Saturday, February 10, 2018

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मेरी स्टूडेंट की गलती की सजा मुझे मिली

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम प्राची है, और मैं कटनी के केन्द्रीय विद्यालय के अध्यापिका हूँ | ये मेरी रियल कहानी है जो मेरे साथ पिछले साल अगस्त में हुई थी, इस कहानी में मैं आपको बताउंगी कि कैसे मेरी एक स्टूडेंट की वजह से मेरे बदनामी के साथ साथ मुझे सजा भी भुगतनी पड़ी | अब मैं कहानी चालू करती हूँ|

हर साल आल इंडिया में केन्द्रीय विद्यालय में रीजनल स्पोर्ट्स मीट होता है |और कुछ टीचर्स को स्कूल के बच्चो को लेकर दूसरे स्कूलों में जाना पड़ता है | तो मैं चेस कि टीम ले कर सागर गई थी केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-3 में सबके रुकने कि व्यवस्था थी | और मैं सिर्फ लड़किओं को लेकर गई हुई थी तो मेरे ऊपर जिम्मेदारी बहुत ज्यादा थी जबकि सभी ये बात जानते हैं कि सागर एरिया बहुत ख़राब है | रात के 8 बजे हम सब वहां पहुंचे थे और अपना अपना रूम देख रहे थे कि हमे कौन-सा रूम मिला है | तभी मेरी नजर एक सर पर पड़ी वो बहुत बदमाश टाइप के सर हैं और वो वहीँ लोकल सागर के ही हैं उनके बारे में सभी को पता है | रूम का पता चलने के बाद हम सब रूम में गए और वहां अपना अपना सामान जमाने लगे | तभी मेरी एक स्टूडेंट जिसका नाम दिव्या है उसने मुझसे कहा कि मैडम मुझे टॉयलेट आई है | तो मैंने कहा कि ठीक है तुम चले जाओ और फिर वहां से आ कर अपना सामान जमा लेना फिर वो वहां से चली गई और हम सब अपना अपना सामान ज़माने में लग गए |

तभी दिव्या वापस रोते रोते आई और तो मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ तुम्हे ? तुम रो क्यों रही हो ? वो रोये जा रही थी और मैं उससे बार बार पूछे जा रही थी क्या हुआ है मुझे बताओ | बहुत बोलने के बाद उसने मुझसे कहा कि मैडम जब मैं टॉयलेट जा रही थी तो वहां दो लड़के घुस आये और मेरा वीडियो बना लिए और बोल रहे हैं कि रात में 11 बजे हमे स्कूल के पीछे वाली पहाड़ी में आ कर मिलना नहीं तो तुम्हारा वीडियो सबको दिखा के तुम्हे बदनाम कर देंगे | ये बात सुनते ही साथ मेरी तो आँखे फटी की फटी रह गई मेरे कान के परदे फट गए | मैंने उससे कहा कि देखो तुम रोना बंद करो तुम्हे परेशान होने की जरुरत नहीं है कौन है वो लड़के मैं देख लूंगी | फिर मैंने उसे चुप करा के रूम में भेज दिया और सोचने लगी कि वो लड़के कौन हो सकते हैं जो इतनी खराब हरकत कर सकते हैं ? फिर मैं भी रूम में आ गई और बच्चो से कहा कि मैं जा रही हूँ खाने का टोकन लेने | खाना भी बन ही रहा था तब फिर मैं टोकन ले के वापस आई और बच्चो को एक एक टोकन दे कर कहा कि 15 मिनट से सब खाना खाने चलेंगे | दिव्या से कहा कि तुम मेरे साथ रहना और मुझसे दूर मत जाना और उसने हाँ में सिर हिला दिया |



फिर हम सब खाना खाने लगे और खाने के बाद सब रूम की तरफ चल दिए | मैंने दिव्या से कहा कि तुम रात में सोना नहीं और मेरे साथ चलना जब सब सो जायेंगे | करीब 10:30 बजे तक मेरे रूम की सारी लड़कियां सो चुकी थी और मैंने चुपके से दिव्या को उठाया और कहा कि चलो मेरे साथ (मैंने उसे ले जाना इसलिए जरुरी समझा | क्यूंकि मैं उन कमीने बच्चो को नहीं जानती थी और मैं जानना चाहती थी कि कौन हैं ये बच्चे और किस स्कूल के हैं ताकि मैं उनकी शिकायत कर सकूं | फिर हम दोनों स्कूल के बाहर निकले तो पूरा सुनसान इलाका था | फिर मैंने सोचा कि मैं छुप जाती हूँ और इंतज़ार करती हूँ और देखती हूँ कि कौन बच्चे हैं ?

11 बजे तक वहां कोई नहीं आया था और हलकी बारिश हो रही थी और मुझे भी डर लग रहा था कि इतनी रात का वक़्त हैं कहीं मुझे ही लेने के देने न पड़ जाए | जैसे ही मैं निकलने को हुई तभी मेरे पीछे से किसी ने मुझे दबोच लिया और गले में चाकू अड़ा दिया (चाकू अड़ा कर उसने कहा कि ज्यादा होशियारी मत करना मैडम वरना तुम्हे यहीं कहीं ठिकाने लगा देंगे ) | मैं डर के मारे कुछ बोल भी न पाई और मैंने जब सामने देखा तो दो और लडकें थे जो दिव्या के गले में चाकू अड़ा कर उसे मेरे पास ला रहे थे | हलकी सी रौशनी में मैं एक लड़के को पहचान गई थी | और मुझे समझते जरा भी देर न लगी कि ये सब वही सर के स्टूडेंट्स हैं जिनकी इमेज हर स्कूल में खराब है | उन लोगों ने शांति से उनके पीछे आने का इशारा किया | एक लड़का हमारे आगे था और दो लड़के हमारे पीछे थे वो हम दोनों को स्कूल के पीछे वाली पहाड़ी पर ले जा रहे थे | 10 मिनट के बाद हम सब वहां पंहुचे तब तक वो बहुत खुश होने लगे कि चारा डाला एक बकरी को फ़साने के लिए और यहा देखो फस गई दो और वो जोर जोर से हसने लगे | और मैं मन ही मन बहुत रो रही थी कि कहाँ से मैं इनके चंगुल में फंस गई जैसा मैं सोच रही थी आखिर वही हुआ मेरे साथ | उनलोग ने हम दोनों से कहा कि अगर जिन्दा रहना चाहते हो तो शोर मत मचाना और जो हम करना चाहते हैं वो करने देना वरना तुम दोनों को यहाँ ही मार देंगे |

उसमे से एक लड़के ने मुझे पेड़ से बाँध दिया और बाकि दो लडको ने दिव्या को पकड़ के उसके कपडे उतारने लगे वो चिल्ला रही थी और गिडगिडा रही थी कि उसे छोड़ दे पर वो कहाँ किसी कि सुनने वाले थे | वो तो बस अपनी ही धुन में सवार थे फिर उन दोनों ने दिव्या को नंगी कर दिया और उसे उसी के कपड़े में बिछा कर लेटा दिया | मैं ये सब नहीं देखना चाहती थी पर मैं क्या करती ये सब मेरी आँखों के सामने ही हो रहा था | फिर उनमे से एक लड़के ने उसके मुंह में लंड डाल दिया और दूसरा उसके दूध चूस रहा था | बेचारी बहुत घबरा रही थी और इन हैवानो को जरा भी रहम नहीं आ रहा था | 10 मिनट तक ऐसा करने के बाद जिसका नाम कार्तिक था उसने अपना लंड चुसाना चालु कर दिया और हेमंत ने उसकी चूत में जोरदार धक्का लगा के पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया | उसकी चीख निकल गई और वो जोर जोर से आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह  करने लगी और हेमंत उसकी चूत जोर जोर से चोदे जा रहा था | 15 मिनट तक चोदने के बाद वो उसकी चूत में ही झड गया और मेरे पास आ कर बैठ गया |

ऐसे ही हेमंत के बाद कार्तिक ने उसे चोदना चालू किय और अंकित उसकी गांड में अपना लंड डाल रहा था | उसकी चूत और गांड फट चुकी थी और वो आह्हह्हह्हह्हह ऊओह्हह्ह रुक जाओ कमीनो सांस तो लेने दो कह रही थी | करीब आधे गनते टक चोदा था हरामखोरों ने उसे और सब उसकी चूत में ही झड़ गए थे | उसकी चूत से मुठ निकलता जा रहा था बिलकुल अन्दर तक भर दिया था उसकी चूत को | मुझे लग रहा था जैसे साले प्यासे है चूत के लिए | फिर सब मेरे पास आकर बैठ गए और जिस लड़के का नाम हेमंत था उसने दिव्या से कहा चल कपडे पहन ले | तभी कार्तिक ने कहा अरे देखो उसकी चूत तो मारली अब मैडम को भी तो चखलो |

फिर सब भूके भेदिये कि तरह मुझे देखने लगे और धीरे धीरे मेरे पास आये | मेरे कपडे फटना शुरू हो गए और मेरे ब्रा और पेंटी को देखकर तो सारे लड़के पगा हो गए | उन सब ने मेरी चूत को मेरी पेंटी के ऊपर से ही चाटना शुरू कर दिया और कार्तिक मेरे दूध को ब्रा के ऊपर से पीने लगा | उन सब ने पेंटी के ऊपर से ही मेरी चूत में ऊँगली करना चालू कर दी थी | मैं उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म अह्हह्हह्हह्हह क्या कर रहे हो कहने लगी | १० मिनट बाद मेरी पूरी पेंटी गीली हो गयी | और सबने अपने लंड उठाये एक ने मेरी गांड में पेल दिया और दोस्सरे ने मेरी चूत में | मुझे चोद चोद के पागल कर दिया था और में बस उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म आअह्ह्ह्ह  आअह्ह्ह्ह कर रही थी |

फिर एक और लड़का आया जो हमारी विडियो बन रहा था | उसने कहा मैडम का गजब फिगर है मैं भी चोदुंगा | और अब मेरी चूत में दो लंड और गांड में एक और मुह में एक | सब ने मुझे ४० मिनट चोदा और मुठ मेरी चूत, गांड और मुह में भर दिया | अब हम दोनों लस्त पड़े हुए थे वो लोग चले गए और विडियो भी मिटा दिया | हमने इसके बारे में किसी को नहीं बताया और ना ही कभी कही गए |

तो दोस्तों आप सभी को मेरी इस जोरदार चुदाई की कहानी कैसी लगी कमेंट में जरुर बताइयेगा |
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