Friday, February 9, 2018

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चकले में नाचने वाली को चोदा

हैल्लो दोस्तों मैं हूँ सुरिंदर शील और मैं चंडीगढ़ का रहने वाला हूँ | मैं 32 साल का हूँ और मेरी शादी को चार साल हो चुके है | मेरी पत्नी सिमरन बहुत मोटी है और देखने में तो ऐसी लगती है जैसे अगर मेरा लंड खड़ा हो तो उसको देखकर सो जाए | वो मुझे बिलकुल भी पसंद नहीं थी लेकिन मम्मी ने कहा था कि शादी के बाद पतली हो जाएगी लेकिन वो तो और फैल गई | इसी वजह से मैं बाहर की दुनिया में हुस्न की तलाश करता रहता हूँ | ये कहानी है जब मैंने एक चकले (रंडीखाना) में गया था और मुझे एक नाचने वाली पसंद आ गई थी और मैंने उसके साथ पूरी रात मौज की |

ये कहानी एक साल पहले की है जब मैं थका हुआ घर पहुंचा और सिमरन ने मुझसे कहा मैंने खाना नहीं बनाया है तुम जाके बाहर से ले आओ | जैसा की मैंने कहा मुझे वो बिलकुल पसंद नहीं और उसकी ये बात सुनकर मेरा दिमाग ख़राब हो गया और मैंने उसके उल्टा सीधा सुना दिया | और आपको तो पता ही है शादी को चार साल हो चुके है और वो भीगी बिल्ली से शेरनी बन चुकी थी तो थोड़ी देर बाद में मामला उल्टा हो गया और उसने मुझे सुनना शुरू कर दिया और मैं चुपचाप सुनने लगा | थोड़ी देर में दोनों ने एक दुसरे से लड़ना शुरू कर दिया और उसने मुझे गंजी फ़ेंक के मार दी |

मैं उसके हमले से बच तो गया लेकिन मुझे बहुत बुरा लगा तो मैंने उससे कहा ठीक है मैं घर से जा रहा हूँ तुम मरो यहीं और इतना कह के घर से चला गया | मैं बाहर आया और अपने दोस्त को फ़ोन लगाया और कहा भाई फ्री है क्या ? तो उसने कहा क्यों ? तो मैंने कहा चलो दारू पीते है फिर कहीं खाना खायेंगे | तो उसने कहा क्यों आज फिर भाभी से लडाई हो गई क्या ? तो मैंने कहा तेरे को तो पता ही है | तो उसने कहा चल और मैंने उसको पास के ही एक बार पे बुलाया | वो थोड़ी देर में बार पहुँच गया और वहां खड़े हो के हम सोच रहे थे कि कौन सी दारू ले जाए ?




तभी उसने मुझसे कहा भाई एक बड़ा सा बार है जहाँ पे नाच गाना भी होता है और एक एक से मस्त आइटम नाचती है वहां पर | तो मैंने पूछा पैसे ज्यादा तो नहीं लगेंगे तो उसने नहीं जितना यहाँ उतना ही वहां बस उन्नीस बीस का अंतर है | तो मैंने कहा चलो चलते हैं और वहां के लिए निकल पड़े | थोड़ी देर में हम दोनों वहां पहुँच गए और अन्दर गए | मैं जैसे ही अन्दर गया मेरी आँखें और गांड दोनों फटी रह गई | वहां पर मस्त मस्त लड़कियां नाच रही थी और कुछ सुन्दर और सैक्सी लड़कियां छोटे छोटे कपड़ों में दारू सर्व कर रही थी |

मैंने ऐसा मनमोहक दृश्य पहले कभी नहीं देखा था इसलिए मुझे मेरे दोस्त पे बड़ा प्यार आ रहा था | तो मैंने उससे कहा भाई इतने दिनों से क्यों नहीं बताया तूने मुझे इसके बारे में भोसड़ी के ? तो उसने कहा मुझे भी कुछ दिन पहले ही पता चला है | तो मैंने कहा बहुत अच्छा किया जो मुझे यहाँ ले आया | फिर हम दोनों पास की एक टेबल पर जाके बैठ गए और आस पास जो परियां थी उनको प्यार से देख रहा था | तभी एक सुन्दर बाला हमारे पास आई उनसे छोटी सी चमकदार बिकिनी पहन रखी थी और झुककर हम से पूछने लगी क्या लेंगे आप ? मेरा मन तो उसकी चूत मांगने का था लेकिन तब तक मेरे दोस्त ने दारू का आर्डर दे दिया |

थोड़ी देर बाद वो दारू और दो गिलास हमारे पास लेकर आई और कहा इसके साथ क्या लेंगे ? तो मैंने कहा तुम्हें | तो उसने कहा आपने देर करदी जनाब मैं आज के लिए किसी और की हो चुकी हूँ | तो मैंने पूछा अच्छा तो अभी उपलब्ध कौन कौन है ? तो उसने कहा पहले आप शराब का मज़ा लीजिये और शबाब का मज़ा उसके बाद ले लीजिये गा | तो मैं राज़ी हो गया और उसको जाने के लिए कह दिया | मैं और मेरे दोस्त ने दारू पीना शुरू कर दी और थोड़ी देर में हमें नशा हो गया | अब हम बैठे बैठे बकवास कर रहे थे | मैंने उससे कहा भाई मेरी पत्नी शादी से पहले ही ठीक थी मतलब साली माल से मलमा हो गई है | तो उसने कहा भाई मैं भी अपनी पत्नी से परेशान हूँ |

तभी वो सुंदरी हमारे पास आई और कहा जनाब और कोई शौक फरमईये | तो मैंने कहा शराब का नशा तो हो गया अब तुम्हारे पास कोई ऐसा शबाब है जिसके आगे शराब का नशा कुछ नहीं | तो उसने मुस्कुराते हुए कहा है तो, लेकिन उनके लिए आपको ज्यादा जेब ढीली करनी होगी | तो मैंने कहा कितने लगेंगे मैं दूंगा लेकिन माल एकदम चौकस चाहिए | तो उसके कहा अभी पेश करती हूँ | हम दोनों ने 10 मिनिट तक इंतज़ार किया और थोड़ी देर में वो 7-8 लड़कियों के साथ आई लेकिन उनके चेहरे ढके थे | मैंने कहा इनके चेहरे से नकाब तो हटाओ |

तो उसने कहा इतने भी उतावले न हो जनाब, आपको इनका दीदार ज़रूर होगा | फिर उसने ताली बजाई और उन सबने अपने चेहरे से पर्दा हटा लिया | सब लड़कियां बेहद सुन्दर थी और उन्हें देखकर मेरे मुंह से लार बहने लगी | फिर मैंने खुद को संभाला और उनमें से एक को चुन लिया | उसका नाम रानी था और वो थोड़ी देर पहले वहां पर नाच भी रही थी | वो मुझे पीछे एक कमरे में लेकर गई और मुझे कुर्सी पर बैठा कर मेरे सामने नाचने लगी | वो बहुत ही गज़ब का नाच रही थी और मुझसे लिपट कर मुझे गरम कर रही थी लेकिन मैं तो पहले से ही प्यासा बैठा था |

फिर मैंने उससे कहा अब एक-एक करके अपने कपडे उतारना शुरू करो | उसने झालर वाला टॉप पहना था | उसने नाचते हुए वो उतार दिया और सिर्फ ब्रा पैंटी में नाचने लगी | उसकी ब्रा पैंटी भी चमकदार थी और हरे रंग की थी | उसने अपने ब्रा का हुक खोला और नाचने लगी | मैं मुंह खोलकर उसकी तरफ देखे जा रहा था और एक दम से उसकी ब्रा निकल गई और मुझे उसके दूध दिख गए | अब मेरा लंड खड़ा होने लगा और बाहर आने को मचलने लगा | तो मैंने अपना लंड पैन्ट से बाहर निकाल दिया |

फिर वो मेरे पास आई और मेरे लंड को पकड के अपने मुंह में डाल लिया | फिर मैंने अपनी पैन्ट उतार दी और उसने मेरे लंड को पूरा चाटना शुरू कर दिया और चूसने लगी | मुझे इससे लंड चुसवाने में बड़ा मज़ा आ रहा था |

फिर उसने मेरा हाँथ पकड़ा और मुझे बिस्तर तक ले गई और जाकर बिस्तर पर लेट गई | मैंने उसकी पैंटी को पकड़ा और उतार दिया | उसकी चूत बिलकुल चिकनी थी | फिर मैं उसके ऊपर मेटा और उसको किस करने लगा | मैं किस करते करते उसके दूध तक पहुंचा और उसको दूध चूसने लगा | उसके दूध बड़े थे और चूसने में जो मज़ा आ रहा था वो मैं आपको बता नहीं सकता | फिर मैंने उसकी नाभि को चूसते हुए उसकी चूत तक पहुँच गया लेकिन मैंने उसकी चूत नहीं चाटी बस उसपे किस किया और घिसने लगा |

फिर वो मुझे कंडोम देने लगी तो मैंने कहा तुम खुद ही चढ़ा लो | तो वो उठी और मैं लेट गया और उसने मेरे लंड पे कंडोम चढ़ा दिया | फिर वो मेरे लंड के ऊपर बैठी और मेरे लंड को पकड़ के अपनी चूत में डाला और मेरे ऊपर उचकने लगी | उसकी चूत उतनी टाइट नहीं थी लेकिन उसे चोदने में मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था | वो 10 मिनिट तक मेरे ऊपर उचकती रही फिर मैंने उठा और लंड को चूत के अन्दर ही रहने दिया और वैसे ही उसको बिस्तर पर लेटा दिया | अब मैंने उसकी चूत में लंड अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया और वो आह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह य्य्य्हह्ह्हह्ह ईहेह्ह्ह्हह्ह ऊउम्मम्म करने लगी |

फिर मैंने उसको कहा अब घूम जाओ और कुतिया बन जाओ तो वो उठी और घूम कर बैठ गई | फिर मैंने उसकी चूत पे अपना लंड रखा और अन्दर डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा | वो आह्ह्ह्हा अहह्ह्ह्हा आअहहह्हहह कर रही थी और साथ ही मैं उसकी गांड पे चांटे भी मार रहा था | फिर थोड़ी देर में मेरा मुट्ठ निकल गया और मैं वहीँ उसके साथ बिस्तर पर लेट गया | मैं थोड़ी देर बाद उठा और कपडे पहन के चला गया | अब जब भी मेरा मन होता है या पत्नी से विवाद हो जाता है तो मैं यहाँ आ जाता हूँ और अपना मन शांत कर लेता हूँ | मुझे वहां जाके सुकून सा मिलता है इसलिए मैं वहां जाता हूँ | तो भाइयों और बहनों कैसी लगी मेरी कहानी |
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