Friday, February 16, 2018

Published 4:20 AM by with 0 comment

सेक्सी माया की अन्तर्वासना-Full Story Including Part 3

आआह्ह्ह.. आआह्ह्ह.. चिल्लाते हुए माया अपनी गांड उछाल रही थी. आज माया का जोश सातवें आसमान पे था और अंकित भी उसे चोदने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता था. वो बस अपनी बीवी को रगड़ कर चोदना चाहता था.

अंकित और माया की शादी को लगभग दस साल हो गए थे. वैसे तो उनकी सेक्स लाइफ शुरू से ही अच्छी थी, लेकिन पिछले 4-5 सालों में माया की वासना बढ़ने लगी थी. अंकित को भी इससे कोई शिकायत नहीं थी. माया को चोदते हुए अंकित की नज़र माया के चूचों पे पड़ी. माया के 36C के भारी भारी मम्मे अंकित के हर धक्के से ताल से ताल मिला रहे थे. पकी हुई 35 साल की उम्र में भी माया ने खुद को फिट कर रखा था. उसका 36-28-34 का फिगर किसी को भी पागल करने के लिए काफी था.

बेड के कोने पे लेटी माया ने अपनी टांगें अंकित की कमर में डाल रखी थीं. अंकित बेड के नीचे खड़ा हुआ माया की चुत में अपना लंड अन्दर बाहर.. अन्दर बाहर कर रहा था. अंकित जानता था कि माया किसी भी पल झड़ सकती है और अंकित भी झड़ने ही वाला था. अंकित ने झुक कर माया का एक निप्पल मुँह में ले लिया और दूसरे को मरोड़ने लगा. अंकित के झुकने से उसके लंड के ऊपर का हिस्सा माया की चूत के दाने को रगड़ने लगा.

अपने दाने और मम्मे पर हुए इस हमले से माया पिघलने लगी- आआह्ह्हह आआआअह्ह्ह. और जोर से अंकित.. जोर से चोदो.. चूस लो मेरे मम्मों को.. आह.. और जोर से डालो.. आआह्ह्ह.. उह्ह्ह्ह…
इसी वक्त अपनी कमर उठाते हुए माया झड़ने लगी. अंकित भी माया की चुत की गर्मी सहन नहीं कर पाया और माया की चुत में झड़ते हुए माया के ऊपर गिर गया.
माया को अंकित का भार अपने बदन पे अच्छा लग रहा था. दोनों हांफते हुए एक दूसरे से लिपट गए और नींद के आगोश में समा गए.

जब माया की आँख खुली, तब सुबह हो चुकी थी. माया सीधे नहाने चली गई. आज उसके लिए बड़ा दिन था. माया आज एक नयी कंपनी ज्वाइन करने वाली थी. यह एक तेजी से बढ़ती हुई कंपनी थी और यहाँ माया जल्दी ही अपने बॉस, कंपनी के एमडी को इम्प्रेस करना चाहती थी.

माया नहा के निकली और अपनी अलमारी से एक पंजाबी सूट निकाला. माया बहुत सुन्दर थी. गोरा चिट्टा रंग, साढ़े पांच फुट की हाइट और ऊपर से उसका 36-28-34 का फिगर. आज भी माया 28 साल से ज्यादा नहीं लगती थी. माया खुले विचारों वाली मॉडर्न औरत थी. ऑफिस में कई लोग उससे फ़्लर्ट करते थे और माया को इससे कोई परहेज़ नहीं था. जब माया के फ़्लर्ट करने की वजह से लोगों का लंड खड़ा हो जाता था, माया को बहुत मज़ा आता था. उसे लगता था कि वो किसी को भी अपने वश में कर सकती है. अंकित उसका पहला प्यार था और शादी के बाद माया अंकित के अलावा किसी भी मर्द से नहीं चुदी थी. या कहिये माया को किसी से चुदने की जरूरत नहीं पड़ी. अंकित उसे हर तरह से खुश रखता था और दोनों हफ्ते में 3-4 बार सेक्स कर ही लेते थे. पर आजकल माया को किसी और लंड की दरकार भी हो चली थी और इसका कारण उसकी बढ़ती कामवासना थी.

माया ने पंजाबी सूट में खुद को निहारा. वो जानती थी कि आज बहुत से लोग उसे देख कर उसके नाम की मुठ मारेंगे. टाइट फिटिंग की वजह से माया के मम्मे और भी बड़े लग रहे थे. मम्मों का ऊपर का हिस्सा सूट से बाहर झांक रहा था. अपनी बलखाती हुई कमर पे माया ने हाथ फिराया और एक चुन्नी डाल ली. माया ने अपनी गाड़ी निकाली और ऑफिस की ओर चल दी.

ऑफिस में माया का वेलकम खुद एमडी ने किया और माया को सभी से मिलवाया. माया लोगों की नज़रों में अपने लिए हवस देख सकती थी. खासकर कोने में खड़ा हुआ एक आदमी, जो कि उसे 40 के आस पास लगा, वो लगातार माया को ही घूरे जा रहा था.

“बहनचोद आज तो आँखों से ही बलात्कार कर देगा ये हरामी..” ये सोचते हुए माया ने मन ही मन मुस्कुराते हुए उससे हाथ मिलाया.
“माया, यह है मिस्टर अमित.. आपके पहले प्रोजेक्ट पे ये आपके साथी होंगे और इसलिए आप दोनों का केबिन एक ही है.” ये कहते हुए एमडी ने माया को अमित से मिलवाया. माया ने मुस्कुराते हुए अमित से हाथ मिलाया और सोचने लगी कि पहला प्रोजेक्ट इस हरामी के साथ.. साए का लंड न जाने कैसा होगा.

माया को ऑफिस ज्वाइन किये हुए दो दिन हो चुके थे और अमित के बारे में जिस भी लड़की से पूछा, माया को उससे और चिढ़ होती गई. अमित एमडी का साला था और एक नंबर का ठरकी था. ऑफिस में कोई भी लड़की ऐसी नहीं थी जिस पर अमित ने लाइन न मारी हो. माया मन में सोचने लगी कि साले का लंड मतलब का हुआ तो ही इसको घास डालूंगी वरना इसने मुझसे पंगा लिया तो इस हरामी को ऐसा सबक सिखाऊंगी कि साला अपनी बीवी को भी आँख उठा के नहीं देख पाएगा.

यही सब सोचते हुए माया अपने केबिन में एक फाइल ढूंढ रही थी. उसे याद आया कि वो फाइल ऊपर वाले शेल्फ में रखी है. आज माया ने साड़ी पहनी थी और जैसे ही माया ने फाइल उतारने के लिए अपना हाथ बढ़ाया, उसे अपने पेट पे एक हाथ महसूस हुआ. माया फ़ौरन पलटी उसके सामने अमित खड़ा था. माया ने सोचा भी नहीं था कि अमित की इतना हिम्मत हो सकती है. अमित के चेहरे की मुस्कराहट को माया ने देखा और मुस्कुरा दी. तभी अमित का मोबाइल बज उठा और अमित माया को आँख मार कर चला गया

अगले 4-5 अमित और माया में बस उतनी ही बात हुई, जितनी जरूरी थी. माया को देखते ही अमित अपनी आँख मार देता. माया को लगने लगा था कि अमित को उसका जिस्म पसंद आ गया है और अमित उसको अपने लंड के नीचे लेटाना चाहता है.

माया ये सब सोच ही रही थी कि अमित की आवाज उसके कानों में पड़ी- माया, आपके लिए कॉफी लाया हूँ. आपकी मीटिंग से पहले ये आप में एनर्जी भर देगी.

आज माया की एक बहुत ही बड़े क्लाइंट कि साथ मीटिंग थी जिसमें खुद एमडी होने वाले थे. ये प्रेजेंटेशन इस कंपनी में माया का भविष्य बना और बिगाड़ सकती थी. माया ने जैसे ही कॉफी लेने के लिए हाथ बढ़ाया, कॉफी माया की साड़ी पर गिर गई.

“रियली सॉरी माया, सब मेरी गलती है. जल्दी से इससे साफ़ कर लो.” ये कहते हुए अमित ने माया को साड़ी साफ़ करने के लिए टिश्यू पकड़ाया. माया तुरंत लेडीज वाशरूम की तरफ भागी. गरम कॉफी गिरने की वजह से माया जो पेट पे जलन हो रही थी. माया ने पहले अपने पेट पर से, फिर अपनी सेमीट्रांसपेरेंट साड़ी पर से कॉफी साफ़ की.
“साला चूतिया, देख के कॉफी भी नहीं दे सकता.” सोचते हुए माया साड़ी ठीक करने लगी. लेकिन पेट पे जलन की वजह से माया साड़ी ठीक से नहीं पहन पा रही थी. माया ने साड़ी अपनी नाभि से दो इंच नीचे की, तब जाके उसे अच्छा लगा. ठन्डे पानी की वजह से जलन तो कम हो गई थी, लेकिन माया को ये पता था कि वो साड़ी ऊपर नहीं बांध पाएगी. माया ने खुद को शीशे में देखा. साड़ी नीचे बाँधने की वजह से माया और भी सेक्सी लग रही थी.
“ये ट्रांसपेरेंट साड़ी भी आज ही पहननी थी मुझे..” बड़बड़ाते हुए माया बाहर निकली और सीधे अपने केबिन में घुस गई, जहां अमित नहीं था.

माया ने घड़ी की तरफ देखा और अपनी फाइल ढूंढ़ने लगी. वो सोच रही थी “यार तू इतनी लापरवाही कैसे कर सकती है माया. इतनी महत्वपूर्ण फाइल और तू रख के भूल गई.”
तभी माया को अमित की आवाज सुनाई दी- माया, क्या ढूंढ रही हो? वो आपकी महत्वपूर्ण फाइल?
माया अमित का खेल समझ चुकी थी- अमित, अगर वो फाइल मुझे नहीं मिली तो बड़ी दिक्कत हो जाएगी यार, तेरे पास हो तो दे ना!

अमित अपनी चेयर पे बैठ गया, उसके चेहरे पे विजयी मुस्कान थी और माया जानती थी.
माया अमित से लगभग लिपटते हुए बोली- अमित प्लीज वो फाइल मुझे दे दो, बदले में तुमको क्या चाहिए मैं दे दूंगी.
“सच में माया मुझे तुम सब कुछ देने को तैयार हो?”

अमित के बात करने के तरीके से माया को सब समझ आ गया कि ये चोदने के चक्कर में है लेकिन इस वक्त उसे वो फाइल चाहिए थी जो कि कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण थी.
माया ने अपना पल्लू गिरा कर मम्मों की झलक दिखाई और कहा- हां यार.. जल्दी करो मीटिंग में देर हो रही है.
“मैं तुम्हें वो फाइल दे सकता हूँ, लेकिन बदले में मुझे क्या मिलेगा?”
माया ने कहा – क्या चाहिए तुम्हें, बोलो?
“फाइल के बदले में मुझे तुम्हारी ब्रा चाहिए, अभी.”

माया की आँखें खुली की खुली रह गईं और उसे समझने में सिर्फ एक मिनट लगा कि अमित क्या मांग रहा था.
“ब्रा का क्या करोगे?”
“क्योंकि अभी तेरी ब्रा सूँघ कर ही काम चला लूँगा बाद में तेरे आमों को चूस कर रस पियूंगा. अभी मैं बाहर जा रहा हूँ, पांच मिनट में वापस आऊंगा. तब तक मुझे तुम्हारी ब्रा तुम्हारी टेबल पे मिलनी चाहिए.” कहते हुए अमित रूम से बाहर चला गया.

अपनी सीट पे बैठते हुए माया अमित के लंड के बारे में सोचने लगी. उसके लंड से चुदाई का ख्याल करते हुए उसकी चूत गीली हो गई. फिर खुद को संभालते हुए माया उठी और गेट बंद किया. उसे पता था 5 मिनट जल्दी ही निकल जाएंगे. अपना पल्लू हटाया और जल्दी से ब्लाउज खोलने लगी. फिर ब्रा निकाल कर टेबल पे रखी और ब्लाउज का हुक बंद ही कर रही थी कि दरवाजे पे दस्तक हुई. माया जैसे ही ब्लाउज बंद करके मुड़ी, सामने सुमित खड़ा था. वो माया का जूनियर था और माया को शायद मीटिंग के लिए याद दिलाने आया था. टेबल पे रखी ब्रा देख कर सुमित का मुँह खुला का खुला रह गया.

“मैं थोड़ी देर में वापस आता हूँ.” कह के सुमित केबिन से बाहर निकल गया.
“पता नहीं आज क्या क्या और देखना बचा है.” बुदबुदाते हुए माया दरवाजे की तरफ बढ़ने लगी कि तभी अमित अन्दर आ गया और उसके पीछे था उस्मान. उस्मान ऑफिस में पियून था.
“ये यहाँ क्या कर रहा है?” माया ने अमित को देखते हुए पूछा.
अमित ने कहा- उस्मान अपना ही दोस्त है और जिस दिन तुम पहली बार आई थी, मेरी उस्मान से शर्त लगी थी कि तुम पैडेड ब्रा पहनती हो. बस वही शर्त जीतने के लिए उस्मान को यहाँ लेके आया हूँ.”
“लाओ अब जल्दी से तुम्हारी ब्रा मुझे दे दो, जिससे में उस्मान को बता सकूं कि मैं कभी गलत नहीं होता.”

माया ने अपनी ब्रा उठाई और अमित की तरफ फेंक दी. अमित ने ब्रा को अपने हाथ में लिए और नंबर पढ़ते हुए कहा- देख 36C.. उस्मान, सही कहा था ना मैंने.. पैडेड भी है और साइज भी वही है.”
“हां सर.. आपका अंदाजा बिल्कुल सही निकला.” अमित के हाथ से ब्रा लेते हुए उस्मान बोला.

फिर उस्मान माया की ब्रा को अपने चेहरे के पास ले गया और सूंघने लगा. ये सब देख के माया का मन कर रहा था कि ऑफिस से भाग जाए. शर्म के मारे वो जमीन में गड़े जा रही थी.
माया ने कहा- अब तो मुझे वो फाइल दे दो अमित.
फाइल आगे बढ़ाते हुए अमित बोला- ये लो तुम्हारी फाइल.
लेकिन तभी उस्मान बोला- सर, हम कैसे मान ले ये वही ब्रा है जो मैडम आज पहन कर आई हैं?

ये सुनते ही माया हंसने लगी. उसने जैसे ही कदम जाने के लिए बढ़ाया, अमित ने माया का हाथ पकड़ लिया और झट से उसका पल्लू कंधे पे से नीचे खींच लिया. ट्रांसपेरेंट साड़ी की तरह ब्लाउज भी थोड़ा झीना था और ध्यान से देखने पर माया के काले निप्पल देखे जा सकते थे.

माया ने अपने चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया. मौके का फायदा उठा के उस्मान ने माया की नाभि के नीचे अपनी उंगली फिरा दी. उस्मान के छूने से माया सिहर उठी. शादी के बाद से आज तक अंकित के अलावा इस तरह उसे किसी ने नहीं छुआ था. माया के जिस्म में करंट दौड़ने लगा.

तभी एक आवाज आई और उसने देखा उस्मान के हाथ में कैमरा था. माया ने अपना हाथ अमित से छुड़ाया और उस्मान से कैमरा बंद करने की कहने लगी.

उस्मान ने तुरंत कैमरा अपने पीछे कर लिया और माया उससे कैमरा छीनने की कोशिश करने लगी. माया के मोटे मोटे मम्मे उस्मान के सीने से रगड़ने लगे, लेकिन इससे बेखबर माया तो बस कैमरा छीनना चाहती थी. तभी अमित ने पीछे से अपने दोनों हाथ माया की कमर से होते हुए पेट से सटा दिए और माया को पीछे खींच लिया.
उदास होते हुए उस्मान बोला- क्या सर, अभी तो मज़ा आने लगा था. मैडम के कबूतरों का थोड़ा और मज़ा ले लेने देते.

उसकी बात सुन के माया को होश आया के वो क्या कर रही थी और उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया. वो होंठ दबा कर कटीली मुस्कान बिखेरने लगी.
खुश होते हुए उस्मान बोला- ब्रा तो मैडम की ही है.

इससे पहले कोई और कुछ बोल पाता, माया के फ़ोन पे एमडी का कॉल आ गया. माया को याद आया, उसकी मीटिंग है और सब उसका वेट कर रहे हैं. अमित से फाइल छीनते हुए माया लेडीज वाशरूम की तरफ भागी. शीशे में खुद को देख कर अपने हुलिए को ठीक किया.

“जो हो गया वो हो गया. इन दोनों मादरचोदों से तो बाद में निपट लूँगी. पहले मुझे इस मीटिंग के बारे में सोचना होगा.” ये सब सोचते हुए माया बाहर निकली और सीधे मीटिंग रूम में घुस गई. जहां लगभग सब पहुँच चुके थे.
एमडी ने सबका परिचय माया से करवाया और जैसे ही माया अपनी प्रेजेंटेशन स्टार्ट करने वाली थी, उसकी नज़र अमित पे पड़ी, जो की सबसे पीछे बैठा मुस्कुरा रहा था. पिछले बीस मिनट में जो भी हुआ था, माया के सामने आ गया और माया को ये भी याद आ गया कि उसने ब्रा नहीं पहनी है और साड़ी भी नाभि से दो इंच नीचे पहनी है. माया सबके सामने तो साड़ी ठीक कर नहीं सकती थी, इसलिए उसने अपनी प्रेजेंटेशन चालू की.

पहले दस मिनट के बाद किसी का भी ध्यान माया की प्रेजेंटेशन पे नहीं था. खुद एमडी भी माया के निप्पल और सपाट पेट को देख रहे थे. इस हुलिए में माया साक्षात् काम की देवी लग रही थी. माया ये जानती थी और वो फैसला कर चुकी थी कि जब सब सम्मोहित हो ही चुके हैं, तो क्यों ना डील को फाइनल किया जाए जिससे एमडी पे वो अपनी धाक जमा सके. उसके बाद अमित के साथ कैसे निपटना है, वो सोचूँगी.

प्रेजेंटेशन खत्म होते ही कमरा तालियों से गूंज पड़ा. एमडी ने माया को गले से लगा लिया. क्लाइंट भी बहुत खुश नज़र आ रहा था और उसने तभी डील फाइनल कर दी. माया ख़ुशी ख़ुशी अपने केबिन में वापस आ गई और घर जाने की तैयार करने लगी.

आज जो कुछ ऑफिस में हुआ, उसे सोच कर माया की चूत भी गीली हो रही थी.


तभी केबिन का दरवाजा खुला और सुमित अन्दर आया. माया ने बधाई लेने के लिए सुमित की तरफ हाथ बढ़ाया ही था कि सुमित बोला- माया डार्लिंग, मुझे तेरी पेंटी चाहिए.. अमित सर ने कहा है कि उनकी रंडी आज बिना ब्रा पेंटी के ही घर जाएगी.

ये सुमित के मुँह से सुनते ही माया के होश उड़ गए “सुमित तुम भी?”
माया बस इतना ही बोल पाई. आज तक अपने लिए इस तरह की बातें किसी से नहीं सुनी थीं लेकिन उसे इस खेल में मजा आने लगा था. फिर अगले ही पल माया ने मादक स्वर में कहा- ओके सुमित तुम एक मिनट के लिए बाहर जाओ, मैं तुम्हें उतार कर देती हूँ.

सुमित चहकते हुए बोला- अमित सर ने कहा है कि पेंटी में खुद उतारूं, नहीं तो वो आपकी पेंटी नहीं लेंगे.
माया हंस कर बोली- तो रोका किसने है आ जा.. उतार ले.

वो केबिन का दरवाजा बंद कर के सुमित के सामने खड़ी हो गई. सुमित माया के सामने घुटने के बल बैठ गया. जैसे ही सुमित ने ऊपर देखा, सुमित का मुँह खुला का खुला रह गया. गोरा सफ़ेद पेट और उस पर सुन्दर सी नाभि और उसके ऊपर विशाल उन्नत वक्ष, जो ब्लाउज में कैद थे. ब्लाउज झीना होने के कारण सुमित को गोरे गोरे मम्मों की झलक मिल रही थी और उसका लंड पेन्ट फाड़ के बाहर आने को तैयार था.

“जल्दी करो, मुझे घर के लिए निकलना है. मेरे पति मेरा वेट कर रहे हैं”

माया बस यही बोल पाई.

उसने धीरे धीरे माया की साड़ी ऊपर उठानी चालू की. सुमित हर पल का भरपूर मज़ा लेना चाहता था. जैसे जैसे माया की साड़ी ऊपर जा रही थी, माया की साँसें तेज़ होती जा रही थीं. जो कुछ हो रहा था, उसे बहुत अच्छा लग रहा था, सुमित का उसकी टांगों पर स्पर्श उसे उत्तेजित भी कर रहा था.

उससे भी बुरा हाल सुमित का था. अब वो माया के घुटनों तक पहुँच चुका था और माया की जाँघों की तरफ बढ़ रहा था. माया की सुडौल जाँघें अब सुमित को दिखने लगी थीं कि तभी माया ने उसका हाथ पकड़ लिया.
माया ने हांफते हुए कहा- बस सुमित, साड़ी को इससे ऊपर मत करो..

सुमित समझ चुका था कि लोहा गर्म है, लेकिन वो माया के साथ ज़बरदस्ती करके मज़ा ख़राब भी नहीं करना चाहता था. सुमित को एक आईडिया आया. सुमित ने साड़ी को वहीं रखा और अपने घुटनों पे थोड़ा सा ऊपर हो गया. इससे अब सुमित का चेहरा माया के पेट के सामने था. सुमित थोड़ा माया के पास खिसका और अपनी गर्म सांसें माया के पेट पे छोड़ने लगा. माया ये सब देख रही थी और सुमित को रोकना भी नहीं चाहती थी, लेकिन जैसे ही सुमित की गर्म सांसें माया के पेट पे पड़ीं, उसका सर अपने आप पीछे की तरफ झुक गया.

अब सुमित जानता था कि माया उसके साथ मजे ले रही है. सुमित ने अपने हाथ ऊपर बढ़ाना शुरू किया और अपनी गर्म सांसें और तेज़ माया के पेट पे छोड़ने लगा. सुमित के हाथ के साथ साथ सुमित भी थोड़ा थोड़ा ऊपर होता जा रहा था और जैसे ही सुमित के हाथ माया की पेंटी तक पहुँचे, सुमित ने माया के मम्मे के थोड़ा सा नीचे अपने होंठ लगा दिए. इससे माया को होश आया और उसने तुरंत सुमित को अपने से दूर धकेला. तब तक सुमित माया की पेंटी नीचे सरका चुका था. माया ने अपने पैर उठाए और पेंटी निकाल के सुमित को दे दी. सुमित भी थोड़ा हड़बड़ा गया और तुरंत उठ कर बाहर निकल गया.

माया ने जल्दी से अपना हुलिया ठीक किया, अपना सामन समेटा और पार्किंग की तरफ दौड़ पड़ी. सुमित के स्पर्श ने उसे मस्त कर दिया था. पार्किंग में उसे अपनी गाड़ी दिखाई दी और गाड़ी के पास खड़ा उस्मान भी.
उस्मान माया के मम्मों को घूरते हुए बोला- क्यों मैडम, सुमित सर ने ज्यादा परेशान तो नहीं किया ना?
“नहीं उस्मान, अभी मुझे जल्दी है मैं बाद में बात करती हूँ.”

माया को काफी देर हो चुकी थी और उसे घर जाना था. वो चाह कर भी रुक नहीं सकती थी.

“मुझे भी कहां आपको अभी अपनी गन दिखानी है मैडम. लेकिन आपको जल्द ही देखने को मिलेगी. खैर, अमित सर ने कहा है कल से पूरे हफ्ते आपको बिना ब्रा पेंटी के ही ऑफिस आना है.
माया बोल पड़ी- हां हां, मुझे पता है.
“तू तो बहुत समझदार है मेरी रंडी..”

उस्मान ने अपना हाथ आगे बढ़ाया.. इससे पहले वो माया को छू पाता, उसे दूर से पार्किंग की तरफ आते हुए एमडी दिख गए. उस्मान फटाफट वहां से निकल गया और माया भी इस वक्त एमडी से नहीं मिलना चाहती थी, इसलिए वो भी अपनी गाड़ी में बैठ कर अपने घर की तरफ निकल पड़ी.

घर पहुँच के माया सीधे नहाने चली गई. आज जो कुछ भी हुआ, वो सब उसकी आँखों के आगे घूम रहा था. वो सोच रही थी कि आने वाला हफ्ता पता नहीं कैसे निकलेगा. बिना ब्रा पेंटी के ऑफिस कैसे जाऊँगी में.. अंकित को क्या कहूँगी. किसी को पता लग गया तो क्या होगा.

माया खुद से बात करते हुए नहाने लगी. शावर चालू करके जैसे ही माया के बदन पे ठंडा पानी पड़ने लगा, उसे अच्छा लगने लगा.

“आज सुमित को में नहीं रोकती तो ना जाने क्या होता..” माया की आखों के सामने वो मंजर आ गया. उफ्फ.. सुमित के हाथ मेरी जांघों को कैसे सहला रहे थे.” माया ने अपना सर नीचे किया और उसे लगा जैसे सुमित अब भी अपने घुटनों के बल नीचे बैठा है. माया को सुमित की सांसें अपने पेट पर महसूस होने लगीं और उसका हाथ अपने आप उसकी चुत पे चला गया.
“उस्मान का सीना कितना चौड़ा था और सुमित की सांसें कितनी गर्म..”

यही सब सोचते हुए माया की उंगलियां तेज़ तेज़ चलने लगीं.

“उस हरामी उस्मान को मेरे चूचों को अच्छे से महसूस किया होगा. क्या उसने मेरे मम्मों को छुआ भी था?? छुआ ही होगा.. कौन रह सकता है इन मम्मों से दूर..” सोचते हुए माया अपने मम्मों को दबाने लगी.

अब उसकी उंगलियां चुत के ऊपर दाने को रगड़ रही थीं, जो बहुत देर से फड़क रहा था.

“उउउमम्म उम्म्ह… अहह… हय… याह… सीईई आआह्ह्ह…” कहते हुए माया झड़ने लगी. माया की आँखें बंद होने लगीं और वो नीचे बैठ गई. लेकिन माया की चुत में अभी भी आग लगी थी.

माया नहा कर बाहर निकली और एक सेक्सी सी मैक्सी पहन कर बेडरूम में घुस गई. उसने अंकित के कलेक्शन में से एक क्सक्सक्स पोर्न मूवी चला ली और अंकित का इंतज़ार करने लगी.

कुछ देर बाद अंकित अपनी चाभी से दरवाजा खोल के घर में घुसा. उसे बेडरूम में से कुछ जानी पहचानी आवाज आने लगी और वो बेडरूम की तरफ बढ़ चला. जैसे जैसे अंकित बेडरूम के पास जाने लगा, उसका शक यकीन में बदल गया. उसे पता था कि माया कभी कभार ही पोर्न देखती है. बेडरूम के बाहर पहुँच कर अंकित ने अपने कपड़े उतार दिए.. अब वो पूरी तरह नंगा था और उसका लंड अपने पूरे शबाब पे था. अंकित ने धीरे से दरवाजा खोला और उसकी आँखें बड़ी हो गई. सामने टीवी पर उसकी पसंदीदा पोर्न चल रही थी, जिसमें जेना जेम्सन को दो हब्शी आगे पीछे से एक साथ चोद रहे थे और बिस्तर पर उसकी सेक्सी बीवी अपनी टांगें फैलाए चुत में उंगली डाल के अपनी गांड हिला रही थी.

अंकित बिना कुछ बोले अन्दर चला गया. माया की आँखें बंद थीं और चुत में से इतना पानी निकल रहा था कि चादर पे निशान बन गया था.
पूरे कमरे में जानी पहचानी खुशबू फैली हुई थी. अंकित ने एक लम्बी सांस ली और माया की चुत पे अपनी जीभ टिका दी. माया ने चौंक कर अपनी आँखें खोलीं, लेकिन अगले ही पल वापस बंद कर लीं.

अब अंकित माया के दाने को जीभ से चाट रहा था और साथ ही साथ चूस भी रहा था. माया ने अंकित के बाल कसके पकड़ रखे थे. अंकित ने माया की मैक्सी के अन्दर से हाथ डालते हुए माया के दोनों चुच्चे पकड़ लिए. इस दोहरे हमले को माया सह नहीं पाई और चिल्ला चिल्ला के झड़ने लगी

“अंकित.. प्लीज़ आआअह्ह्ह और जोर से चाटो और चाटो मेरे राजा.. खा जाओ मेरी चुत को.. आआअह्ह्ह्ह.. इस्स्स..” अब अंकित माया की गांड से लेकिन चुत तक धीरे धीरे अपनी जीभ चलाने लगा. जैसे ही तूफ़ान शांत हुआ, माया ने अंकित को बिस्तर पे लेटा दिया और उसका पूरा का पूरा लंड मुँह में भर के कस कस के चूसने लगी. अंकित की आँखें बंद हो चुकी थीं और वो जन्नत में था. माया को पता था कि अंकित को क्या चाहिए. माया ने अंकित का लंड अपने मुँह से बाहर निकाला और अंकित के टट्टों को अपने मुँह में भर लिया. कुछ देर उन्हें चूसने के बाद.. अब माया अंकित के लंड को चाटने लगी.

माया अब पूरी तन्मयता से टट्टों से लेकर सुपारे तक अंकित का लंड चाट रही थी और टट्टों को अपने कोमल हाथों से दबा भी रही थी. अंकित बिस्तर पे पड़ा हुआ बस आहें भर रहा था. माया ने फिर से अंकित का पूरा लंड निगल लिया. माया की इस जोरदार चुसाई से अंकित की हालत ख़राब हो चली थी. उसने अपने हाथ आगे बढ़ा के माया के बोबे अपने हाथों में भर लिए और निचोड़ने लगा. बीच बीच में वो माया के निप्पल भी खींच देता.. इससे माया का मज़ा और भी बढ़ गया था.

तभी माया ने एक उंगली अंकित की गांड में घुसा दी. अंकित के लिए ये पहली बार था और इसलिए उसे थोड़ा दर्द तो हुआ, लेकिन माया की चुसाई की वजह से उसे मज़ा आने लगा. माया अंकित की गांड अपनी उंगली से चोदने लगी और अंकित ज्यादा देर टिक ना सका. अंकित ने अपना सारा माल माया के मुँह में ही निकाल दिया और माया ने एक बूंद भी बाहर नहीं निकलने दी. अंकित ना जाने कितनी देर तक झड़ता रहा. कुछ देर बाद जब माया सारा रस पी चुकी थी, वो उठी और अंकित के ऊपर आ गई.

अंकित माया को चूमते हुए बोला- क्या बात है जान, आज जैसे तो तुमने कभी लंड नहीं चूसा?
माया ने इठलाते हुए जवाब दिया- तुम्हें कोई शिकायत है क्या?
अंकित माया की गांड दबाते हुए बोला- शिकायत तो तब भी नहीं की, जब तुमने मेरी गांड में उंगली डाल दी. आज मुझे भी अपनी गांड मार लेने दो.
“तुम्हें पता है ना अंकित मुझे गांड मरवाने में डर लगता है. मैं तो चाहती हूँ कि तुम मेरी गांड का फीता काट दो… लेकिन फिर डर के मारे रह जाती हूँ. चलो अब मूड मत ख़राब करो और जल्दी से मुझे आगे से चोद दो. बहुत परेशान कर रखा है इस निगोड़ी चुत ने..” कहते हुए माया ने अंकित का लंड अपनी चुत पर सैट किया और धीरे धीरे नीचे होने लगी. माया की चुत पहले से ही गीली थी. अंकित का लंड चुत में समाता गया. जब लंड जड़ तक समां गया, माया ने अपनी गांड को हिलाना चालू किया. अपने चुच्चे दबाते हुए माया अपनी गांड हिला रही थी. ये देख कर अंकित का जोश दुगना हो गया और अंकित नीचे से धक्के लगाने लगा.

फच्च फच्च फच्च की आवाज कमरे में गूंजने लगी. माया की चुत में अंकित का लंड सटासट अन्दर बाहर हो रहा था. माया ने अपने दोनों हाथ अंकित के सीने पे रख रखे थे और अंकित के लंड पे उछल रही थी.

अंकित ने एक हाथ से माया का दाना रगड़ना शुरू किया और दूसरे से एक निप्पल खींचना मरोड़ना चालू कर दिया. अंकित जानता था कि माया की वासना कैसे बढ़ानी है. माया के उछलते हुए मम्मों को देख के अंकित और उत्तेजित हो रहा था और माया के चुत की गर्मी अंकित की हवस को और भड़का रही थी. अंकित ऊपर की ओर उठा और माया का एक चुच्चा अपने मुँह में भर के चूसने लगा. अंकित के बैठने से उसके पेट का सबसे निचला हिस्सा माया के दाने को रगड़ने लगा और माया अपनी गांड और जोर से हिलाने लगी. उसको लग रहा था कि अंकित उसके मम्मे को खा ही जाएगा.

अब अंकित और माया दोनों ही कभी भी झड़ सकते थे लेकिन अंकित इस खेल को और खेलना चाहता था. उसे पता था कि माया भी यही चाहती है. अंकित अपने घुटनों के बल उठा और बिना अपना लंड बाहर निकाले, माया को बिस्तर पे पटक दिया. इसी आसान में अंकित ने 10-12 घस्से लगाए और फिर अपना लंड बाहर निकाल लिया.

माया को अचानक अपनी चुत खाली खाली लगने लगी. इससे पहले वो कुछ समझ पाती, अंकित ने माया को घोड़ी बना दिया और पीछे से अपना लंड एक झटके में उसकी चुत में उतार दिया. माया के तन बदन में आग लग गई और उसके मुँह से एक मादक सीत्कार निकल गई.

“आअह्ह्ह और चोदो अंकित.. चोद दो अपनी इस चुत को.. जोर से डालो.. आआह्ह्ह ओह्ह्ह्हह मेरे राजा.. मर गईईईईईई… चोद डालो जानूनूनूनूऊऊ..”

अंकित को अब माया की गांड दिख रही थी और उसकी माया की गांड मारने की तड़प बढ़ती जा रही थी. माया को चोदते चोदते अंकित से माया की गांड सहलाना चालू किया. माया की गांड का पिंक छेद अंकित को पागल बना रहा था. अंकित से रहा ना गया और उसने अपनी एक उंगली माया की गांड में डालनी चालू की. माया को पता था कि अंकित क्या चाहता है. शादी के बाद से उसने अंकित को रोक रखा था लेकिन आज जो भी कुछ हुआ ऑफिस में, उसके बाद माया बहुत उत्तेजित भी थी और उसके मन में अंकित को मजा देने की इच्छा भी थी. इसलिए उसने अंकित को नहीं रोका और अपनी गांड को पीछे की तरफ धकेलने लगी.

जब अंकित को समझ आया कि माया क्या कर रही है, वो और उत्तेजित हो गया और माया की चुत को बेरहमी से अपने लंड से और गांड को अपनी उंगली से चोदने लगा. कुछ ही पलों में दोनों झड़ने लगे.

अंकित ने झड़ते हुए बड़बड़ाते हुए कहा- किसी दिन तुझे सैंडविच बना कर चोदने का मन है माया रानी.
माया- आह्ह.. उसके लिए तुझे एक लंड और लाना पड़ेगा मेरी जान.. मेरी भी इच्छा है कि दोनों छेद एक साथ चुदवा लूँ..

यही सब बड़बड़ाते हुए दोनों शिथिल हो गए. आज अंकित और माया को उनकी सुहागरात याद आ गई थी, जब दोनों ने पूरी रात चुदाई की थी. अंकित हांफता हुआ माया की पीठ पर गिर गया और माया उसका वजन संभल नहीं पाई और वो भी बिस्तर पे गिर गई.

अंकित भावुक होते हुए बोला- आज तुमने मुझे वो आनन्द दिया है जान, जो मैं तुम्हें बता भी नहीं सकता..

माया अंकित को अपनी बांहों में लेते हुए बोली- कल का इंतज़ार करो मेरे चोदू राजा.. कल मैं तुम्हारा बरसों पूरा सपना पूरा करूँगी.. कल तुम इस गांड का उद्घाटन करके मुझे पूरी तरह अपना बना लेना.

दोनों एक दूसरे की आगोश में सो गए.

अगले दिन माया ने बहुत ही सिंपल साड़ी पहनी थी. हालांकि वो जानती थी, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला, लेकिन वो आग में घी नहीं डालना चाहती थी. माया ने अपनी गाड़ी पार्किंग में लगाई और तेज़ कदमों से अपने केबिन की तरफ बढ़ चली. वो ऑफिस आज जल्दी आ गई थी और उस्मान, अमित या सुमित से पहले अपने केबिन पहुँच कर अपनी ब्रा और पेंटी उतार देना चाहती थी. लेकिन शायद उसकी किस्मत ख़राब थी.

“इतनी जल्दी क्या है मैडम?”
उसे उस्मान की आवाज सुनाई दी. उसके कदम और तेज़ हो गए, लेकिन उस्मान एकदम से भाग कर उसके सामने आ गया.

अब माया झेंप सी गई थी. लेकिन तब भी उसने उस्मान को आँख मारी.




“ये क्या मैडम, तुम ब्रा पेंटी पहन कर आई हो.. साली रंडी.. अभी अमित सर को बताता हूँ.” उस्मान ये कहता हुआ और हंसता हुआ चला गया. माया भी हंसने लगी.

कुछ देर बार अमित और उस्मान माया के केबिन में आ गए. अमित कुछ बोलता, इसके पहले ही माया अपनी ब्रा और पेंटी उतार के अपने ड्रावर में छुपा चुकी थी.
माया अंगड़ाई लेते हुए बोली- क्या हुआ राजा.
तभी उस्मान माया की टेबल की तरफ बढ़ा और इससे पहले माया उसे रोक पाती, उस्मान ड्रावर खोल चुका था.

माया की पेंटी सूंघते हुए उस्मान बोला- आह.. माया मेमसाब चड्डी में महक आ रही है.. चूत में कौन सी मस्त खुशबू लगाती हो.. लंड खड़ा हो गया.
अमित बोला- आज इस कुतिया की नंगी चूत की खुजली तो मिटानी ही पड़ेगी.

माया की आँखों से नशीला अंदाज बिखर रहा था. उसे अमित और उस्मान से आज लंड मिलने पूरी उम्मीद हो चली थी.
अमित बोला- चल रांड, खड़ी हो और यहाँ आ..

माया उठी और अमित के सामने जाकर खड़ी हो गई. अमित ने माया को उल्टा घुमाया और उसके सर पे हाथ रख के नीचे की तरफ धक्का लगाया. इससे माया का सर टेबल पे टिक गया. माया रोकने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अमित के आगे उसकी एक ना चली. वो चाहती थी कि पहले कुछ चूमा चाटी हो जाती.

अमित ने उस्मान को इशारा किया और उस्मान भी माया के पीछे आ गया. अब उस्मान ने माया की साड़ी ऊपर उठानी चालू की और अमित माया के ब्लाउज पे टूट पड़ा. माया तो खुद को जल्द से जल्द नंगा होने की कोशिश कर रही थी.

“आज तुझे पता चलेगा अमित का लंड क्या मजा देता है. तुझसे पहले इस ऑफिस की 4 और रंडियों ने भी मेरे लंड का मजा लिया है और आज मैं जब चाहूँ, जहाँ चाहूँ उन्हें चोद देता हूँ.” शेखी मारते हुए अमित बोला.

माया की साड़ी उसकी गांड से लगभग ऊपर उठाते हुए उस्मान बोला- लेकिन उन सबमें इसके जितने बड़े मम्मे किसी के नहीं है सर.. ये जब से आई है, मैं रोज़ इसके नाम की मुठ मारता हूँ.
अमित अश्लीलता से हंसते हुए बोला- तो आज तुझे इनाम मिलना ही चाहिए. आज तेरी माया मैडम खुद अपने मुलायम मुलायम होंठों से तेरे लंड की मुठ मारेगी.

वो माया के ब्लाउज के सारे हुक खोल चुका था और अब उसे माया की गोरी गोरी पीठ बहुत ही मादक नज़र आ रही थी. माया को बहुत मजा आ रहा था वो चिल्ला चिल्ला कर मजा लेना चाहती थी लेकिन उसे लग रहा था कोई सुन न ले. माया अब बस ये चाहती थी कि ये सब जल्द से जल्द लंड पेल दें और उसकी चूत की आग को बुझा दें.

अमित ने बाल खींच कर माया का सर ऊपर किया और उसकी गांड पे एक चपत लगाई. माया को बहुत दर्द हुआ और वो मस्ती से सिसिया उठी.
अमित बोला- मजे कर बहन की लौड़ी, जोर से चिल्लाएगी तो पूरे स्टाफ को चूत देनी पड़ेगी.
माया को समझ आ गया था कि अब चुप रह कर मजा लेना चाहिये.

माया ने जैसे ही आँख खोली, उस्मान उसके सामने टांग फैलाए बैठा था. वो अपनी पेन्ट उतार चुका था और उसका लंड माया के सामने था. उस्मान का सोया हुआ लंड भी 5 इंच का लग रहा था.
अपना लंड हिलाते हुए उस्मान बोला- आज ही सारे बाल साफ़ किये हैं मैडम आपके लिए.
माया इठलाते हुए बोली- मुझसे चुसवा कर तेरे भाग्य खुल जाएंगे भोसड़ी के..
“मेरी मस्त रंडी, बातें चोदना छोड़ और अब लंड चूसना चालू कर..” अमित बोला और माया के बाल छोड़ दिए.

अमित माया की गांड पे अब हाथ फेरने लगा और उसकी जाँघें सहलाने लगा. माया के शरीर में करंट सा दौड़ गया और उसके मुँह से एक आअह्ह्ह निकल गई. उस्मान अब भी अपना लंड हाथ में लिए हिला रहा था, जोकि अब पूरी तरह तन चुका था.

माया ने आज पहली बार असल में अपने पति के अलावा कोई और लंड देखा था. वो उस्मान का मोटा लंड मुँह में लेने से पहले कुछ सोचने लगी, उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था. इतने में अमित ने माया की चुत में एक उंगली डाल दी. वही हुआ जिसके लिए माया सोच रही थी. माया का शरीर उसे धोखा दे चुका था.

“देख तेरी चूत कैसे पानी छोड़ रही है.” यह कहते हुए अमित ने अपनी उंगली उस्मान को दिखाई. ये देख कर उस्मान से रुका नहीं गया और वो माया का चेहरा पकड़ कर अपने लंड के पास ले आया.

“मैडम, आज आप भी मज़ा लो और हमें भी लेने दो..” यह कहते हुए उस्मान माया का चेहरा अपने लंड पे दबाने लगा. माया ने अपने दूध सहलाते हुए अपना मुँह खोल दिया और उस्मान का लंड अपने गले तक जाता हुआ महसूस करने लगी.
उस्मान बोला- अमित सर आह.. सससस.. क्या गरम मुँह है साली का आह्ह्ह… इसके मुँह में तो में पूरे दिन अपना लंड ठूंस के रख सकता हूँ.

इधर अमित से भी रहा नहीं गया और उसने माया की चुत पे अपनी जीभ लगा दी. अब माया ने अपना मुँह उस्मान के लौड़े पर ऊपर नीचे करना चालू कर दिया. बीच बीच में लंड बाहर निकाल कर वो कामुक सिसकारियां भी ले रही थी और उस्मान के टट्टों से खेल रही थी. उधर अमित अब दो उंगलियां माया की चुत में डाल चुका था और साथ ही साथ चुत के दाने को चूस रहा था.

“चूस रंडी.. आआह्ह्ह.. जोर से चूस.. बहन की लौड़ी.. ले मेरा लंड अपने गले तक.. ऊऊह्ह्ह..” उस्मान बड़ी मुश्किल से बोल पा रहा था- अमित सर.. जरा इसके कबूतरों को भी आजाद करो ना.. आआह्ह्ह्ह..”

अमित ने फटाफट माया की ब्रा का हुक खोल दिया. इसके साथ ही उसने माया की साड़ी खींच कर पेटीकोट से बाहर निकाल दी और पेटीकोट का नाड़ा भी खोल दिया. अब माया नंगी खड़ी उस्मान का लंड चूस रही थी और अमित से अपनी चुत चटवा रही थी. ये वही लोग थे जिनसे माया हाल ही में मिली थी और जिनके लंडों से चुदने की बात कई बार माया ने सोच रखी थी.
अमित पीछे से बोला- लंड बाहर निकाल कर सुपारा तो चूस मेरी रानी..

माया ने वैसे ही किया और अब वो मस्ती से उस्मान के लौड़े से खेलने लगी. अमित ने माया की पीठ पे चुम्मियों की बौछार लगा दी और वो माया के हाथों को चूमता हुआ पीठ और बोबे के बीच वाली जगह चाटने लगा. माया को लगा जैसे उसकी चुत में बाढ़ ही आ जाएगी. माया अब पूरे मन से उस्मान के लौड़े को चूस चाट रही थी.. जो कि उसके पति अंकित जितना ही बड़ा था. लेकिन उस्मान के टट्टे माया को बहुत बड़े लग रहे थे.

इधर अमित भी अब माया की कमर और पेट के बीच वाली जगह तक पहुँच गया था. जैसे ही अमित ने वहाँ चाटना चालू किया, माया की आँखें बंद हो गईं. आज तक खुद माया को नहीं पता था कि ये जगह उसको इतना उत्तेजित कर सकती है.

माया अब मस्ती में आ गई थी और अमित के इशारों पे थिरकने लगी.

“देख ये रंडी कितनी चुदासी हो गई है और साली अपनी गांड हिला रही है.” अमित के चेहरे पे विजयी मुस्कान थी. “क्यों तड़पा रहे हो सर इसे.. आपकी सारी रंडियों में आआह्ह्ह.. सबसे ज्यादा यही पसंद हैं मुझे.. कर दो बेचारी की इच्छा पूरीईई.. आह..”

उस्मान को पता था वो कभी भी झड़ सकता है. उसने हाथ बढ़ा कर माया के दोनों मम्मे पकड़ लिए और निप्पल ऐसे खींचने लगा जैसे उखाड़ ही डालेगा. उस्मान माया के चूचों का दीवाना हो गया था और उन्हें पूरी तरह निचोड़ लेना चाहता था. माया भी यही चाहती थी कि उस्मान उस पर जरा भी रहम ना दिखाए. जितना तेज़ उस्मान माया के निप्पल खींचता, उतनी ही ताकत लगा कर माया उस्मान का लंड चूसती. माया को इस खेल में मज़ा आ रहा था कि तभी उसे अपनी चुत में कुछ महसूस हुआ. वो समझ गई थी कि अमित ने उसे चुदक्कड़ बना ही दिया.

इधर अमित का अपना ही खेल चालू था. वो माया को पेट से लेकर पीठ तक चाटे जा रहा था.. चूमे जा रहा था. अपना लंड माया की चुत में ठूंसने के बाद भी उसने चाटना बंद नहीं किया. अमित की जीभ लगते ही माया अपने आप ही अपनी गांड हिलाने लगती, जिससे अमित के लंड पे अच्छी रगड़ लग रही थी. इससे अमित और माया, दोनों को सुखद अहसास हो रहा था.

अब तक लंड चुसाई का मजा लेता हुआ उस्मान भी ज्यादा टिक ना सका और उसके लौड़े ने लावा उगल दिया. माया का मुँह भर गया और उस्मान का मुठ उसके मुँह से निकल के बाहर आने लगा.

एक मिनट बाद माया भी झड़ने लगी. झड़ते झड़ते भी वो उस्मान का लंड चूसे जा रही थी और अमित उसे चोदे जा रहा था. माया की चुत अब अमित के लौड़े को ऐसे पकड़ रही थी, जैसे माया के होंठ अमित के लंड को चचोर रहे हों.

माया नहीं चाहती थी कि अमित दो पल के लिए भी रुके, वो तो बस लगातार चुदवाना चाहती थी. माया उस्मान का लंड अपने मुँह से निकालते हुए बोली- चोद बहन के लौड़े, सस्स्स… और जोर से चोद.. बस इतना ही दम है क्या आहहह हहह तेरे लौड़े में.. लगता है बचपन में माँ का दूध नहीं पिया भोसड़ी के.
“रुक छिनाल, अभी दिखाता हूँ तुझे.. कितना दम है मेरे लौड़े में!” कहते हुए अमित ने अपना लंड बाहर निकाल लिया और उस्मान को कुछ इशारा किया, जो माया नहीं देख पाई. उस्मान ने माया का चेहरा अपने लौड़े पर दबा दिया. माया आज उस्मान का लंड अपने गले तक लेना चाहती थी और उसने वैसे ही किया. झड़ने के बाद भी उस्मान का लंड वैसे का वैसा ही खड़ा था.

पूरी तरह लंड निगलने के बाद माया ने जीभ निकाल कर उस्मान के टट्टों पे लगाई और फिराने लगी. तभी उसे दर्द होने लगा और डर के मारे उसने अपना चेहरा उठा के पीछे अमित को देखा, जिसके चेहरे पे हैवानियत साफ़ झलक रही थी.

“नहीं अमित, मेरी गांड नहीं.. आज तक मैंने अपनी गांड अपने पति को भी नहीं मारने दी.. आज मैंने अपने पति से इसे खोलने का वायदा किया है. आज उसके गांड मारने के बाद तुम जब भी बोलोगे मैं गांड मरवा लूँगी. लेकिन प्लीज तुम मेरी गांड आआआआ..” इससे पहले माया अपनी बात पूरी बोल पाती, अमित ने अपना पूरा लंड माया की गांड में ठूंस दिया था. माया की आँखें दर्द से बाहर आ गई थीं और वो दर्द से कराहने लगी. माया से अब खड़ा नहीं हुआ जा रहा था और उसकी टांगें काँप रही थीं. उस्मान ने माया का चेहरा पकड़ा और उसके होंठों पे अपने होंठ लगा दिए और चूसने लगा.

इधर उस्मान अपना लंड माया की बोबों पे रगड़ रहा था और माया के होंठ चूस रहा था. अमित के हर धक्के के साथ माया के गले से चीख निकल रही थी, जो उस्मान के होंठों से दब जा रही थी. उस्मान ने कुछ देर माया के होंठों का रसपान किया और फिर माया के होंठ अपने लौड़े पे दबा दिए.
“क्यों चुदासी रांड.. अब पता चला कितना दम है मेरे लौड़े में.”

अमित माया की गांड की जबरदस्त चुदाई करते हुए बोला- साली छिनाल की गांड सच मैं बहुत टाइट है रे उस्मान. लगता है सच मैं पहली बार मरवा रही है. साला मेरा लंड छिल गया है.
“सर, अब मुझे भी थोड़े मज़े लेने दो ओह्ह.. बड़ी मुश्किल से किसी तरह अपना पानी निकलने से रोका हुआ है आआह्ह्ह.. कस कस के चूस रही है ये रांड.. अब आप अपने लौड़े को थोड़ा आराम दो..”

उस्मान उठा और जमीन पे लेट गया. अमित ने माया को बाल पकड़ के खींचा और उस्मान के ऊपर ले गया. उस्मान की तरफ पीठ करके माया जैसे ही अपनी चुत में उस्मान का लंड लेने के लिए बैठने लगी, उस्मान ने अपना लंड पीछे सरका दिया, जिससे लंड लगभग दो इंच माया की गांड में चला गया और फुर्ती से अमित ने अपना लंड माया के मुँह में ठूंस दिया. माया के मुँह में अजीब सा स्वाद घुल गया.. उसने लंड निकालना चाहा लेकिन अमित लंड बाहर निकालने को तैयार नहीं था.

इतनी देर की चुदाई के बाद माया के पैर उसका साथ नहीं दे रहे थे और उसके पास उस्मान का लंड अपनी गांड में लेने के सिवा कोई चारा नहीं था. माया ने अपना बदन हल्का छोड़ दिया और उस्मान का लंड उसकी गांड में घुसता चला गया.

“सालों मादरचोदों.. आज मैंने अपने पति से गांड खुलवाने का वायदा किया था.. लेकिन तुम कुत्तों ने मेरी गांड खोल ही दी.. आह मजा आ रहा है..”

“माया रानी गांड को सिर्फ लंड से मतलब होता है, उसको नहीं मालूम होता है कि किसका लंड है.. तेरे पति का ना सही मेरे लंड से ही फीता कट गया.. तू तो बस मजा ले..”

अब माया उछल उछल कर अपनी गांड मरवाते हुए अमित का लंड चूस रही थी. अमित माया के चूचों से खेल रहा था. केबिन में तीनों की मादक सिसकारियां गूंज रही थीं. माया ने अपना हाथ बढ़ाया और अपना दाना रगड़ने लगी.

अमित अपने इरादों में कामयाब हो चुका था. ना सिर्फ माया अमित और उस्मान का लंडों से चुद रही थी, बल्कि खुद अपनी चुत भी मसल रही थी. आज माया को अमित ने रंडी बना दिया था और वो जानता था कि अब वो जो चाहे माया से करवा सकता है. उसे पता था कि एक बार औरत के अन्दर की अन्तर्वासना जाग जाए, तो वो अपनी आग शांत करने के लिए बाजार में नंगी होकर भी भी चुदवा सकती है.

अब अमित माया को एक आखिरी सुख देना चाहता था. उसने अपना लंड माया के मुँह से बाहर निकला और माया को पीछे की तरफ धकेला. इधर उस्मान अपनी गांड उछाल उछाल कर माया को चोद रहा था, लेकिन वो जानता था कि उसे क्या करना है. माया जैसे ही पीछे की तरफ झुकी, उस्मान ने उसके दोनों हाथ पकड़ के उसे अपने ऊपर और झुका लिया और झटके मारने बंद कर दिए.

माया उस्मान की तरफ गर्दन घूमते हुए बोली- रुक क्यों गया माँ के लौड़े.. चोद ना मेरी गांड.. लंड तो खड़ा हुआ है फिर क्या अपनी माँ चुदाने के लिए रुका है?
“मेरी रंडी के लिए आज का आखिरी तोहफा मेरी तरफ से..” ये बोलते हुए अमित माया की चुत में अपना लंड डालने लगा.

माया की चुत खिंचने लगी और उसे लगा कि आज उसकी चुत फट ही जाएगी.

“बाहर निकल हरामीमीईई.. बहुत दर्द हो रहा है.. आअह्ह्ह्ह.. चुत और गांड दोनों फाड़ेगा क्या.. ऊईईईई माँआआआआ.. मार डाला कमीनों ने..”

अमित ने अपना लंड पूरी तरह से माया की चुत में घुसा दिया था. माया को लग रहा था कि आज वो मर ही जाएगी. हालांकि उसने कई बार ब्लू फिल्मों में इस तरह की चुदाई देखकर सोचा था कि अपने पति के साथ किसी एक का लंड अपनी गांड में भी लेकर सैंडविच बन कर चुदना चाहेगी. आज उसकी ये तमन्ना पूरी हो रही थी लेकिन ये पहली बार था इसलिए उसे भारी दर्द भी हो रहा था.

इससे पहले उसे कभी इतना भरा हुआ महसूस नहीं हुआ.

अमित का लंड उसकी बच्चेदानी तक टकरा रहा था, वहीं उस्मान का लंड भी कम नहीं था. पहले उस्मान ने धक्के मारने चालू किया और फिर अमित ने शुरू कर दिए. दोनों एक एक करके धक्के मार रहे थे.

अब माया भी मस्ती में आ गई थी.

“हरामी सालों.. जोर से चोदो आअह्ह्ह और जोर से चोदो अपनी रांड को.. फ़क मी हार्ड.. एंड फ़क मी फ़ास्ट.. कितनी परफेक्ट ताल में चोद रहे हो.. कितनी लड़किया चोदी हैं तुम दोनों ने मिल कर मादरचोद.. आआह्ह आआह्ह्ह्ह आआह्ह.. आआह्ह्ह.. बोलो भड़वों..”

माया की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी.
अमित चुदाई करते हुए बोला- तू पांचवी रंडी है इस ऑफिस में.. इसी केबिन में तुझ जैसी चार और गांड उछाल उछाल कर चुद चुकी हैं.

तभी गांड में लंड पेलते हुए और सिसकते हुए उस्मान ने कहा- आह्ह.. लेकिन आपके जैसे चुच्चे किसी के नहीं देखे मैडम.
“तेरे ही हैं ये चुच्चे मेरे राजा.. आह्ह्ह्ह.. आज से जहाँ चाहे जब चाहे चूस लेना.. बस मेरी गांड की अच्छे से सेवा कर और जोर से चोद.. ओह्ह्ह आआह्ह आअह्ह्.. भड़वे और ताकत लगा मादरचोद..”

अमित थोड़ा आगे झुका और माया की गर्दन पे हमला बोल दिया. माया अब पिघलने लगी. उसे अंदाज भी नहीं था कि वो कितनी बार झड़ चुकी है और उसके अन्दर का ज्वालामुखी फिर से फटने वाला था.

तीनों ताल से ताल मिला के चुदाई का मज़ा ले रहे थे. सबसे पहले माया का बाँध टूट गया. माया पीछे की तरफ उस्मान पे गिर गई. अमित ने आगे बढ़ के माया के एक बोबे को मुँह में भर लिया और माया की चुत की गर्मी के आगे टिक ना सका. वो भी झड़ने लगा. झड़ते झड़ते माया ने अपनी चुत और गांड, दोनों टाइट कर ली थीं, जिससे अमित को लग रहा था कि माया की चुत इसका लंड खा जाना चाहती है.

वही हाल उस्मान का भी था. माया की टाइट गांड और भी टाइट हो गई थी और उस्मान के लौड़े पे जबरदस्त दबाव बना रही थी. उस्मान भी झड़ने लगा, उसने माया का दूसरा चुच्चा पकड़ लिया.

दस मिनट तक तीनों ऐसे ही हांफते रहे और एक दूसरे के ऊपर पड़े रहे. फिर वो उठे और खुद को साफ़ करके कपड़े पहनने लगे.

“ये रही तुम्हारी फोटो माया.. जो उस्मान ने खींची थीं
कैमरा माया को देते हुए अमित बोला तो माया ने झट से वो फोटो देखी और हंसते हुए उसने फोटो डिलीट कर दी.
“अब फिर कब चूत देगी रानी?”
माया अमित का लंड सहलाते हुए बोली- इतनी चुदाई के बाद तुम्हें लगता है, अब मैं इन दोनों लौड़ों के बिना रह सकूंगी?
“हाहाहाहा.. ठीक बोल रही हो तुम माया. आज तुमने जैसे चुदवाया है, तुमने मुझे अपना दीवाना बना लिया है.”
उस्मान फोटो डिलीट होते देख कर उदास होते हुए बोला- लेकिन अब मुझे घर जाके मुठ मारनी होगी तो मैं क्या देख कर मारूंगा?”
“उदास मत हो मेरे राजा, कल फिर चूत दूँगी.” बोलते हुए माया हंस पड़ी.
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