Monday, February 26, 2018

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मेरी और मम्मी की चुदाई की क्सक्सक्स मूवी

मेरी और मम्मी की चुदाई की क्सक्सक्स मूवी

(Meri Aur Mummi Ki XXX Movie)

चार दिन बाद अंकल का कॉल आया- मेघा कहाँ है?
“घर पर ही हूँ अंकल.”
“वीडियो कॉल पर आ सकती है बहुत दिन हो गए तुझे देखे हुए.”
“नहीं.. अभी मम्मी हैं.”
“कमरे में जाकर आजा न.”
“नहीं मम्मी सामने बैठीं हैं. रात को कॉल करूँगी.”
“अरे यार मैं तेरे लिए एक गिफ्ट लाया हूँ देखेगी?” गिफ्ट का नाम सुनकर मैं थोड़ा लालच में आ गई. मैं दबे पाँव छत पर बढ़ गई. वीडियो कॉल की तो अंकल के हाथ में एक आई फोन था. लेकिन उनके साथ एक तकरीबन साठ साल का व्यक्ति बैठा था.
“वाओ आई फोन.. मेरे लिए?”
“हाँ मैं जानता था तुझे जरूरत है. यह मेरे अमेरिका का दोस्त है. फिल्म डायरेक्टर है. तुमसे मिलना चाहता है.”
“लेकिन अंकल मुझसे ही क्यों?”
“बेबी यह एक फिल्म बनाना चाहता है. जिस कारण इंडिया घूमने आया है. तुम आओगी तो तुमको जो चाहोगी वह मिलेगा? अब आगे तुम्हारी मर्ज़ी.. लड़कियां तो और भी हैं.”

अंकल की बात पर मैं सोच में पड़ गई. मैं जानती थी कि वह विदेशी मुझे छोटी सी जान को चोदना चाहता है. लेकिन मैं भी तो कोई मासूम बच्ची नहीं थी. सिर्फ शक्ल से लगती मासूम थी. मैं जाने के लिए तिकड़म भिड़ाने लगी.


कुछ ही देर में मैंने अपनी एक सहेली से मम्मी को कॉल करवाया. उसने मम्मी को बोला कि उसके घर आज रात को जागरण है. फिलहाल मम्मी राज़ी नहीं हुईं, वह समझ गईं कि मैं झूठ बोल रही हूँ. उनको मालूम था कि जागरण में मैं घंटा नहीं जाती.

मैंने अंकल को कॉल करके मजबूरी जता दी. उसके बाद जो हुआ वह मुझे बाद में मालूम पड़ा. मैं आई फोन लेना चाहती थी, जिसके लिए गांड का दर्द भी सहने को तैयार थी. लेकिन मम्मी सर्दी और धुंध में मुझे जाने ही नहीं देना चाहती थीं.

धीरे धीरे शाम हो रही थी. मेरी नज़रें बालकनी से बाहर सड़क पर कुत्ता कुतिया की घमासान चुदाई पर थी, सड़क के किनारे एक कुत्ता बुरी तरह से एक कुतिया को चोद रहा था और फिर थोड़ी देर बाद उसकी चूत में कुत्ते का लंड फँस गया था. मेरा हाथ अपने आप से मानो मेरी चूत पर पहुँच गया और उसे सहलाने लगी, मैं इतनी बेखबर थी कि मम्मी आकर पीछे खड़ी हो गईं, मुझे पता ही नहीं चला.

माँ ने नीचे झुक कर सड़क के किनारे देखा और फिर मुड़ कर मेरी तरफ देख कर बोलीं- मेघा बड़ा दिल कर रहा क्या घूमने जाने का?
हालाँकि पहले वो मुझसे इस तरह की बात नहीं करती थीं.
मैंने न में सर हिला दिया.

“चल मेरी बिटिया रानी तुझको घुमा कर लाती हूँ.” कहते हुए मम्मी ने मुझे बांहों में भरकर चूम लिया.
“मुझे नहीं जाना.” मैंने इन्कार किया.
मैं जानती थी कि मम्मी बहुत ज्यादा किसी कॉफ़ी शॉप या रेस्टोरेंट तक ही जाएँगी.

“मेघा तुमको मेरे साथ चलना है. नाटक नहीं.. जाओ फटाफट तैयार होकर आ जाओ, मैं भी तैयार हो लेती हूँ.”
“कहाँ चलना है मम्मी? मैं क्या पहनूं?”
“एक दोस्त के घर जाना है. तुम कोई सेक्सी सी ड्रेस पहन लो. इतना सेक्सी कि देखने वाले हम माँ बेटी को मुड़ कर देखें. मैं भी रेड साड़ी पहनूंगी.”

मैं सोच नहीं पा रही थी कि मम्मी को अचानक कहाँ जाने का प्लान सूझा है. कुछ ही देर में मैं तैयार थी. मैंने स्कर्ट पहनी थी, नीचे सर्दी से बचने के लिए काली लेग्गिंग डाली हुई थी. मम्मी ने एक लाल साड़ी पहनी हुई थी.. जिसके छोटे से ब्लाउज से उनके कसे हुए मम्मे बाहर आने को मचल रहे थे. साथ ही बेहद भड़काऊ मेकअप किया हुआ था. आज वह अलग ही रूप में थीं. वह मेरी मम्मी कम, कोई हाई प्रोफाइल रंडी ज्यादा लग रही थीं.

कुछ ही देर में हम दोनों निकल गए. सर्दी और कोहरे में घर से बाहर सड़क तक जाते हुए वाकयी लोग हम दोनों को घूर घूर कर देख रहे थे.

“चलेगी क्या?” दो लड़कों ने बाइक धीमी करते हुए, साड़ी में कसी मम्मी की हिप को छूकर पूछा.
“नहीं आज रात बुकिंग है.” मम्मी ने किसी रंडी वाली अदा में जवाब दिया.
हम दोनों खिलखिला कर हंस दिए.

फिर हमने ऊबर ली हुई थी, कुछ ही देर में कैब एक सुनसान सड़क के बाद फॉर्म हाउस में जाकर रुकी. तब तक रात का नौ बज चुका था.

नौकर के साथ मैं मम्मी का हाथ पकड़े अन्दर गईं. लेकिन सामने जो व्यक्ति खड़ा था, उसको देखकर मेरी गांड फट गई. यह वही अंकल थे जिन्होंने मेरी कई बार ली थी और आज रात के लिए बार बार कॉल कर रहे थे.

“कैसी हो राधिका डार्लिंग.” कहते हुए अंकल ने मम्मी को कस कर अपनी बाँहों में भर लिया.
मम्मी “अच्छी हूँ..” बोल कर मुस्कुरा दीं.

उन्होंने मम्मी के गालों पर एक ज़ोरदार किस किया. उसके बाद अंकल मेरी तरफ बढ़े. तब तक एक सुनहरे बालों वाला अंग्रेज आकर मम्मी के गले लग चुका था. अंकल ने मुझे लगभग भींचते हुए अपने गले लगाया.
“आप मेरी मम्मी को कैसे जानते हो? और मुझे मम्मी के संग क्यों बुलाया?” मैं गले लगे हुए फुसफुसाई.
अंकल के हाथ मेरी छोटी सी हिप को दबा रहे थे.
“सब बताऊंगा डार्लिंग. कहा था न तेरी मम्मी भी एक नंबर की माल है. आज तुझको तेरी मम्मी के साथ ही चोदूँगा और साथ ही साथ फिल्म भी बनाऊंगा.
“क्या फिल्म मतलब?” मैं मम्मी की फिल्म का सुन कर चिहुंक सी गई.
“हाँ जब मैंने तेरी मम्मी का फोटो देखा था तब से ही मेरा मूड बन गया था कि तेरी मम्मी को ज़रूर चोदूंगा. ऐसी भरी हुई जवान औरत को चोदने का मज़ा सबसे ज्यादा है.”

अंकल ने मुझे गोद में उठा लिया था. फॉर्म हाउस का गेट बंद हो गया. मम्मी अंग्रेज का हाथ पकड़े और मैं अंकल की गोदी से चिपके अन्दर बढ़ गए. यह वही था, जो वीडियो कॉल पर आया था.

अन्दर कमरे में मैं देखकर हैरान रह गई अन्दर दो व्यक्ति और मौजूद थे. जिनमें एक नीग्रो था और एक सुनहरे बालों वाला अंग्रेज था.

हम दोनों सोफे पर बैठ गए. नौकर गंगाराम अन्दर आया और उसने महंगी शराब की कुछ बोतलें गिलास टेबल पर रख दिए. मैं मम्मी का मुँह देख रही थी. मुझे डर लग रहा था कि यह हो क्या रहा है.

“हाय राधिका यह स्टीव मेरा दोस्त है. अमेरिका से और यह ब्रायन है. यह अफ्रीका से है, लेकिन यह भी अमेरिकन ही है.”

उन दोनों ने मेरा और मम्मी का हाथ अपने हाथों में ले लिया. वह दोनों मेरी मम्मी और मुझे देखकर कुत्ते की तरह लार टपका रहे थे. मैं सुनहरे बाल वाले स्टीव के पास बैठी थी.. उसके बाद अंकल और फिर मम्मी थीं. मम्मी की तरफ नीग्रो ब्रायन था.

अंकल ने पैग बनाया, एक मम्मी को दिया एक मेरी तरफ बढ़ा दिया.
मम्मी ने झिझकते हुए थाम लिया- वह नहीं पीती है.
मम्मी ने कहा.

मैंने मम्मी की तरफ देखा.
“यह तो सब कुछ पीती है. बस आप बेखबर हो.” कहते हुए अंकल ने अपने हाथ से पैग मेरे मुँह में लगा दिया.
“सॉरी मम्मी.. मैं बताने ही वाली थी.” मैंने अपना पैग लेते हुए कहा.

मम्मी मुस्कुरा दीं. वह नीग्रो ब्रायन मम्मी की साड़ी से झांकती सफ़ेद कमर को सहला रहा था. मम्मी थोड़ा शर्मा रही थीं, लेकिन मम्मी भी अपने पैरों को खोल कर उसको सपोर्ट भी कर रही थीं. इधर स्टीव भी मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगा. मैं कसमसा कर घबराने लगी. ऐसा पहली बार हो रहा था. मैं कई लोगों के सामने थी. हालांकि कॉलेज के क्लास में और बॉयज हॉस्टल के रूम में मैं कई दोस्तों के साथ ग्रुप में चुदवा चुकी थी. मुझे वही सब याद आ रहा था.

मुझे मिन्नतें करते हुए “प्लीज़ मेघा प्लीज़..” बोल कर पार्टी में कभी किसी दोस्त के घर में बुलाना और फिर कभी मेरी लेग्गिंग तो कभी सलवार तो कभी स्कर्ट के नीचे से चड्डी निकाल कर मुझे बारी बारी से चोदना. मैं भी ख़ुशी ख़ुशी चुदवाती थी. पूरी सहमति से, लेकिन वह सब मेरे दोस्त थे.

मम्मी के सामने इस हालत में मैं पहली बार थी. मेरे होंठ स्टीव चूस रहा था. मैं भी सहयोग करते हुए उसको थामे हुए थी.

स्टीव ने मेरी जांघ से हाथ सहलाते हुए चड्डी में डालकर मेरी गर्म छोटी सी चूत को सहलाना चाहा. मैं मचल कर उछल गई.
“व्हाट हैपन्ड बेबी?”
“वाशरूम जाना है.” मैंने मम्मी की तरफ देखकर ठुनकते हुए कहा.
मम्मी ब्रायन से अलग हुईं और अंकल के इशारे पर मुझे लेकर वाशरूम को बढ़ गईं.

अन्दर मैंने अपना स्कर्ट सम्हालते हुए चड्डी पैरों पर खींची और ज़ोर से छुल्ला दिया. मेरी मूतने की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि मम्मी को भी सुसु लग गई. मेरे खड़े होते ही मम्मी भी अपनी साड़ी सम्हाल कर मूतने लगीं.
“मम्मी?”
“बोलो?”
“यह सब क्या है? आप कैसे जानती हो अंकल को?”
“तुम्हारी कॉलेज की हर छिनाल हरकत से मैं वाकिफ़ हूँ बेटा. तुम कब और किस किस लड़के के साथ चुदवाती हो. लेकिन इस अंकल के साथ भी तुम आजकल चुदवा रही हो, ये नहीं जानती थी. लेकिन जब तुम लास्ट टाइम इससे चुदवाने जा रही थीं तो मैंने तुम्हारे सेल में इसकी और तुम्हारी चैट देखी थी.”

“उफ़्फ़ सॉरी मम्मी.”
“इसमें सॉरी की कोई बात नहीं.. मेघा तुमको खुद नहीं अंदाजा है कि तुमने कितनी बड़ी मुर्गी को फांसा है, वो भी अपनी मासूम चूत के दम पर. मैंने तुमको रोका नहीं, जिसकी दो वजहें थीं. पहली कि तुम फिर मुझसे छुप कर जाती और ज्यादा बिगड़ जातीं. दूसरी वजह यह शहर का नामी बिज़नसमैन अशोक दीवान है. तुम नहीं जानती अक्सर टाइम्स ऑफ़ इंडिया में इसके बारे में आता रहता है. इसके साथ होने से मैं तुम्हारी तरफ से बेफिक्र हो गई थी.”

“ओह ऐसा क्या लेकिन यह सब? फिल्म बनाना, आपको भी बुलाना.”
“इसने तुमसे मेरे बारे में जो भी चैट की वह सब मैंने पढ़ी है. तेरी मम्मी माल है. एक नंबर की चुदक्कड़ दिखती है.. वगैरह वगैरह..”
“ओह आप जासूसी करती हो मेरी.”
“जासूसी नहीं बच्ची, माँ हूँ नज़र रखना फ़र्ज़ है. जासूसी तब होती जब मैं कुछ तुमको बोलती.”
“उस दिन मैं तुम्हारे हॉस्टल की फीस घर का रेंट और बाकी सब खर्चों को लेकर काफी परेशान थी. यह एक ऐसा चाभी है, जिससे मैं हर दरवाज़ा खोल सकती हूँ. इसलिए मैंने एक फैसला लिया. मैं इसके बाद से तुमको अपने सेक्सी सेक्सी फोटो भेजने लगी थी. क्यूंकि मुझे मालूम था कि यह तुमसे मेरे फोटो मांग रहा है.”
“ओह मम्मी आप भी कमाल की हो.”

“तुमने मेरे फोटो इसको भेजे. लेकिन इसके बहुत कहने पर भी तुमने मेरा कांटेक्ट नम्बर नहीं दिया.. जिस समझदारी पर मुझे नाज़ है. फिर एक दिन मैंने इससे बात की धीरे धीरे हमारी बात बढ़ी. इसने मुझे सेक्स की फरमाईश की. मैंने ग़रीब अकेली विधवा होने का बहाना करके टाल दिया.”
“ग़रीब अकेली विधवा.. वाह मम्मी मतलब क्लियर बता दिया सारे रास्ते खुले हैं.” मैंने हंसते हुए कहा.
मम्मी मिरर के सामने बाल ठीक करती हुए मुस्कुरा दीं.

“दो दिन बाद मैं इससे मिलने गई. होटल रॉयल फोर्ट में मेरी मुलाक़ात हुई. मैं नखरे करती रही. लेकिन मेरे भरे हुए गोरे जिस्म को देखकर इसने मुझे बीस हज़ार से पचास हज़ार का ऑफर कर दिया. तुम्हारे पापा की डेथ को चार महीने हो चुके थे. मेरी चूत अन्दर से चरमरा रही थी. चुदाई की जरूरत मुझे भी थी. तुम्हारे अंकल कई बार मुझे बुला चुके हैं. खानदान भर में कौन ऐसा है जिसकी तुम्हारी मम्मी पर नज़र न खराब हो. उन कंगलों को चूत देने से अच्छा मैंने दीवान के साथ जाना पसंद किया. मैं मान गई. घर से दूर होटल के कमरे में उस दिन पहली बार तुम्हारी मम्मी को किसी गैर मर्द ने जमकर चोदा.
“लेकिन मम्मी इस तरह से किसी से पैसे लेकर अपने जिस्म को बेचना धंधा करना कहलाता है.”

“बेटी जवान विधवा औरत पर हर मर्द की बस खा जाने वाली नज़र ही होती है. कोई और क्यों तेरे पापा के दोस्त ही कई बार मदद के बहाने मुझे बुला चुके हैं. लेकिन मैं सही तलाश के कारण टालती रही.”
“तो अब क्या होगा आज रात यहाँ फॉर्म हाउस पर?”
“मैंने अपनी ब्लू फिल्म बनवाने का पांच लाख में कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है. साथ ही साथ तुमको भी साथ देना होगा, तुम्हारे लिए दस लाख का ऑफर है. क्या बोलती हो.. फ्री में लड़कों को देने से अच्छा है. बैंक ऑफ़ पैंटी-वाला का खाता खोला जाये. अगर अपनी नीचे चड्डी में छुपी एटीएम मशीन का हम माँ बेटी सही इस्तेमाल करें, तो रातों रात फिर से करोड़पति बन सकते हैं.”
“ठीक है मम्मी. लेकिन मुझे अकेले डर लगेगा. आप साथ रहोगी न..?”
“तू फिकर मत कर तुझे अपनी गोद में लेकर सब करवाऊँगी मेरी जान.. म्म्मुआह्ह..”

फिर हम वहां से निकल गए, अन्दर गए तो देखा बेड के आस पास कमरे में सफ़ेद रिफ्लेक्टर और कैमरे लगाए जा चुके थे. आप सभी को बता दूं कि हमारी बातचीत सभी अंग्रेजी और कुछ कुछ हिंदी में हो रही थी. लेकिन मैं यहाँ हिंदी ही लिखूंगी.

“राधिका तुम किसके साथ जाओगी पहले. कहानी यह है कि तुम इंडियन पत्नी हो ब्रायन तुम्हारा पड़ोसी है जो कि तुम्हारे घर आया है.”
“सर.. शायद मैं यह सब नहीं कर पाऊँगी. मुझे बेहद अजीब सा लग रहा है.”
“अरे पहली बार है इसलिए थोड़ी घबराहट होती ही है. ब्रायन बहुत जेंटलमैन बन्दा है.”
“डोंट शाई बेबी.” अंकल ने मम्मी को ब्रायन की तरफ करते हुए कहा. ब्रायन ने मम्मी को पकड़ कर जवाब दिया.
“वो बात यह है कि मैंने देखा है इन लोगों का बहुत मोटा और लम्बा होता है.”
“अरे नहीं.. मोटा और लम्बा पूरी संतुष्टि देगा आपको, मैं बोल दूंगा ब्रायन को वह आपके साथ अनाल सेक्स नहीं करेगा.”
“हाँ, मैं इस नीग्रो से गांड नहीं मरवा सकती. लेकिन बाकी ठीक है. मैं करती हूँ लेकिन दर्द तो नहीं होगा?”

उफ्फ्फ मम्मी इस लम्बे तगड़े नीग्रो से चुदेंगी. सोचते हुए मैं सिहर गई.

मम्मी का हाथ ब्रायन के हाथ में देते हुए अंकल ने कहा- नहीं बिल्कुल नहीं. तुम्हारी पहली ब्लू फिल्म है न.. इसलिए तुम्हारी गांड नहीं मारी जाएगी.

“हाई ब्रायन वेलकम ब्रदर तुम्हारे लिए ही बेड खाली रखा है. ये राधिका है. शादीशुदा बढ़िया माल है. अब इसको जम कर चोदो.”
अंकल से उससे अब इंग्लिश में कहा.

मैंने देखा मम्मी अपने बारे में ऐसी बातें सुन कर वो फिर से नर्वस होने लगीं, लेकिन ब्रायन ने मम्मी को अपने बांहों में भर कर उनके होंठों को चूसना शुरू किया. मैं स्टीव के साथ खड़ी देख रही थी. कैमरे मम्मी और ब्रायन पर फोकस कर रहे थे. सोफे पर बैठा वह नीग्रो ब्रायन मम्मी की साड़ी से झांकती जांघ को सहलाते हुए चूम रहा था. मम्मी धीरे धीरे नॉर्मल होने लगीं.

हमको पैसों की सख़्त ज़रूरत थी. दूसरा कोई रास्ता नहीं था. अब जैसे भी हो मम्मी को ये काम करना ही था. वो भी ब्रायन को रिस्पोन्स देने लगीं.
थोड़ी देर बाद ब्रायन ने मेरी मम्मी को बेड पर बिठाया और कहा- डार्लिंग मेरी ज़िप खोलो और लंड बाहर निकालो.
ब्रायन जान बूझ कर ओपन बातें कर रहा था, ताकि मम्मी का डर जाता रहे और उन्हें आदत पड़ जाए.

मैंने देखा कि मम्मी ने अपनी साड़ी घुटनों तक ऊपर कर रखी थी और अब उस नीग्रो के होंठ चूस रही थीं और ब्रायन एक हाथ से मम्मी की मोटी मोटी जांघें सहला रहा था.
अब मुझे यकीन हो गया था कि लोग जो कहते थे, वो सच था. मुझे बहुत बुरा लगा कि मेरी मम्मी को वह नीग्रो मेरे सामने ही चोदने जा रहा था.

इतनी देर में मम्मी ने ब्रायन की पेंट की जिप खोली और लंड बाहर निकाला.
“बाप रे..” मैं देख के चौंक गई कि इतना बड़ा और मोटा.. सच में बहुत बड़ा था.

मम्मी उसे हाथों में लेकर सहलाने लगीं. मम्मी ने अपने ब्लाउज के ऊपर के दो बटन खोल रखे थे, जिससे उनकी चूचियाँ रह रह के बाहर निकलने के लिए उतारू थीं. मम्मी दोनों हाथों से ब्रायन के लंड को सहला रही थीं और उसके मस्त लंड की मालिश भी कर रही थीं.

काफी देर तक मम्मी ऐसा ही करती रहीं, इतनी देर में उसने मम्मी के शरीर से ब्लाउज को आजाद कर दिया. मम्मी कच्छी और ब्रा नहीं पहनती थीं. सच में इस उम्र में इतने लोगों से चुदने के बाद भी मम्मी की चूची कितनी कड़क थीं.

पहले मुझे बहुत अजीब सा लग रहा था, मगर अब धीरे धीरे मुझे भी मजा आने लगा. मैं गौर से अपनी मम्मी की चुदाई देखने लगी.

मेरी मम्मी राधिका ने हिचकिचाते हुए उस नीग्रो के बॉक्सर को पूरी तरह से निकाल दिया. उसके बाजू में ही मैं, स्टीव और अंकल के बीच बैठी थी. ऐसे माहौल की मम्मी ने कभी कल्पना तक नहीं की थी.

“सक इट बेबी.” ब्रायन ने खड़े होते हुए मम्मी की गांड पर ज़ोरदार हाथ मारा.
मम्मी नीचे बैठ गईं. अब ब्रायन का तनतनाता हुआ लंड एक बार फिर उनकी आँखों के सामने लहरा रहा था. मम्मी सम्मोहित सी होकर उसके लंड को देखने लगीं. अब मम्मी की शर्म कम होने लगी थी और उत्तेजना बढ़ने लगी थी.

मेरी मम्मी राधिका कोई कुंवारी बच्ची तो थीं नहीं, उन्हें पता था कि ऐसे फनफनाते हुए लंड के साथ क्या करना है. मेरी मम्मी ने उस नीग्रो के लंड को अपने उंगलियों से धीरे से पकड़ा, उसकी आगे की चमड़ी को पीछे को किया, तो फूला हुआ.. बिल्कुल मशरूम जैसा दिखने वाला सुपारा बाहर निकल आया.

मम्मी राधिका ने उसे अपने मुँह के पास किया, सूंघ कर देखा, पति की मौत के एक लम्बे अरसे बाद लंड की जानी पहचानी खुशबू पाते ही, उनकी गदराई हुई चूत पसीजने लगी. मम्मी ने धीरे से जीभ निकाल कर सुपारे पर फेरी.
“ओह.. यस सक इट बेबी.” कहते हुए ब्रायन ने मेरी मम्मी के चेहरे को पकड़कर उनके मुँह में अपना लंड दे दिया.

मम्मी ने उसके काले लंड का ज़ोरदार चुम्बन लेते हुए कहा- वाउ इट टेस्ट सो गुड.

अगले ही पल ब्रायन का लंड मेरी मम्मी राधिका के मुँह में घुस गया था. मम्मी गपागप उसका लंड मुँह में ले रही थीं.

मेरी मम्मी राधिका ने लंड चूसते चूसते ही पोजीशन बदली और ब्रायन की टी-शर्ट को भी खींच कर उतार दिया. जिसे ब्रायन ने अपने शोल्डर से निकाल कर, दूसरी तरफ उछाल दिया और अपना गले में पड़ा क्रॉस भी उतार कर टेबल पर रख दिया. राधिका का लंड चूसना बदस्तूर जारी था, साथ ही साथ वो उसकी गोलियों से भी खेल रही थीं.

ब्रायन का लंड पूरे गले के नीचे तक पहुँच रहा था. एक कैमरामैन मम्मी को उस नीग्रो अंग्रेज का लंड चूसते हुए साइड से फिल्म बना रहा था तथा दूसरा उनके मुँह के पास क्लोजअप शॉट ले रहा था. मम्मी अपने चेहरे पर आते बालों को समेटते हुए हुए रंडी बनी उसके लंड को गटागट अपने कंठ तक ले रही थीं.

मेरी मम्मी की लिपस्टिक नीग्रो के लंड पर साफ़ दिखाई दे रही थी. वह बीच बीच में कैमरे की तरफ देखकर मुस्कुरा भी रही थीं. अपने मुँह से “आहह आआहह हाहहाह सो बिग कोक..” जैसी कामुक सिसकारियां निकाल रही थीं.

“कैसी है.. तुम्हारी मम्मी? देखा बेबी? अब तू ही बता कि तेरी मम्मी को कौन नहीं चोदना चाहेगा?” अंकल ने मेरी जांघ को सहलाते हुए कहा.
“वाओ… मम्मी तो पूरी प्रोफेशनल पोर्न स्टार बनी हुई हैं. इतना लम्बा लंड कितनी आसानी से गले तक उतार रही हैं.”

मैंने अंकल के हाथ पर अपना हाथ रखते हुए जवाब दिया. इधर स्टीव मेरे टॉप के ऊपर से ही छोटी छोटी अम्बिया नुमा चुचियों से मसलते हुए खेल रहा था. काफ़ी देर तक ऐसा ही चलता रहा.

“ब्रयान, अब लंड पकड़ कर आगे मम्मी को बेड पर गिरा कर बढ़ो.” डायरेक्टर के इशारा करते हुए कहने पर, फिर ब्रायन ने राधिका को रोका और मम्मी को बेड पर गिराकर उनकी साड़ी खोलने लगा.

मम्मी ने साड़ी नीचे सरकाते हुए उसको सहयोग किया. सभी लोग खुश थे कि मेरी मम्मी शरमाई नहीं, बल्कि उसकी मदद करने लगीं.

मम्मी के जिस्म से साड़ी अलग हो चुकी थी.

“तेरी मम्मी बहुत तेज़ी से सीख रही हैं बेबी. अच्छा है लगा रह.. नीग्रो द्वारा शर्मीली भारतीय शादीशुदा औरत की चुदाई लोगों को पसंद आती है. कई भारतीय पुरुष अपनी पत्नी को शादी के बाद जब हनीमून पर ले जाते हैं तो उनकी फैंटसी रहती है कि वह अपनी पत्नी को किसी गठीले बदन के नीग्रो के साथ बिस्तर पर शेयर करें. बहुत से पुरुष विदेशों में अपनी नई नवेली पत्नी को इस तरह से चुदवाते हैं. फिल्म बना कर बार बार देखते हैं..”

अंकल की बात से मैं रोमांचित हो उठी, मेरे जिस्म में स्टीव के सहलाये जाने के कारण सिरहन सी हो रही थी. ब्रायन जो अब मम्मी की पोज़िशन बदल कर उसे चोद रहा था. राधिका की “प्रोग्रेस” देख कर बोल पड़ा- कुतिया बन जा मेरी रानी. तुझे बेड पर कुतिया बना कर चोदने में जो मजा है, वह कहीं नहीं!
“उफ़ कुतिया क्यों ब्रायन? चुदवा तो रही हूँ चुपचाप.”
“नाटक मत कर रंडी… लोग देसी भारतीय औरत को नीग्रो के साथ हर तरह से चुदता हुआ देखना चाहते हैं. तेरी गांड भी मारूंगा.”

ब्रायन ने अब मम्मी को बेड पर कुतिया बना दिया और उनकी टांगों को फैला कर चूत को खोल दिया. इसके बाद वो अपना मुँह मम्मी की चूत के पास ले जाकर चाटने लगा. अब मेरी मम्मी राधिका की “हाय हाय..” शुरू हुई वो उत्तेजना को बर्दाश्त करने के लिए खुद ही अपनी चूचियाँ दबाने लगीं, मम्मी की आँखें बंद थीं, अब वासना उन पर हावी हो चुकी थी, अचानक मम्मी के मुँह से घुटी घुटी सी चीख निकली- आअहहुउऊउ आआओ.. उउच्च्च्च..

ब्रायन ने बिना कोई इशारा दिए अपना लंड पीछे से मम्मी की चूत में पेल दिया था.
अब ब्रायन ने कहा- तू मेरे ऊपर से आ जा!

मम्मी ब्रायन के ऊपर आकर हाथ में लंड पकड़ कर अपनी चूत में घुसाने लगीं और एक झटके में नीचे लंड पर बैठ कर एकदम से चिल्लाने लगीं. शायद मम्मी इस तरह से रंडी की तरह कई दिनों के बाद चुदवा रही थीं. ऊपर से ब्रायन का काला नीग्रो लंड इतना मोटा और बड़ा था कि चूत की खाज पूरी तरह मिटना तय था.

कुछ देर मम्मी की सूरत ऐसे ही रोने जैसी रही जैसे वो अभी रो देंगी. उनके चेहरे पर ब्रायन के लंड जड़ तक घुस जाने के कारण दर्द साफ झलक रहा था.
“आहह्ह्ह.. आहह्ह.. हे भगवान… बहुत दर्द हो रहा है… उफ़.. आईई…”

थोड़ी देर के बाद धीरे धीरे मम्मी ऊपर नीचे होने लगीं. अब तो मम्मी सातवें आसमान पर थीं, खूब जोर जोर से ऊपर से झटके मार रही थीं.

“तेरी मम्मी किसी गश्ती रंडी से कम नहीं हैं मेघा.. देख मादरचोद रंडी को.” अंकल ने मेरे टॉप के ऊपर से ही मेरी चूचियां मसलते हुए कहा.
मेरे मुख से गाली निकल आई- हाँ साली कुतिया रंडी मम्मी.. पता नहीं पापा के अलावा कितनों के लंडों के मजा लेती है. पहली बार में ही इस हब्शी का पूरा लंड सटक गई.”

वो दोनों तो चुदाई में मस्त थे, खूब जमकर चुदाई चल रही थी. दोनों कैमरामैन उनकी मूवी बनाने में लगे हुए थे.

अब ब्रायन ने मम्मी को बेड से नीचे उतारा और एक सोफे के सहारे खड़ा करके एक टांग उठा कर चोदने लगा.
मम्मी आह.. ओह.. अई.. उम्म्ह.. की आवाजें निकाल कर कहने लगीं- हाँ ब्रायन चोद ऐसे ही, आज तक मुझे इस पोजीशन में किसी ने नहीं चोदा.
ब्रायन मम्मी को एक टांग खड़ी करके चोदे जा रहा था, लंड से झटके पर झटके लगाये जा रहा था.

मुझसे नहीं रहा जा रहा था मगर क्या करती. मेरी चुदाई बाकी थी, लेकिन इन लोगों ने मुझे बुरी तरह गर्म कर दिया था.

“सोफे पर झुककर कुतिया बन जा मेरी रंडी.” अब ब्रायन ने मम्मी को कुतिया बनने को कहा, मम्मी कुतिया बन गई. अब ब्रायन उस कुतिया को कुत्ता बन कर चोद रहा था. पता नहीं कितनी बार मम्मी ऐसे चुदी होंगी.. मम्मी ने पहले भी किसी मर्द से ऐसे ही होटल के रूम में चुदवाया होगा.

मम्मी ने होटल में काम करते करते अपनी साड़ी ऊपर की होगी और किसी टूरिस्ट का मन ललचाया होगा.. मम्मी ने ऊपर ऊपर से अपनी चूचियाँ दिखाई होंगी और होटल की नाईट शिफ्ट में ना जाने इस काउंटर के पीछे किसी ग्राहक ने मम्मी की चूत में कितने झटके मारे होंगे.

आज भी ब्रायन जोर जोर से झटके पे झटके मारे जा रहा था. मम्मी जोर जोर से चिल्ला रही थीं- आहह उईई माँ.. अआह.. ओहह उम्म्हाह..
पूरा कमरा मेरी मम्मी की चुदाई की सेक्सी सेक्सी आवाजों से गूंजने लगा. मेरी मम्मी की नीग्रो ब्रायन के साथ ब्लू फिल्म बन रही थी.

मेरा भी इतना मन कर रहा था कि बस अभी जाऊं और ब्रायन को बोलूँ- इस रंडी को बाद में चोदना.. पहले मुझे आज रंडी बना दे.
उधर उन दोनों का चुदाई का नजारा देख कर मुझे बहुत मजा आ रहा था.

लगभग आधा घंटा तक वह नीग्रो ब्रायन मम्मी को जमकर चोदता रहा. दोनों कैमरामैन मम्मी की उस नीग्रो के साथ चुदाई की ब्लू फिल्म बनाते रहे. फिर उसने मम्मी के चेहरे पर अपने वीर्य की पिचकारी छोड़ दी. कुछ वीर्य मम्मी के मुँह में गया, कुछ उनकी आँखों में. मम्मी ने ब्रायन के लंड को चाट चाट कर साफ़ किया, फिर दोनों वैसी ही हालत में हमारे पास आकर सोफे पर बैठ गए.

सभी को ड्राईवर गंगाराम ने ड्रिंक बनाकर दिया.

“क्या हुआ मेघा?” मम्मी ने अपना ड्रिंक खत्म करते हुए कहा.
“कुछ भी नहीं.” मैंने शर्माते हुए जवाब दिया. मेरी मम्मी इस वक्त आदमजात पूरी नंगी थीं. उन्होंने मुझे अपनी गोद में बिठा कर एक ज़ोरदार किस किया.

“इस रंडी की बेटी की भी अभी ही शूटिंग कर लेते हैं?” स्टीव ने मेरे हाथ को चूमते हुए कहा.
मैं मम्मी की गोद से निकल कर उसके पास आ गई. स्टीव मुझे चोदने के लिए उतावला हो रहा था. मैं भी किसी गोरे मर्द से अब तक नहीं चुदी थी. मेरी मासूम सी चूत में उसका गोरा लौड़ा लेने को फड़क रही थी.
“ब्रायन अब तुम इस मासूम सी रंडी को जम कर चोदो.” अंकल ने सबको इशारा किया.

कैमरामैन ने अपने कैमरे सम्हाल लिए थे. ब्रायन मुझे चोदेगा, यह सुनकर मेरी रूह कांप गई. वह मुझे किसी रबर की गुड़िया की तरह गोद में उठाकर बेड पर आ गया. वह स्कर्ट से झांकती मेरी जांघें मसल रहा था. मैं तो स्टीव के गोरे लंड लेने की कल्पना कर रही थी. उस नीग्रो के सामने मैं कोई छोटी सी गुड़िया जैसी थी. उसने बेड पर लिटाकर मेरी टांगें खोल दीं और मेरी चड्डी को साइड करके मेरी मासूम सी चूत को अपने मोटे मोटे होंठों से चाटने लगा.

“मम्मी.. आप आओ न.. मुझे अकेले डर लग रहा है!” मैंने ब्रायन से अलग होते हुए कहा.
“सर वह अभी छोटी है, मेरे बिना नहीं रह पाएगी.” मम्मी ने उठते हुए कहा.
“ठीक है तुम उसके साथ जा सकती हो लेकिन कम से कम यह दो पैग खत्म करो.”

मम्मी ने पहले ही बहुत पी हुई थी. दो पैग और लेने के बाद अब वह बुरी तरह से नशे में थीं. उनसे चला तक नहीं जा रहा था.

“इन दोनों माँ बेटियों की जमकर चुदाई कर स्टीव और ब्रायन. देसी भारतीय किशोरी की नीग्रो के साथ चुदाई की फिल्म तहलका मचा देगी.”
स्टीव मम्मी को लेकर हमारे साथ आ गया.
“ले मेघा तू भी पी ले.” अंकल ने ज़बरदस्ती बोतल मेरे मुँह को लगा दी. मैं “नहीं नहीं..” करती रही लेकिन अंकल ने आधी बोतल खाली करवा दी. बाकी बची हुई ब्रायन पी गया. मैं बुरी तरह से नशे में थी. मुझे आँखें खोलना मुश्किल लग रहा था- सर अगर तुम हम दोनों को गालियाँ देते हुए चोदो तो हमें बहुत मजा आएगा.

इतना कहते ही उसे जोश आ गया, मुझ मासूम की चुदाई का जुनून सर चढ़ कर बोल रहा था. उसने कहा- साली मासूम रंडी, तूने मुझे पहले क्यों नहीं बताया कि तुझे और तेरी माँ को लंड चूत की गालियाँ पसंद हैं, मैं तेरी रंडी मम्मी की कायदे से चुदाई करता माँ बहन की गालिया दे दे कर! खैर अब मुझे ये बता कि तुझे हर तरह की गालियां चाहिए या कुछ अलग सी?
इस बात पर मम्मी बोलीं- मुझे तो आपसे से रंडी बन कर चुदना अच्छा लगता है और हाँ, गालियाँ हम माँ बेटी को हर तरह की देना ताकि मेरी चूत चुदते वक्त पानी की फुहारें छोड़ दे.

“साली रांड, कुतिया बना कर चोदूँगा तुझे!”
“अरे, वो तो देख लेंगे, पहले इस बच्ची को तो तो कुतिया बनाओ और अपना लंड इसके मुँह में दो..” मम्मी ने मुझे अपनी गोद में लिटाकर कहा.

मैंने तो मम्मी से मदद मांगी थी लेकिन यहाँ तो सब उलटा हो गया था. हम दोनों माँ बेटी की घमासान चुदाई होने वाली थी. खैर अब मैं भी खुद को मानसिक रूप से तैयार कर चुकी थी.

“साली चुदक्कड़.. तेरी गांड तक फट जाएगी मेरे लौड़े से.. और मादरचोदी, तेरे चूतड़ तो बहुत सेक्सी हैं.”
वे दोनों हम दोनों को गालियां दे रहे थे.

“वो तो तुम्हारा लंडवा भी सेक्सी है परन्तु पहले इस साली बहन की लौड़ी मेरी मासूम बेटी को पूरी नंगी तो कर लो स्टीव..”
मम्मी के कहने पर स्टीव ने मेरी चड्डी खींच दी.
“अरे सर, हम दोनों माँ बेटी आज आपकी रंडियां हैं, हमें ऐसे चोदो कि हमारी माँ बहन चुद जाए.”
“साली बहनचोद रंडियों, तुम्हारी बहन तो क्या.. मेरे लंड से तेरी माँ, भाभी चाची सब चुद जाएगी.. अभी करता हूँ तुम्हें नंगी सालियों..”
“हाँ ब्रायन, ये लो उतारो मेरी ब्रा.. मैं चुदने के लिए आपके सामने हाजिर हूँ.. ये मासूम देसी बच्ची नीग्रो से चुदने को तैयार है.”
“अभी तो डर रही थी साली कुतिया पहले मुझे चुदना है, लेकर मैं लेकर आई हूँ तुझे यहाँ.. और चुदेगी तू पहले.. हट पहले मुझे लंड मुँह में लेने दे?”

मम्मी ने तुरंत ब्रायन का लम्बा मोटा लंड अपने मुँह में ले लिया.

“कोई बात नहीं, मैं दोनों को एक साथ चोदूँगा मेरी रांड पोर्न स्टार.”
“सर मुझे गालियाँ तो दो और इस साली कुतिया राधिका की माँ चोद दो.. यह छिनाल मेरी माँ है कि कलयुग की माँ साली मेरी ब्लू फिल्म बनवा रही है.”
मेरी बात पर सब लोग हंस दिए. मैं अपनी मम्मी को गालियाँ दे रही थीं.

“साली, माँ की लौड़ी.. अपनी माँ को गालियाँ दे रही है.. रुक तेरी गांड भी मरवाती हूँ.” मेरी माँ बोली.

अब तक हम चारों नंगे हो गए थे, तभी मैंने अपने चुच्चों को रगड़ना शुरू कर दिया, इसे देख कर मम्मी बोलीं- कमीनी, साली कुतिया.. अब मर्द के सामने भी तू अपने मम्मों को खुद ही रगड़ेगी?
“साली बहनचोदी, ला मैं चूसता हूँ तेरे मम्मों को..” यह कह कर स्टीव ने अपना मुँह मेरे छोटे छोटे मम्मों पर लगा दिया. वह मेरे मम्मे चूसने मसलने लगा.

तभी ब्रायन ने भी मेरा एक स्तन अपने मुँह में ले लिया और दूसरा उरोज स्टीव के मुँह में था.
“सर कैसे लगे मेरी बेटी के मम्मे? मेरी मासूम बेटी को आज सब लोग जमकर चोदो.”
“साली, तेरी बेटी तो बहुत सेक्सी है, इसे तो दो दो लंडों से चोदना चाहिये.. रांड तू भी चुद इसके साथ, तेरी बेटी की गांड मारूँ सालियों.. तुम्हारी तो आज चूतों के साथ साथ गांडें भी बजेंगी.”
“मैं भी इसकी चूसती हूँ. बहुत चूत चुदवाई है साली ने कॉलेज के लड़कों से.. सिटी कॉलेज की क्यूट रंडी है यह और इसकी सहेली.” कहते हुए मम्मी ने अपना मुँह मेरी मासूम सी नाज़ुक चूत पर लगा दिया.

मेरे अन्दर सिरहन सी दौड़ गई. मम्मी की जीभ मेरी चूत में थी. मैं दुबली पत्नी नन्हीं सी जान बेड पर थी और वे तीनों मुझे चूस रहे थे. कैमरामैन हर तरफ से हम माँ बेटी की घूम घूम कर ब्लू फिल्म बना रहे थे.

तभी मम्मी ने मेरी चूत को छोड़कर स्टीव का लिंग अपने मुँह में ले लिया और मम्मी के मम्मे मेरे हाथों में आ गए. मम्मी उसका लंड चूसे जा रही थीं, तभी उठकर मम्मी के मम्मों को मैंने चूसना चालू कर दिया और अब हम चारों मस्त होते जा रहे थे.

“आह.. सी.. आ.. ह.. ब्रायन मेरे मम्मों को चूस लो, निकाल दो मेरा जूस, मेरा दूध!”
“ला साली भोसड़ी की रांड, ला तेरी बेटी को चोदूँ, साली कुतिया यह देख तेरी मासूम बेटी कैसे मेरा लंड चूस रही है.” ब्रायन का मोटा लंबा लंड मेरे मुँह में गहराई तक जा रहा था. मैं खों खों करके खांसने लगी. मेरी आँखों से आंसू बहने लगे, लेकिन वह मेरे सर के बाल पकड़कर अपना लंड मेरे कंठ तक उतार रहा था.
“हाँ ब्रायन, बहुत मस्त है मेरी बेटी आप इसकी चूत भी बजाओगे, मुझे अपनी बेटी की चुदाई देख कर बहुत मजा आएगा. साली मादरचोद को रांड बना कर चोदना.. यह कॉलेज में नए नए लड़कों से झुक झुक कर बहुत चुदवाती है.”

“आह्ह्ह्ह.. बहुत मोटा है.. उफ़…” स्टीव ने मेरी छोटी सी चूत में अपना लंड घुसा दिया था.
“हाँ साली मादरचोद तुझे अपनी गुलाम रखैल बनाऊंगा. तुम दोनों माँ बेटी को टॉप की पोर्न स्टार बनाऊंगा.”
“हाँ साल कुत्ते चोद मुझे… चोद… और चोद… मुझ मस्त कर मुझे जितनी गालियाँ दे सको, दो और मेरी फ़ुद्दी को चोद चोद कर चिथड़े उड़ा दो इसके.. और गाण्ड फाड़ दो स्टीव, मेरी माँ चोद दो.” मैं पूरे जोश में थी.
“आहह्ह्ह… अंकल आप भी आओ… प्लीज अंकल आप भी मुझे चोदो.. आह्ह.. आह्ह… आपकी प्यारी बेबी हूँ न मैं.. चोदो मुझे…आह्ह्ह.. आपकी प्यार बच्ची हूँ न मैं..” स्टीव का लंड तेज़ी से मेरी चूत में अन्दर बाहर हो रहा था. मैं उसकी गोद में बैठी लंड पर उछल रही थी.
“साली राधिका मादरचोद.. तू मेरे सामने मेरे ही यार से चुदना चाहती है. वह अंकल मेरे यार हैं.. मैं उनकी बच्ची हूँ.. आहह्ह.. आह्ह्ह.. बोल..”

अब तो मेरी कामोत्तेजना शिखर पर थी और मैं मम्मी को उनके नाम से गालियां दे रही थी.

“मैं चुदूँगी पहले साली, तू खा लंड और मैं चुसवाती हूँ अपनी चूत स्टीव से.. आह.. स्टीव चूसो मेरी चूत.. कुतिया की तरह हम माँ बेटी को बना दो आज रण्डियां.. दोनों माँ बेटी को एक साथ चोदो आज..”

अगले ही पल ब्रायन ने अपना लंड मेरी छोटी सी चूत में पेवस्त कर दिया. मैं दर्द से बिलबिला उठी- आह्ह्ह… मम्मी बचा मुझे.. बहुत मोटा है इस नीग्रो हब्शी का… अपनी मासूम बच्ची को बचा ले राधिका.. मैं मरी..
ब्रायन के सामने मैं बहुत छोटी थी. वह मुझे किसी गुड़िया की तरह दोनों जांघें पकड़ कर चोद रहा था.
“बस बस मेरी लाडली… थोड़ा सा और ले ले..”
मैं मम्मी की गोदी में लेटी थी. वह मुझे पकड़े हुए थीं और मेरे गाल सहला रही थीं.

मैं फ्लो में आ गई थी, ब्रायन अपने मोटे नीग्रो लंड से मेरी चुदाई कर रहा था. स्टीव ने मम्मी को अपनी तरफ खींचा. अगले ही पल वह टांगें खोल कर बेड पर पसर गईं. मम्मी की गुलाबी बिना झांटों की चिकनी चूत खुली थी. स्टीव मेरी मम्मी की चूत के ऊपर टूट पड़ा और उसे चाटने लगा. अब तो मम्मी एकदम गरम हो गई थीं और स्टीव का चेहरा अपनी चूत में घुसा रही थीं. साथ ही मेरी मम्मी “आह्ह्ह्ह आम्म्म्म म अहमम्म्म..” की मस्ती भरी आवाज़ निकाल रही थीं.

स्टीव मम्मी के ऊपर चढ़ गया. वो मम्मी के मम्मों को मसल रहा था और चूत को चाट रहा था. मम्मी तो जैसे अब सातवें आसमान पर पहुंच गई थीं और फिर अचानक से उनकी “अहम.. उम्म्म.. उमहहां.. एमेम आहह्ह्ह..” की आवाज़ और तेज़ हो गई.

फिर मम्मी झड़ गईं, वो बिल्कुल चित्त होकर पड़ी रहीं और उन्हें देखकर लग रहा था कि जैसे उन्हें जन्नत नसीब हो गई है. स्टीव ने अब अपने तनकर खड़े औज़ार को माँ की चूत से सटाया और मम्मी के दोनों पैरों को फैला दिया और एक प्यारा सा झटका दे दिया, जिसकी वजह से उसके लंड का टोपा मम्मी की प्यासी चूत में घुस गया और मम्मी ने “आहह्ह्ह आईईईई..” करके एक गरम आह भरी और अपनी दोनों आखें बंद कर लीं.

तभी स्टीव ने एक और लेकिन थोड़ा दमदार झटका दे दिया.
“आह्ह्ह… स्टीव उफ़.. बहुत मोटा है तुम्हारा.. आहह्ह.” अब उसका लंड मम्मी की चूत को चीरता हुआ पूरा अन्दर चला गया और उस दर्द से मम्मी एकदम चीख पड़ीं.

इधर ब्रायन ने झड़ने से पहले अपना लंड मेरी चूत से निकाल कर मेरे मुँह में दे दिया. वह मेरे मुँह में झड़ गया, मैं गटगट करती उसका सारा स्पर्म पी गई.

पूरी रात हम दोनों माँ बेटी की कभी गैंग बैंग तो कभी सोलो… खूब चुदाई हुई. फिर हम सब वैसे ही वहां थक कर सो गए.

तकरीबन सुबह 5 बजे मेरी आँख खुली तो मेरा सर दर्द से फटे जा रहा था, शराब का नशा अभी भी मुझ पर था.
मैंने देखा मम्मी नशे में धुत्त वहीं बेड पर औंधी पड़ी हुई थीं. दोनों कैमरामैन उनको बेसुध अवस्था में ही चोद रहे थे. वह बेहद नशे में बेसुध थीं. मैं मूतने के लिए जा रही थीं. जैसे तैसे मैं वाशरूम में गई और खड़े खड़े ही मूतने लगी. फिर वहीं कमोड पर झुकती हुई वहीं सो गई.
अगले ही पल मुझे अपने जिस्म पर दवाब सा महसूस हुआ. मैंने देखा यह ड्राईवर गंगाराम था. वह मुझे वहां कमोड पर झुकाकर चोदने की कोशिश कर रहा था. उसने अपनी उंगलियों से मेरी चूत को खोलते हुए अपना लंड डालना शुरू कर दिया. फिर मेरी छोटी सी कमर को पकड़ कर वह वैसे ही कमोड पर मुझे झुकाए मेरी चूत चोद रहा था. मैं नशे और नींद की खुमारी में थी. वह मुझे वहां से उठाकर सोफे पर ले आया. फिर उसने मेरे गालों को थपथपाते हुए अपना लंड मेरे मुँह में देना शुरू कर दिया था. मैं बेसुध सी थी. अगले ही पल मेरा मुँह उसके वीर्य से भर गया. उसका वीर्य मेरे गालों पर बह रहा था.

सुबह मम्मी ने मुझे उठाया. मैंने देखा मैं पूरी नंगी गंगाराम से चिपटी हुई थी. मम्मी ने मुझे कपड़े दिए, साथ ही साथ गंगाराम की गांड पर लात भी मारी. शायाद रात को वह मुझे चोदने के बाद अपने साथ लेकर सो गया था. हम दोनों घर आ गए.

एक ही रात में हम माँ बेटी ने लाखों रुपया कमा लिया था.. हम दोनों बहुत खुश थे.

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