Monday, February 12, 2018

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फोन सेक्स चैट से बिस्तर पर चुदाई तक की देसी सेक्स स्टोरी

मैं शौर्य सिंह जालंधर पंजाब का रहने वाला हूँ, अच्छा गठीला बदन है मेरा…

यह उस समय की बात है जब मैं कॉलबॉय बनने की कोशिश में था. लेकिन मुझे कोई ज़रिया नहीं मिल पा रहा था.

एक दिन मैंने फ़ेसबुक पर एक कम उम्र की शादीशुदा भाभी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी. मैंने देखा तो वो रिक्वेस्ट एक्सेप्ट हो गई. भाभी फेसबुक के हिसाब से 26 साल की थीं और उनका नाम नीलम (बदला हुआ नाम) था. जब भाभी ने मेरी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट की तो मेरी उनसे बातें स्टार्ट हो गईं. धीरे-धीरे बात करते करते पता चला कि वो गाँधीनगर से हैं. वो कभी-कभी जालंधर भी आती थीं. उनकी ससुराल तो जालंधर में ही थी.
भाभी ने बताया कि उन्होंने मुझे जालंधर का देख कर ही मेरी दोस्ती स्वीकार की है.

फिर पता चला कि भाभी अपने शादीशुदा जीवन से खुश नहीं हैं क्योंकि उनका पति उनसे बहुत लड़ाई करता था. मैंने इसका फायदा उठाते हुए उनका नंबर ले लिया और भाभी से फोन पर बातें स्टार्ट हो गईं.
जैसे-जैसे हमारी बातें बढ़ने लगीं, तो हम थोड़ी गर्म बातें भी करने लगे. जैसे मैं उनसे उनका बूब साइज़ पूछता.. और सेक्स में वो क्या पसंद करती हैं.. वगैरह वगैरह. भाभी ने बताया कि उनका बूब साइज़ 36 इंच का है, इसको सुनते ही मेरा 7 इंच का लंड खड़ा हो गया था.
हम दोनों खूब सेक्स चैट करने लगे और तय कर लिया कि जब भी हम मिलेंगे तो सेक्स जरूर करेंगे.

फिर कुछ दिन बाद उनसे पता चला कि वो किसी कारण से जालंधर अपनी ससुराल आ रही हैं.. तो मैंने उस बात का फायदा उठाते हुए उनसे मिलने का प्लान बनाया. वे भी मुझसे मिलना चाहती थीं.
जालंधर में उनकी सासू माँ और ससुर के अलावा कोई नहीं रहता था.



दस दिन बाद भाभी जालंधर आ गई और मेरी उनसे फोन पर मिलने की बात हो गई. दूसरे दिन जब उनकी सासू माँ और उनके ससुर मंदिर गए तो उन्होंने मुझे कॉल करके बुला लिया और इशारा दे दिया कि आज मेरा कॉल बॉय बनने का सपना फाइनली पूरा होने वाला है.

मुझे सेक्स करना और औरतों को चोद कर खुश करना बहुत पसंद है. मैं जैसे ही उनके घर पहुँचा तो देखा कि वो बाल्कनी में खड़ी मेरे आने का वेट कर रही थीं. मुझे देखते ही उन्होंने मुझे इशारा किया कि गेट खुला है. तो मैं बेधड़क अन्दर चला गया.

उन्होंने मुझे बिठाया और पानी दिया. भाभी अन्दर कमरे में चली गईं. थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे अन्दर बुलाया तो मैं देखता रह गया. उन्होंने अपने कपडे बदल लिए थे, भाभी ने अब रेड कलर की एकदम झीनी सी नाइटी पहन रखी थी, जिससे अन्दर का सब कुछ देखा जा सकता था.
मैं बता दूं कि भाभी थोड़ी सांवली सी थीं लेकिन उनका फिगर बहुत सेक्सी था. उनके बड़े चूचे साफ दिख रहे थे और उन पर काले निपल्स एकदम उठे हुए थे.
मैं उनकी तरफ खिंचता चला गया. उन्होंने अपना पैर मेरी जाँघों पर रखा और मैंने अपनी उंगली से उनकी जाँघों को सहलाना स्टार्ट कर दिया, जिससे उनकी आग में मानो घी सा पड़ गया. उन्होंने मेरी कॉलर पकड़ी और अपने होंठों से मेरे होंठ चिपका दिए. मैंने भी अपना हाथ उनकी कमर पे रख दिया और उनका साथ देने लगा.

फिर भाभी ने जोरों से स्मूच करना स्टार्ट कर दिया और अपनी जीभ का खूब इस्तेमाल किया. यह करीब 10 मिनट तक चला. फिर मेरा हाथ उनके मम्मों पर आ गया और मैं भाभी के मम्मों को मसलने लगा. उन्होंने भी पैन्ट के ऊपर से ही मेरा खड़ा लंड पकड़ लिया और सहलाने लगीं.

मैंने भाभी का एक चूचा मसलते हुए दूसरे हाथ से उनकी ब्रा हटा दी और उनके मम्मों को फ्री कर दिया. भाभी के मम्मे एकदम गोरे और सॉलिड थे. मैंने कुछ देर उन पर हाथ फेरा, उनको सहलाया, मसला, फिर मैं जोरों से दबा दबा कर उनके मम्मों को चूसने लगा, उनके निप्पलों पर अपनी जीभ चलाने लगा. मैंने भाभी के दोनों मम्मों को चाट चाट कर अपने थूक से एकदम गीला कर दिया.

फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी पेंटी में ले गया और उनकी चुत को रगड़ने लगा. भाभी ने अपनी चुत एकदम क्लीन शेव कर रखी थी, शायद चुदाई के लिए ही उन्होंने अपनी चुत तैयार की थी. वो चुत रगड़े जाने से बहुत उत्तेजित हो गईं और मुझे धक्का देकर लिटा दिया. मेरा लंड निकाल कर भाभी लंड चूसने लगीं. मेरे लंड पर उन्होंने इतनी जीभ चलाई कि मैं उनके मुँह में ही झड़ गया. मैं झड़ा तो उन्होंने पूरा रस पी लिया और लंड चूसना जारी रखा. इससे मेरा लंड कुछ ही पलों में फिर से खड़ा हो गया.

अब मेरी बारी थी. मैंने उन्हें धक्का दिया और उनकी पेंटी उतार कर फिर से उनकी चुत को उंगली से रगड़ने लगा. उसके बाद भाभी की चुत पर मैं अपनी जीभ चलाने लगा.
भाभी के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं और वो बोलने लगीं- अब मत तड़पा रे.. साले चोद दे मुझे..

लेकिन मैं भी इतनी जल्दी कहाँ मानने वाला था. मैंने भाभी की चुत को चाटता रहा और उनके दाने को खूब चूसा. तभी भाभी ने मेरे मुँह पर पानी छोड़ दिया.

अब बारी थी सबसे मुख्य काम की… भाभी टांगें खोल कर लेट गईं और मैं लंड हिलाता हुआ खड़ा हो गया. मैंने अपना लंड उनकी चुत पर रखा और एक धक्का लगा दिया तो आधा लंड भाभी की चुत में सरसराता हुआ अन्दर चला गया. इस वजह से भाभी को दर्द हुआ और उनकी चीख निकल गई.

फिर मैंने अपने होंठों को उनके होंठों पर रख कर दूसरा झटका दम से लगा दिया. इस बार मेरा लंड भाभी की चुत में पूरा अन्दर चला गया. अब मैं धीरे-धीरे भाभी की चुत में अपने लंड के झटके देने लगा. कुछ झटकों के बाद जब भाभी सामान्य हो गईं तो मैंने और जोर से भाभी की चुदाई करने लगा.

फिर मैंने इस दौरान भाभी के मम्मों को भी चूसा और जोर से लंड के दमदार झटके देने लगा.

करीब 15 मिनट के बाद मैं भाभी की चुत के अन्दर ही झड़ गया और उनके ऊपर ही लेट गया. अब मैंने अपने होंठों से उनके होंठों को चूसना शुरू कर दिया. हम दोनों ने खूब चुम्मा चाटी की. उसके बाद हमने 3 बार चुदाई की. चुदाई के बाद हम दोनों ने कपड़े पहन लिए.

मैं जाने लगा तो भाभी ने मुझे एक लिफाफा दिया, जिसमें दो हजार रूपए थे.
मैंने मना किया तो उन्होंने पहली कमाई की बोल कर मुझे वापस भेज दिया.
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