Friday, February 23, 2018

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पहली गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई की सेक्सी कहानी

पहली गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई की सेक्सी कहानी

(Pahli Girlfriend Ki Pahli Chudai Ki Sexy Kahani)

मैं दिल्ली के एक विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहा हूँ और मेरा स्नातक का अंतिम वर्ष है। मेरा रंग सांवला है, परन्तु नाक-नक्शा ऊपर वाले ने बहुत खूब दिया है। मैं 21 वर्ष का हूँ, 5 फीट 5 इंच का कद और औसत जिस्म है।
जैसा कि दोस्तो, आप सब को पता है नवीन इश्क का भूत युवाओं पर कैसा सवार है और आजकल तो ये एक चलन हो गया है और इस प्रकार के संबंधों में हम लोग ज़रा बढ़ चढ़ कर ही भाग ले रहे है। इसका उदाहरण हम हाल ही में बीते वैलेंटाइन्स डे से ले सकते हैं।

अपने मुख्य विषय पर आता हूँ।
बात नवम्बर 2015 की है, मेरे आपसी दोस्त के फेसबुक पेज पर हम कुछ मजाक कर रहे थे तभी एक लड़की ने बीच में दखल देते हुए चित्र पर अपनी टिप्पणी दी, जिसके पश्चात् वो भी हमारी इस हंसी मजाक में शामिल हो गयी.
कुछ समय तक ये हंसी मजाक चली और हमारी आपस में पटने लगी।

अगले दिन मैंने उस लड़की को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी और कुछ ही मिनट के बाद उसने मेरी दोस्ती स्वीकार कर ली। हम धीरे धीरे काफी अच्छे दोस्त में परिवर्तित हो गए और आपसी मसले साझा होने लगे।
करीब दो महीने बाद उससे मिलने की योजना बनाई और हम दिल्ली में स्थित हौज़ ख़ास पार्क के लिए सहमत हुए। रविवार के दिन सायं 4 बजे मई चयनित स्थान पर पहुँच गया और करीब 10 मिनट बाद वो आई।
लड़की का परिचय दे दूँ नाम: श्री, उम्र 20 वर्ष, कद करीब 5 फीट 2 इंच और गेहुंये रंग की लड़की जिसका फिगर 34-28-34 कुछ है। हम लोगों ने फेसबुक पर एक दूसरे को देखा हुआ था तो पहचानने में कोई परेशानी ना हुई, हालाँकि वो फोटो से ज्यादा असल में सुन्दर थी, या यूँ कह सकते है कि वो फोटोजेनिक नहीं थी। उसने नीली जींस लम्बे बूट्स ऊपर से चमकता हुआ ब्लैक ब्लेजर जिससे प्रतीत होता है कि उसे ड्रेसिंग सेंस की काफी समझ है।


करीब 2 घंटे उस जगह पर रहने के बाद हम अगले हफ्ते का वादा करके अपने घर चल दिए। यूँही हमारी दो तीन दिनों तक बात हुई और फिर मैंने रात में उसे प्रपोज़ कर दिया।
उसने कहा- मैं इसका जवाब मिल कर बताऊँगी।
अगले रविवार हम उसी जगह मिले इस बार भी वो काफी हॉट लग रही थी। मैंने उससे अपने पूछे हुए प्रश्न का उत्तर माँगा तो वो उठ कर झील की तरफ चल दी.

मैं थोड़ा अपने कदम तेज़ होते हुए उसकी आँखों में देखा और उसने मेरे आँखों में देखते हुए अपने प्यार की स्वीकृति दी।
मैंने उससे कहा- सच?
तो उसने कहा- हाँ पागल… अब कैसे यकीन दिलाऊँ तुम्हें?

मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैंने इधर उधर देखा और उसे हग कर लिया। इतने में उसने कहा- हश्स समीर… कोई आ रहा है!
मैंने कहा- तो आने दो ना… हम दो प्यार करने वालों को जमाने का कोई डर नहीं!
तो श्री ने बोला- हट पागल… तुम कुछ ज्यादा ही रोमांटिक होने लगे हो!

फिर काफी प्यार भरी बातों के बाद हम लोगों ने तय किया कि अगले दिन हम अपने कॉलेज का बंक करेंगे और कहीं ऐसी जगह मिलते है जहाँ कोई तीसरा न आये।
मैंने अपने सेल फ़ोन से एक होटल में एक रूम बुक किया और उस होटल पर जाकर पहले ही मेनेजर से पूरी बात कर के अपने सारे डर संकोच साफ़ कर लिए.

सुबह करीब 11 बजे श्री होटल में आई और हम लोग अपने कमरे की तरफ चल दिए. उस दिन उसने लाल ब्लेजर अंदर काली टीशर्ट और ब्लैक जींस पहनी हुई थी, वो क़यामत ढा रही थी।
कमरे में जा कर हमने पहले कॉफ़ी पी और फिर हग करके लेटे रहे और मैं उसकी कमर को सहलाता रहा और हम दोनों प्यार भारी बातें करते रहे.. इसी दौरान मैं उसके टीशर्ट के अंदर अपना हाथ डाल कर उसका पेट सहलाने लगा जिससे उसके चेहरे के भाव थोड़े बदले, वो कुछ कामुक सी होने लगी.
यह मौका पाकर मैं और वो खुद का रोक न सके और हमारे होंठ एक दूसरे से मिल गए. करीब 15 मिनट की किसिंग के बाद मैंने उसका ब्लेजर उतरा और उसकी टी शर्ट हटा दी.

उसने एक पारदर्शी जालीदार काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी। मैंने उसके कानों पर लिकिंग करते हुए उसके गर्दन से नीचे आते हुए उसके ब्रा के हुक को अपने दांतों से खोला, बहुत देर लगी मुझे ब्रा का हुक खोलने में… फिर मैंने अपने होंठों और दांतों से ही उसकी ब्रा पूरी उतार दी.

इस बीच उसने मुझे रोका और मेरे जैकेट एंव शर्ट को उतार दिया और अब वो मेरे ऊपर आ गयी, इस बीच मेरा लंड रॉड की तरह खड़ा हो गया। मैं उसकी चूत को ऊपर से सहलाने लगा और और वो सिसकारियाँ लेने लगी- आह आह सी उह उह उह आः!

मैंने उसकी जीन्स को भी निकाल दिया और उसकी भूरे रंग की पैंटी को देख कर मैं पागल हो गया, मैंने उसे बेड पर बैठने को कहा और उसकी उस सेक्सी पेंटी को नीचे किया, मेरी गर्लफ्रेंड की नंगी चूत मेरे सामने थी, उसकी चूत पर विल्कुल छोटे छोटे रोंयें से थे. चूत के दोनों होंठ आपण में चिपके हुए थे.

इतने में मैंने उसकी चूत पर अपनी उंगलियाँ घुमाई तो वो पागल सी हो गयी और अपनी कमर को टाइट कर लिया.
फिर मैं बेड पर ही खड़ा हुआ और अपनी जीन्स एंव अंडरवियर को निकाल दिया और मेरा 6 इंच का खड़ा लंड उसकी आँखों के सामने आ गया, उसने शर्म से अपनी आंखें नीचे कर ली.

मैंने उसे कहा- ऊपर देखो तो वो सिर्फ मेरे लंड को घूरे जा रही थी. मैंने उससे कहा- इसे पकड़ो!
तो उसने सर हिलाते हुए मना किया, मैंने कहा- करो तो एक बार… अगर अच्छा न लगे तो मत करना!
वो मान गयी और मेरे लंड को सहलाने लगी.

मैं ऐसे ही नीचे बैठे और उसके बूब्स को दबाने लगा। फिर मैंने उसे लिटा दया और बोला- मैं तुम्हारी चूत को टेस्ट करना चाहता हूँ. कर लूं क्या?
तो उसने बोला- नहीं यार… कैसी बात कर रहे हो? ये बहुत गन्दी जगह होती है!
मैंने कहा- श्री यार… ऐसा कुछ नहीं है, यह चूत चाटना, लंड चूसना तो सम्भोग क्रिया का एक हिस्सा ही है.
तब उसने मुझसे कहा- तो जो तुम्हें ठीक लगे, कर लो!

और मैं उसकी चूत को चाटने लगा, मैंने अपनी ज़बान उसकी चूत के ऊपरी खाल पर लगायी तो वो खलबला उठी और अपने हाथों से मेरे सर को दबाने लगी और बोलने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह्ह डू इट… इट्स मेक मी हॉर्नी आह अआह ओह्ह्ह उफ्फ्फ. (हां करो… इससे मेरी कामुकता बढ़ रही है.)

करीब 10 मिनट उसकी चूत चाटने के बाद मैंने उससे बोला- विल यू डू इट फॉर मी?(तुम मेरे लिए भी ऐसे ही करोगी?)
श्री- व्हाट? (क्या?)
“गिव में बलोजॉब!” (मेरा लंड चूसो!)
“नो!” (नहीं!)

मैंने उससे ज़बरदस्ती नहीं की और बोला- मे आई रब माय पेनिस बिटवीन इन योर बूब्स? (क्या मैं तुम्हारी चुची के बीच में अपना लंड रगड़ सकता हूँ?)
तो उसने कहा- कर लो… लेकिन ध्यान से!
मैं बोला- तुम अपने बूब्स को दोनों तरफ से दोनों हाथों के द्वारा टाइट कर लो! मैं इनके बीच में अपना लंड रख कर आगे पीछे करूंगा.

और मैं उसके मम्मों के बीच अपने लंड को घिसने लगा. कुछ देर में मैंने अपनी पोजीशन बदली और फिर उसकी चूत में एक उंगली हल्के हल्के अंदर बाहर करते हुए चूत की सकिंग करने लगा. उसने कहा- समीर नाउ डू इट… आई कांट कंट्रोल माई लस्ट! (समीर करो ना अब… मुझसे अपनी वासना काबू नहीं हो रही!)

मैंने थोड़ा सा थूक अपने लंड पर और उसकी चूत पर लगाया और अपना लंड उसकी चूत पर टिका कर रगड़ने लगा तो उसने कहा- इडियट डू इट!(वेवकूफ… करो ना अब!)

मैंने हल्के से अपना लंड उसकी चूत में धकेला सिर्फ एक इंच… इतने में उसकी आंखें बड़ी हो गयी और वो कुछ कहती, इससे पहले मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से दबा लिया।
और फिर धीरे धीरे थोड़ा और अंदर डाला और मैं रुक गया।
मैंने उससे कहा- मेरी तरफ देखो!
उसने अपनी आंखें खोली और मेरी तरफ जैसे ही देखा, मैंने अपना लंड उसकी चूत की झिल्ली को फाड़ते हुए अंदर डाल दिया और उसके होंठों को आराम से रसपान करने लगा.

वो दर्द के मारे मेरी पीठ पर अपने नाखून गड़ाए जा रही थी और उसकी आँखों में आंसू साफ़ दिख रहे थे. करीब 2 मिनट में वो शांत हुई और मैंने धीरे से अपना लंड अंदर बाहर किया तो उसने मोनिंग करना शुरु कर दिया.
अब श्री चूत चुदाई के लिए पूरी तैयार थी, मैं पहले से तेज़ धक्के लगाने लगा और अब वो भी स्मूच करने लगी.
मैंने करीब पांच मिनट तक उसे इसी आसन में चोड़ा, फिर उसके बाद मैंने उससे उसके बराबर में आया और उसके पीछे की तरफ से एक टांग उठा कर अपने लंड को उसकी चूत में सेट किया और फिर धक्के लगाने लगा और एक हाथ से उसके बूब्स दबाये जा रहा था।

उसने भी अब बोल कर मेरा साथ देना शुरू कर दिया- आह समीर… और तेज़ करो… मैं डिस्चार्ज हो रही हूँ… जल्दी… ओह्ह और तेज़… येस येस कम ओन… फक मी फास्ट! (हां हां करो… मुझे तेज तेज चोदो!)
और कुछ 4-5 मिनट में वो झड़ गयी.. और जैसी हो वो डिस्चार्ज हुई, वो ढीली पड़ने लगी.

इतने में मुझे लगा कि मैं भी होने ही वाला हूँ, तो जल्दी से मैं उसके नंगे बदन के ऊपर आया और उसकी चूत में लंड ठोक कर 10-15 धक्कों में मैं भी डिस्चार्ज हो गया।

करीब आधे घंटे हम वहीं लेटे रहे और फिर हमने अपने कपड़े पहने और एक विदा का चुम्बन किया और मैंने उसे गर्भ निरोधक पिल लेने को कहा।

तो दोस्तो, आप लोगों को मेरी कामुकता भरी यह सेक्सी कहानी कैसी लगी, अपनी राय मुझे इमेल के द्वारा ज़रूर बताना, मैं प्रतीक्षा करूंगा.
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