Friday, February 2, 2018

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दोस्त की कजिन की धमाकेदार चुदाई

नमस्कार दोस्तों | मैं रितेश वर्मा आपका स्वागत करता हूँ | अपनी चुदाई और मस्त गांड पेलाई से भरी हवश की इस कहानी में | मेरी उम्र 29 साल की है | मैं एक बैंक में नौकरी करता हूँ | वैसे तो लोगों के हिसाब से मैं एकदम शरीफ आदमी हूँ लेकिन मेरे अंदर चुदाई के लिए कितनी हवस भरी पड़ी है वो तो बस मैं ही जानता हूँ या वो जिनकी मैंने चूत फाड़ी है | मैं ये चुदाई का खेल आज से नही करीब पिछले 10 सालों से खेल रहा हूँ | आज मन में आया कि क्यों न कुछ यादें आप लोगों से साझा करू | मेरे शरीर को देख कर कोई ये हिसाब नही लगा सकता है कि मेरी उम्र इतनी है | आखिर मैंने ऐसे जो मेन्टेन कर रखा है अपने शरीर को | अब अपने लंड का भी तो ज्ञान दे दूं | मेरे लंड महराज 7 इंच लम्बे है | चुदाई के मामले में तो इनका कोई तोड़ नही | ऐसी चुदाई करते हैं की चूत का भोसड़ा बना कर रख देते हैं और अगर गांड में घुसे तो फिर तो गांड फटना पक्का | मेरी शादी 2 साल पहले हो गई थी | मैंने अपनी बीवी की तो जम कर चुदाई की | इतनी की उसकी चूत का भोसड़ा बन गया | उसकी गांड मार मार कर तो मैंने ऐसे कर दिया है कि अब उसकी गांड हमेशा उठी ही रहती है | पहले तो उसे दिक्कत हुई फिर वो भी मज़े से मुझसे चुदवाने लगी |

वैसे तो मेरी जिन्दगी में चुदाई के किस्सों की कमी नही है लेकिन उनमे से सबसे यादगार चुदाई के बारे में आज बताता हूँ | मेरे और मेरे दोस्त की बहन की चुदाई का किस्सा | ये बात 4 साल पहले की है | अभी मेरी नौकरी नही लगी थी | अभी मैं बैंक के पेपर की तैयारी कर रहा था | मेरा एक दोस्त है अनुराग | जो मेरे साथ बचपन से रहा हम ने साथ में पढाई की और खूब मस्त भी की | वो बहुत ही सीधा लड़का था | एमें अक्सर उसके घर जाया करता था | हम वहां साथ में बैठ कर टीवी देखते और पढाई भी करते | अनुराग का घर ज्यादा दूर नही है इसी लिए हमारा ज्यादा समय साथ में ही बीतता था | एक बार मैं अनुराग के घर गया तो देखा कि उसके घर कुछ मेहमान आये हुवे हैं | मैं वापस जाने लगा | तभी अनुराग आ गया | वो मुझे अपने साथ में अपने कमरे में ले गया | और बताया कि उसके घर पर उसके मामा जी का परिवार आया हुआ है | हम बैठ कर साथ में टी वी देखने लगे तभी एक लड़की कमरे में आयी | क्या मस्त माल थी |उसका फिगर 36-30-32 था | एक दम कड़क पटाका लग रही थी | उसके बड़े बड़े मम्मे तो बस देखते ही मुंह में रख लेने का मन हो रहा था | वो जैसे ही कमरे में आयी मैं उसे घूरने लगा वो भी मुझे बड़े ध्यान से देखने लगी | तभी अनुराग ने बताया कि ये उसके मामा जी की लड़की है | इसका नाम इशिका है | और ये अभी लखनऊ से स्नातक कर रही है | वो उसके बारे में बताये जा रहा था लेकिन मैं तो बस इशिका को ताड़ने में लगा हुआ था | तभी अनुराग ने बताया कि वो यहाँ दो महीने रुकने के लिए आयी है | फिर तो मैंने सोच लिया कि कैसे भी इसे पटाउँगा | फिर तो मैं अब रोज़ अनुराग के घर जाने लगा और ज्यादा से ज्यादा समय अनुराग के घर पर रहने लगा | जिससे मेरी इशिका से बहुत जल्दी दोस्ती हो गई |

एक बार की बात है शाम के वक्त मेरे मन में आया क्यों न एक बार इशिका से मिल आऊ | ये सोच कर मैं अनुराग के घर चला गया | जब मैं पहुंचा तो मैंने डोर बेल बजाई | तो फिर इशिका ने दरवाजा खोला | उसने बताया कि कि अनुराग घर पर नही है | तो मै वापस जाने लगा तो इशिका ने मुझे रोका और कहा आओ वो अभी आ जायेगा तब तक बैठो | मै मान गया और उसके साथ अंदर चला गया | तभी मैंने देखा कि घर में कोई नही था पूछने पर इशिका ने बताया कि आंटी बाज़ार गई है | ये सुन कर मेरी धड़कने बढ़ गई | तभी मैंने सोचा कि ये एक अच्छा मौका है | थोड़ी देर बाद बाते करते करते मैंने झट से इशिका का हाँथ पकड़ा और बोला इशिका मैं तुमसे प्यार करता हूँ जब से तुम्हे देखा है | बस तुम्हारे लिए जी रहा हूँ | मैं तुमसे कब सीपने मन की बातें बताना चाह रहा था लेकिन नही बता पा रहा था | कह दो कि तुम भी मुझसे प्यार करती हो | वो मुझे ध्यान से देखने लगी | मैं डर गया लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और गले से लगा लिया |और बोली रितेश मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ | आई लव यु | मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना नही रहा | ऐसा लग रहा था मानो मेरा सपना पूरा हो गया हो | हम कुछ देर ऐसे ही चिपके रहे | मुझे अब कुछ अजीब सा हो रहा था मैंने तुरंत उसके गले पर किस कर दिया | उसने भी मुझे किस किया | फिर मैंने उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिये और जोर जोर से स्मूच करने लगा वो बेकाबू हो रही थी | फिर मैंने उसके मम्मों पर हाँथ रख दिया और धीरे से दबाया उसकी आह्ह.. निकल गई | उसने मन किया और बोली ये सब आज नही कोई आ जायेगा | फिर फिर मैं मान गया और एक गाल पर किस दिया और चला आया | मेरा लंड तो खड़ा हो चुका था | इसी लिए मुझे मुठ मार कर अपने लंड को शांत करना पड़ा |

फिर क्या था अब तो रोज़ 2 – 3 बार मैं किसी न किसी बहाने अनुराग के घर जाता और आँखों ही आँखों में इशिका से बात होती | तो कभी मौका पा कर मैं उसे किस कर देता तो कभी उसके बूब्स को दबा देता था | एक बार शाम को इशिका ने मुझे फ़ोन कर के अर्जेंट घर बुलाया मैं डर गया | मैं जल्दी से भाग कर अनुराग के घर गया जैसे ही बेल बजाई | इशिका ने दरवाज खोला मैंने पुछा कि क्या हुआ तो उसने कहा अन्दर चलो बताती हूँ | मैं अंदर गयेशिका ने दरवाज़ा बंद किया और झटके से मेरे पास आ गई और मेरे लिप्स पे लिप्स रख दिए | मैंने कहा क्या हुआ तो उसने बोला कि तुमने मेरे अंदर जो आग भड़काई है | उसे आज बुझा दो | मैं अब और नही सह सकती फिर क्या था किसो का दौर शुरू हो गया | वो मुझ को तेज़ तेज़ से किस किये जा रही थी | फिर क्या था मेरा भी लंड एकदम तैयार हो गया था | मै उसके बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा | वो मोअन करने लगी | आह्ह्ह्ह… आह्हह…. आई लव यू बेबी …. | मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसे कमरे में लेकर गया | और जोर जोर से उसके बूब्स को दोनों हाँथो से दबा कर पीने लगा | वो अब और भी जोर से चिल्ला रही थी | फिर मैं नीचे बैठ गया | और मैंने धीरे से इशिका की चूत को किस किया वो एकदम चिहुक गई आह्हह … अब मुझे और न तड़पाओ मेरी जान | मैंने कहा आज मैं तुम्हे पूरा मज़ा दूंगा और | मैंने अपनी जबान उसकी चूत में डाल दी और उसे चाटने लगा | इशिका के मुहं से निकलती हुई आवाजें और भी तेज हो गई | थोड़ी ही देर में उसने पानी छोड दिया |मै उसका सारा रस पी गया | खड़ा हुआ मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था | मैंने इशिका से लंड चूसने को कहा तो उसने मन कर दिया मुझे बुरा लगा लेकिन मैंने भी जबरदस्ती नही की | फिर मैंने इशिका को बेड पर सीधा लिटा दिया और अपना लंड अन्दर घुसाना चाहा | लेकिन उसकी चूत बड़ी टाईट थी इसलिए मेरा लंड फिसल गया | उसने मेरे लंड को पकड के सही लगाया और फिर मैं धीरे धीरे कर के अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया और उसको चोदने लगा | अभी वो चिल्ला रही थी | उसे पहले तो थोडा दर्द हुआ फिर मज़ा भी आने लगा | पहले तो मैंने एकदम धीरे धीरे चोदा | फिर मेरी स्पीड बढ़ गई | वो भी आह्ह्हह्ह्ह्हह्ह… आय्ह्ह्ह…अय्य्य्हह्ह्ह कर के हिल रही थी | और अब मस्त चुदवा रही थी | उसके बाद मैं सीधा लेट गया और वो मेरे ऊपर आ कर बैठ गई और मेरा लंड अपनी चूत में ले लिया | और खूब कूद कूद कर मज़े से चुदी | ऐसे ही करीब 2 घंटे तक मैंने उसे चोदा | फिर मै अपने घर चला गया |

कुछ दिनों के बाद इशिका वापस चली गई | फिर उसने मुझसे दोबारा कांटेक्ट नही किया | बाद में पता चला कि उसकी शादी हो गई | वो दोबारा मुझे नही मिली लेकिन उसकी चुदाई के बारे में जब भी सोचता हूँ मेरा लड़ खड़ा हो जाता है |
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