Friday, March 9, 2018

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रिसेप्शनिस्ट की चूत चुदाई का दूसरा मौक़ा

रिसेप्शनिस्ट की चूत चुदाई का दूसरा मौक़ा

(Receptionist Ki Chut Chudai Ka Dusra Mauka)

अंशु को ऑफिस में चोदने के बाद हम दोनों में नज़दीकियाँ बहुत बढ़ गयी, मैं और अंशु आपस में बहुत प्यार करने लगे। मगर उसको चोदने का मौक़ा मुझे नहीं मिला.
दिन गुज़रते गए, वो और मैं मूवी देखने जाते और वहाँ किस करते, मैं उसकी चूची चूसता और चूत में उंगली करता और वो कभी मेरा लोड़ा चूसती तो कभी हाथ से पानी निकलती।
समय गुजरता गया मैंने वहाँ से जॉब छोड़ कर एक मल्टीनेशनल कंपनी में ज्वाइन कर ली और उसने भी वहाँ से जॉब चेंज कर ली।
मैंने एक रूम रेंट पर लिया और वहाँ रहने लगा।

एक दिन मैंने अंशु को अपने रूम में बुलाया और ऑफिस से लीव ले ली।

अंशु अगले दिन ठीक 10 बजे मेरे बताये हुए पते पर आ गयी. मैं आप लोगों को बता दूँ कि वो सिर्फ वेस्टर्न ड्रेस ही पहनती थी जीन्स टॉप या जीन्स शर्ट… यही उसकी पसंद थी।
उस दिन वो सफ़ेद शर्ट और डेनिम जीन्स पहन कर आई थी.
मैं उसे ले कर रास्ते में से कन्फेक्शनरी की शॉप से खाने पीने का सामान ले के रूम पर आ गया।

सबसे पहले हमने कोल्ड ड्रिंक पीनी शुरू की, अचानक वो बोली- मैं इसे दूसरे तरीके से पीना चाहती हूँ!
मैंने कहा- जैसा तुम्हारी मर्ज़ी मेरी कट्टो!
तो उसने कोल्ड ड्रिंक अपने मुँह में भरी और मेरे होंठों से अपने होंठ लगा दिए, अब वो अपने मुँह की कोल्ड ड्रिंक मेरे मुँह में डालने लगी, अपने मुँह की कोल्ड ड्रिंक खत्म करके बोली- अब मुझे भी ऐसे ही पिलाओ!
तो मैंने भी उसे ऐसे ही अपने मुख में कोल्ड ड्रिंक लेकर उसके होंठों से होंठ लगा कर उसे पिलाई।

वैसे मुझे बहुत मज़ा आया, इस तरीके से कोल्ड ड्रिंक पीने में सच में एक अलग ही टेस्ट था कोल्ड ड्रिंक का।

धीरे धीरे हम एक दूसरे को लिप किस करने लगे. लिप किस करते करते मेरे हाथ उसके बूब्स पर चलने लगे तो वो बोली- मेरी शर्ट ख़राब हो जायेगी, मैं वापस कैसे जाऊँगी.
तो मैंने उसकी शर्ट उतार दी और ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स मसलने लगा. वो लिप किस में मेरा साथ देती हुई बूब्स दबवाती हुई मेरे सर पर हाथ फेरने लगी. अब मैं कभी उसके गालों पर किस करता तो कभी कानों पर तो कभी गले पर!

अचानक से वो सेंटीमेंटल हो गयी और मुझे रोक कर बोली- मेरे साथ तो रहोगे न हमेशा?
मैंने कहा- कैसी पागलों वाली बात कर रही हो मेरी कट्टो! मैं तो अब हमेशा तुम्हारा हूँ पागल!
और उसके माथे पर किस किया तो वो नार्मल होकर मेरा साथ देने लगी।

अब मैंने उसकी ब्रा उतार दी और उसके बूब्स चूसने लगा, अब वो भी एन्जॉय कर रही थी और सीत्कारें भरती हुई मेरे बालों में हाथ फिरा रही थी।

धीरे धीरे मैं उसके पेट पर किस करने लगा और पेट से नाभि पर और मैंने उसके जीन्स का बटन खोल दिया और जीन्स उतार दी, उसने नीचे स्काई ब्लू कलर की पैंटी पहनी हुई थी, बहुत सेक्सी लग रही थी वो इस पैंटी में!
मैं अपने होश खो बैठा और पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत चाटने लगा.
मैं बेड से नीचे आ गया और उसे बेड के नारे करके उसके पैर ऊपर हवा में उठा दिए, मैं वहीं से उसकी चूत चाटने लगा. उसकी पैंटी मेरे थूक और उसके कामरस से गीली हो चली थी तो मैंने उसकी पेंटी को उतार दिया. अब वो बिल्कुल नंगी मेरे सामने पड़ी थी.

दोस्तो, इतने अच्छे से उसे नंगी तो ऑफिस में भी नहीं देखा था मैंने उसे… मैंने उसकी गांड के नीचे अपने दोनों हाथ लगाये तो उसकी गांड को छूने का अहसास क्या नर्म मुलायम था, कसम से क्या बताऊँ कि खा जाऊँ उन्हें… अब मैंने उसकी गांड को थोड़ा सा ऊपर उठाया, अपने हाथों से तो उसकी चूत जो पावरोटी की तरह फूली हुई थी, उसे खा जाने का मन हो रहा था.
मैंने उसकी चूत को सूँघा, आअहा हाआ…’ क्या मस्त खुशबू आ रही थी उस में से!
मैं लगा चाटने उसकी चूत को… दोनों फांकों पर जब मैंने फेरी जीभ… तो उछल पड़ी मेरी कट्टो!

अब मैंने अपनी कट्टो की चूत की दोनों फांकों को फैलाया और चाटने लगा उसकी चूत… वो भी अब मेरा सर अपने हाथों से अपनी चूत पर दबाने लगी और सिसकारने लगी, कभी मेरे बालों को खींचती, कभी सर में हाथ फेरती और मुँह से आवाजें निकालने लगी- सीईईईइ उम्म आह… मेरे बेबू… प्यार से करो और करो खा जाओ इसे! मुझे बहुत मजा आ रहा है… करते जाओ… करते जाओ!
मैं उसकी कभी चूत की पुतलियों को दांतों से खींचता, कभी उसके भगनासा पर जीभ फेरता…

वो अब झड़ने के करीब आ गयी, बोली- जल्दी चाटो बेबू… और तेज़… जल्दी जल्दी करो! आअह मैं गयी प्लीईस्स आआअह… ओह्ह्ह बेबू…. मैं गयी…
और यह कहते हुए वो झड़ गयी, उसकी चूत में से काम रस निकला, मैंने उसका सारा कामरस चाट लिया जो कुछ नमकीन और तलख सा स्वाद लिए हुए था, मैं चाट गया।

अब मैं उसके पैरों से किस करता हुआ पेट पर होता हुआ उसके बूब्स पर आ गया और उसके निप्पल चूसने लगा, कभी दांतों से खींचता, गले पर किस करता हुआ लिप्स पर आ गया और एक लंबी किस करके उसकी बगल में लेट गया।

जब उसे होश आया तो उसने मेरी शर्ट उतारी मेरी बनियान उतारी मेरी जीन्स उतार कर मेरे अंडर वियर को ऐसे ही तम्बू बना हुआ छोड़ के वो मेरे ऊपर चढ़ गयी और मेरे लिप्स गले से किस करती हुई मेरे बालों से भरी हुई छाती पर उंगलियाँ फेरती हुई दांतों से मेरे छोटे छोटे निप्पल पकड़ लिए, कभी उन्हें खींचती, कभी जीभ फेरती!
कसम से मेरा लोड़ा तम्बू बन गया.

वो थोड़ा पीछे को हुई तो उसकी गांड में फंस गया और वो ऐसे ही मुझे किस करती रही, फिर वो नीचे उतर गयी और मुझे पलट दिया. अब वो मेरी पीठ पर चुम्बन करने लगी, कभी कंधे पर, कभी गर्दन पर… मेरी तो मज़े में आँखे बंद हुई जा रही थी.
उसने मेरी बेक पर किस की, तब मुझे ऐसा एहसास हुआ कि मैं जन्नत में आ गया हूँ।

अब उसने मुझे सीधा कमर के बल लिटा दिया और अंडर वियर के ऊपर से ही मेरे लोड़े पर किस करने लगी, फिर उसने धीरे से मेरा अंडरवियर भी उतार दिया और मेरे लोड़े का सुपारा मुँह में भर लिया. कसम से मज़ा आ गया, पहली बार ऐसा अहसास हुआ कि मैं अभी झड़ जाऊंगा।

उसने मेरे लोड़े को मुँह से निकाला और सुपारे के छेद में जीभ घुसाने लगी. मेरे बदन में 440 वाट का करंट दौड़ गया.
धीरे धीरे उसने मेरे लोड़े को आइसक्रीम की तरह चाट कर मुँह में भर लिया और सकिंग करने लगी. मैं दूसरी दुनिया में चला गया और मेरी हिम्मत जवाब दे गयी. मैंने उसके बाल पकड़े और अपने लोड़े को उसके मुँह में जल्दी जल्दी अंदर बाहर करना शुरू कर दिया जैसे वो ही चूत हो.

उसकी आँखें बाहर आने को हो गयी, और मैं उसके मुँह में झड़ गया. उसे मेरे वीर्य का टेस्ट अजीब लगा और खांसते हुए थूक दिया।

मैं उसके बूब्स चूसने लगा और एक हाथ से दूसरे बूब को मसलने लगा. कभी उसकी गांड को भी मसलता.
वो भी गर्म हो गयी और मैंने उसे अपना लोड़ा फिर से चूसने को बोला। उसने मेरा लोड़ा चूसा तो एक दम टाइट हो गया.

अब मैंने उसके पैर फैलाये और चूत पर सुपारा रगड़ना शुरू कर दिया. वो फिर से सिसकारी भरने लगी. धीरे से मैंने अपना सुपारा उसकी चूत के अंदर किया तो उसकी सिसकी निकल गयी.
धीरे धीरे मैंने अपना लंड उसकी चूत के अंदर किया. इस बार भी मुझे ऐसा लगा कि मैं पहली बार उसकी चूत में लंड डाल रहा हूँ. इतनी टाइट महसूस हुई मुझे उसकी चूत… ये या तो काफी टाइम बाद सेक्स करने का असर था।
उसे भी थोड़ा दर्द हुआ पर धीरे धीरे वो अपनी चुत चुदाई को एन्जॉय करने लगी. अब मैं लोड़े को सुपारे तक उसकी चूत से बाहर लाता और फिर जड़ तक घुसा देता. वो इन धक्कों से निहाल होकर 10 मिनट में ही झड़ गयी और मुझसे कस के चिपक गयी.
मैंने भी उसे आराम से झड़ने का अहसास लेने दिया।

जब वो झड़ चुकी तो मैंने उसे घोड़ी बना दिया और उसकी चूत में एक ही धक्के में जड़ तक लंड पेल दिया.
वो चिल्लाई- बेबू आराम से!
अब मैं आराम आराम से लोड़ा अंदर बाहर करने लगा, साथ साथ मैं उसके चूतड़ों पर हाथ मारता तो कभी सहलाता बड़े प्यार से… तो कभी उसके मुलायम चूतड़ों को दोनों हाथों में भर कर भींचता जोर से… कभी उसकी गांड पर उंगली फिराता।

अब वो मेरे धक्कों से निहाल हो चुकी थी और मैं भी झड़ने की हालत में आ चुका था, अब मैंने उसके चूतड़ों को कस के पकड़ा और पॉवर शॉट लगाने शुरू कर दिए.
मैं बोला- मैं डिस्चार्ज होने वाला हूँ, कहाँ करूँ?
वो बोली- मैं अच्छे से महसूस करना चाहती हूँ तो आप बेबू… मेरी चूत में ही झड़ जाओ!

इतना सुनते ही मैंने जोर जोर से शॉट्स लगाये और आखरी शॉट पर उसके चूतड़ छोड़ कर उसके ऊपर गिर पड़ा, साथ में वो भी झड़ गयी और मैंने उसे ऐसे ही अपनी बाँहों में कस के पकड़ लिया।
हम दोनों साथ साथ झड़े।

इसके बाद हमारा रूटीन हो गया, मैं उसके साथ कभी भी रूम पर आकर सेक्स करता और जब उसका मन होता वो मुझे कॉल कर के बुला लेती।
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