Thursday, February 22, 2018

Published 5:24 AM by with 0 comment

भाभी की चुची देख मेरी घंटी बज गई

भाभी की चुची देख मेरी घंटी बज गई

(Bhabhi Ki Chuchi Dekh Meri Ghanti Baj Gai)

दोस्तो, मेरा नाम रवि सुरेजा है. मैं मुंबई का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 23 साल है. मैं अक्सर देसी चुदाई कहानी  की सेक्स कहानी पढ़ता रहता हूँ और सोचता रहता हूँ कि मुझे भी कभी किसी चुत को चोदने का मौका मिलेगा.
एक दिन मेरी तमन्ना पूरी हुई.. जब मेरी भाभी मेरी जिन्दगी में आईं. मेरी भाभी का नाम नीलिमा है. मेरी भाभी की उम्र 22 साल है. जो भी एक बार मेरी भाभी को देख ले, तो मेरा दावा है कि वो मुठ मारे बिना नहीं रह पाएगा. ऐसे कातिलाना हुस्न की वो मालकिन हैं.

तो दोस्तो, यह बात एक साल पहले की है, जब मेरे भाई की शादी हुई थी. भाई की शादी के बाद हम सब लोग मुंबई आ गए. पापा ने भाई के लिए हमारे बगल में ही भाड़े पर एक मकान ले दिया. अब भाई और भाभी दोनों रात को अपने कमरे में मजा करते थे.

मेरा भाई सिविल इंजीनियर है.. वो रोज सुबह जल्दी ही अपने काम पर चला जाता. उधर पापा भी ऑफिस चले जाते थे. इसलिए घर में मेरी माँ और मेरी प्यारी भाभी ही रह जाती थीं. दोपहर को मैं कॉलेज से वापस आ जाता था. दोपहर के खाने के बाद भाभी अपने कमरे में चली जाती थीं. हमारे घर की टीवी भाई के कमरे में रखी थी. इसलिए मैं खाना खाने के बाद भाई के कमरे में टीवी देखने आ जाता था.

हमारे घर में सब खुले विचार वाले हैं.. इसलिए मैं भाभी के कमरे में दोपहर को टीवी देखने जाता था, तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होती थी. मेरे मन में भी अपनी भाभी के लिए कोई गलत ख्याल नहीं आते थे. मैं टीवी देखता और भाभी के साथ गप्पें मारता. इस तरह मेरी और मेरी भाभी की अच्छी दोस्ती हो गई.
ऐसे ही 4-5 महीने निकल गए. भाभी अक्सर घर पर सलवार सूट ही पहनती हैं.


एक दिन की बात है, जब मैं दोपहर को टीवी देखने भाभी के रूम में गया था. शाम को भाभी घर की सफाई कर रही थीं. उस दिन भाभी ने गले में दुपट्टा डालना भूल गई थीं. भाभी झुक कर सफाई कर रही थीं.
तभी मेरी नजर उनकी चूचियों पर चली गई और मैंने पहली बार अपनी भाभी के मम्मे देखे. एकदम दूध जैसी सफेद गेंदें देखते ही मेरा लंड अपना संयम खोने लगा और धीरे धीरे मेरा लंड खड़ा हो गया.

वैसे मैंने ब्लू फिल्म में नंगी चूचियों को न जाने कितनी बार देखा है, पर पहली बार रीयल में देखे तो मेरा लंड अकड़ गया.
तभी मेरी भाभी का ध्यान मेरी ओर गया. मैंने जल्दी से अपनी आँखें टीवी की ओर कर लीं. फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपने रूम में जाकर पहली बार भाभी को याद करके मुठ मारी.
अब मेरे मन में भाभी के लिए चोदने के ख्याल आने लगे. भाभी की फोटो देख कर रोज मुठ मारने लगा.

उस दिन के बाद दोपहर को जब भाभी सोतीं, तब मैं उनकी गांड को देखने की कोशिश करता और कभी कभी उनकी गांड की वीडियो भी निकाल लेता था. कभी कभी भाभी के हाथों को किसी बहाने से छू लेता था. मैं कभी कभी भाभी से मस्ती भी करता था.

उन दिनों काम की वजह से भाई रात को देर से आते थे और कभी कभी उन्हें अपनी साईट पर 2-3 दिन रहना भी पड़ता था. इस वजह से भाभी अक्सर उदास सी रहने लगी थीं.

एक दिन मैंने भाभी से कहा- आजकल आप उदास क्यों रहती हो?
भाभी ने बात को टालने की कोशिश की, पर ज्यादा जोर देने पर भाभी ने बताया कि तुम्हारे भाई आजकल काम की वजह से रात को देर से आते हैं और काम की वजह से परेशान रहते हैं.
मैं समझ गया कि भाई के काम की वजह से भाई भाभी को रोज मजा नहीं दे पाते.
मैंने भाभी से कहा- अगर कोई टेंशन वाली बात हो तो मुझे बताना.
भाभी हंस कर बोलीं- कुछ बात सिर्फ पति को ही बताई जाती हैं. ये सब बातें तुम शादी के बाद समझोगे.

ऐसा बोल कर भाभी चली गईं. कुछ दिन बाद रिश्तेदारी में शादी होने के कारण मम्मी और पापा को एक हफ्ते के लिए गांव जाना पड़ा. भाई और मेरे घर होने की वजह से भाभी गांव नहीं जा पाईं. उनके चले जाने से हम दोनों के खाना वगैरह की दिक्कत हो सकती थी.

अब मैं और भाभी घर पर अकेले रहने वाले थे. इसलिए मैं भाभी को चोदने का प्लान बनाने लगा. मैंने नेट से प्यासी भाभी की मूवी डाउनलोड की और मम्मी पापा के गांव जाने का इन्तजार करने लगा. दो दिन बाद मम्मी और पापा गांव गए. उस दिन में कॉलेज से जल्दी आ गया था.

उस दिन हम दोनों ही घर में थे, इसलिए मैंने और भाभी ने जल्दी खा लिया. भाभी साफ सफाई कर रही थीं. तब मैंने मूवी चालू कर दी. थोड़ी देर में काम खत्म करके मेरे बाजू में आकर मूवी देखने लगीं. तभी थोड़ी देर बाद देवर और भाभी का सेक्स सीन चालू हुआ.

भाभी ये देख कर बोलीं- रवि ये कैसी मूवी लगा दी है तुमने?
मैंने भाभी के नजदीक जाकर कहा- भाभी मैं जानता हूँ कि आप भी इस भाभी जैसे प्यार की प्यासी हो. मैं आपका देवर आपको उदास नहीं देख सकता.

ऐसा बोल कर मैंने भाभी को अपनी बांहों में भर लिया. भाभी को जोर से पकड़ लिया. तभी भाभी ने मुझे दूर किया और मेरे गाल पर जोर से चांटा दे मारा. वे मुझ पर चिल्लाने लगीं. मेरे भाई को बोल देंगी, ऐसा बोलने लगीं.
मेरी गांड फट गई और मैं भाभी से माफी मांगने लगा.
कुछ देर बाद भाभी मान गईं- ठीक है मैं भाई को कुछ नहीं बताऊंगी.. पर फिर कभी ऐसा मत करना.

थोड़ी देर बाद मेरे दोस्त का फोन आया तो मैं उसके साथ बाहर चला गया. शाम को मैं वापस घर आया तब देखा कि भाभी ने ड्रेस बदल कर साड़ी पहन ली. हल्के गुलाबी रंग की साड़ी में देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा, पर इस बार भाभी को हाथ लगाने की हिम्मत नहीं हो रही थी.

कुछ देर बाद भाभी ने कहा- आज तुम्हारे भाई को काम है इसलिए वो आज नहीं आने वाले हैं.

इसलिए मैंने और भाभी खाना जल्दी खा लिया. खाने के बाद भाभी साफ सफाई करने लगीं और मैं टीवी देखने लगा. सफाई के बाद भाभी ने कहा कि भाई नहीं आने वाले हैं. इसलिए आज रात मैं यहां ही सोने वाली हूँ.

मेरे मन में लड्डू फूटने लगे. मैंने सोचा कि आज रात भाभी को तो प्यार करना ही है.

फिर जब पूरा काम खत्म करके भाभी आँखें बंद करके सोने लगीं. तब मैं भाभी के पास गया और भाभी के कोमल पैर को पकड़ कर माफी मांगने लगा.

भाभी जल्दी से बैठ गईं और बोलीं- मैंने तो तुम्हें दोपहर को ही माफ कर दिया था, पर ये तुम सब गलत कर रहे हो. किसी को पता चला तो बहुत बदनामी होगी.
मैंने कहा- भाभी मैं आपको ऐसे उदास नहीं देख सकता, मैं आपको प्यार करके आपको खुश करना चाहता हूँ.

ऐसा बोल कर मैंने भाभी को अपनी बांहों में भर लिया. इस बार भी भाभी ने दूर होने की कोशिश की, पर इस बार मैंने भाभी को नहीं छोड़ा और उनके गले पर किस करने लगा.

भाभी मना करती रहीं, पर इस बार मैंने उन्हें जाने ही नहीं दिया.

थोड़ी ही देर बाद भाभी ने भी मुझे गले पे किस करना शुरू कर दिया और बोलने लगीं- मैं तुमसे प्यार करती हूँ, पर किसी को पता चला तो मेरी बहुत बदनामी होगी.
मैंने कहा- कुछ नहीं होगा जान.

मैंने भाभी के होंठों पे अपने होंठ रखके चूमने लगा. पहली बार मुझे किस करने का मौका मिला था. मेरी भाभी मेरा पूरा साथ देने लगीं. करीब दस मिनट तक एक दूसरे को किस करते रहे. फिर मैंने अपने एक हाथ को कमर में डाल कर कोमल कमर का मजा लेने लगा. भाभी को गले में किस करने से वो गरम होने लगीं.

मैंने भाभी से साड़ी निकालने का पूछा तो भाभी बोलीं- देवर जी ये साड़ी तुम्हारे लिए तो आज पहनी है. मुझे पता था कि तुम भी मेरे प्यार में पागल हो.
मैं भाभी के सामने उन्हें हक्का बक्का होकर देखता ही रह गया.
मैं त्रिया चरित्र को देख रहा था.
भाभी हंस कर बोलीं- आज मुझे तुम अपने भाई से भी ज्यादा प्यार करना.

मैं भाभी को लिटा कर उनके पेट पर किस करने लगा. भाभी को बहुत मजा आ रहा था. अब मुझसे उनके दूध जैसे सफेद मम्मों को देखने का बहुत मन हो रहा था. मैंने तुरंत ही भाभी का ब्लाउज और ब्रा को निकाल दिया और दोनों मम्मों को दबाने लगा.. और निप्पलों को अपनी जीभ से कुरेदने लगा.

भाभी अब बहुत गरम हो गई थीं. मेरे लंड से अब चड्डी में रहा नहीं जा रहा था. मैंने भाभी से अपने लंड को मुँह में लेने को बोला, पर भाभी को ये अच्छा नहीं लगता था, इसलिए मैंने भाभी को लंड चूसने के लिए ज्यादा जोर नहीं दिया.

मैंने भाभी को पूरा नंगी कर दिया और उनके शरीर से खेलने लगा. मैंने पहली बार चुत के दीदार किए थे. मेरी भाभी की चुत एक बाल नहीं था. ऐसा लगता था कि आज ही बाल साफ किए हैं. मैंने ब्लू फिल्म में लड़की की चुत चाटने का वीडियो देखा था, उसी तरह से ही मैं भाभी की चुत चाटने लगा. भाभी भी पहली बार अपनी चुत चटवा रही थीं.

थोड़ी देर में भाभी ने मेरे मुँह पर अपना सारा पानी छोड़ दिया. मेरा लंड भी पूरा गीला हो गया और चुत में जाने की राह देख रहा था. मैं अपना मुँह साफ करके भाभी की चुत के दरवाजे पर अपना लंड फिराने लगा. धीरे धीरे मैंने भाभी की चुत में मेरा 6 इंच का मोटा लंड लगा दिया.

जैसे जैसे लंड अन्दर गया, भाभी चिल्लाने लगीं. फिर थोड़ा जोर से लंड डालने लगा. भाभी को बहुत मजा आ रहा था. एक महीने बाद लंड चुत में गया था. बस 5 मिनट बाद पानी छूटने वाला था. मैंने तुरंत अपना लंड भाभी की चुत में से निकाल कर पूरा माल भाभी के पेट पे डाल दिया. हम दोनों मजे से निहाल और निढाल हो गए थे.

कुछ देर बाद साफ करने के बाद दूसरा दौर चालू हुआ. इस बार मैं भाभी की गांड मारने वाला था.

मैंने पहले ही बताया था कि कोई भी मेरी भाभी की सेक्सी गांड देखेगा तो उसका सोया हुआ लंड भी जाग जाएगा. मेरी भाभी ऐसी मस्त गांड की मालकिन है.

मैं भाभी की गांड चुदाई, उनकी 36 इंच की उठी हुई गांड को चोदने की तैयारी करने लगा. अब मैं भाभी की गांड में धीरे धीरे लंड डालने लगा. अभी थोड़ा लंड ही गया था कि भाभी चिल्लाने लगीं- देवर जी धीरे करो, बहुत दर्द हो रहा है.

मैंने लंड को निकाल लिया और तेल लेने गया. मैंने भाभी को लंड पे तेल लगाने को बोला. भाभी ने लंड चिकना किया और आँख मारी. मैं भाभी की गांड में लंड डालने लगा. इस बार दर्द कम हो रहा था.

अब धीरे धीरे भाभी को मजा आने लगा. करीब 10 मिनट बाद मेरे लंड ने गांड में ही सारा पानी छोड़ दिया. थोड़ी देर हम दोनों एक दूसरे को पकड़ कर ऐसे ही पड़े रहे, फिर बाथरूम में जा कर साथ में नहाना शुरू कर दिया. उधर भी चुदास भड़क गई और चुदाई का एक राउंड बाथरूम में भी कर लिया.
फिर हम दोनों नंगे ही सो गए.

इस तरह मेरी और भाभी की प्यार की कहानी शुरू हो गई. उस पूरे हफ्ते भाभी ने और मैंने चुदाई का पूरा मजा किया. फिर कभी भी हमें मौका मिलता तो हम दोनों मजा करते थे. पर अब मेरा भाई दूसरी जगह पे रहने जा रहा है.
      edit

0 comments:

Post a Comment