Wednesday, February 21, 2018

Published 7:20 AM by with 0 comment

हॉट प्रेमिका की चुदास की देसी सेक्स स्टोरी

हॉट प्रेमिका की चुदास की देसी सेक्स स्टोरी

(Hot Premika Ki Chudas Ki Desi Sex Story)

नमस्कार दोस्तो, मैं मयंक, आपके लिए एक मजेदार हिंदी में देसी सेक्स स्टोरी लेकर हाज़िर हूँ. आशा करता हूँ आप लोगों को मेरी यह देसी कहानी पसंद आएगी. देसी चुदाई कहानी  पर ये मेरी पहली कहानी है. मुझे देसी चुदाई कहाँनी  पर कहानी पढ़ने में बहुत मजा आता है. आज मैं आप लोगों के साथ अपना और अपनी प्रेमिका के सेक्स का अनुभव साझा करने आया हूँ. पुनः आशा करता हूँ आप लोगों को मजा आएगा.

पहले मैं थोड़ा अपने बारे में बता दूँ, मेरी लंबाई 5 फ़ीट 7 इंच है और मैं ज्यादा मोटा नहीं हूँ. स्लिम फिट टाइप का हूँ, मेरे लंड महाराज का साइज 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है, जो किसी भी लड़की की चीखें निकलवाने के लिए काफी है. मैं दिखने में काफी आकर्षक हूँ लड़कियां देखते ही मुझसे चुदने के ख्वाब देखने लगती हैं.

मेरी प्रेमिका का नाम शालिनी है जो मुरादाबाद में ही रहती है, मेरे घर से एक किलोमीटर की दूरी पर ही उसका घर है. उसकी हाइट 5 फ़ीट 2 इंच है. शालिनी देखने में बहुत ही सेक्सी है, उसका रंग एकदम गोरा है और उसका फिगर 30-28-32 का है. उसकी मटकती गांड के तो सब दीवाने हैं.

बात उन दिनों की है, जब मैं दिल्ली जॉब करता था. अलीगढ़ में मेरे दोस्त की बहन की शादी थी तो मुझे वहां जाना था. मैं बस से वहां जा रहा था, तभी शालिनी का मेरे पास फ़ोन आया. उसने बताया कि आज उसके घर के सब लोग पूर्णागिरि जा रहे हैं इसलिए घर पर वो अकेली रहेगी.
मैंने ओके कहा तो उसने कहा- आज मुझे तुमसे मिलना है, यहां आ जाओ.


मैं उसकी ये सब बातें सुन कर काफी खुश होने लगा और मेरे लंड महाराज तो चूत मिलने के नाम से ही हरकत में आ गए. लेकिन शादी में जाना भी जरूरी था तो मैंने उससे कहा- रुको, मैं तुम्हें अभी बताता हूँ.
यह कह कर मैंने फ़ोन काट दिया.

अगले कुछ ही मिनट में मैं अपने दोस्त के यहाँ अलीगढ़ पहुँच गया और अपने दोस्त से मिला. मेरा दोस्त शादी की तैयारी में काफी व्यस्त था इसलिए उसने मुझसे कहा- भाई तू खाना पीना खा और एन्जॉय कर.. मैं फ्री होकर तुझसे मिलता हूँ.
मेरे दिमाग में तो बस शालिनी को चोदने का ही ख्याल चल रहा था, मैंने तुरंत अपने दोस्त के पिताजी को लिफाफा दिया और मैं वहां से निकल गया और मुरादाबाद की बस में बैठ गया.

मैं करीब 11 बजे मुरादाबाद पहुँच गया और मैंने रास्ते में ही शालिनी को फ़ोन कर दिया कि मैं आ रहा हूँ मेरी रानी.. अपनी चूत और गांड को तैयार कर लो. मेरा आज दोनों को चोदने का मूड है.
उसने भी मस्ती से कहा- आ जाओ मेरे राजा, मेरी चूत और गांड तो तुम्हारे इंतज़ार में ही है.
मैंने उसके घर के करीब पहुँचते ही उसको फ़ोन किया कि अपना गेट खोल लो. उसने अपना गेट खोला और मैं अब उसके घर में था.

मैं जैसे ही उसके घर में गया, मैं तो उसे देखता ही रह गया, उसने गुलाबी रंग का गाउन पहन रखा था जिसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी.
मेरे अन्दर घुसते ही उसने मुझे अपने गले से लगा लिया और मेरे होंठों को चूमने लगी. मैं भी उसका साथ दे रहा था और साथ ही साथ उसके गाउन के ऊपर से ही उसके उभारों को दबा रहा था.

फिर उसने मुझे अपने आपसे अलग किया, मुझे बिठाया और मेरे लिए पानी और कॉफ़ी लेकर आई. उसने मेरे लिए खाना और बादाम और केशर का दूध तैयार किया था, वो भी लेकर आ गई और अपने हाथ से खाना खिलाने लगी.
मैं खाना खाते हुए उसी को घूरे जा रहा था, क्या माल लग रही थी… मन कर रहा था कि अभी इसकी चूत में अपना लंड डाल दूँ लेकिन मैंने संयम रखते हुए खाना खाया.

खाना खाने के बाद उसने मुझे दूध का गिलास दिया और मैं दूध पीने लगा. वो मेरी गोद में आकर बैठ गई. मेरा लंड उसकी गांड की दरार में घुसा हुआ था और उसे मेरे लंड की गर्मी का एहसास हो रहा था. मैंने एक हाथ से तो दूध का गिलास पकड़ रखा था और दूसरे हाथ से उसके दूध को दबा रहा था. वो अपनी गांड को इधर उधर हिला कर मजा ले रही थी.

मैंने दूध खत्म किया और उसे अपनी गोद में उठा कर बेडरूम में ले गया.

अब शालिनी की चूत चुदाई का समय हो गया था. मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और मेरे इशारे पर उसने अपनी टांगें फैला लीं. मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके होंठों को चूसने लगा, अपने हाथों से उसके उभारों को दबाने लगा.
उसके मुँह से सिसकारियां निकल रही थीं- आह ओह्ह उम्ह.. आह..

उसकी इन आवाज़ों से पूरा कमरा भर गया था. फिर मैंने उसके गाउन को उतार दिया, उसने गुलाबी रंग की पैंटी और ब्रा पहनी थी. क्या मस्त नज़ारा था दोस्तों, मैं तो पागल हो गया था. उसे देखकर लग रहा था मैं कहीं जन्नत में आ गया हूँ.

उसके बाद उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया. देखते ही देखते मुँह में मेरे लंड को लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. उसे देख कर लग रहा था मानो भूखे को खाना मिल गया हो. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मैं तो सातवें आसमान पर था.

तभी मैंने उसके सारे कपड़े उतार कर उसे एकदम नंगी कर दिया और हम दोनों 69 की अवस्था में आ गए. मैंने जैसे ही अपनी जीभ उसकी चूत पर लगाई, उसके शरीर में एक बिजली सी दौड़ गई और उसके मुँह से सिसकारी निकल गई- आहह आईई माँ उम्ह आहह…

उसने अपनी गांड हिलाना शुरू कर दिया, मैं उसकी चूत को चाट रहा था और मेरा लंड उसके मुँह में था, मैं उसकी चूत के दाने को अपने होंठों से बड़े प्यार से काट रहा था. मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में कर दी, उसको मजा आने लगा था. वो अपनी गांड तेज़ तेज़ हिलाने लगी और वो झड़ गई. उसका सारा नमकीन पानी मैं पी गया.

उसके बाद मैंने उसे सीधा किया और उसके ऊपर आ गया और उसके निप्पल को चूसने लगा. उसकी चूत पर अपना लंड घिसने लगा और कभी कभी आने दांतों से हल्के से उसकी निप्पल को काट लेता तो उसके मुँह से बड़ी मस्त सी आवाज़ निकलती, जिसे सुनकर मैं काफी उत्तेजित हो रहा था.

फिर वो मुझसे बोली- अब डाल दे न मेरे राजा.. अब मेरी चूत से बर्दाश्त नहीं हो रहा है.
मैंने कहा- ठीक है मेरी रंडी रुक अभी तेरी माँ चोदता हूँ.
मैं बैठ गया और अपना लंड उसकी चूत पर सैट किया और एक दमदार शॉट लगा दिया.

उसके मुँह से चीख़ निकल पड़ी- ओहह मम्मी मर गई.. फाड़ दी मेरी चूत.. आहह.. उम्हहह.. ओह्ह फट गई मेरी चूत.. निकाल अपना लंड नहीं तो मर जाऊंगी.
हालांकि यह उसकी पहली चुदाई नहीं थी, फिर भी वो चिल्ला रही थी.
मैंने अपना लंड वहीं रोक दिया और उसके उभारों को सहलाने लगा, उसके होंठों को चूमने लगा. मेरा आधा लंड उसकी चूत में जा चुका था. फिर जैसे ही वो थोड़ा शांत हुई, मैंने एक और दमदार शॉट लगाया. अब मेरा लंड पूरा उसकी चूत में समां गया.

वो फिर से चीखने लगी- आह्ह.. उई माँ मर गई.. मयंक प्लीज़ अपना लंड बाहर निकालो नहीं तो मैं मर जाऊँगी.. बहुत दर्द हो रहा है.
मैंने कहा- मेरी जान थोड़ा दर्द बर्दाश्त करो.. उसके बाद मजा भी बहुत आएगा.

अब मैंने अपने लंड को धीरे धीरे अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. उसको भी मीठे दर्द के साथ मज़ा आने लगा था और वो अपनी गांड हिला हिला कर चुदाई के मज़े ले रही थी. साथ ही उत्तेजित करने वाली आवाजें भी निकाल रही थी- चोद मेरे राजा.. आहह उई ओहह और चोद मुझे.. फाड़ दे मेरी चूत को.. आह्ह..

यही सब करते हुए वो खलास हो गई और अब मेरी भी धक्कों की गति बढ़ गई. मैंने उससे कहा- मैं आ रहा हूँ, कहां निकालूँ?
उसने कहा- मेरे मुँह में आ जाओ मेरे राजा.. मुझे तेरा रस पीना है.

मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाला और उसके मुँह में घुसा दिया. वो अपने मुँह में लंड अन्दर बाहर करने लगी और मैंने ‘आह आह आहहहह..’ करते हुए सारा वीर्य उसके मुँह में छोड़ दिया और वो सारा माल पी गई. उसने मेरे लंड को चाट कर साफ़ कर दिया.

अब शालिनी की गांड चुदाई की बारी थी. मैं उसके होंठों को चूम रहा था और उसके उभारों को दबा रहा था. कभी कभी उसकी निप्पलों को अपने नाखूनों से काट रहा था. उधर उसका हाथ मेरे लंड पर था और धीरे धीरे वो लंड सहला रही थी.

मेरा लंड फिर से तैयार हो गया, मैंने उससे उसकी गांड मारने को बोला तो वो मना करने लगी. मेरे बार बार बोलने पर वो तैयार हो गई और नंगी उठ कर रसोई में गई. जब वो नंगी चल रही थी तो उसकी गांड बहुत मस्त लग रही थी.

वो तेल लेकर आ गई और मैंने उसे उल्टा लिटा कर उसकी गांड को चाटने लगा. उसकी मस्त जवानी को चाट कर मैंने उसकी गांड और चूत दोनों को गीला कर दिया.

अब मैंने तेल लिया और उसकी गांड पर लगा दिया और एक उंगली से उसकी गांड के अन्दर तक तेल लगाने लगा. मैंने जैसे ही एक उंगली उसकी गांड में डाली, उसने अपनी दोनों टांगें आपस में मिला लीं और ‘आह हहह..’ की आवाज़ निकालने लगी. फिर मैंने ज्यादा सा तेल अपने औजार पर भी लगा लिया.
इसके बाद मैंने उसकी गांड के नीचे एक तकिया लगा लिया और उसकी दोनों टांगें फैला कर अपना लंड उसकी गांड पर सैट कर दिया.

मैंने जैसे ही एक झटका मारा, मेरा आगे का टोपा उसकी गांड में चला गया और वो चीखने लगी- ओह्ह मम्मी मर गई मयंक बाहर निकालो यार नहीं तो मर जाऊँगी आह्ह..
मैंने उसे समझाया- थोड़ा सहन करो, मजा आएगा..
और एक और शॉट मारा, मेरा आधा लंड उसकी गांड में चला गया. वो जोर जोर से रोने लगी. उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे और बड़बड़ा रही थी- मार दिया मादरचोद.. फाड़ दी मेरी गांड आहह उईइईईई माँ..

मैंने उसकी पीठ सहलाई और उसको थोड़ा शांत किया और एक दमदार शॉट लगाया अपना पूरा लंड उसकी गांड में कर दिया.
वो और तेज़ रोने लगी थी- मयंक, प्लीज अपना लंड बाहर निकालो मेरी जान निकल रही है.

लेकिन मैं ऐसे ही लेटा रहा, जब वो थोड़ा शांत हुई मैंने धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. अब उसको मजा आने लगा और उसके मुँह से कामुक सिसकारियां निकल रही थीं.
‘आह हह उईइईईई.. ओह्ह.. उ्हह.. चोदो मयंक चोदो मज़ा आ रहा है…’
अब वो अपनी गांड को हिला हिला कर चुदवा रही थी. मैं उसकी गांड पर चपत लगा रहा था, जैसे मैं किसी रंडी को चोद रहा हूँ. मैंने अपनी गति तेज़ कर दी और मैं उसकी गांड में ही झड़ गया उसकी गांड मेरे रस से भर गई थी.

उसके बाद मैं उसकी बाँहों में ही लेटा रहा उस रात मैंने उसकी 4 बार चूत की चुदाई की और मैं सुबह घर वापस आ गया.
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