Saturday, February 17, 2018

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मेडिकल स्टोर में भाभी की चुदाई

मेडिकल स्टोर में भाभी की चुदाई
(Medical Store me Bhabhi Ki Chudai)

बात तब की है जब मेरे माँ और पापा गाँव गए थे, तब मैं अपने कॉलेज से हमारे यहाँ के मेडिकल स्टोर में गया और उस समय मेडिकल स्टोर में हमारे यहाँ की एक भाभी आईपिल की गोलियां ले रही थीं. मेडिकल स्टोर में भी एक भाभी थीं.. उस वक्त वो मेडिकल स्टोर संभाल रही थीं.
अब से पहले मैं जब भी आता था तो स्टोर में भैया होते थे या भैया और भाभी दोनों होते थे.

मैं वहाँ गया, उन दोनों को देख कर थोड़ा हिचकिचाया, पर जैसे ही मेडिकल स्टोर वाली भाभी आईपिल की गोलियां लाईं और दूसरी भाभी को देने लगीं, तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने भी कंडोम मांग लिया.
वो दोनों मेरी तरफ देखने लगीं.
तभी वो मेडिकल स्टोर वाली भाभी कंडोम ले आईं.
मैंने पूछा कि बड़ी साइज़ का है?
तो उन्होंने मुझे घूरते हुए देखा, फिर कहा- नहीं.
मैंने कहा- मुझे सबसे बड़ा साइज़ चाहिए.

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मैं आपको बता दूँ मेरा लंड पौने नौ इंच लम्बा है. वो दोनों फिर से मेरी तरफ देखने लगीं. मेरा ध्यान उन दूसरी भाभी पे गया तो वो सौ के नोट पे कुछ लिख रही थीं. जैसे ही मेडिकल स्टोर वाली भाभी गईं, तो वो अपना सामान उठा कर निकलने लगीं और उनका नोट नीचे गिर गया.

मैंने आवाज लगाई- रश्मि भाभी..

सॉरी दोस्तो, में उनका नाम बताना भूल गया. मेडिकल स्टोर वाली भाभी का नाम शिवानी है और दूसरी ग्राहक भाभी का नाम रश्मि है.
तो जैसे ही मैंने आवाज लगाई, उन्होंने मुड़ कर देखा. मैंने कहा- आपका नोट गिर गया.
उन्होंने कहा- वो तुम्हारे लिए है.
मैंने नोट उठाकर देखा तो उस पर उनका मोबाइल नंबर लिखा था और लिखा था ‘कॉल मी.’ मैंने वो नोट अपनी पॉकेट में रख लिया और शिवानी भाभी का वेट करने लगा. शिवानी भाभी आईं, उन्होंने मुझे दूसरा कंडोम दिया और किसी से फ़ोन पर बात करने लगीं कि मेडिकल स्टोर अभी बंद होने वाला है और रात को खुलेगा.



मैंने उनसे पैसे पूछे तो उन्होंने मुझे अन्दर बुलाया और कहने लगीं कि वो बड़े वाले कंडोम ऊपर रखे हैं और उनके हाथ नहीं पहुँच पा रहे हैं..
मैं उनकी तरफ देखने लगा तो उन्होंने कहा- तुम खुद निकाल लो.

मैंने अपना बैग कुर्सी पे रखा और कंडोम निकालने के लिए टेबल पे चढ़ गया. तभी उन्होंने मेडिकल स्टोर का शटर बंद कर दिया. मैंने वहां ध्यान नहीं दिया और कंडोम निकलने लगा. तभी वो भी मेरे सामने टेबल पर चढ़ गईं और बिल्कुल मेरे सामने ही उनके चूचे आ गए. जिससे मेरा लंड टाइट हो गया. वो अपने हाथ ऊपर करके मेरी मदद करने की कोशिश करने लगीं और मेरा लंड भाभी की चूत में सामने से चुभने लगा. उन्होंने नीचे देखा तो मेरा लंड पूरा तन चुका था. उन्होंने हाथ नीचे किए.

इस वक्त मेरा ध्यान ऊपर था, तभी शिवानी भाभी ने मेरा लंड बाहर निकाल लिया. अभी मैं कुछ समझ पाता कि भाभी ने नीचे बैठते हुए मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगीं.

एकदम से ये सब होने से मेरे हाथ से कंडोम का बॉक्स नीचे जमीन पर गिर गया. मैंने उन्हें हटाया, तो वो टेबल से नीचे उतर गईं. मैं अभी अपना लंड अन्दर कर ही रहा था कि उन्होंने अपना ड्रेस उतार दिया और मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में खड़ी हो गईं.
उनका मदमस्त शरीर देख कर मेरा भी सब्र टूट गया और मैंने उन्हें अपनी बांहों में भर कर किस करने लगा. भाभी भी मुझे चूमने लगीं. कुछ देर के किस के बाद उन्होंने मेरे भी कपड़े उतार दिए और मुझे नंगा कर दिया.

मैंने शिवानी भाभी को उठाया और टेबल पर लेटा कर उनकी पेंटी एक तरफ सरका कर चूत चाटने लगा.
उन्होंने कहा- अब और कितनी गीली करोगे मेरी चूत तो पहले ही रसीली हुई पड़ी है.

मैंने उनकी बात को अनसुना कर दिया और भाभी की चूत चाटना जारी रखा. फिर उन्होंने मुझे रोका और बाजू से कॉफ़ी फ्लेवर का कंडोम लेकर मेरे लंड पे चढ़ा दिया.

मैंने तुरंत उनकी पैंटी को निकाल दिया और अपना लंड उनकी चूत के छेड़ पर टिकाया और में पेल दिया मेरे लम्बे लंड से भाभी की आह सी निकली लेकिन इतना जयादा दर्द नहीं हुआ उन्हें… शायद भाभी बड़ी चुदक्कड़ थी, उन्होंने बड़े बड़े लंड खाए हुए थे. मैं मस्त चोदने लगा, भाभी भी गांड उठा कर मेरा साथ देने लगीं. फिर मैंने उन्हें टेबल से नीचे उतारा और दीवार से सटाया और उनकी एक टांग उठा कर चोदने लगा.

वो जोर जोर से चिल्लाने लगीं कि वो झड़ने वाली हैं, मैंने ध्यान नहीं दिया और वो झड़ गईं. पर मैं अभी भी चालू था.

मैं शिवानी भाभी के मम्मों को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा, लंड अभी भी भाभी की चूत में ही घुसा था. भाभी कुछ ही देर में फिर से जोश में आने लगीं. मैंने उन्हें हटाया और अपना कंडोम निकाल दिया. उन्हें जमीन पर लिटा कर उनके दोनों पैर फैला दिए और फिर से चूत में लंड डाल कर चोदने लगा.
वो मस्त हो के मुझे अपनी बांहों में भर रही थीं और नीचे से चूतड़ उछाल उछल कर चुत चुदाई करवा रही थी.

तभी बाहर से शटर बजा और आवाज आई- शिवानी बेटा, कहां हो?
वो उनके ससुर की आवाज थी. शिवानी मुझसे बोली- यार ये मेरा ससुर है… मैं इस से भी चूत चुदवाती हूँ.

वो भी कभी कभी शिवानी को चोदता था तो बिना किसी हिचक के शिवानी ने उसको बोल दिया- पापा पिछले दरवाजे से अंदर आ जाओ. मैं ज़रा बिजी हूँ.
वो अन्दर आकर अपनी बहू को नंगी चुदाई करवाते देख कर एकदम शॉक हो गया क्योंकि मेरा लंड शिवानी की चूत में था और उनका एक दूध मेरे मुँह में था.

भाभी के ससुर भी सामने कुर्सी पर बैठ गए और अपना लंड निकाल कर हिलाने लगे.
मैं कुछ सेकेण्ड के लिए तो रुका लेकिन तभी मैंने भाभी को उनके ससुर के सामने ही जोर जोर से चोदना शुरू कर दिया. भाभी भी सिसकारियाँ भर भर कर चुत चुदाई का पूरा मजा ले रही थी.

तभी मैंने कहा- भाभी, मैं झड़ने वाला हूँ.
उन्होंने कहा- मेरी चूत में मत झड़ना.

लेकिन देर हो चुकी थी, मैं भाभी की चुत में ही झड़ गया.
उन्होंने कहा- ये क्या किया यार?
मैंने कहा- आईपिल खा लेना.

तभी उनके ससुर करीब आ गए और फिर शिवानी की चूत में लंड डाल कर उन्हें चोदने लगे.
मैंने तो अपने कपड़े पहने और उन्हें चुदाई करते हुए छोड़ कर वहां से निकल कर अपने घर आ गया.

अब मैंने रश्मि भाभी को चोदने के लिए उस सौ रुपये के नोट के नंबर पर कॉल किया और रश्मि भाभी से बात करने लगा. उन्होंने मुझसे सीधे पूछा- तुम शिवानी से बड़ा कंडोम क्यों मांग रहे थे? क्या सच में तुम्हारा लंड काफी बड़ा है.
मैंने कहा- हां भाभी, अभी शिवानी की चूत में अपना लंड डाल कर उन्हें चोद कर आया हूँ.
रश्मि बोली- हां, मुझे पता है वो साली शिवानी बड़ी चुदक्कड़ है.
फिर रश्मि भाभी कहने लगी- तुम्हारे बड़े लैंड की सोच कर ही मेरी चूत पानी पानी हुई जा रही है, मुझे तेरे लंड से चुत चुदाई करवानी है. मेरे पति दो दिन के बाद दस दिन के लिए अमेरिका जा रहे हैं, उनके जाने के बाद मैं तुम्हे फोन करके बुलाऊँगी, तब सिर्फ हम दोनों दिन रात चुदाई का मजा लेंगे.

मैं बहुत खुश था कि नई भाभी की चूत चोदने मिलेगी.

दो दिन बाद मुझे उसी नम्बर से कॉल आया, मैंने उठाया तो रश्मि भाभी थीं और उनकी बोली से लगा कि वे कुछ उदास सी लग रही थीं.
मैंने पूछा- क्या हुआ? भैया चले गए या नहीं?
तो उन्होंने कहा- वो तो अमेरिका चले गए लेकिन मेरी ननद यहाँ रहने आ गई है. जब तक मेरे पति नहीं आते, मेरी ननद मेरे साथ ही रहेगी. हमारा सारा प्रोग्राम चौपट हो गया.
यह सुन कर मैं भी थोड़ा उदास सा हो गया, पर फिर सोचा कि क्यों ना भाभी की ननद को भी पटाने की कोशिश की जाए और पट गई तो ननद भाभी को साथ में चोदा जाए.

मैं रश्मि भाभी के घर गया तो उनकी ननद भी वहां थी. उसकी उम्र कोई 25-26 साल थी, वो थोड़ी सांवली थी पर दिखने में एकदम कमाल का माल थी. उसका 32-28-36 का फिगर.. आह्ह.. क्या बताऊं एकदम मस्त था. उसने सलवार कमीज पहनी थी. इस ड्रेस में उसकी गांड बड़ी मस्त दिख रही थी.

जब वो पानी लाने गई, तो मैं उसकी गांड को घूर रहा था. ये रश्मि भाभी ने देख लिया. वो मेरे बगल में बैठ गईं और मुझसे बोलीं- क्या देख रहे हो?
मैं- क..क.. कुछ नहीं..
रश्मि- मैंने देखा है.. तुम्हारा ध्यान किधर था.
मैं- भाभी क्या कमाल का माल है ये.. इसे भी चोद दूँ क्या?
रश्मि- ऐसा कुछ सोचना भी मत!

मैं थोड़ा उदास हो गया तो रश्मि ने मेरे होंठों पे एक जोरदार किस दी. उसी वक्त ना जाने कैसे उनकी ननद ने हम दोनों को चुम्बन करते देख लिया. वो जोर से चिल्लाई- भाभी ये क्या हो रहा है?
रश्मि भाभी डर गईं और डर के मारे उन्हें पसीना आ गया. मैं भी डर गया पर उनकी ननद को देख मेरा लंड खड़ा हो गया और खड़ा लंड पैन्ट के ऊपर साफ़ दिख रहा था.
रश्मि भाभी की ननद का नाम मंजू था. भाभी बोलीं- मंजू, मैं तो बस ऐसे ही..
मंजू बोली- मैंने सब देखा है, आप क्या कर रही थीं.

तभी ना जाने मुझमें कहाँ से हिम्मत आ गई और मैंने सीधे मंजू को पकड़ कर किस किया और उसकी गांड में उंगली डाल दी. मंजू एकदम से चौंक गई और मुझे पीछे धकेलने लगी. पर मैंने उसे नहीं छोड़ा और उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसे नीचे से नंगी कर दिया. उसने पेंटी नहीं पहनी थी.

दोस्तो, उसकी चूत पे एक भी बाल नहीं था और गांड भी एकदम मस्त चिकनी थी. मैंने उसे किस किया और चूत में उंगली डाल दी. उसकी चूत तो पहले से ही गीली थी. शायद वो मेरे खड़े लंड को देख कर चुदासी सी हो गई थी.

फिर मैंने अपना लंड निकाला और उसे घुमा कर पीछे से लंड लगाने लगा. उसने पहले बहुत विरोध किया, पर मैंने उसे छोड़ा नहीं और लंड पेल कर चोदता रहा. करीब दस मिनट चोदने के बाद में उसकी चूत में झड़ गया.
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