Friday, February 2, 2018

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लंड और चूत का खेल कर दे सारी चीजों को फेल

नमस्कार मित्रों मेरा नाम दीपक अग्रवाल है और मैं उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले का रहने वाला हूं । मैं 24 साल का हूं और यहीं के स्टूडियो में डिजाइनिंग की जॉब करता हूं । मेरे पापा मम्मी का मैं इकलौता और बहुत ही चहेता लड़का हूँ | मेरी एक गर्लफ्रेंड भी है जिसका नाम सुहाना और आज की स्टोरी में मैं आपको बताऊंगा की मैंने उसको कैसे उसे पटाया और उसको चोद चोद के कैसे उसकी चूत फाड़ डाली | पहले मैं जहां डिजाइनिंग का कोर्स कर रहा था वहां मेरी दोस्ती एक आकाश नाम के लड़के से हुई जो कि मेरा सीनियर था |

मेरे उससे काफी अच्छे व्यवहार बन गए और हम लोगों का एक दूसरे के घर आना जाना होने लगा | उसकी एक छोटी बहन थी जिसका नाम सुहाना था और हम दोनों काफी अच्छे फ्रेंड्स भी बन गए थे | वह मेरे से बहुत अच्छे से बात करती थी और हम लोग एक साथ ही वक्त बिताया करते थे । हालांकि मेरे उसके प्रति कोई गलत विचार नहीं था पर वह मुझे बहुत अच्छी लगती थी एक दिन सुहाना मैं और उसके बड़े भाई आकाश साथ में बारिश में नहा रहे थे | उस समय मेरी नजर सुहाना पर पड़ी वह पूरी तरह भीग चुकी थी उसकी टी-शर्ट उसके शरीर से चिपक गई थी | उससे उसके बूब्स दिख रहे थे और उसकी जुल्फें उसके चेहरे पर आ रही थी और ऐसा लग रहा था कि जाकर उसे अभी किस कर लूं और उसे अपनी गर्लफ्रेंड बना लूं | उस दिन पहली बार ऐसा लगा कि मुझे किसी से प्यार हो गया है अब बस मुझे वह लड़की चाहिए थी और मुझे उसको चोदना था ।

इसके बाद मैं कई दिन तक उसके घर जाता रहा और उसको देखा करता था । पर इससे मैं उसके करीब नही जा पा रहा था तो मैंने एक दिन सोचा कि यार अब कुछ और करना पड़ेगा | तो मैंने उसके भाई आकाश से बोला कि चलो कहीं घूमने चलते हैं उसने बोला ठीक है कहां चले | मैंने बोला कहीं भी चलो तो हम लोगों ने प्लानिंग की और एक जगह डिसाइड कि जहां हम लोग घूम सके । मैंने कहा सुहाना घर पर क्या करेगी अकेले चलो एक काम करो उसको भी ले चलते अपने साथ घुमाने । आकाश भी राजी हो गया । फिर हम लोग घूमने गए साथ में और जहां हम लोगों को घूमने जाना था उससे थोड़ी दूर पहले ही हम लोगों ने गाड़ी पार्क कर दी वहां से हम लोग को पैदल जाना था | हम लोग पैदल पैदल निकले ।

मैंने मन में सोचा की ऐसे तो कोई मौका मिलेगा नहीं सुहाना से अकेले में बात करने का , तो चलो एक काम करते हैं। आकाश और सुहाना चलते चलते जैसे ही मुझ से थोड़ा आगे निकले मैंने गिरने का बहाना किया वो दोनों दौड़ कर वापस पीछे आए मेरे पास तो मेरे को उठाने लगे मेरे को पैर से थोड़ा खून भी निकल आया था | मैंने बोला मुझसे चलते नहीं बन रहा है एक काम करो मेरे लिए जाकर पट्टी ले आओ बांधने के लिए | वहां पास में थोड़ी दूरी पर एक मेडिसिन की दुकान थी और सुहाना अकेले तो जाती नहीं और मुझे छोड़कर भी नहीं जा सकती थी , तो आकाश अकेले गया पट्टी लेने और उसके जाने के बाद मैंने सोचा अब यह सही मौका है सुहाना से अपने बारे में बात करने का | मैंने ऐसे ही किया मैंने उससे बोला सुहाना मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं क्या तुम भी मुझसे प्यार करती हो ? मैंने तुम्हारे लिए बहाना किया गिरने का , कि मैं तुमसे अकेले में कुछ बात कर सकूं उसने शर्मा कर कहा मैं भी तुम्हें बहुत पसंद करती हूं पर मुझे थोड़ा टाइम चाहिए | मैंने कहा कोई बात नहीं ब्यूटीफुल फिर इतनी देर में आकाश पट्टी लेकर आ गया और सुहाना ने मेरे पैर पर पट्टी बांधी और हम लोग घूमने चले गए।

फिर मैं अगले दिन उसके घर गया और सुहाना से बात किया और उससे उसका नंबर भी ले लिया जब आकाश वहां नहीं था तो।

फिर मैं उसको रोज कॉल करने लगा और हम लोग बात करते रहते थे जब तक आकाश घर पर नहीं रहता था | धीरे-धीरे करके सुहाना भी मान गई फिर एक दिन उसने मुझे खुद प्रपोज किया कि मैं तुमसे प्यार करती हूं दीपक मैंने भी कहा आई लव यू टू सुहाना | फिर बताओ कब मिल रही हो मुझसे उसने बोला में कैसे मिलूंगी हमेशा तो आकाश घर पर रहता है | कैसे आऊंगी मैं तुम ही बताओ ? मैंने कहा चलो एक दिन अपन फिर घूमने चलते हैं अपन आकाश को दोबारा कुछ लेने भेज देंगे और अपन बातें करेंगे उसने कहा ठीक है | हम लोगों ने ठीक ऐसा ही किया एक दिन हम लोग तीनों होटल पर रात में डिनर के लिए गए और आकाश को मैंने किसी बहाने से बाहर तक भेज दिया और हम लोग ने बातें की आपस में | मैंने उसके हाथ पर भी किस की और फिर आकाश आ गया और हम लोग साथ में डिनर करके वापस घर पर आ गए | फिर हम लोग कई बार अपनी अपनी कोचिंग से ही बंक मार लिया करते और मिला करते थे | मैंने उसको कई बार किस भी की और वह भी मुझसे प्यार करने लगी थी । और मेरी सारी बातों को माना करती थी पर हम लोगों को ज्यादा टाइम नहीं मिलता था कि हम लोग आपस में ज्यादा टाइम बिता सके हमेशा या तो उसका भाई उसको पूछ लेता था कहां पर हो या तो मेरे घर से कॉल आ जाता था |

एक दिन हम लोगों ने डिसाइड किया कि अपन लोग स्कूल से बंक मारकर कहीं घूमने चलते हैं फिर मैंने उससे पूछा कि कहां चलोगे घूमने उसने बोला तुम बताओ कहां चलें मैंने कहा कहीं भी चलेंगे पर वैसे ही स्कूल की ड्रेस में रहेंगे तो कोई पकड़ सकता है एक काम करते हैं इससे अच्छा किसी होटल चलते हैं वहां पर अपने रूम में बढ़िया बैठ कर बात कर सकेंगे उसने कहा ठीक है चलो चलते हैं | मैंने बोला की फिर अपन कब बंक मारे उसने बोला जब तुम बोलो परसों के दिन बंक मारेंगे क्यों कि उस दिन मेरे घर वाले भी कहीं घूमने जा रहे हो तो मेरे को कोई कॉल करने वाला नहीं रहेगा वहां ठीक है उस दिन आकाश भी अपने दोस्तों के साथ घूमने जाएगा।

फिर हम दोनों ने स्कूल से बंक मारा और मेरे एक भैया की पहचान का एक होटल था तो भैया ने उस होटल में मेरे लिए एक रूम बुक करवा दिया | मै सुहाना को उस होटल में ले गया फिर हम दोनों रूम में चले गए और हमने कुछ देर बातें की उसके बाद मैंने उसके लिप पे अपने लिप्स रख दिए और हम दोनों एक दुसरे को लिप टू लिप्स किस करने लगे | हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था और हम दोनों एक दुसरे के नशे में खो गए मैंने उसकी स्कूल की शर्ट के बटन खोल दिए और उसकी शर्ट उतार दी | वाओ यार क्या लग रही थी उसने वाईट कलर की ब्रा पहनी हुई थी | उसने भी मेरी शर्ट के बटन ख़ोल दिए और उसके गले में किस करने लगा और धीरे धीरे नीचे की तरफ बढ़ने लगा और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स पर किस किया | फिर मैं उसके पेट में किस करने लगा और वो मछली जैसे तड़पने लगी | उसके बाद मैंने उसकी जांघो पे किस किया उसने हाफ स्कर्ट पहना हुआ था | उसके बाद मैंने उसकी स्कर्ट भी उतार दी उसने ब्लैक कलर की अंडर वियर पहनी हुई थी और वो ब्रा और पैंटी में बहुत सेक्सी लग रही थी | मैंने उसके ब्रा के हुक ख़ोल दिए और उसके ढूध को उसकी ब्रा से आजाद कर दिया पर वो शर्मा गई और अपने बूब्स को अपने दोनों हांथो से धक् लिया और बोली जानू मुझे शर्म आ रही है | तो मैंने कहा बेबी मुझसे कैसा शर्माना और उसके हाँथ को उसके बूब्स पर से हटा दिया और उसके निप्पल को अपने मुंह में लेके चूसने लगा और दुसरे बूब्स को हाँथ से दबाने लगा | वो भी सेक्स के नशे में पागल हो गई थी फिर मैंने उसकी अंडरवियर उतार दी और उसकी चूत देखकर देखता ही रह गया माशाल्ल्हा क्या चूत थी यार उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं थे और छोटी सी गुलाबी कलर की चूत थी |

मै उसे चाटने लगा उसकी चूत से नमकीन पानी निकल रहा था जिसका टेस्ट मुझे बहुत अच्छा लग रहा था | मैंने 10 मिनट तक उसकी चूत चाटी उसके बाद मै उठा और अपने सारे कपड़े उतार दिए | मेरा लंड पूरा खड़ा था और वो मेरे 6‘’ के लंड को देख कर डर गई और कहा जानू इतना बड़ा है ये अगर मेरे अन्दर जाएगा तो मै मर जाउंगी | मैंने कहा मुझपर भरोसा रखो कुछ नहीं होगा और उसकी चूत पर अपना लंड रख दिया और एक शोर्ट मारा जिससे मेरा थोड़ा सा ही लंड उसकी चूत में घुसा और वो चीख पड़ी | तो मैंने उसके लिप में अपने लिप रख दिए उसके बाद एक और ज़ोर का झटका मारा जिससे उसकी चूत को फाड़ता हुआ मेरा लंड उसकी चूत में समां गया और वो रोने लगी | मैने उससे कहा जानू थोड़ी देर रूको तुम्हे भी मजा आने लगेगा 15 मिनट बाद उसकी चूत का दर्द कम होने लगा तो मैने झटके मारना स्टार्ट कर दिया और उसे भी मजा आने लगा | मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और वो जोर जोर से आआह्ह्ह आःह्ह्ह करने लगी 15 मिनट ऐसे ही चोदने के बाद हम दोनों झाड गए | उससे चला नहीं जा रहा था और उसकी चूत से खून निकल रहा था | फिर भी वो हिम्मत करके उठी और बाथरूम में जाकर अपनी चूत को साफ़ किया | फिर हम घर आ गए उसके बाद मैंने उसे कई बार चोदा लेकिन उसका चूतिया भाई आकाश हमे आज तक नहीं पकड़ पाया या हमारे बारे में समझ पाया |
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