउम्मम्म करने लगी | फिर मैंने उसकी पैंटी उतार दी और चूत को घिसने लगा | फिर मैंने उसको बिस्तर पर लिटाया और उसकी चूत को चाटने लगा | मैं अपनी जीभ उसकी चूत में अन्दर तक डालने लगा और उसकी गांड दबाने लगा | वो पूरी तरह से गरम से चुकी थी और चुदने को तैयार थी |

फिर मैं उठा और उसकी चूत पे अपना लंड रखा और अन्दर करने लगा तो उसने आह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह बहुत बड़ा है कहना शुरू कर दिया | तो मैंने एकदम से उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और उसकी ज़ोर से आह्ह्ह्हह्ह निकल गई | फिर मैंने उसको चोदना शुरू किया और ज़ोर ज़ोर के झटके मारने लगा | उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था फिर मैं पोजीशन बदली और उसको घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी चूत मारने लगा | अब मुझे उसकी चूत मारने में मज़ा नहीं आ रहा था इसलिए मैंने उसकी गांड में ऊँगली करना शुरू कर दिया |

फिर मैंने उसकी गांड के छेद पे लंड रखा और अन्दर करने लगा तो वो कहने लगी नहीं वहां नहीं | तो मैंने कहा अरे मजा आएगा और अन्दर डाल दिया | उसकी गांड बहुत टाइट थी और मुझे उसकी गांड मारने बहुत मज़ा आ रहा था | मैंने 15 मिनिट तक बिना रुके उसकी गांड मारी और लंड बाहर निकाल के सारा मुट्ठ उसके ऊपर गिरा दिया | उसने मुझसे कहा आज तक ऐसा मज़ा नहीं आया है कितने पैसे चाहिए तुम्हें ? तो मैंने उससे पैसे लिए और वापस आ गया | फिर मैंने दो बार और उसकी रातें रंगीन कीऔर मैंने अपना सारा क़र्ज़ चुका दिया और बिना किसी को बताये दिल्ली आ गया |

अब यहीं रहता हूँ और यहाँ ख़ुशी की ज़िन्दगी बिता रहा हूँ | तो दोस्तों मेरी कहानी कैसी लगी मुझे बताना ज़रूर | जल्द ही मिलता हूँ अपनी दूसरी जोरदार चुदाई की कहानी के साथ |
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