Friday, February 23, 2018

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गे सेक्स- सच्चे प्यार का अंत

गे सेक्स- सच्चे प्यार का अंत

(Gay Sex- Sacche Pyar Ka Ant)

मेरी उम्र 21 साल की है, मेरा नाम आसिफ़ ख़ान है और मुझे प्यार से सब चीकू बोलते हैं. मुझे लड़कों में बहुत पहले से ही इंटरेस्ट है लेकिन इस घटना से पहले मैंने किसी से भी गांड नहीं मराई थी.
मैं देखने में बहुत ही सेक्सी हूँ. जब भी कोई मुझसे फेसबुक पर चैट करता है और वो मेरी पिक देख लेता है तो मुझसे मिलने के लिए बेचैन हो जाता है. कोई बोलता है मैं खुश कर दूँगा.. तो कोई बोलता है कि लम्बे समय तक मस्ती करूँगा.. आदि.

खैर ये सब छोड़कर गांड मारने की सेक्स स्टोरी का मजा लीजिएगा.

मैंने जब इंजीनियरिंग कॉलेज में एड्मिशन लिया था तब मेरी उम्र 18 साल थी. मैंने हॉस्टल ले लिया था. जब मैं हॉस्टल में आया, तो उस टाइम कुछ ही स्टूडेंट्स आए हुए थे. फिर धीरे धीरे स्टूडेंट आने लगे.

एक दिन मैं अपने दोस्तों के साथ कैंटीन गया, तो मुझे एक लड़के पर नज़र पड़ी. वो अपनी दोस्तों के साथ अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बातें कर रहा था. मैं उसे देखता ही रह गया, वो 21 साल का होगा गोरा चिट्टा.. आँखें ग्रे कलर की और नाक लंबी सी.. होंठ गुलाबी.. आह्ह.. मैं क्या बताऊं आपको.. उसे देखते ही मुझे प्यार हो गया.


फिर हम सब लोग वहां से अपने अपने रूम में चले गए. रात में सारे सीनियर लड़कों ने हम लोगों को बुलाया और इंट्रो लेना स्टार्ट किया. हम सबने अपना अपना इंट्रो दिया. हमारे सीनियर इतने अच्छे थे, बिल्कुल बड़े भाई की तरह.
उन लोगों ने भी अपना इंट्रो दिया और बोला- कोई भी प्रॉब्लम्स हो तो हम लोगों को बताना.

फिर कुछ देर बात हुई. इसके बाद बात में पता चला कि वो मस्त लड़का मेरा सीनियर है और थर्ड ईयर का स्टूडेंट है. उसका नाम ऋतिक चौहान है. वो नैनीताल का रहने वाला है और हर साल कॉलेज में टॉप रहता है.

धीरे धीरे टाइम निकलता गया. मेरी उससे बात कम ही होती थी और जब भी होती थी तो वो सिर्फ पढ़ाई लिखाई की ही बातें करता, जो मुझे बिल्कुल पसंद नहीं था. उसकी मुझसे बातचीत बंद हो गई. फिर मुझे भी लगा कि वो घमंडी है. मैं उसे भूल गया, फिर मेरा सेकेंड ईयर आ गया और उसका अंतिम साल था.

एक दिन 4-5 सीनियर ताश के पत्ते खेल रहे थे और मैं वहीं पर खड़ा था, तभी उसने मुझे अपने पास बैठने को बोला और कहा- देख.. क्या मैं जीत जाऊंगा?
मैंने बोला- सर मुझे नहीं आता.
मैं हंसने लगा.
वो बोला- कोई बात नहीं.. मैं सिखा दूँगा.

उससे मेरी काफी देर तक बात हुई और इस दिन के बाद से मैं उसके साथ ज्यादा टाइम बिताने लगा.
फिर एक दिन मैं उसके रूम में गया और बैठ गया. तभी उसने बोला- यार चीकू मेरे से शादी करेगा?
मैं एकदम से चौंक गया और मुझे ऐसा लगा जैसे बिना माँगे सब कुछ मिल गया हो. मैं बहुत खुश हुआ.

तभी उसका रूम पार्ट्नर आया और उसने अपने रूम पार्ट्नर को भी बोला कि मैं चीकू को बोल रहा हूँ कि मेरे से शादी कर ले.
वो हंसने लगा और मैं वहां से अपने रूम में चला गया.

फिर रात को उसने मुझे फोन पर मैसेज किया- हाई..
मैं- हाई..
वो- गुस्सा है?
मैं- क्यों?
वो- अरे वो शादी वाली बात को लेकर..
मैं- नहीं तो..

फिर कुछ ऐसे ही चैट होती रही और अचानक से उसने कुछ ऐसा लिखा जो फिर से मैं चौंक गया.
वो- आई लव यू
मैं- सर प्लीज़ मज़ाक ना करो.
वो- सीरियसली यार… आई रियली लव यू
मैं- लव यू टू!
वो- अरे मैं तो मज़ाक कर रहा हूँ.
मैं- लेकिन सर मैं आपसे सच में प्यार करता हूँ.. चाहो आप करो या ना करो..

फिर मैंने अपना मोबाइल बंद करके रख दिया. थोड़ी देर बाद गेट को किसी ने बजाया तो मेरे रूम पार्ट्नर ने दरवाज़ा खोला. देखा तो ऋतिक ही आया था.
वो रूम के अन्दर आया और मेरे रूम पार्ट्नर को बोला- अभी तुझे कुछ टॉपिक पढ़ना था ना.. तो जा, मेरा रूम पार्ट्नर पढ़ा रहा है.

मेरा साथी जल्दी से चला गया.
ऋतिक मेरे पास मेरे बिस्तर पर आकर बैठ गया और बोला- तू जो भी बोल रहा था.. क्या सच बोल रहा था?
मैंने बोला- हां..

उसने मेरा हाथ अपने लंड पर अचानक से रखवा दिया और मैंने तुरंत ही अपना हाथ हटा लिया. उसका लंड बिल्कुल टाइट था करीब 6.5 इंच होगा.
उसने बोला- मैं जब भी तेरे पास आता हूँ तो मेरा यही हाल होता है. तू मुझे एक बार अपनी गांड मार लेने दे.. ये प्यार मोहब्बत कुछ नहीं होता सब फालतू की बातें हैं.
और पता नहीं.. इतना सुनकर मेरे आँखों से आँसू निकलने लगे.
वो बोला- अरे यार क्या करने लगा कोई आएगा तो क्या बोलेगा.. चुप हो जा.. और सुन, मैं कल घर जा रहा हूँ.. फिर 15 दिन बाद आऊंगा.
उसने मुझे एक होंठों पर किस दिया और चला गया. जब मैं सुबह सो कर उठा तो उसे खोजने लगा और उसके रूम में जाकर पूछा तो उसके दोस्त ने बोला- वो घर चला गया.

फिर उसके बाद तो मेरी हालत ऐसी हो गई कि मैं आप सबको क्या बताऊं आप लोग को भी पता होगा, अगर अपने किसी से सच्चा प्यार किया होगा तो आप मेरी स्थिति समझ सकते हैं.
उसने मुझे शाम को फोन पर मैसेज किया और हमारी चैट से बात होने लगी.

कुछ दिन बाद वो वापस आ गया. उस टाइम होली की छुट्टी में सारे स्टूडेंट्स घर चले गए थे. सिर्फ 10-12 स्टूडेंट्स ही रह गए थे.
रात को वो मेरे रूम में आया और बोला- मैं यहीं सो जाऊं?
मैंने बोला- सो जाओ.
फिर हम दोनों एक ही बेड पर सो गए.

मैंने फिर उसे आई लव यू बोला, तो उसने मेरे होंठों को चूमा और हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूसने लगे.

उसने मुझे अलग किया और बोला- तू मेरे से सच में प्यार करता है?
तो मैंने बोला- हां.
उसने बोला- तू मेरा थूक पी जाएगा?

मैंने उसके सामने अपना मुँह खोल दिया. उसने मेरे मुँह में थूका और मैं पी गया. उसने मुझे अपनी बांहों में कसकर जकड़ लिया और मुझे चूमने लगा. इसके बाद उसने मेरे कपड़ों को एक एक करके मेरे शरीर से निकल फेंका और खुद भी नंगा हो गया.

वो बेड पर लेट कर बोला- मेरा लंड चूस ना..
मैंने मना किया तो उसने प्यार का वास्ता दिया. मैंने भी हंस कर धीरे से उसके लंड पर किस किया और लंड मुँह में लेकर चूसने लगा. उसका लंड काफ़ी बड़ा हो गया. उस दिन से भी ज्यादा.. करीब 7.5 इंच का हो गया था.

दस मिनट के बाद उसने मेरे निप्पल को चूसा, मुझे बहुत ज्यादा ही मज़ा आने लगा. मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं- अहह उहह उईईईईई..

कुछ देर बाद उसने मुझे उल्टा लिटाया और मेरी गांड को चाटने लगा और कहीं कहीं पर काटने भी लगा. मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था. इसके बाद उसने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रख कर धक्का दिया तो मुझे बहुत ज़ोरों से दर्द हुआ. मैंने उसे हटा दिया.

उसने रिक्वेस्ट की तो मैं मान गया.

फिर उसने तेल लेकर लंड और मेरी गांड पर लगाया और धीरे धीरे लंड अन्दर पेलने लगा. मुझे फिर भी दर्द हो रहा था. मैंने उसे मना किया तो वो मेरी गांड पर अपना लंड रगड़ने लगा.

कुछ देर यूं ही लंड घिसने के बाद अचनाक से ऐसा धक्का दे दिया कि उसका पूरा का पूरा लंड मेरी गांड के अन्दर घुस गया. मेरी जोरों की चीख निकल गई, मेरे आँखों के आगे अंधेरा छा गया. मैंने उसे हटाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसकी पकड़ से मैं आज़ाद नहीं हो पाया.

उसने मुझे करीब 10 मिनट तक रगड़ा. फिर उसने अपना माल मेरी गांड में ही छोड़ दिया और मेरे ऊपर ही लेटा रहा. मुझे बहुत दर्द हो रहा था, मैंने उससे कुछ नहीं बोला. फिर हम दोनों ऐसे ही सो गए.

एक घंटे बाद मुझे फिर थोड़ा दर्द हुआ तो देखा कि उसका लंड मेरी गांड के अन्दर फिर से घुस गया था. वो मुझे फिर से चोदने लगा. इस बार मुझे मजा आने लगा, वो मेरी गांड से पूरा लंड बाहर निकालता और फिर एकदम से डाल देता.
वो बार बार ऐसे करने लगा और मुझसे बोला- देखो, तेरे गांड की पॉटी मेरे लंड पर लगी है.
मैंने बोला- हटो, मैं साफ़ कर देता हूँ.

फिर वो बेड पर लेट गया और मुझे अपने लंड पर बैठने को कहा. मैं कोशिश करने लगा और फिर थोड़ी देर बाद उसका पूरा लंड मेरे गांड के अन्दर था और मैं उछल उछल कर चुद रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं आसमान में उड़ रहा हूँ. उसने करीब आधा घंटा मुझे चोदा और फिर लंड का पानी मेरे चेहरे पर झाड़ दिया. उस रात में उसने मुझे 4 बार चोदा.

अब वो मुझे रोज चोदता है. कभी कभी तो 3 टाइम, तो कभी 4 टाइम चोदता है. हम दोनों को जब भी मौका मिलता, हम अपनी रासलीला चालू कर लेते थे.

फिर धीरे धीरे हमारी लव स्टोरी पूरे हॉस्टल में फैल गई और 6 माह बाद उसने मुझसे बोला कि मेरा मन अब तेरे से भर गया है. मैं सिर्फ़ तेरी गांड मारना चाहता था. तू ज्यादा मुझे फोर्स करेगा प्यार के लिए.. तो मैं सबको बता दूँगा कि मैंने तेरे साथ क्या क्या किया है.

उसकी इस बेबफाई पर मेरी आँखों से सिर्फ़ आँसू निकल रहे थे. मैं उसे बिना कुछ बोले अपने रूम में जाकर बहुत रोया उसे भूलने के लिए मैंने अपना हाथ भी काट लिया था, लेकिन उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ा.

फिर हमारा एक और साल खत्म हो गया उसका फाइनल हो गया. जब वो घर जाने लगा तो मेरे पास आया और बोला- जो हुआ सो भूल जाना और अपनी स्टडी पर ध्यान देना..

मैं उससे गले मिला और बोला- जो मेरे साथ किया, वो किसी और के साथ ना करना.

मेरी स्टोरी आप लोगों को कैसी लगी, ये मेरी फर्स्ट स्टोरी है, अगर कुछ ग़लत लगा हो.. तो माफ़ कर देना दोस्तो..
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